<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><?xml-stylesheet title="XSL_formatting" type="text/xsl" href="https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss.xsl"?><rss version="2.0"
     xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
     xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
     xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
     xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
     xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
     xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	 xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"
	>
	<channel>
		<title>Samsung Newsroom भारत</title>
		<atom:link href="https://news.samsung.com/bharat/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
		<link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        <image>
            <url>https://img.global.news.samsung.com/image/newlogo/logo_samsung-newsroom.png</url>
            <title>Samsung Newsroom भारत</title>
            <link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        </image>
        <currentYear>2026</currentYear>
        <cssFile>https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss_xsl.css</cssFile>
		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
		<lastBuildDate>Tue, 22 Sep 2026 08:00:00 +0000</lastBuildDate>
		<language>en-US</language>
		<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
		<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग TV Plus पर ‘aespa LIVE TOUR – SYNK: COMPLeXITY in SEOUL’ कॉन्सर्ट का प्रीमियर होगा]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-tv-plus-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-aespa-live-tour-synk-complexity-in-seoul-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b8</link>
				<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 08:00:00 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21175057/feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[टीवी / डिस्प्ले और एवी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[aespa]]></category>
		<category><![CDATA[Monthly SM Concert]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung TV Plus]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/46wbQtx</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने आज घोषणा की कि aespa का “2026-27 aespa LIVE TOUR – SYNK : COMPLæXITY in SEOUL” 26 सितंबर को कोरिया, सिंगापुर, भारत, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में Samsung TV Plus पर प्रीमियर होगा। कॉन्सर्ट का कंटेंट ‘मंथली SM कॉन्सर्ट सीरीज़’ के हिस्से के तौर पर 24 अक्टूबर तक हर शनिवार शाम […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img width="1000" height="573" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21174742/image-1-1000x573.png" alt="" class="wp-image-10659" /></figure></div>


<p>सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने आज घोषणा की कि aespa का “2026-27 aespa LIVE TOUR – SYNK : COMPLæXITY in SEOUL” 26 सितंबर को कोरिया, सिंगापुर, भारत, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में Samsung TV Plus पर प्रीमियर होगा। कॉन्सर्ट का कंटेंट ‘मंथली SM कॉन्सर्ट<sup data-fn="703503ae-2806-4878-8319-00c15372f5f6" class="fn"><a href="#703503ae-2806-4878-8319-00c15372f5f6" id="703503ae-2806-4878-8319-00c15372f5f6-link">1</a></sup> सीरीज़’ के हिस्से के तौर पर 24 अक्टूबर तक हर शनिवार शाम 7 बजे KST (शाम 6 बजे SGT) को प्रसारित किया जाएगा।</p>



<p>सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में विज़ुअल डिस्प्ले बिज़नेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, Gwiho Lee ने कहा, “K-pop कॉन्सर्ट में ज़बरदस्त परफॉर्मेंस, शानदार विज़ुअल्स और फ़ैन्स का जोश देखने को मिलता है, और देखने का अनुभव भी इन सभी चीज़ों को दिखाने वाला होना चाहिए।” “मंथली SM कॉन्सर्ट सीरीज़ के ज़रिए, सैमसंग प्रीमियम एंटरटेनमेंट को अपनी TV टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ रहा है ताकि फ़ैन्स घर बैठे ही अपने पसंदीदा आर्टिस्ट और उनकी परफॉर्मेंस का बेहतर अनुभव ले सकें।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img width="1000" height="667" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21174758/image-3-1000x667.png" alt="" class="wp-image-10661" /></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">सैमसंग TV टेक्नोलॉजी हर सीट को ‘फ्रंट रो’ जैसा अनुभव देती है</h2>



<p>सैमसंग TV में कम-रिज़ॉल्यूशन वाले कंटेंट को बेहतर बनाने और उसे ज़्यादा साफ़ और डिटेल्ड दिखाने के लिए सैमसंग अपस्केलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। aespa कॉन्सर्ट के लिए, यह टेक्नोलॉजी स्टेज प्रोडक्शन, कोरियोग्राफी और विज़ुअल इफ़ेक्ट्स को ज़्यादा स्पष्टता के साथ दिखाने में मदद करती ह</p>



<p>बेहतरीन पिक्चर क्वालिटी के साथ-साथ, सैमसंग और गूगल द्वारा विकसित 3D ऑडियो टेक्नोलॉजी ‘Eclipsa Audio’ सुनने के अनुभव को और भी शानदार बनाने के लिए प्लेबैक एनवायरनमेंट के हिसाब से स्पेशल साउंड को ऑप्टिमाइज़ करती है<sup data-fn="feb6e16d-d2cf-4c2e-bd44-9ea6d04c1d05" class="fn"><a href="#feb6e16d-d2cf-4c2e-bd44-9ea6d04c1d05" id="feb6e16d-d2cf-4c2e-bd44-9ea6d04c1d05-link">2</a></sup>। म्यूज़िक और वोकल्स से लेकर दर्शकों के जोश तक, Eclipsa Audio परफॉर्मेंस में और गहराई और आयाम जोड़ती है, जिससे कॉन्सर्ट का माहौल घर तक पहुँचता है।</p>



<p>सैमसंग की पिक्चर और ऑडियो टेक्नोलॉजी मिलकर घर पर कॉन्सर्ट के अनुभव को बेहतर बनाती हैं, जिससे दर्शकों को ऐसा महसूस होता है जैसे वे खुद परफॉर्मेंस वाली जगह पर मौजूद हों।</p>



<h2 class="wp-block-heading">Samsung TV Plus फ़ैन्स के लिए घर पर aespa का लेटेस्ट कॉन्सर्ट लेकर आया है</h2>



<p>aespa का प्रीमियर ‘मंथली SM कॉन्सर्ट’ का लेटेस्ट हिस्सा है। यह Samsung TV Plus और SM एंटरटेनमेंट का एक कोलैबोरेशन है, जिसके तहत हर महीने दर्शकों के लिए किसी नए SM आर्टिस्ट का कॉन्सर्ट दिखाया जाता है। इस साल की शुरुआत में शुरू हुई यह सीरीज़ K-pop फ़ैन्स के लिए घर बैठे कॉन्सर्ट प्रीमियर और एनकोर प्रोग्रामिंग का मज़ा लेने का एक ज़रिया बन गई है।</p>



<p>Samsung TV Plus इस सीरीज़ को बिना किसी सब्सक्रिप्शन के उपलब्ध कराता है, जिससे घर पर बड़ी स्क्रीन पर SM एंटरटेनमेंट की परफॉर्मेंस देखना आसान हो जाता है। 26 सितंबर से 24 अक्टूबर तक aespa के साथ, ‘मंथली SM कॉन्सर्ट’ उन सभी मार्केट में K-पॉप फ़ैन्स के लिए हर शनिवार को शो देखने का अनुभव देता रहेगा।</p>



