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		<title>सोशल इम्पैक्ट &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>सोशल इम्पैक्ट &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सैमसंग ने भारत में AI टैलेंट पाइपलाइन बनाने में मदद के लिए ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ का 2026 एडिशन लॉन्च किया]]></title>
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				<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 17:46:41 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है। 2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1024" height="842" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/06174259/Main-1-1-1024x842.jpg" alt="" class="wp-image-10324" /></figure>



<p>सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ (TSSC) के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। इन साझेदारियों के ज़रिए, सैमसंग का लक्ष्य 10 राज्यों में 20,000 युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना है, ताकि इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी AI शिक्षा तक पहुँच बढ़ाई जा सके और भारत के भविष्य के AI टैलेंट पाइपलाइन को मज़बूत किया जा सके।</p>



<p>AI दुनिया के काम करने के तरीके को बदल रहा है — हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर शिक्षा और रोज़मर्रा की सेवाओं तक। जैसे-जैसे भारत अपने AI लक्ष्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है, एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करना ज़रूरी होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग AI की ताकत का इस्तेमाल कर सकें और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकें।</p>



<p>भारत में अपने चौथे साल में, SIC 18-25 साल के युवाओं को प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, मेंटरशिप और असल दुनिया के एप्लीकेशन का अनुभव देगा। इससे वे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में से एक में करियर के लिए तैयार हो सकेंगे।</p>



<p>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, JB पार्क ने कहा, “AI हमारे समय के सबसे बड़े मौकों में से एक है, और भारत अपने युवा टैलेंट की ताकत से इस बदलाव का नेतृत्व करने की खास स्थिति में है। इस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए सही स्किल्स विकसित करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और हर इच्छुक सीखने वाले के लिए AI शिक्षा को ज़्यादा सुलभ बनाने में लगातार निवेश की ज़रूरत होगी, चाहे वे कहीं से भी आए हों। सैमसंग में, हमारा मानना ​​है कि टेक्नोलॉजी तब सबसे ज़्यादा असर डालती है जब वह लोगों को सशक्त बनाती है। SIC के ज़रिए, हम AI टैलेंट की अगली पीढ़ी में निवेश कर रहे हैं, और युवा भारतीयों को वह ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने में मदद कर रहे हैं जो भारत की इनोवेशन यात्रा में योगदान देने के लिए ज़रूरी है। भारत में अपने 30 साल पूरे करने के मौके पर, हम देश के ग्लोबल AI लीडर बनने के विज़न का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ऐसे टैलेंट को निखार रहे हैं जो देश के भविष्य को आकार देगा।”</p>



<p>चूँकि सैमसंग भारत में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, SIC का नया एडिशन टेक्नोलॉजी टैलेंट को विकसित करने और AI और इनोवेशन के ग्लोबल हब के रूप में भारत के उभरने में मदद करने के लिए कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है। टेक्निकल लर्निंग के अलावा, यह प्रोग्राम प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग और सहयोग की भावना को विकसित करने के लिए बनाया गया है, जिससे प्रतिभागी प्रैक्टिकल AI समाधान बना सकें और साथ ही अपने करियर के लिए तैयार हो सकें। 2022 में भारत में शुरू हुए SIC ने देश भर में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी है। 2025 में इस प्रोग्राम में महिलाओं की भागीदारी 48% रही, जिससे अलग-अलग बैकग्राउंड से आने वाले और सीखने के इच्छुक लोगों के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की शिक्षा ज़्यादा आसान हो गई।</p>



<p>SIC, भारत के इनोवेशन और स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने के सैमसंग के बड़े कमिटमेंट का हिस्सा है। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (जो युवा इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को आगे बढ़ाता है) और ‘सैमसंग DOST’ (जो सेल्स और टेक्निकल सर्विस रोल के लिए इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट तैयार करता है) जैसे प्रोग्राम के साथ-साथ, सैमसंग ऐसे स्किल्स, क्षमताएं और इनोवेशन वाली सोच विकसित करने में निवेश करना जारी रखे हुए है जो भारत के AI-आधारित भविष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर की नोटबुक पहल कर्नाटक के 2 लाख से ज़्यादा छात्रों तक पहुँची]]></title>
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				<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 13:04:26 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Kolar]]></category>
		<category><![CDATA[Notebook Drive]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute India-Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[SRI-B]]></category>
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									<description><![CDATA[एक दशक पहले, सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर (SRI-B) के कर्मचारियों ने कर्नाटक के सरकारी स्कूलों के दौरे के दौरान एक समस्या देखी। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति तो अच्छी थी, लेकिन कई छात्रों के पास सीखने के लिए ज़रूरी बुनियादी चीज़ें—जैसे नोटबुक और स्टेशनरी—नहीं थीं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने एक […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="519" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05130111/image-10.png" alt="" class="wp-image-10310" /></figure></div>


<p>एक दशक पहले, सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर (SRI-B) के कर्मचारियों ने कर्नाटक के सरकारी स्कूलों के दौरे के दौरान एक समस्या देखी। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति तो अच्छी थी, लेकिन कई छात्रों के पास सीखने के लिए ज़रूरी बुनियादी चीज़ें—जैसे नोटबुक और स्टेशनरी—नहीं थीं।</p>



<p>इस बात को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने एक पहल शुरू की, जो अब तक राज्य भर के 2 लाख से ज़्यादा छात्रों तक पहुँच चुकी है। 2015 से, SRI-B ने लगभग 15 लाख नोटबुक बांटी हैं। इस साल की मुहिम के तहत कोलार ज़िले के 195 सरकारी स्कूलों में 7,620 छात्रों को 42,819 नोटबुक दी गईं। इस साल की पहल में SRI-B के 100 से ज़्यादा कर्मचारियों ने वॉलंटियर के तौर पर हिस्सा लिया; उन्होंने स्कूलों में जाकर नोटबुक बांटी और छात्रों से बातचीत की।</p>



<p>सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर, मोहन राव गोली ने कहा, “SRI-B में इनोवेशन और शिक्षा साथ-साथ चलते हैं। इंजीनियर और इनोवेटर होने के नाते, हम सीखने की बदलाव लाने वाली शक्ति को समझते हैं। एक नोटबुक भले ही साधारण लगे, लेकिन किसी बच्चे के लिए यह अवसर, आत्मविश्वास और सपने देखने की आज़ादी का प्रतीक होती है। इस पहल के ज़रिए, हम छात्रों को वे संसाधन देकर सशक्त बनाना चाहते हैं जिनकी उन्हें अपनी सफलता की कहानी लिखने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए ज़रूरत है।”</p>



<p>नोटबुक दान करने की पहल 2015 में शुरू की गई थी। SRI-B के कर्मचारियों ने सरकारी स्कूलों के दौरे के दौरान देखा कि कई छात्र नोटबुक और स्टेशनरी जैसी बुनियादी पढ़ाई-लिखाई की चीज़ों के बिना भी नियमित रूप से क्लास में आते थे। कर्मचारियों की एक छोटी सी पहल के तौर पर शुरू हुआ यह काम अब SRI-B की सबसे लंबे समय से चल रही कम्युनिटी पहल में से एक बन गया है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="522" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05130130/image-11.png" alt="" class="wp-image-10311" /></figure></div>