<p>Samsung TV Plus के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, यहाँ जाएँ।</p>


<ol class="wp-block-footnotes"><li id="703503ae-2806-4878-8319-00c15372f5f6">aespa कॉन्सर्ट 26 सितंबर 2026 से 24 अक्टूबर 2026 तक, हर शनिवार शाम 7 बजे KST पर दिखाया जाएगा। कॉन्सर्ट का प्रसारण कोरिया में STN (Samsung TV Network) पर और कोरिया, सिंगापुर, भारत, फ़िलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में SMTOWN चैनल पर उपलब्ध होगा। <a href="#703503ae-2806-4878-8319-00c15372f5f6-link" aria-label="Jump to footnote reference 1"><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/21a9.png" alt="↩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />︎</a></li><li id="feb6e16d-d2cf-4c2e-bd44-9ea6d04c1d05">Eclipsa Audio एक 3D ऑडियो टेक्नोलॉजी है जिसे Samsung Electronics और Google ने मिलकर डेवलप किया है और यह Immersive Audio Model and Formats (IAMF) ओपन स्टैंडर्ड पर आधारित है। Eclipsa Audio प्लेबैक के लिए सपोर्टेड कंटेंट और कम्पैटिबल Samsung TV की ज़रूरत होती है। <a href="#feb6e16d-d2cf-4c2e-bd44-9ea6d04c1d05-link" aria-label="Jump to footnote reference 2"><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/21a9.png" alt="↩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />︎</a></li></ol>


<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[छोटे शहर के एक आइडिया से एक संभावित स्टार्टअप तक: वाराणसी के छात्र ने भारत की डॉक्यूमेंट लिटरेसी की चुनौती को अपनाया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95</link>
				<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 12:11:55 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21120950/728-x-410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Abhinav Jaiswal]]></category>
		<category><![CDATA[Ballia]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Startup]]></category>
		<category><![CDATA[Varanasi]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4xZCvLg</guid>
									<description><![CDATA[क्या हो अगर कोई व्यक्ति, जिसे कानूनी, वित्तीय या सरकारी दस्तावेज़ पढ़ने में मुश्किल होती है, उस पर हस्ताक्षर करने से पहले ही समझ सके कि उसमें क्या लिखा है? इसी सवाल ने युवा इनोवेटर अभिनव जायसवाल को एक ऐसी टेक्नोलॉजी-आधारित तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जिसका मकसद कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img width="1000" height="604" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21120953/20260902_163218-copy-1000x604.jpg" alt="" class="wp-image-10653" /><figcaption class="wp-element-caption">अभिनव: “सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो में मैंने सीखा कि आपको प्रोटोटाइप को किसी कहानी से जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।”</figcaption></figure></div>


<p>क्या हो अगर कोई व्यक्ति, जिसे कानूनी, वित्तीय या सरकारी दस्तावेज़ पढ़ने में मुश्किल होती है, उस पर हस्ताक्षर करने से पहले ही समझ सके कि उसमें क्या लिखा है?</p>



<p>इसी सवाल ने युवा इनोवेटर अभिनव जायसवाल को एक ऐसी टेक्नोलॉजी-आधारित तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जिसका मकसद कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों को समझना आसान बनाना था।</p>



<p>अभिनव, जो बलिया के छोटे से शहर में पले-बढ़े और अब वाराणसी में रहते हैं, के लिए एक रोज़मर्रा की समस्या से प्रेरित होकर शुरू हुआ यह विचार धीरे-धीरे कुछ बड़ा रूप ले रहा है।</p>



<p>उनके इस विचार ने उन्हें युवाओं के लिए सैमसंग के प्रमुख इनोवेशन प्रोग्राम, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ की टॉप 20 टीमों में जगह दिलाई है। यहाँ उन्हें मेंटरशिप और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे वे सोच पा रहे हैं कि शुरुआती स्तर के विचार को असल दुनिया के समाधान — और समय के साथ, एक बड़े पैमाने पर चलने वाले वेंचर — में कैसे बदला जा सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत की एक रोज़मर्रा की समस्या का समाधान</h2>



<p><br>अभिनव बचपन से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और STEM में रुचि रखते थे। लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी के बारे में उनकी समझ बढ़ी, वैसे-वैसे अपने आस-पास की समस्याओं को हल करने के लिए इसके इस्तेमाल में उनकी दिलचस्पी भी बढ़ती गई।</p>



<p>ऐसी ही एक समस्या थी दस्तावेज़ों को समझने की क्षमता (डॉक्यूमेंट लिटरेसी)।</p>



<p>कानूनी समझौते, वित्तीय दस्तावेज़ और सरकारी कागज़ात को समझना मुश्किल हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे हैं। जटिल भाषा के कारण लोगों को किसी चीज़ पर हस्ताक्षर करने या सहमति देने से पहले जानकारी समझने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।</p>



<p>अभिनव ने सोचना शुरू किया कि क्या टेक्नोलॉजी ज़रूरी जानकारी को समझने में आसान बनाकर इस अंतर को कम करने में मदद कर सकती है।</p>



<p>यही सवाल ‘टीम ItzFOD’ की शुरुआत का कारण बना।</p>



<h2 class="wp-block-heading">विचार को टेक्नोलॉजी से आगे ले जाना</h2>



<p><br>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ की टॉप 20 टीमों में चुने जाने से अभिनव को अपने विचार को शुरुआती टेक्नोलॉजी कॉन्सेप्ट से आगे ले जाने का मौका मिला।</p>



<p>SFT बूटकैंप में मेंटर्स और विशेषज्ञों के साथ बातचीत ने उन्हें कुछ अलग तरह के सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया: आखिर वे किसके लिए समस्या का समाधान कर रहे थे? लोग इस समाधान का इस्तेमाल कैसे करेंगे? असल दुनिया में यह कैसे काम का साबित होगा? और एक प्रोटोटाइप समस्या और उसके संभावित असर के बीच के संबंध को कैसे स्पष्ट रूप से दिखा सकता है?</p>



<p>अभिनव ने कहा, “मेरे विचार को प्रोटोटाइप पर मार्गदर्शन और मेंटरशिप की ज़रूरत थी।”</p>



<p>उनकी सबसे बड़ी सीखों में से एक यह थी कि प्रोटोटाइप को सिर्फ़ यह नहीं दिखाना चाहिए कि टेक्नोलॉजी क्या कर सकती है। उसे उस समस्या की कहानी भी बतानी चाहिए जिसे वह हल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने सीखा कि आपको कहानी को प्रोटोटाइप से जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।”</p>



<p>जिनकी शुरुआती दिलचस्पी AI और मशीन लर्निंग में थी, उनके लिए यह एक बड़ा बदलाव था — सिर्फ़ टेक्नोलॉजी के बारे में सोचने से हटकर उन लोगों के बारे में सोचना जो आखिरकार इसका इस्तेमाल करेंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रोटोटाइप से संभावित वेंचर तक</h2>



<p><br>मेंटॉरिंग ने अभिनव को इस मौके के दायरे पर फिर से सोचने के लिए भी प्रेरित किया।</p>



<p>उन्होंने कहा, “मेरा आइडिया बहुत बड़ा है। मुझे एहसास हुआ कि मैं कई समस्याओं को हल कर रहा हूँगा।”</p>



<p>उन्हें समझ आने लगा कि डॉक्यूमेंट लिटरेसी का मतलब सिर्फ़ मुश्किल शब्दों का अनुवाद करना या उन्हें आसान बनाना नहीं है। इसका मतलब जानकारी तक पहुँच और लोगों को यह बेहतर ढंग से समझने में मदद करना भी है कि उनसे किस बात के लिए सहमति मांगी जा रही है।</p>



<p>उनका प्रोटोटाइप लगातार बेहतर हो रहा है, लेकिन अभिनव का कहना है कि जिस तरह से वह इस आइडिया के बारे में सोचते हैं और इसे दूसरों तक पहुँचाते हैं, उसमें काफ़ी बदलाव आया है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “हो सकता है कि प्रोटोटाइप में ज़्यादा बदलाव न आया हो, लेकिन मेरी पिचिंग बेहतर हुई है। मैंने मेंटॉर के सुझावों से बहुत कुछ सीखा है।”</p>



<p>यह बदलाव उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप की एक बुनियादी बात समझने में भी मदद कर रहा है: कोई आइडिया शायद ही कभी शुरू में ही एक तैयार प्रोडक्ट के तौर पर सामने आता है।</p>



<p>बड़े पैमाने पर काम करने लायक समाधान बनने से पहले, उस पर सवाल उठाए जाते हैं, उसे टेस्ट किया जाता है, समझाया जाता है, बेहतर बनाया जाता है और कभी-कभी नए सिरे से सोचा जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">छोटे शहर, बड़े आइडिया</h2>



<p><br>अभिनव का सफ़र ‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो 2026’ से उभर रही एक बड़ी कहानी को भी दिखाता है।</p>



<p>इस साल टॉप 20 टीमों में से आधी से ज़्यादा टीमें भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, और फ़ाइनलिस्ट 12 राज्यों के 18 शहरों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके कई आइडिया उन समस्याओं पर आधारित हैं जिनका सामना उन्होंने अपने समुदायों में किया है।</p>



<p>‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ के ज़रिए, ये युवा इनोवेटर अपने आइडिया को और बेहतर बनाने के लिए मेंटॉरशिप, टेक्नोलॉजी की जानकारी और एक राष्ट्रीय मंच का लाभ उठा रहे हैं।</p>



<p>टॉप 20 फ़ाइनलिस्ट को सैमसंग और IIT दिल्ली के ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफ़र’ (FITT) के एक्सपर्ट मेंटॉरिंग दे रहे हैं, ताकि वे अपने प्रोटोटाइप को बेहतर बना सकें और प्रोग्राम के अगले चरण के लिए तैयारी कर सकें।</p>



<p>छोटे शहरों और कस्बों के युवा इनोवेटर्स के लिए, यह अनुभव एक अहम दूरी को पाटने में मदद कर सकता है — समस्या की पहचान करने और यह समझने के बीच की दूरी कि कैसे कोई आइडिया आखिरकार एक काम का समाधान या वेंचर बन सकता है।</p>



<p>अभिनव के लिए, इस अनुभव ने इनोवेशन को देखने के उनके नज़रिए को पहले ही बदल दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे एक बात समझ आई — कोशिश करना ही सबसे ज़रूरी है। कोई भी आइडिया छोटा नहीं होता।”</p>



<p>बलिया में बड़े होने से लेकर वाराणसी में अपने आइडिया को विकसित करने और उसे एक राष्ट्रीय इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म तक ले जाने तक, अभिनव का सफ़र अभी शुरुआती दौर में ही है।</p>



<p>लेकिन असल बात भी यही है।</p>



<p>संभावित स्टार्टअप हमेशा स्थापित ये इनोवेशन हब या पूरी तरह तैयार बिज़नेस प्लान के साथ शुरू हो सकते हैं। कभी-कभी इनकी शुरुआत किसी छोटे शहर के युवा से होती है, जो ऐसी समस्या को देखता है जिसके साथ बाकी लोग जीने के आदी हो चुके हैं — और वह उसे हल करने की कोशिश करने का फ़ैसला करता है।</p>



<p>अभिनव और टीम ItzFOD के लिए, ‘Samsung Solve for Tomorrow’ उस शुरुआती कोशिश को और बेहतर बनाने में मदद कर रहा है: समस्या को और साफ़ तौर पर समझना, एक बेहतर होता प्रोटोटाइप और एक ऐसा आइडिया जिसमें आगे और बढ़ने की क्षमता हो।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[फ़ैक्ट्री गेट्स के पार: सैमसंग का चेन्नई प्लांट श्रीपेरंबदूर में छोटे व्यवसायों के लिए कैसे अवसर पैदा कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%88</link>
				<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 10:40:25 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21103225/fWEBKV.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Chennai]]></category>
		<category><![CDATA[Ecosystem]]></category>
		<category><![CDATA[Industrial Hub]]></category>
		<category><![CDATA[Local Economy]]></category>
		<category><![CDATA[Opportunities]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Chennai Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Sriperumbudur]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4h2ZVtc</guid>
									<description><![CDATA[एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर श्रीपेरंबदूर का विकास सिर्फ़ फ़ैक्ट्री के अंदर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी कई मौके पैदा कर रहा है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आस-पास बढ़ती वर्कफ़ोर्स, रिहायशी इलाकों और रोज़मर्रा की चीज़ों व सेवाओं की मांग से स्थानीय छोटे कारोबारियों को फ़ायदा हो रहा है। चाय की दुकानों, किराने […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21103221/WEBKV-1000x563.jpg" alt="" class="wp-image-10635" /><figcaption class="wp-element-caption">तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में कारोबारियों का कहना है कि शहर के बढ़ने के साथ-साथ उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हुई है।</figcaption></figure></div>


<p>एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर श्रीपेरंबदूर का विकास सिर्फ़ फ़ैक्ट्री के अंदर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी कई मौके पैदा कर रहा है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आस-पास बढ़ती वर्कफ़ोर्स, रिहायशी इलाकों और रोज़मर्रा की चीज़ों व सेवाओं की मांग से स्थानीय छोटे कारोबारियों को फ़ायदा हो रहा है।</p>