<p>समय के साथ, SRI-B ने सरकारी स्कूलों के लिए अपनी मदद का दायरा नोटबुक से आगे बढ़ाया है। संस्थान ने टैबलेट, छात्रों के लिए डेस्क, फ्लिपबोर्ड, स्कूल किट और RO वॉटर फिल्टर दान किए हैं। साथ ही, संस्थान ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी पूरे किए हैं, जैसे केम्बोडी में एक सरकारी स्कूल का पुनर्निर्माण, स्कूल की इमारतों की रंग-पुताई और हाल ही में बोडेनाहल्ली के सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल का नवीनीकरण।</p>



<p>नोटबुक की यह पहल, बेंगलुरु कैंपस के आस-पास के इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए SRI-B की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को दिखाती है। कर्मचारियों की वॉलंटियरिंग और पढ़ाई-लिखाई के संसाधनों व स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश के ज़रिए, संस्थान कर्नाटक भर के छात्रों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल बनाने में मदद कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस महाराष्ट्र में ज़्यादा युवा महिलाओं को AI में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:06:50 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Future Ready]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Opportunity]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Topper]]></category>
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									<description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा। पूरे महाराष्ट्र में, […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05120443/image-7.png" alt="" class="wp-image-10299" /></figure></div>


<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा।</p>



<p>पूरे महाराष्ट्र में, Samsung Innovation Campus (SIC) युवा महिलाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी AI स्किल्स, प्रैक्टिकल लर्निंग और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स का अनुभव देकर इस बदलाव को मुमकिन बना रहा है। इससे वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के लिए तैयार हो रही हैं।</p>



<p>Samsung के खास ‘फ्यूचर-टेक स्किलिंग प्रोग्राम’ ने पूरे भारत में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी है, जिसमें महाराष्ट्र के 1,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसने AI एजुकेशन तक पहुँच बढ़ाई है और ज़्यादा युवा महिलाओं को टेक्नोलॉजी में आत्मविश्वास के साथ करियर बनाने में मदद की है।</p>



<p>नवी मुंबई के Ramrao Adik Institute of Technology (RAIT) की स्टूडेंट हिमांशी शर्मा के लिए, Samsung Innovation Campus क्लासरूम की पढ़ाई और तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के बीच एक पुल बन गया।</p>



<p>वह कहती हैं, “मैं अक्सर सोचती थी कि क्या सिर्फ़ मेरी एकेडमिक जानकारी मुझे तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के लिए तैयार कर पाएगी।”</p>



<p>प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और एक्सपर्ट मेंटरशिप के ज़रिए, हिमांशी ने ‘CareerStack AI’ बनाया। यह AI-पावर्ड ‘रिज़्यूमे इंटेलिजेंस सिस्टम’ है जो नौकरी चाहने वालों को AI-ड्रिवन इनसाइट्स के ज़रिए अपने एप्लीकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके बाद उन्हें US की कंपनी Blue Sapphire में AI और डेटा टेक्नोलॉजी इंटर्न के तौर पर इंटर्नशिप मिली, जहाँ उन्होंने क्लाइंट-फेसिंग और पेटेंट-फाइल किए गए प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।</p>



<p>वह कहती हैं, “AI को सिर्फ़ एल्गोरिदम का कलेक्शन मानने के बजाय, मैंने असल दुनिया की चुनौतियों के लिए पूरे सॉल्यूशन बनाना सीखा। शुरू करने से पहले आपको सब कुछ जानने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी बात है सीखने की इच्छा, उत्सुकता बनाए रखना और हर दिन बेहतर होते रहना।”</p>



<p>DY Patil Ramrao Adik Institute of Technology में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की स्टूडेंट सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, इस प्रोग्राम ने उनकी टेक्निकल क्षमताओं और AI और डेटा-ड्रिवन टेक्नोलॉजी में मौके तलाशने के आत्मविश्वास को मज़बूत किया।</p>



<p>Samsung Innovation Campus पूरा करने के बाद, उन्हें Capgemini में प्लेसमेंट मिला। इससे पता चलता है कि इंडस्ट्री के हिसाब से स्किलिंग कैसे युवा महिलाओं को पढ़ाई से नौकरी तक सफलतापूर्वक पहुँचने में मदद कर सकती है।</p>



<p>वह कहती हैं, “Samsung Innovation Campus ने मुझे स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग, असाइनमेंट और एक्सपर्ट गाइडेंस के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अच्छा अनुभव दिया। प्रैक्टिकल लर्निंग अनुभव ने मेरे टेक्निकल, एनालिटिकल और प्रेजेंटेशन स्किल्स को मज़बूत किया और साथ ही मुझे थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की।” नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’, युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाता है और साथ ही ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विज़न को भी सपोर्ट करता है।</p>



<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ युवा महिलाओं के लिए भारत की बढ़ती AI इकॉनमी में शामिल होने के मौके बढ़ा रहा है। इंडस्ट्री-केंद्रित लर्निंग और प्रैक्टिकल अनुभव को मिलाकर, यह प्रोग्राम महत्वाकांक्षी महिला टेक्नोलॉजिस्ट को बेहतर करियर बनाने में मदद कर रहा है और साथ ही एक ज़्यादा समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल वर्कफोर्स बनाने में योगदान दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[फैक्ट्री गेट के बाहर: श्रीपेरंबदूर के बदलाव के साथ-साथ आगे बढ़ती महिलाएं]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%ab%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80</link>
				<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 12:25:40 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Chennai]]></category>
		<category><![CDATA[Growth]]></category>
		<category><![CDATA[Sriperumbudur]]></category>
		<category><![CDATA[Transformation]]></category>
		<category><![CDATA[Women Power]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4bp6281</guid>
									<description><![CDATA[कई दशकों तक, श्रीपेरंबदूर अपने गांवों, खेतों और शांत सड़कों के लिए जाना जाता था। आज, यह भारत के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक है, जहां हर दिन हजारों लोग देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आते हैं। लेकिन फैक्ट्री गेट के बाहर, एक और बदलाव चुपचाप हुआ है। यह कहानी […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120112/Main-Cover.jpg" alt="" class="wp-image-10245" /></figure></div>


<p>कई दशकों तक, श्रीपेरंबदूर अपने गांवों, खेतों और शांत सड़कों के लिए जाना जाता था। आज, यह भारत के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक है, जहां हर दिन हजारों लोग देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आते हैं।</p>



<p>लेकिन फैक्ट्री गेट के बाहर, एक और बदलाव चुपचाप हुआ है।</p>



<p>यह कहानी प्रोडक्शन नंबर या एक्सपोर्ट से नहीं, बल्कि फलों की दुकानों, टेलरिंग सेंटर, परिवार द्वारा चलाए जाने वाले खाने की जगहों और क्लासरूम के ज़रिए बताई गई है। यह उन महिलाओं की कहानी है जिन्होंने बदलती लोकल इकॉनमी को अपने परिवारों के लिए और कई मामलों में, अपने समुदाय के दूसरों के लिए भी स्थायी मौकों में बदल दिया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एक गाड़ी जो बिज़नेस बन गई</h2>



<p>हर सुबह, अरुल सेल्वी उस दुकान के बाहर ताज़े फल सजाती हैं जो अब उनके परिवार की है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="683" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120045/Arul-Selvi-4-1024x683.jpg" alt="" class="wp-image-10240" /><figcaption class="wp-element-caption">अरुल सेल्वी अपनी ताज़े फलों की दुकान पर</figcaption></figure></div>


<p>सालों पहले, बिज़नेस सड़क किनारे एक गाड़ी से चलता था। इनकम पक्की नहीं थी और हर दिन आने-जाने वाले ग्राहकों पर निर्भर था।</p>



<p>जैसे-जैसे श्रीपेरंबदूर में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी, वैसे-वैसे उनका कस्टमर बेस भी बढ़ा।</p>



<p>वह कहती हैं, “हमारे इलाके में इंडस्ट्रीज़ की ग्रोथ ने हमारे बिज़नेस में काफ़ी मदद की है।”</p>



<p>“सैमसंग प्लांट और दूसरी फ़ैक्ट्रियों के एम्प्लॉई रेगुलर हमारी दुकान पर आते हैं, जिससे हमें एक स्टेबल कस्टमर बेस बनाने में मदद मिलती है।”</p>



<p>आज, उनके पति के वॉटर-कैन सप्लाई बिज़नेस के साथ-साथ, परिवार इतना कमा लेता है कि अपने तीनों बच्चों को पढ़ा-लिखा सके—एक ऐसा सपना जो कभी पहुंच से बाहर लगता था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एक टेलरिंग शॉप। तीन बिज़नेस।</h2>



<p>कुछ किलोमीटर दूर, सिलाई मशीनों की रिदम वाली आवाज़ वेनी के टेलरिंग सेंटर में गूंजती है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="683" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120122/Veni-10-1024x683.jpg" alt="" class="wp-image-10248" /><figcaption class="wp-element-caption">वेनी का टेलरिंग सेंटर पॉपुलर है</figcaption></figure></div>


<p>जब उन्होंने 12 साल पहले अपनी दुकान शुरू की थी, तो कस्टमर कम थे। जैसे-जैसे यह इलाका एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बना, डिमांड लगातार बढ़ी।</p>



<p>वह कहती हैं, “सैमसंग के कई एम्प्लॉई रेगुलर मेरी दुकान पर आते हैं, और आस-पास के इलाकों की औरतें भी मेरी रेगुलर कस्टमर में शामिल हैं।” जो एक छोटी सी टेलरिंग यूनिट से शुरू हुआ था, वह आरी एम्ब्रॉयडरी सेंटर और ब्यूटी पार्लर बन गया है, जिससे तीन महिलाओं को नौकरी मिली है।</p>



<p>वह कहती हैं, “मैंने यह बिज़नेस अपनी माँ के सपोर्ट से शुरू किया था।” “आज, यह देखकर अच्छा लगता है कि यह दूसरों के लिए भी मौके बना रहा है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">दस परिवारों का ख़याल</h2>



<p>डेज़ी रानी के लिए, तरक्की का मतलब है उनके किचन में काम करने वाले लोगों की संख्या।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="683" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120055/Daisy-Rani-12-1024x683.jpg" alt="" class="wp-image-10242" /><figcaption class="wp-element-caption">डेज़ी रानी अपने फास्ट फूड जॉइंट पर अपने कर्मचारियों के साथ</figcaption></figure></div>


<p>जब उन्होंने लगभग दस साल पहले अपनी छोटी सी खाने की दुकान खोली थी, तो उन्होंने सिर्फ़ एक व्यक्ति को नौकरी दी थी।</p>



<p>आज, दस लोग वहाँ अपना गुज़ारा करते हैं।</p>



<p>वह कहती हैं, “आस-पास के प्लांट से कई कर्मचारी और आस-पास के समुदाय के लोग हर दिन हमसे मिलने आते हैं।” “उनके लगातार सपोर्ट ने हमारे बिज़नेस को लगातार बढ़ने में मदद की है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">वह मौका जो एक पीढ़ी को नहीं मिला</h2>



<p>इंडस्ट्रियल ग्रोथ ने रोज़ी-रोटी को बदल दिया है, लेकिन इसने कुछ और भी ज़रूरी चीज़ बदल दी है—शिक्षा तक पहुँच।</p>



<p>जब गौरी बड़ी हो रही थीं, तो सबसे पास का स्कूल उनके परिवार के लिए उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए बहुत दूर था।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="683" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120102/Gowri-3-1024x683.jpg" alt="" class="wp-image-10243" /><figcaption class="wp-element-caption">गौरी अपने घर पर</figcaption></figure></div>


<p>वह याद करती हैं, “मैं आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन मेरे माता-पिता परेशान थे क्योंकि स्कूल बहुत दूर था।” “मुझे अपनी पढ़ाई रोकनी पड़ी।”</p>



<p>यह पक्का इरादा करके कि उनके बच्चों को अलग मौके मिलेंगे, उन्होंने अपने आस-पास श्रीपेरंबदूर को बदलते देखा।</p>



<p>आज, उनके बेटे और बेटी घर से सिर्फ़ तीन किलोमीटर दूर एक अच्छे स्कूल में पढ़ते हैं।</p>



<p>“यहां फैक्ट्रियां आने से विकास हुआ। मेरे बच्चों को ऐसे मौके मिले जो मुझे कभी नहीं मिले।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">बड़े सपने </h2>



<p>यह बदलाव शायद अगली पीढ़ी की उम्मीदों में सबसे अच्छी तरह दिखता है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="683" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/31120109/Kowsalya-3-1024x683.jpg" alt="" class="wp-image-10244" /><figcaption class="wp-element-caption">कौशल्या ने अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षाओं में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए।</figcaption></figure></div>


<p>कक्षा XII की स्टूडेंट कौशल्या, ड्राइंग के अपने जुनून को पूरा करते हुए फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होने का सपना देखती हैं।</p>



<p>वह कहती हैं, “मेरे माता-पिता अक्सर मुझे बताते हैं कि जब वे छोटे थे तो पढ़ाई कितनी मुश्किल थी।” “आज, स्कूल घर के पास है, और मैं पढ़ाई जारी रखना चाहती हूं और अपना करियर बनाना चाहती हूं।”</p>



<p>उनके सपने उस पीढ़ी के कॉन्फिडेंस को दिखाते हैं जो मौकों से बदले हुए इलाके में बड़ी हो रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत के साथ बढ़ते हुए तीस साल</h2>



<p>जैसे ही सैमसंग भारत में 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, कंपनी का सफ़र मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और लोगों में लंबे समय के इन्वेस्टमेंट से तय हुआ है।</p>



<p>लगभग दो दशकों से, श्रीपेरंबदूर में सैमसंग की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी इस इलाके के बड़े बदलाव का हिस्सा रही है। हालांकि यह फैक्ट्री भारत और दुनिया भर के कंज्यूमर्स के लिए लाखों प्रोडक्ट बनाती है, लेकिन इसका असर प्रोडक्शन लाइन से कहीं आगे तक फैला हुआ है।</p>



<p>एक फलते-फूलते मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की मौजूदगी ने लोकल बिज़नेस को बढ़ने में मदद की है, महिला एंटरप्रेन्योर्स को सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाने में मदद की है, घरेलू इनकम को मजबूत किया है और अगली पीढ़ी के लिए मौकों को बढ़ाया है।</p>