<p>चाय की दुकानों, किराने और हार्डवेयर की दुकानों से लेकर पीने का पानी सप्लाई करने वालों, मैकेनिक और लोकल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों तक, श्रीपेरंबदूर के सभी कारोबारियों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ-साथ उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हुई है। सैमसंग के चेन्नई प्लांट समेत कई बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की मौजूदगी एक बड़े इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम का हिस्सा रही है, जिससे इस इलाके में ज़्यादा नौकरियां, लोग और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।</p>



<p>सैमसंग ने 2007 में श्रीपेरंबदूर में अपना चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया था। तब से लेकर अब तक इस इलाके में फ़ैक्ट्रियां, घर और सहायक सेवाएं बढ़ी हैं, जिससे मज़दूरों और परिवारों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने वाले कारोबारों के लिए ग्राहकों का एक बड़ा आधार तैयार हुआ है।</p>



<p>लंबे समय से यहां कारोबार कर रहे लोगों के लिए यह बदलाव उनके अपने कारोबार में साफ़ दिखता है।</p>



<p>राजन, जो लगभग तीन दशकों से श्रीपेरंबदूर में चाय की दुकान चला रहे हैं, उन्हें यह शहर पहले कुछ अलग ही रूप में याद है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125437/Tea-Vendor-NR-1000x752.jpg" alt="" class="wp-image-32998" /><figcaption class="wp-element-caption">राजन: “जब मैंने शुरुआत की थी, तब ग्राहकों की संख्या कम थी और आस-पास का इलाका बहुत कम विकसित था।”</figcaption></figure></div>


<p>“जब मैंने शुरुआत की थी, तब ग्राहकों की संख्या कम थी और आस-पास का इलाका बहुत कम विकसित था। आज छोटे घरों की जगह फ़्लैट्स ने ले ली है, कई नई कंपनियां और एजेंसियां ​​आ गई हैं, और अब इस इलाके में बहुत ज़्यादा आबादी रहती और काम करती है,” राजन ने कहा।</p>



<p>इलाके के साथ-साथ उनकी दुकान का भी विस्तार हुआ है, और ग्राहकों की लगातार आवाजाही उनके आस-पास हो रहे बड़े बदलाव को दर्शाती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एक बढ़ता हुआ इंडस्ट्रियल हब, एक बढ़ती हुई लोकल इकॉनमी</h2>



<p>रोज़मर्रा की घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने वाले कारोबारों में भी यही बदलाव देखा जा सकता है।</p>



<p>सतीश कुमार, जो इलेक्ट्रिकल और हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं, ने देखा है कि जैसे-जैसे ज़्यादा परिवार और मज़दूर इस इलाके में बसे हैं, मांग भी बढ़ी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125425/Elec-NR-1000x563.png" alt="" class="wp-image-32994" /><figcaption class="wp-element-caption">सतीश कुमार: “मैं रोज़मर्रा के हार्डवेयर प्रोडक्ट और सामान बेचता हूं। आस-पास नए कंस्ट्रक्शन की वजह से आस-पास के परिवारों को हमेशा ज़रूरत पड़ती रहती है, इसलिए मेरा कारोबार अच्छा चल रहा है।”</figcaption></figure></div>


<p>“जैसे-जैसे ज़्यादा लोग यहां बसते गए, रोज़मर्रा के सामान की मांग भी बढ़ती गई,” उन्होंने कहा।</p>



<p>संतोष के लिए, इस बदलाव ने उनके किराने के कारोबार के पैमाने को बदल दिया है। जो दुकान कभी सिर्फ़ आस-पड़ोस के लोगों के लिए थी, वह अब आस-पास की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों समेत एक बड़े समुदाय की ज़रूरतें पूरी करती है। जैसे-जैसे मांग बढ़ी, उन्होंने अपना सामान बढ़ाया और डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की।</p>



<p>उन्होंने कहा, “जो दुकान कभी आस-पड़ोस की एक छोटी सी दुकान थी, वह अब एक बड़े समुदाय की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गई है।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125435/Shop-NR-1000x667.jpg" alt="" class="wp-image-32997" /><figcaption class="wp-element-caption">संतोष: “चूंकि आस-पास कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियाँ हैं, इसलिए वहाँ काम करने वाले लोग और उनके परिवार भी घर का सामान खरीदने के लिए दुकान पर आने लगे।”</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">नई ज़रूरतें, नए मौके</h2>



<p>किसी इंडस्ट्रियल हब के आस-पास होने वाली आर्थिक गतिविधियाँ सिर्फ़ रिटेल तक ही सीमित नहीं रहतीं।</p>



<p>ज़्यादा लोगों का मतलब है – घर, पीने का पानी, खाना पकाने की गैस, ट्रांसपोर्ट, गाड़ी की मरम्मत और दूसरी ज़रूरी सेवाओं की ज़्यादा मांग। श्रीपेरंबदूर में, स्थानीय उद्यमियों ने इन रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है।</p>



<p>मस्तान, जो पीने का पानी सप्लाई करने का काम करते हैं, ने देखा है कि जैसे-जैसे रिहायशी इलाके बढ़े हैं, मांग भी बढ़ी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125440/Water-Vendor-NR-1000x637.jpg" alt="" class="wp-image-32999" /><figcaption class="wp-element-caption">मस्तान: “मैं इस इलाके के लोगों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने और बड़ी मात्रा में पानी की सप्लाई करने में सक्षम होकर बहुत खुश हूँ।”</figcaption></figure></div>


<p>उन्होंने कहा, “कंपनियों और इंडस्ट्रियल यूनिट्स के कारण इलाके में और ज़्यादा रिहायशी बस्तियाँ बन रही हैं, इसलिए बड़ी मात्रा में पानी की सप्लाई करना मेरे बिज़नेस का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा बन गया है।”</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125429/gas-blur-1000x667.png" alt="" class="wp-image-32995" /><figcaption class="wp-element-caption">प्रेम कुमार: “जैसे-जैसे सालों में शहर का विकास हुआ, ग्राहकों की संख्या में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई।”</figcaption></figure>



<p>प्रेम कुमार के जैसी लोकल LPG डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियाँ और डिलीवरी सर्विस भी घरों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ बढ़ी हैं। इलाके में आर्थिक और आने-जाने की गतिविधियाँ बढ़ने के कारण ऑटोमोबाइल रिपेयर स्टेशन, जिनमें बाबू की वर्कशॉप भी शामिल है, ज़्यादा गाड़ियों की सर्विस कर रहे हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125432/Mechanic-NR-1000x562.png" alt="" class="wp-image-32996" /><figcaption class="wp-element-caption">बाबू: “इलाके में आने-जाने की गतिविधियाँ बढ़ने से मेरी आमदनी भी बढ़ी है।”</figcaption></figure></div>