<p>अरुल सेल्वी, वेनी, डेज़ी रानी, ​​गौरी और कौशल्या की कहानियां इस बड़े बदलाव को दिखाती हैं। वे हमें याद दिलाती हैं कि मैन्युफैक्चरिंग का असली असर सिर्फ बनाए गए प्रोडक्ट्स या बनाई गई टेक्नोलॉजी से ही नहीं, बल्कि बदली हुई जिंदगियों, पूरी हुई उम्मीदों और मजबूत होती कम्युनिटीज़ से भी मापा जाता है।</p>



<p>जैसे-जैसे सैमसंग भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने के अपने तीन दशक पूरे कर रहा है, ये रोज़मर्रा की कहानियाँ इस बात की ज़बरदस्त याद दिलाती हैं कि टिकाऊ तरक्की फ़ैक्टरी के दरवाज़ों से कहीं आगे तक जाती है—और कंपनी के कुछ सबसे अहम योगदान उन लोगों और समुदायों में दिखते हैं जो उसके साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ ने चुने टॉप 100 युवा इनोवेटर्स, जिनमें 50% से ज़्यादा टियर 2 और टियर 3 शहरों से]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%87</link>
				<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:58:16 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/30173708/728%C3%97410-pixels.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4yOHf7o</guid>
									<description><![CDATA[Samsung इंडिया ने आज ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के लिए चुनी गई टॉप 100 टीमों की घोषणा की। यह कंपनी का खास इनोवेशन प्रोग्राम है जो युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधान बनाने के लिए प्रेरित करता है। देश भर से मिली हज़ारों एप्लीकेशन में से चुनी गई […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/30173713/1000%C3%97564-pixels.jpg" alt="" class="wp-image-10235" /></figure></div>


<p>Samsung इंडिया ने आज ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के लिए चुनी गई टॉप 100 टीमों की घोषणा की। यह कंपनी का खास इनोवेशन प्रोग्राम है जो युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधान बनाने के लिए प्रेरित करता है।</p>



<p>देश भर से मिली हज़ारों एप्लीकेशन में से चुनी गई ये टीमें इनोवेटर्स की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो अपने समुदायों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर रही हैं। उनके आइडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा, एक्सेसिबिलिटी, खेल और पर्यावरण की स्थिरता जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, जो दिखाते हैं कि टेक्नोलॉजी कैसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बना सकती है।</p>



<p>भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का पांचवां एडिशन अब तक का सबसे बड़ा और सबसे बड़ा लक्ष्य रखने वाला एडिशन है। यह भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और युवाओं को ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न में योगदान देने के लिए सशक्त बनाने की कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है। Samsung साउथवेस्ट एशिया में कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और CSR के हेड, शुभम मुखर्जी ने कहा, “इनोवेशन भारत का सबसे बड़ा रिन्यूएबल रिसोर्स बन गया है। हर साल हम देखते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा युवा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ़ कुछ नया बनाने के लिए नहीं, बल्कि ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए कर रहे हैं जिनसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहतर हो सके। इस साल की टॉप 100 टीमों में से आधी से ज़्यादा टीमें भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, जो यह साबित करता है कि अगर मौका मिले तो टैलेंट हर जगह होता है। भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने पर, हमें उन मौकों को बनाने और देश और दुनिया के लिए समाधान तैयार करने वाले इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी का समर्थन करने पर गर्व है।”<strong><br></strong></p>



<p><strong>पूरे भारत में इनोवेशन</strong><br><br>इस साल की टॉप 100 लिस्ट भारत में इनोवेशन के बदलते भूगोल को दिखाती है। शॉर्टलिस्ट की गई आधी से ज़्यादा टीमें टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, जो यह बताती हैं कि देश के बड़े मेट्रो शहरों से दूर भी टैलेंट और एंटरप्रेन्योर बनने की चाहत कितनी तेज़ी से बढ़ रही है।</p>



<p>इस ग्रुप में मेडचल-मलकजगिरी (तेलंगाना), कैथल (हरियाणा), सुंदरगढ़ (ओडिशा), नर्मदापुरम (पहले होशंगाबाद, मध्य प्रदेश), बक्सर (बिहार), वाराणसी (उत्तर प्रदेश) और कामरूप (असम) के युवा इनोवेटर्स के साथ-साथ भारत के बड़े शहरों के प्रतिभागी भी शामिल हैं। यह बढ़ती विविधता Samsung के इस विश्वास को दिखाती है कि जब युवाओं को मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी और अवसर मिलते हैं, तो कहीं से भी क्रांतिकारी विचार सामने आ सकते हैं।</p>



<p><strong>असल समस्याओं पर आधारित विचार</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 टीमें चार विषयों – ‘भारत के लिए AI लिविंग’, ‘स्वास्थ्य और शिक्षा’, ‘खेल और टेक्नोलॉजी’, और ‘पर्यावरण की स्थिरता’ – पर इनोवेटिव समाधान तैयार करेंगी और टेक्नोलॉजी के ज़रिए असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान करेंगी। उनके कुछ विचारों के बारे में नीचे बताया गया है।</p>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><tbody><tr><td><strong>थीम्स</strong></td><td><strong>आइडियाज़</strong></td></tr><tr><td>भारत के लिए AI लिविंग</td><td>अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा की रिपोर्टिंग को तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए एआई-संचालित गुमनाम रिपोर्टिंग प्लेटफ़ॉर्म; एआई रोडसाइड सहायता जो वाहन की खराबी का पता लगाती है और उपयोगकर्ताओं को तुरंत सत्यापित मैकेनिकों से जोड़ती है; स्मार्ट वियरेबल जो निजी और स्वतंत्र संचार के लिए टेक्स्ट संदेशों को स्पर्शनीय ब्रेल में परिवर्तित करता है।</td></tr><tr><td>स्वास्थ्य और शिक्षा</td><td>ऐसी एआई जो एलेक्सिथिमिया से ग्रस्त ऑटिस्टिक व्यक्तियों की भावनात्मक तीव्रता और अनिश्चितता को समझती है। ऐसी एआई वियरेबल जो ऑटिस्टिक बच्चों में संवेदी मेल्टडाउन होने से पहले ही उसकी भविष्यवाणी करती है। एक किफायती समाधान जो किसी भी प्रोजेक्टर को एक इंटरैक्टिव स्मार्ट क्लासरूम में बदल देता है।</td></tr><tr><td>खेल और तकनीक</td><td>AI-पावर्ड स्मार्ट गॉगल्स जो दृष्टिबाधित तैराकों को सुरक्षित रूप से पूल की दीवार तक गाइड करते हैं; AI कोचिंग प्लेटफ़ॉर्म जो बोले गए निर्देशों को बधिर एथलीटों के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज में अनुवादित करता है; पहनने योग्य AI प्लेटफ़ॉर्म जो सटीक खेल वाले एथलीटों के लिए रियल-टाइम पोस्चर इंटेलिजेंस प्रदान करता है।</td></tr><tr><td>पर्यावरणीय स्थिरता</td><td>रियल-टाइम में भूस्खलन का पता लगाने के लिए कम लागत वाला AI-आधारित अर्ली वॉर्निंग सिस्टम; AI सैटेलाइट सर्विलांस प्लेटफ़ॉर्म जो इसका पता लगाता है।</td></tr></tbody></table></figure>