<p>श्रीपेरंबदूर के बढ़ते लोकल इकोसिस्टम में ट्रांसपोर्टेशन भी एक अहम हिस्सा बन गया है।</p>



<p>गोविंदाराज, जो लंबे समय से यहाँ रह रहे हैं और बस सर्विस चलाते हैं, ने शहर में आने-जाने की बदलती ज़रूरतों को खुद देखा है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “आज मेरी बस स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर जाने वाले लोगों को ले जाती है। इलाके में विकास के कारण ट्रांसपोर्टेशन की ज़रूरत बढ़ी है, जिससे घर, काम की जगहें और समुदाय आपस में जुड़ रहे हैं।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125420/Bus-NR.jpg" alt="" class="wp-image-32993" /><figcaption class="wp-element-caption">गोविंदाराज: “मैं यहाँ परिवारों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अपनी बस चलाता हूँ और मुझे इस बात की बहुत खुशी है।”</figcaption></figure></div>


<p>ऑटो-रिक्शा ड्राइवर मणिकंदन ने भी कुछ ऐसा ही बदलाव देखा है; ज़्यादा इंडस्ट्रियल और कमर्शियल गतिविधियों के कारण श्रीपेरंबदूर में ज़्यादा यात्री और ज़्यादा आवाजाही हो रही है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18153532/file_00000000321c81f5b467fa75a-1789724242629-1000x675.png" alt="" class="wp-image-33014" /><figcaption class="wp-element-caption">मणिकंदन: “मैं 15 साल से ज़्यादा समय से ऑटो चला रहा हूँ और मैंने इस शहर को अपनी आँखों के सामने बढ़ते हुए देखा है।”</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading"><strong>फ़ैक्ट्री गेट के बाहर</strong></h2>



<p>इन उद्यमियों के अनुभव बताते हैं कि मैन्युफ़ैक्चरिंग का असर काम की जगह से आगे भी कैसे फैल सकता है। एक बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट अपने कामकाज के दौरान रोज़गार पैदा करती है, जबकि उसके आस-पास के लोग और आर्थिक गतिविधियाँ लोकल बिज़नेस के एक बड़े नेटवर्क के लिए भी माँग पैदा कर सकती हैं।</p>



<p>श्रीपेरंबदूर में यह नेटवर्क हर दिन देखा जा सकता है।</p>



<p>यह सुबह कामगारों को चाय पिलाने वाली चाय की दुकान है। पास के घरों में ज़रूरी सामान पहुँचाने वाली किराने की दुकान है। गाड़ियों की मरम्मत करने वाला मैकेनिक है। लोगों को काम की जगहों और स्कूलों से जोड़ने वाले ऑटो-रिक्शा और बस ड्राइवर हैं। और पानी, LPG, बिजली का सामान और घरेलू उत्पाद सप्लाई करने वाले उद्यमी हैं।</p>



<p>ये सभी मिलकर उस बड़े समुदाय का हिस्सा हैं जो श्रीपेरंबदूर के इंडस्ट्रियल विकास के साथ-साथ बढ़ा है। जो उद्यमी दशकों से यहाँ रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव सिर्फ़ फ़ैक्टरियों, इमारतों या बुनियादी ढाँचे तक ही सीमित नहीं है। यह बदलाव उनके यहाँ आने वाले ग्राहकों, जिन समुदायों की वे सेवा करते हैं और जो कारोबार उन्होंने इतने सालों में खड़े किए हैं, उनमें भी साफ़ दिखता है।</p>



<p>श्रीपेरंबदूर में सैमसंग के मैन्युफ़ैक्चरिंग शुरू करने के लगभग दो दशक बाद, उसका चेन्नई प्लांट अब एक बहुत बड़े इंडस्ट्रियल और कम्युनिटी इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है।</p>



<p>फ़ैक्टरी के दरवाज़ों के बाहर, स्थानीय उद्यमी तेज़ी से बढ़ते श्रीपेरंबदूर की रोज़मर्रा की ज़रूरतों के आधार पर अपना रोज़गार बना रहे हैं—यह दिखाता है कि कैसे मैन्युफ़ैक्चरिंग का विस्तार ऐसे अवसर पैदा कर सकता है जिनका असर आस-पास के समुदायों पर भी पड़ता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[WATCH: टॉप 40 से टॉप 20 तक — टीम मॉर्फ़िज़्म का अगला पड़ाव]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/watch-%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa-40-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa-20-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%bc</link>
				<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 15:48:47 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/14154756/ss20260902_114657.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Journey]]></category>
		<category><![CDATA[Morphism]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow]]></category>
		<category><![CDATA[Top 20]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4y4cNoX</guid>
									<description><![CDATA[रायपुर की युवा टीम ‘मॉर्फ़िज़्म’ का सफ़र जारी है; यह टीम अब ‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमारो 2026’ की टॉप 20 टीमों में शामिल हो गई है। नेशनल टॉप 40 में जगह बनाने के बाद, अनन्या अग्रवाल और आदित्यसाई बालकृष्णगनंदम ने अपने टेक्नोलॉजी-बेस्ड आइडिया के साथ एक और कदम आगे बढ़ाया है। उनका यह आइडिया ऑटिज़्म […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<p>रायपुर की युवा टीम ‘मॉर्फ़िज़्म’ का सफ़र जारी है; यह टीम अब ‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमारो 2026’ की टॉप 20 टीमों में शामिल हो गई है।</p>



<p>नेशनल टॉप 40 में जगह बनाने के बाद, अनन्या अग्रवाल और आदित्यसाई बालकृष्णगनंदम ने अपने टेक्नोलॉजी-बेस्ड आइडिया के साथ एक और कदम आगे बढ़ाया है। उनका यह आइडिया ऑटिज़्म और एलेक्सिथिमिया से जूझ रहे लोगों की भावनाओं को समझने के लिए एक ज़्यादा समावेशी तरीका खोजने पर केंद्रित है।</p>



<p>इस वीडियो में, ये युवा इनोवेटर्स टॉप 20 में जगह बनाने पर अपनी खुशी ज़ाहिर कर रहे हैं, अब तक के सफ़र के बारे में बता रहे हैं और अपने आइडिया को अगले चरण में ले जाने को लेकर अपनी उम्मीदें साझा कर रहे हैं।</p>



<p>टीम मॉर्फ़िज़्म को टॉप 20 में पहुँचने की अपनी उपलब्धि और ‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमारो’ के साथ अपने सफ़र के बारे में बात करते हुए देखें।</p>



<figure class="wp-block-video"><video playsinline controls src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/14154748/SFT-top-20-Team-morphism.mp4"></video></figure>
]]></content:encoded>
													<enclosure url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/14154748/SFT-top-20-Team-morphism.mp4" length="476" type="video/mp4" />
							</item>
					<item>
				<title><![CDATA[36 युवा भारतीय इनोवेटर्स ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के साथ अपने आइडियाज़ को राष्ट्रीय मंच पर ले जा रहे हैं]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/36-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%88</link>
				<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:41:29 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/10151940/728x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Bootcamp]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[Top 20]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3UNeMzd</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के टॉप 20 फाइनलिस्ट की घोषणा की। यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को मिलाकर युवाओं को क्रिएटिव सोच और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के साथ भविष्य के लीडर बनने में मदद करता है। एक ग्लोबल प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ दुनिया भर के युवाओं […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/10151832/SFT-1-1000x560.jpg" alt="" class="wp-image-32855" /></figure></div>


<p>सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के टॉप 20 फाइनलिस्ट की घोषणा की। यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को मिलाकर युवाओं को क्रिएटिव सोच और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के साथ भविष्य के लीडर बनने में मदद करता है।</p>



<p>एक ग्लोबल प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ दुनिया भर के युवाओं को बेहतर भविष्य बनाने के लिए STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ) का इस्तेमाल करने में मदद करता है। इसमें हिस्सा लेने वाले युवा अपने आस-पास की समस्याओं की पहचान करते हैं और टेक्नोलॉजी की मदद से उनके क्रिएटिव समाधान निकालते हैं।</p>



<p>अपने पांचवें एडिशन में, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ पूरे भारत से ऐसे युवा इनोवेटर्स को एक साथ ला रहा है जो अपने आस-पास की समस्याओं को टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधानों में बदल रहे हैं। टॉप 20 में शामिल आधे से ज़्यादा प्रतिभागी टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं और फाइनलिस्ट 12 राज्यों के 18 शहरों का प्रतिनिधित्व करते हैं – जो यह दिखाता है कि युवाओं के नेतृत्व वाला इनोवेशन भारत के पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से आगे बढ़ रहा है।</p>



<p>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एसपी चुन ने कहा, “इस साल के टॉप 20 की खास बात सिर्फ़ उनके द्वारा बनाई जा रही टेक्नोलॉजी नहीं है, बल्कि वे समस्याएं भी हैं जिन्हें उन्होंने सुलझाने के लिए चुना है। पूरे भारत से युवा इनोवेटर अपने समुदायों की चुनौतियों – जैसे एक्सेसिबिलिटी और हेल्थकेयर से लेकर खेती, प्रदूषण और खेल – पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और सोच रहे हैं कि टेक्नोलॉजी कैसे बदलाव ला सकती है। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ उन्हें स्थानीय ज़रूरत पर आधारित किसी आइडिया को ऐसे समाधान में बदलने का मौका, मेंटरशिप और संसाधन देता है जिसमें बड़े पैमाने पर असर डालने की क्षमता हो।”</p>



<p>इस साल के फाइनलिस्ट के बीच एक खास ट्रेंड टेक्नोलॉजी को ज़्यादा उपयोगी और सुलभ बनाने पर फोकस करना है। चार थीम – ‘AI लिविंग फॉर इंडिया’, ‘एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’, ‘हेल्थ एंड एजुकेशन’ और ‘स्पोर्ट एंड टेक’ – के तहत युवा इनोवेटर AI, कंप्यूटर विज़न, सेंसर, वॉयस टेक्नोलॉजी और कम कीमत वाले वियरेबल्स का इस्तेमाल कम साक्षरता और दिव्यांगों के लिए एक्सेस जैसी चुनौतियों से लेकर खेती के कचरे, प्रदूषण, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ और पैरा-स्पोर्ट्स तक की समस्याओं को हल करने के लिए कर रहे हैं।</p>



<p>ऐसे लोगों के लिए कई समाधान डिज़ाइन किए जा रहे हैं जिनकी टेक्नोलॉजी तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है। इनमें शामिल हैं: कम साक्षरता वाले लोगों के लिए जटिल डॉक्यूमेंट्स को समझाने वाला एक ऑफ़लाइन AI एप्लीकेशन, रियल-टाइम इंडियन साइन लैंग्वेज ट्रांसलेशन, दृष्टिबाधित छात्रों के लिए वॉयस-फर्स्ट लर्निंग साथी, ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन का पहले से पता लगाने वाली टेक्नोलॉजी, और दृष्टिबाधित तैराकों को ज़्यादा आज़ादी से ट्रेनिंग करने में मदद करने वाली असिस्टिव टेक्नोलॉजी। दूसरे फाइनलिस्ट ऐसे आइडियाज़ के ज़रिए पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनका मकसद खेती से बचे कचरे को साफ़ ऊर्जा और काम के कार्बन मटीरियल में बदलना, टेक्सटाइल वेस्ट और कंस्ट्रक्शन साइट पर होने वाले प्रदूषण को कम करना और इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव को कम करना है।</p>



<p>टॉप 20 में शामिल लोगों की भौगोलिक स्थिति इनोवेशन के बढ़ते दायरे को दिखाती है। फाइनलिस्ट ओडिशा के सुंदरगढ़; आंध्र प्रदेश के चित्तूर और विशाखापत्तनम; उत्तर प्रदेश के रायबरेली और वाराणसी; पंजाब के अमृतसर और एसएएस नगर; हरियाणा के सोनीपत और छत्तीसगढ़ के रायपुर के साथ-साथ बेंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर, नई दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई से आए हैं।</p>



<p>टॉप 20 टीमें सेमी-फ़ाइनल राउंड से चुनी गईं, जिसमें 40 टीमों ने FITT-IIT दिल्ली के साथ मिलकर एक प्रैक्टिकल प्रोटोटाइपिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया। इनोवेशन बूटकैंप के ज़रिए, टीमों ने मेंटर्स के साथ मिलकर अपने समाधानों को बेहतर बनाया, जिन लोगों के लिए वे डिज़ाइन बना रही थीं उन्हें बेहतर ढंग से समझा और इनोवेशन प्रोसेस का प्रैक्टिकल अनुभव हासिल किया।</p>



<p>बूटकैंप के हिस्से के तौर पर, टीमों ने सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली (SDD), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – नोएडा (SRI-N), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – दिल्ली (SRI-D), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – बेंगलुरु (SRI-B) और गुरुग्राम में सैमसंग के हेड ऑफिस का दौरा भी किया, जिससे उन्हें डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रति सैमसंग के नज़रिए को समझने का मौका मिला।</p>



<p>इस सफ़र का समापन एक नेशनल पिच इवेंट के साथ हुआ, जहाँ सैमसंग R&D और सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के मेंटर्स समेत 20 एक्सपर्ट्स ने टीमों का मूल्यांकन किया और चार थीम में से हर एक से पाँच फाइनलिस्ट चुने।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टॉप 20 से मिलिए<br><br>भारत के लिए AI लिविंग</h2>