<p><strong>आइडियाज़ को असरदार बनाना</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 टीमें अब ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के अगले चरण में आगे बढ़ेंगी। यहाँ उन्हें FITT-IIT दिल्ली के स्टार्टअप फाउंडर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और एकेडमिक मेंटर्स से मेंटरिंग मिलेगी, ताकि वे अपने बेहतरीन आइडियाज़ को बड़े स्तर पर लागू होने वाले इनोवेशन में बदल सकें।</p>



<p>टॉप 40 टीमें 10 दिन के इनोवेशन बूटकैंप में हिस्सा लेंगी, जहाँ उन्हें FITT-IIT दिल्ली में स्टार्टअप फाउंडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से खास मेंटरिंग मिलेगी। उन्हें Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-दिल्ली, Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर, Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-नोएडा, Samsung डिज़ाइन दिल्ली और गुरुग्राम में Samsung इंडिया हेड ऑफिस जाने का मौका भी मिलेगा।</p>



<p><strong>मुकाबले से आगे इनोवेशन को बढ़ावा</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 में शामिल हर टीम को उनकी उपलब्धि के लिए एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।</p>



<p>टॉप 40 टीमों को कुल मिलाकर 8 लाख रुपये मिलेंगे और साथ ही, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट को तेज़ी देने के लिए हर टीम मेंबर को लेटेस्ट Samsung लैपटॉप भी दिए जाएंगे।</p>



<p>टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने के लिए कुल मिलाकर ₹20 लाख मिलेंगे, साथ ही हर टीम मेंबर को लेटेस्ट Samsung Galaxy Z Flip स्मार्टफोन भी दिए जाएंगे। इसके बाद वे ग्रैंड फ़िनाले में पहुंचेंगे, जहां वे Samsung R&D लीडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की एक खास जूरी के सामने अपने फ़ाइनल इनोवेशन पेश करेंगे।</p>



<p>ग्रैंड फ़िनाले के दौरान, प्रोग्राम में दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड’ भी दिए जाएंगे, जिनमें कुल ₹2 लाख का कैश प्राइज होगा, और एक ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ होगा जिसमें ₹50,000 का कैश प्राइज मिलेगा।</p>



<p>चार जीतने वाली टीमों को कुल मिलाकर ₹2 करोड़ की ग्रांट और FITT-IIT दिल्ली से इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा, जिससे वे अपने इनोवेशन के डेवलपमेंट और कमर्शियलाइज़ेशन को तेज़ी से आगे बढ़ा सकेंगी।</p>



<p>भारत में अपने पांचवें साल में, Samsung Solve for Tomorrow देश के सबसे बड़े यूथ इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म में से एक बन गया है। यह 14-22 साल के युवाओं को समाज की अहम चुनौतियों को हल करने के लिए क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप को एक साथ लाने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>



<p>सबसे पहले 2010 में अमेरिका में शुरू किया गया ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ प्रोग्राम अब 68 देशों में चलाया जा रहा है और दुनिया भर में 30 लाख से ज़्यादा युवा इसमें हिस्सा ले चुके हैं। यह प्रोग्राम Samsung के ग्लोबल CSR विज़न — “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (आने वाले कल के लिए साथ मिलकर! लोगों को सक्षम बनाना) — को दिखाता है, जिसका मकसद शिक्षा, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के ज़रिए युवाओं को भविष्य का लीडर बनने के लिए सशक्त बनाना है।</p>



<p><a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/?srsltid=AfmBOoo83mCvsG436JUEdvZP-3cs_T-dk6i3pH0cLhGujkf5j3L5xgjj">Samsung Solve for Tomorrow 2026 के टॉप 100 यहाँ देखें।</a></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ‘सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ ने भारत के 135 शहरों में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ पहुँचाकर अपने पाँचवें साल का जश्न मनाया।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0</link>
				<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 16:14:30 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/21160438/Students-at-the-Samsung-Solve-For-Tomorrow-2026-Design-Thinking-Workshop-at-Furkating-Senior-Secondary-SchoolAssam_Newsrrom-2-1-710x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung CSR initiative]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3RsnzW2</guid>
									<description><![CDATA[अपने मुख्य CSR प्रोग्राम ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के तहत, Samsung इंडिया ने देश भर के 135 शहरों में अपनी ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की हैं, जिससे युवाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्रासरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है। ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) एक देशव्यापी इनोवेशन और […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="593" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/21160334/Students-at-the-Samsung-Solve-For-Tomorrow-2026-Design-Thinking-Workshop-at-Furkating-Senior-Secondary-SchoolAssam_Newsrrom-2.jpg" alt="" class="wp-image-10189" /><figcaption class="wp-element-caption">असम के फुरकाटिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सैमसंग ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में शामिल छात्र।</figcaption></figure>



<p>अपने मुख्य CSR प्रोग्राम ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के तहत, Samsung इंडिया ने देश भर के 135 शहरों में अपनी ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की हैं, जिससे युवाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्रासरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है।</p>



<p>‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) एक देशव्यापी इनोवेशन और एजुकेशन कॉम्पिटिशन है। यह 14 से 22 साल के युवाओं को अपने समुदायों की अहम चुनौतियों की पहचान करने और डिज़ाइन थिंकिंग, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन के ज़रिए टैकनोलजी-बेस्ड समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है। समय के साथ, यह प्रोग्राम भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स और सोशल चेंजमेकर्स के लिए एक लॉन्चपैड बन गया है।<br><br>इस साल, Samsung ने 184 ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित कीं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा तक के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के हज़ारों छात्र शामिल हुए। इन वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन थिंकिंग’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन सोच) से परिचित कराया गया, ताकि वे टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे समाधान बनाने से पहले असल दुनिया की समस्याओं को समझ सकें, जिनका समाज पर सार्थक प्रभाव पड़े।</p>



<p>डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स के पूरे होने के बाद, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। इस चरण में, प्रतिभागियों द्वारा जमा किए गए आइडियाज़ के आधार पर टॉप 100 टीमों को चुना जाएगा, जो आगे चलकर मेंटरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस और और ज़्यादा मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुज़रेंगी।</p>



<p><em>“हर बड़ी कामयाबी की शुरुआत सुनने, देखने और सही सवाल पूछने से होती है। ‘</em>Samsung<em>‘</em><em>सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के ज़रिए, हम पूरे भारत के युवाओं में ऐसी सोच विकसित करने में मदद कर रहे हैं, जिसमें वे टैकनोलजी के साथ ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ का इस्तेमाल करके अपने समुदायों की अहम चुनौतियों का समाधान कर सकें। इस प्रोग्राम के पांचवें साल में, देश के हर कोने से नए और अनोखे आइडिया सामने आते देखना बहुत प्रेरणादायक है। हमारा मानना है कि अगली पीढ़ी के उद्यमी और प्रौद्योगिकी के नेता देश के किसी भी कोने से उभर सकते हैं। </em>Samsung <em>को इस बात पर गर्व है कि वह उनके आइडिया को असल दुनिया में बदलाव लाने वाले समाधानों में बदलने में उनकी मदद कर रहा है,” </em>Samsung <em>साउथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एसपी चुन ने कहा।</em><em></em></p>



<p>छात्रों के विचारों में जो विविधता दिखी, वह खुद भारत की विविधता को दर्शाती थी। डिज़ाइन थिंकिंग की व्यवस्थित एक्सरसाइज़ के ज़रिए, छात्रों ने प्रोग्राम की चार थीम — भारत के लिए AI लिविंग, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण की स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी — के अनुसार चीज़ों को देखना, दूसरों की भावनाओं को समझना, चुनौतियों को परिभाषित करना, नए विचार सोचना और समाधानों के प्रोटोटाइप बनाना सीखा।</p>



<p>छात्रों ने AI-आधारित सिविक  गवर्नेस प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट फ़ूड क्वालिटी स्कैनर, दिव्यांग लोगों के लिए सहायक तकनीकें, ग्रामीण समुदायों के लिए पोर्टेबल सोलर-पावर्ड रेफ्रिजरेशन, नदियों के पानी की क्वालिटी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने वाले सिस्टम और ऐसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का प्रस्ताव दिया, जिनसे स्पोर्ट्स कोचिंग और उपकरण ज़्यादा आसानी से मिल सकें।<br><br>हैदराबाद में, इंजीनियरिंग की छात्रा ए. शरण्या राव ने बहुत छोटे प्रदूषकों से होने वाले छिपे हुए खतरों को देखने के बाद, नदी के पानी की क्वालिटी पर नज़र रखने वाले एक रियल-टाइम सिस्टम का कॉन्सेप्ट तैयार किया। उन्होंने कहा, “हमारी नदियों में असली खतरा वह प्लास्टिक नहीं है जो हमें दिखाई देता है; बल्कि वे बहुत छोटे प्रदूषक हैं जो तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि नुकसान हो नहीं जाता।”</p>



<p>अहमदाबाद में, नौवीं कक्षा की छात्रा सान्वी नायर ने ग्रामीण इलाकों में खाना और पानी स्टोर करने की चुनौतियों से निपटने के लिए सोलर-पावर्ड पोर्टेबल रेफ्रिजरेटर डिज़ाइन किया। उन्होंने कहा, “गाँवों में मज़दूरों और किसानों को अक्सर अनाज, पानी और खाना स्टोर करने में मुश्किल होती है।”</p>



<p>गुरुग्राम में स्पोर्ट्स और टेक वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले छात्रों ने स्पोर्ट्स के सामान और डिजिटल कोचिंग तक पहुँच बेहतर बनाने के सस्ते तरीकों पर भी चर्चा की और दिखाया कि कैसे टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स को ज़्यादा समावेशी बना सकती है।</p>



<p>भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का लगातार विस्तार भारत के युवाओं में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता को बढ़ावा देने के प्रति कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>



<p>‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें FITT-IIT दिल्ली से मेंटरशिप, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और इनक्यूबेशन सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे वे अपने बेहतरीन आइडियाज़ को असल दुनिया में असरदार इनोवेशन में बदल सकेंगी।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[‘विश्व युवा कौशल दिवस’ पर Samsung ने DOST स्किलिंग प्रोग्राम के 30 टॉपर्स को किया सम्मानित]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%b6%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-samsun</link>
				<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 21:26:00 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/15212142/20260715_143836-1-728x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[DOST 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Corporate Social Responsibility]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3SSsy2N</guid>
									<description><![CDATA[‘विश्व युवा कौशल दिवस’ पर, Samsung इंडिया ने 2025 में ट्रेनिंग पाने वाले 9,400 युवाओं में से चुने गए 30 ‘DOST सेल्स टॉपर्स’ की उपलब्धियों का जश्न मनाया। इन टॉपर्स को Samsung DOST के तहत सम्मानित किया गया; यह कंपनी का मुख्य CSR स्किलिंग प्रोग्राम है जो युवाओं को ऑर्गनाइज़्ड रिटेल में करियर के लिए […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="537" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/15212014/20260715_143836.jpg" alt="" class="wp-image-10164" /></figure>



<p>‘विश्व युवा कौशल दिवस’ पर, Samsung इंडिया ने 2025 में ट्रेनिंग पाने वाले 9,400 युवाओं में से चुने गए 30 ‘DOST सेल्स टॉपर्स’ की उपलब्धियों का जश्न मनाया। इन टॉपर्स को Samsung DOST के तहत सम्मानित किया गया; यह कंपनी का मुख्य CSR स्किलिंग प्रोग्राम है जो युवाओं को ऑर्गनाइज़्ड रिटेल में करियर के लिए तैयार करता है।</p>



<p>शिक्षा और रोज़गार के बीच की दूरी को कम करने के लिए शुरू किया गया Samsung DOST, युवाओं को खास सेल्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के ज़रिए रिटेल सेक्टर में फ्रंटलाइन करियर के लिए तैयार करता है। भाग लेने वालों को सरकार से मान्यता प्राप्त सर्टिफ़िकेट, असली रिटेल माहौल में काम करने का व्यावहारिक अनुभव और कार्यस्थल का प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है, जिससे उनकी नौकरी पाने की क्षमता और करियर के लिए तैयारी बेहतर होती है। अपनी शुरुआत से लेकर अब तक, Samsung DOST Sales ने पूरे भारत में हज़ारों युवाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी स्किल्स से सुसज्जित किया है।</p>



<p>भारत सरकार के ‘स्किल इंडिया मिशन’ के तहत, सैमसंग DOST प्रोग्राम एक मिक्स्ड लर्निंग मॉडल देता है। इसमें एक व्यवस्थित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सीखने और रिटेल स्टोर पर काम करते हुए ट्रेनिंग (on-the-job training) शामिल है। इसका मकसद कैंडिडेट्स को प्रोडक्ट की जानकारी, रिटेल सेल्स के तरीके, कस्टमर से जुड़ने की क्षमता और काम के लिए तैयार करना है। यह प्रोग्राम भारत के बढ़ते रिटेल सेक्टर के लिए कुशल फ्रंटलाइन रिटेल सेल्स प्रोफेशनल्स की एक पाइपलाइन बनाने में मदद कर रहा है, साथ ही देश भर के युवाओं के लिए अच्छे करियर के रास्ते भी खोल रहा है।</p>



<p>“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम के कई पहलुओं को बदल देगा, लेकिन यह इंसानी हुनर ​​को और भी ज़्यादा कीमती बना देगा। ग्राहक हमेशा उन लोगों को अहमियत देंगे जो आत्मविश्वास के साथ बात सुन सकते हैं, समझ सकते हैं, बातचीत कर सकते हैं और समस्याओं को हल कर सकते हैं। टेक्नोलॉजी भले ही नौकरियों का स्वरूप बदल दे, लेकिन भरोसा हमेशा इंसानों से ही बनता है। इसीलिए इंडस्ट्री के नेतृत्व में स्किलिंग ज़रूरी है। थ्योरेटिकल लर्निंग और असल रिटेल अनुभव को मिलाकर, Samsung DOST युवा भारतीयों को ऑर्गनाइज़्ड रिटेल में सफल होने के लिए आत्मविश्वास, क्षमता और सोच विकसित करने में मदद कर रहा है, साथ ही भारत के कुशल और भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स के विज़न में भी योगदान दे रहा है,” सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, JB पार्क ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>रिटेल प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी का सम्मान</strong></h2>