<p><strong>4 Percentage – कोयंबटूर, तमिलनाडु:</strong> MicroLearning AI, एक वॉइस-फर्स्ट मल्टीलिंगुअल (कई भाषाओं वाला) प्लेटफ़ॉर्म जो हेल्थकेयर और सरकारी योजनाओं की मुश्किल जानकारी को भारतीय भाषाओं में आसान बोलचाल वाले छोटे-छोटे लेसन (माइक्रो-लेसन) में बदलता है।</p>



<p>itzFOD – वाराणसी, उत्तर प्रदेश: VaakSetu, एक ऑफ़लाइन मोबाइल ऐप जो AI का इस्तेमाल करके लोन के कागज़ात, ज़मीन के दस्तावेज़, FIR और हॉस्पिटल के फ़ॉर्म जैसे डॉक्यूमेंट्स को पढ़ता है और उन्हें आसान बोलचाल की भाषा में समझाता है।</p>



<p>JARVISS – चेन्नई, तमिलनाडु: SafePath AI, एक स्मार्टफ़ोन और IoT-बेस्ड प्लेटफ़ॉर्म जो AI और सेंसर डेटा का इस्तेमाल करके सड़क पर खतरों का पता लगाता है, उनकी गंभीरता को समझता है और सुरक्षित रास्ते का सुझाव देता है।</p>



<p>QuantHunt – रायबरेली, उत्तर प्रदेश: एक AI-बेस्ड साइबरसिक्योरिटी सॉल्यूशन जिसे एन्क्रिप्शन की कमियों का पता लगाने और ऑर्गनाइज़ेशन को उभरते हुए क्वांटम-कंप्यूटिंग खतरों के लिए अपने डिजिटल सिस्टम तैयार करने में मदद करने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>SignBridge AI – कोलकाता, पश्चिम बंगाल: एक AI-पावर्ड प्लेटफ़ॉर्म जो भारतीय साइन लैंग्वेज को रियल-टाइम में टेक्स्ट और स्पीच में बदलता है, जिससे स्कूलों, अस्पतालों, वर्कप्लेस और सार्वजनिक जगहों पर बातचीत बेहतर होती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी </h2>



<p><strong>AeroShield – नई दिल्ली:</strong> कंस्ट्रक्शन के मलबे को रोकने वाली कम लागत वाली जाली (नेट), जिसे मौजूदा मचान (scaffolding) के साथ जोड़कर हवा में मौजूद प्रदूषकों को पकड़ने और खत्म करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p><strong>AgriVolt – अमृतसर, पंजाब:</strong> AgriVolt Carbon AI, जिसका मकसद खेती से बचे कचरे का इस्तेमाल करके बिजली बनाना और बायोचार व अन्य कार्बन-युक्त मटीरियल हासिल करना है, साथ ही उत्सर्जन (emissions) को कम करना है।</p>



<p><strong>IndieJeanous – मुंबई, महाराष्ट्र:</strong> एक सर्कुलर डेनिम पहल जो बेकार डेनिम और कपड़ों के टुकड़ों को लाइफ़स्टाइल प्रोडक्ट्स में बदलती है और साथ ही महिला कारीगरों के लिए रोज़गार के मौके बनाती है।</p>



<p>InnoBotix – नई दिल्ली: Sentinel, एक सोलर-पावर्ड AI एज डिवाइस जो कैमरों, रडार और सिस्मिक डेटा का इस्तेमाल करके इंसानी बस्तियों के पास आने वाले जंगली जानवरों का पता लगाता है और पहले से चेतावनी देता है।</p>



<p>KINVA BIO – सोनीपत, हरियाणा: एक AI-बेस्ड प्लेटफ़ॉर्म जो बायो-रिएक्टर का इस्तेमाल करके गन्ने की खोई (bagasse) से प्रोटीन-युक्त माइकोप्रोटीन के प्रोडक्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हेल्थ और एजुकेशन</h2>



<p><br><strong>404NotFound – बेंगलुरु, कर्नाटक:</strong> StepSense, एक सेंसर और एज-AI सिस्टम जो जूते-चप्पल को चाल-ढाल पर नज़र रखने वाले प्लेटफ़ॉर्म में बदल देता है, ताकि गिरने के जोखिम, न्यूरोपैथी, थकान और सेहत से जुड़ी अन्य समस्याओं के संकेतों का पता लगाया जा सके।</p>



<p><strong>Equinox – नई दिल्ली:</strong> SARA AI, एक वॉइस-फर्स्ट स्टडी साथी जो दृष्टिबाधित छात्रों को स्क्रीन या कीबोर्ड पर निर्भर हुए बिना टेक्स्टबुक, स्पष्टीकरण, क्विज़ और पर्सनलाइज़्ड लर्निंग सपोर्ट का इस्तेमाल करने में मदद करता है। </p>



<p><strong>morphism – रायपुर, छत्तीसगढ़: </strong>एक AI सिस्टम जिसे ऑटिस्टिक लोगों की भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए बनाया गया है। यह चेहरे के बारीक हाव-भाव और व्यवहार से जुड़े अन्य संकेतों का विश्लेषण करता है।</p>



<p><strong>NeuroTrace – SAS नगर, पंजाब:</strong> स्ट्रोक के बाद निगरानी के लिए स्मार्टफोन-आधारित AI समाधान। यह आवाज़, चेहरे की हलचल और प्रतिक्रिया के समय में बदलाव का विश्लेषण करके संभावित न्यूरोलॉजिकल गिरावट की पहचान करता है।</p>



<p><strong>VB SenseGuard – नई दिल्ली:</strong> Sense Guard, एक कम लागत वाला AI पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) है। इसे ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर वाले बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन (संवेदी अति-उत्तेजना) से जुड़े शारीरिक पैटर्न की पहचान करने और देखभाल करने वालों को समय पर अलर्ट देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्पोर्ट और टेक</h2>



<p><strong>Code Blooded – सुंदरगढ़, ओडिशा</strong>: ParaSync, एक AI-संचालित प्लेटफ़ॉर्म जो पैरा-एथलीटों के स्मार्टफोन वीडियो का विश्लेषण करता है। यह खेल की तकनीक का आकलन करता है, प्रगति को ट्रैक करता है और कम सुविधा वाले क्षेत्रों की प्रतिभाओं को स्काउट्स से जोड़ने में मदद करता है।</p>



<p>पैरा-एथलीट स्विमिंग सॉल्यूशन – विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश: एक पहनने योग्य नेविगेशन सिस्टम जो पता लगाता है कि कब दृष्टिबाधित तैराक अपनी तय दिशा से भटक रहे हैं और उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए हैप्टिक संकेत (स्पर्श-आधारित संकेत) देता है।</p>