<p>गुरुग्राम में Samsung इंडिया के हेड ऑफिस में आयोजित एक कार्यक्रम में, 15 जुलाई को, जो ‘वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे’ भी है, सीखने, प्रैक्टिकल काम और कस्टमर एंगेजमेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 30 टॉपर्स को सम्मानित किया गया। इन ट्रेनीज़ को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) ने मोबाइल फ़ोन, होम अप्लायंसेज और टेलीविज़न जैसे बिज़नेस में ट्रेनिंग दी और सर्टिफ़िकेट दिया। अपनी शानदार उपलब्धि के लिए हर ट्रेनी को ‘सर्टिफ़िकेट ऑफ़ एक्सीलेंस’, एक Samsung स्मार्टवॉच, गैलेक्सी बड्स और 30,000 रुपये का नकद इनाम दिया गया।</p>



<p>उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की रहने वाली 19 साल की पूनम, जिन्होंने टेलीविज़न के क्षेत्र में ESSCI सर्टिफ़िकेशन हासिल किया है, उनके सफ़र में Samsung DOST एक अहम मोड़ साबित हुआ है।</p>



<p>“उन्होंने कहा, “Samsung DOST ने मुझे खुद पर भरोसा करना सिखाया। इसने मुझे ग्राहकों से जुड़ने, AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स को दिखाने और ऑर्गनाइज़्ड रिटेल में प्रोफेशनल करियर के लिए तैयार होने का आत्मविश्वास दिया।”</p>



<p>तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले 29 साल के जीवा मुरुगेसन के लिए, Samsung DOST उनकी पहली औपचारिक नौकरी का ज़रिया बना, जिसने उन्हें होम अप्लायंसेज के क्षेत्र में TSSC-सर्टिफाइड स्किल्स से लैस किया।</p>



<p>उन्होंने कहा, “Samsung  के रिटेल स्टोर पर मिली प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से मुझे व्यावहारिक अनुभव और आत्मविश्वास मिला, और इसने मुझे रिटेल सेल्स प्रोफेशनल के तौर पर अपनी पहली औपचारिक नौकरी पाने में मदद की। इसने मेरे करियर की मज़बूत नींव रखी।”</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स ने असम से हैदराबाद तक स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु नवाचार को बढ़ावा दिया]]></title>
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				<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 17:42:33 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Assam]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Hyderabad]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के युवा नवप्रवर्तक अपने आसपास की रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए तकनीक को एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। असम के गोलाघाट में कक्षा 12 के एक छात्र द्वारा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर नए सिरे से सोचने से लेकर हैदराबाद […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="597" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/02154143/2-2.jpg" alt="" class="wp-image-10150" /></figure></div>


<p>भारत के युवा नवप्रवर्तक अपने आसपास की रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए तकनीक को एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। असम के गोलाघाट में कक्षा 12 के एक छात्र द्वारा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर नए सिरे से सोचने से लेकर हैदराबाद के गांडीपेट में स्कूली छात्रों द्वारा श्रवण क्षमता में कमी और सड़कों की सुगम पहुंच से जुड़ी समस्याओं के समाधान तलाशने तक—चुनौतियां भले ही स्थानीय हों, लेकिन सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के माध्यम से उनका प्रभाव पूरे देश में विस्तार पा रहा है।</p>



<p>अपने देशव्यापी 100-शहर अभियान के तहत, सैमसंग इंडिया ने अपने प्रमुख सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स का आयोजन गोलाघाट के फुरकाटिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा हैदराबाद के चैतन्य भारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CBIT) में किया। इन वर्कशॉप्स ने असम में 74 छात्रों और हैदराबाद में 173 छात्रों को प्रेरित किया, जिससे इन दोनों विविध भौगोलिक क्षेत्रों के कुल 247 युवा नवप्रवर्तक एक साथ जुड़े।</p>



<p>वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को ह्यूमन-सेंटर्ड इनोवेशन फ्रेमवर्क से परिचित कराया गया, जिससे उन्हें जमीनी स्तर की चुनौतियों की पहचान करने, उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को समझने और सार्थक सामाजिक प्रभाव वाले तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने के व्यावहारिक उपकरण मिले। यह पहल युवाओं को चार प्रमुख क्षेत्रों—बेहतर भविष्य के लिए एआई, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और स्पोर्ट्स-टेक—में बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले नवाचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।</p>



<p>फुरकाटिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 16 वर्षीय जाफरीन रहमान ने डिज़ाइन थिंकिंग फ्रेमवर्क का उपयोग अपने समुदाय में कचरा प्रबंधन की समस्या के समाधान के लिए किया। उन्होंने कहा, “जब अलग-अलग प्रकार के प्लास्टिक कचरे को फेंकते समय एक साथ मिला दिया जाता है, तो उसका पुनर्चक्रण करना कठिन हो जाता है।” इस समस्या के समाधान के लिए जाफरीन ने सेंसर और QR कोड आधारित गाइडेंस सिस्टम से युक्त स्मार्ट डस्टबिन की परिकल्पना की, जो स्रोत पर ही कचरे का सही पृथक्करण सुनिश्चित करेगा और अंततः लैंडफिल तथा स्थानीय जल स्रोतों तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा को कम करेगा।</p>



<p>CBIT, हैदराबाद में आयोजित वर्कशॉप ने 14 वर्षीय ए.के. आश्रिता को श्रवण स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसी समूह में 13 वर्षीय छात्राओं टी. नित्या और टी. श्रीलास्या ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और सीमित गतिशीलता वाले लोगों को सड़क पार करने में आने वाली दैनिक चुनौतियों का अध्ययन किया तथा सड़क पार करने को अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए सहज, तकनीक-आधारित समाधान तलाशे।</p>



<p>इन छात्रों के लिए ये वर्कशॉप्स नवाचार की एक संरचित राह साबित हुईं, जिन्होंने उनके दैनिक अनुभवों और अवलोकनों को ऐसे बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने में मदद की, जो स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ व्यापक सामाजिक प्रभाव भी उत्पन्न करते हैं।</p>



<p>भारत में अपने 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, सैमसंग द्वारा इस वर्ष सॉल्व फॉर टुमॉरो का विस्तार 100 शहरों तक करना—और इसके डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स के माध्यम से अब तक 2,500 से अधिक छात्रों को जोड़ना—युवा-नेतृत्व वाले नवाचार में उसके निरंतर निवेश और आत्मनिर्भर भारत, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया तथा स्टार्टअप इंडिया को आगे बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>



<p>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले हैं। शीर्ष 4 विजेता टीमों को ₹2 करोड़ तक के इनक्यूबेशन ग्रांट्स के साथ-साथ FITT, IIT दिल्ली के माध्यम से मेंटरशिप और प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट भी प्रदान किया जाएगा।</p>



<p>अपने आइडिया को रजिस्टर करने के लिए <a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/">www.samsung.com/in/solvefortomorrow</a> पर जाएं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग का ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप हैदराबाद के युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0-4</link>
				<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 10:39:48 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Telangana-Feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Hyderabad]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Telangana]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3SzykpI</guid>
									<description><![CDATA[जैसे-जैसे हैदराबाद एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के तौर पर विकसित हो रहा है, शहर तेज़ी से हो रहे शहरीकरण की चुनौतियों का भी सामना कर रहा है, जिनमें नदी का प्रदूषण और शहरी कचरे की बढ़ती मात्रा शामिल है। इन मुद्दों से निपटने के लिए नई सोच, स्थानीय समझ और ऐसे युवा बदलाव लाने वालों […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-10113 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Telangana-COver.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>जैसे-जैसे हैदराबाद एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के तौर पर विकसित हो रहा है, शहर तेज़ी से हो रहे शहरीकरण की चुनौतियों का भी सामना कर रहा है, जिनमें नदी का प्रदूषण और शहरी कचरे की बढ़ती मात्रा शामिल है। इन मुद्दों से निपटने के लिए नई सोच, स्थानीय समझ और ऐसे युवा बदलाव लाने वालों (changemakers) की ज़रूरत है जो लंबे समय तक सामाजिक प्रभाव डालने वाले समाधान तैयार कर सकें।</p>
<p>इस सोच को बढ़ावा देने के लिए, सैमसंग इंडिया ने अपने प्रमुख ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) प्रोग्राम के पांचवें एडिशन के तहत हैदराबाद के श्रीनिधि इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 236 छात्रों के लिए एक खास ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की। इस सेशन में प्रतिभागियों को लोगों पर केंद्रित डिज़ाइन थिंकिंग के सिद्धांतों से परिचित कराया गया, जिससे वे समुदाय की ज़रूरतों को गहराई से समझ सकें, स्थानीय चुनौतियों की पहचान कर सकें और मकसद-आधारित, टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान तैयार कर सकें।</p>
<p>यह वर्कशॉप ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के उस देशव्यापी अभियान का हिस्सा है जो 2026 तक 100 शहरों में चलाया जाएगा। यह प्रोग्राम 14-22 साल के युवा इनोवेटर्स को ज़मीनी स्तर के ऑब्ज़र्वेशन को बड़े पैमाने पर लागू होने वाले आइडिया में बदलने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके लिए AI, हेल्थकेयर, शिक्षा, सस्टेनेबिलिटी और स्पोर्ट-टेक जैसे विषय चुने गए हैं।</p>
<p>अपने आस-पास मौजूद चुनौतियों से प्रेरणा लेते हुए, हैदराबाद के छात्रों ने शहर की नदियों पर अपना ध्यान केंद्रित किया। श्रीनिधि इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की थर्ड-ईयर की छात्रा ए. शरण्या राव ने कहा, “हमारी नदियों में असली ख़तरा वह प्लास्टिक नहीं है जो हमें दिखाई देता है; बल्कि वे सूक्ष्म प्रदूषक हैं जो तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि नुकसान हो नहीं जाता।” उनका समाधान पानी की क्वालिटी को रियल-टाइम में मॉनिटर करता है और प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर जाते ही अधिकारियों को अपने-आप अलर्ट भेज देता है।</p>
<p>वहीं, म्युनिसिपल कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करने के लिए, फोर्थ-ईयर की छात्रा वी. ज्योश्ना ने एक इंटेलिजेंट डस्टबिन बनाया जो कचरा फेंकते ही उसे अपने-आप अलग-अलग कर देता है। उन्होंने बताया कि जब खाना, प्लास्टिक और कागज़ एक ही बिन में डाल दिए जाते हैं तो रीसाइक्लिंग अक्सर नाकाम हो जाती है। कचरा फेंकते ही उसे अलग-अलग करने की प्रक्रिया को ऑटोमेट करके, उनकी टीम शहरी रीसाइक्लिंग की दर में ज़बरदस्त सुधार करना चाहती है।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का बड़े पैमाने पर विस्तार युवाओं के विकास में कंपनी की एक प्रमुख लीडर के तौर पर भूमिका को उजागर करता है। एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े टैलेंट को बढ़ावा देकर, यह मकसद-आधारित पहल भारत की विकास यात्रा में सीधे तौर पर भागीदार बनती है और ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘स्किल इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान देती है। Samsung Solve for Tomorrow 2026 के लिए 14-22 साल के व्यक्ति और टीमें 3 जुलाई, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। अपने आइडिया को रजिस्टर करने के लिए <a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/">www.samsung.com/in/solvefortomorrow</a> पर जाएं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग का ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ बोकारो में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लाया; छात्रों को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0-3</link>
				<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:24:59 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/bokaro-feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Application Phase]]></category>
		<category><![CDATA[Bokaro]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया अपना खास ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ बोकारो लेकर आया, जहाँ चिन्मय विद्यालय के 450 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन) का इस्तेमाल करना सीखा। उन्होंने एक्सेसिबिलिटी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित आइडिया विकसित किए। सैमसंग के […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-10108 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/bokaro-cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>सैमसंग इंडिया अपना खास ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ बोकारो लेकर आया, जहाँ चिन्मय विद्यालय के 450 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन) का इस्तेमाल करना सीखा। उन्होंने एक्सेसिबिलिटी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित आइडिया विकसित किए।</p>
<p>सैमसंग के देशव्यापी 100-शहरों वाले आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित इस वर्कशॉप में छात्रों को ‘एम्पैथी’ (सहानुभूति) से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया—यानी समाधान डिज़ाइन करने से पहले उस समस्या से प्रभावित लोगों को समझना। प्रतिभागियों ने जाना कि कैसे ऑब्ज़र्वेशन, रिसर्च और डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए स्थानीय चुनौतियों को बड़े स्तर पर लागू होने वाले इनोवेशन में बदला जा सकता है।</p>
<p>एक आइडिया 10वीं कक्षा के छात्र आदित्य नारायण सिंह का था, जिन्होंने दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित रूप से चलने-फिरने में मदद करने के लिए एक पहनने योग्य (वियरेबल) डिवाइस का कॉन्सेप्ट तैयार किया। बोकारो की भीड़-भाड़ वाली सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आने वाली दिक्कतों से प्रेरित होकर, इस कॉन्सेप्ट में सेंसर का इस्तेमाल किया गया है जो रुकावटों का पता लगाते हैं और ऑडियो प्रॉम्प्ट या वाइब्रेशन के ज़रिए यूज़र को अलर्ट करते हैं।</p>
<p>एक और छात्र टीम ने ‘CivicBin’ का प्रस्ताव रखा, जो AI-पावर्ड प्लेटफ़ॉर्म है। यह नागरिकों को खराब सड़कों और पानी के रिसाव जैसी नागरिक समस्याओं की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। इमेज रिकग्निशन और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करके, यह प्लेटफ़ॉर्म शिकायतों को अपने-आप संबंधित नागरिक विभाग तक पहुँचाता है और उनके समाधान पर रियल-टाइम अपडेट भी देता है।</p>
<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ 14-22 साल के युवाओं के लिए कंपनी का खास इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम है। पूरे भारत में आयोजित किए जा रहे डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप के ज़रिए, सैमसंग छात्रों को इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स से लैस कर रहा है। साथ ही, उन्हें चार थीम—’AI फॉर ए बेटर टुमॉरो’ (बेहतर कल के लिए AI), ‘हेल्थ एंड एजुकेशन’ (स्वास्थ्य और शिक्षा), ‘एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’ (पर्यावरण की स्थिरता) और ‘स्पोर्ट-टेक’ (खेल-तकनीक)—के तहत समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, इस प्रोग्राम का विस्तार पूरे देश में किया जा रहा है ताकि ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन को मज़बूत किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर क्षेत्र के युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए ज़रूरी टूल्स और सोच मिल सके।</p>
<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के लिए आवेदन 3 जुलाई 2026 तक खुले हैं। टॉप चार विजेता टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग में मदद और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुँच भी मिलेगी।</p>
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