<p><strong>Rogue – चेन्नई, तमिलनाडु:</strong> NeuroStride, एक AI-संचालित पहनने योग्य डिवाइस जो पार्किंसंस के कारण होने वाली अनैच्छिक कंपकंपी (tremors) और जानबूझकर की गई मांसपेशियों की हलचल के बीच अंतर करने और लक्षित इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन प्रदान करने का प्रयास करता है।</p>



<p><strong>Somatrace – हैदराबाद, तेलंगाना:</strong> एक पहनने योग्य IoT ट्रेनिंग टूल जो ट्रेनिंग के दौरान रीढ़ की हड्डी के कोण और भार को मापता है। यह सटीक खेल (precision-sport) वाले एथलीटों और कोचों को चोट के जोखिम को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।</p>



<p><strong>Untethered – चित्तूर, आंध्र प्रदेश: </strong>स्मार्ट स्विमिंग गॉगल्स जो अल्ट्रासोनिक सेंसिंग और हैप्टिक फीडबैक का उपयोग करके दृष्टिबाधित तैराकों को पूल की दीवार के पास पहुंचने पर चेतावनी देते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">समाधानों को अगले चरण तक ले जाना</h2>



<p>टॉप 20 फाइनलिस्ट को अब सैमसंग के विशेषज्ञों और FITT-IIT दिल्ली से लगातार मेंटरशिप मिलेगी, क्योंकि वे 14 और 15 अक्टूबर को होने वाले ग्रैंड फिनाले की तैयारी कर रहे हैं।</p>



<p>ग्रैंड फिनाले में अंतिम पिच प्रेजेंटेशन होंगे, जिसके बाद सभी टॉप 20 टीमों के लिए एक इन्वेस्टर मीट होगी। यह बातचीत युवा इनोवेटर्स को स्टार्टअप और निवेश इकोसिस्टम से जुड़ने और अपने समाधानों को और विकसित करने के अगले चरणों को समझने का अवसर देगी।</p>



<p>इस प्रतियोगिता का समापन विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार समारोह के साथ होगा। टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप बनाने के लिए कुल मिलाकर 20 लाख रुपये की ग्रांट मिलेगी, जिसमें हर टीम को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। टॉप 20 में शामिल सभी 36 प्रतिभागियों को सैमसंग का लेटेस्ट गैलेक्सी Z फ्लिप स्मार्टफोन भी मिलेगा। चार विजेता टीमों को – हर थीम से एक – सैमसंग की ओर से FITT-IIT दिल्ली के ज़रिए कुल मिलाकर 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगी। यह इनक्यूबेशन सपोर्ट विजेता टीमों को अपने सॉल्यूशन को और बेहतर बनाने और उन्हें परखने में मदद करेगा, साथ ही उन्हें मार्केट के लिए तैयार वेंचर में बदलने की संभावनाओं को भी तलाशेगा।</p>



<p>इस प्रोग्राम में ग्रैंड फिनाले के दौरान खास पुरस्कारों के ज़रिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिसमें 50,000 रुपये का ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ और 1-1 लाख रुपये के दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड’ शामिल हैं।</p>



<p>अपने ग्लोबल CSR विज़न “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (आने वाले कल के लिए साथ मिलकर! लोगों को सक्षम बनाना) से प्रेरित होकर, सैमसंग इंडिया स्मार्ट एजुकेशन और युवाओं को स्किल सिखाने पर ध्यान देते हुए युवा भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके ज़रिए वह बेहतर भविष्य बनाने के लिए ज़रूरी ज्ञान, स्किल और संसाधनों तक समान पहुँच उपलब्ध कराता है।</p>



<p>टॉप 20 फाइनलिस्ट की पूरी लिस्ट<a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/?srsltid=AfmBOoqweJwhgD_8sR55mebhte2iei59hQhjujf8nXvSLYQEVwujeMHO"> यहाँ </a>देखें।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung Certified Re-Newed, Galaxy S26 सीरीज़ को और ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँचा रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-certified-re-newed-galaxy-s26-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 13:16:54 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/10131611/featurem-CRN-offers-on-flagship-innovations.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[मोबाइल फोन]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3UN4EXd</guid>
									<description><![CDATA[Samsung India अब अपने ‘Samsung Certified Re-Newed’ (CRN) प्रोग्राम के तहत Galaxy S26 सीरीज़ — जो Samsung के तीसरे-जेनरेशन के AI फ़ोन हैं — पेश कर रहा है। Samsung.com पर उपलब्ध, Certified Re-Newed Galaxy S26 Ultra और Galaxy S26 डिवाइस बिल्कुल नए जैसे हैं और बहुत अच्छी कीमत पर मिल रहे हैं। अपनी Certified Re-Newed […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/10130839/CRN-offers-on-flagship-innovations.jpg" alt="" class="wp-image-32849" /></figure>



<p>Samsung India अब अपने ‘Samsung Certified Re-Newed’ (CRN) प्रोग्राम के तहत Galaxy S26 सीरीज़ — जो Samsung के तीसरे-जेनरेशन के AI फ़ोन हैं — पेश कर रहा है। Samsung.com पर उपलब्ध, Certified Re-Newed Galaxy S26 Ultra और Galaxy S26 डिवाइस बिल्कुल नए जैसे हैं और बहुत अच्छी कीमत पर मिल रहे हैं।</p>



<p>अपनी Certified Re-Newed लाइन-अप में Galaxy S26 सीरीज़ को शामिल करके, Samsung अब ज़्यादा ग्राहकों को अपने लेटेस्ट फ़्लैगशिप इनोवेशन का अनुभव करने का मौका दे रहा है।</p>



<p>Galaxy S26 Ultra में Galaxy S सीरीज़ के किसी भी डिवाइस का अब तक का सबसे पावरफ़ुल हार्डवेयर, इंडस्ट्री का सबसे बेहतरीन कैमरा सिस्टम और सबसे आसान, प्रोएक्टिव और अडेप्टिव Galaxy AI अनुभव मिलता है। इसमें एक बिल्ट-इन प्राइवेसी डिस्प्ले भी है, जो यूज़र के लिए कंटेंट को साफ़ दिखाता है लेकिन दूसरों के लिए उसे सीमित कर देता है।</p>



<p>इस लाइन-अप में, Galaxy S26 Ultra और Galaxy S26 बैकग्राउंड में मुश्किल काम संभालते हैं, जिससे यूज़र नतीजों पर ध्यान दे पाते हैं और ज़्यादा ग्राहकों को सबसे आसान, प्रोएक्टिव और अडेप्टिव Galaxy AI अनुभव मिलता है।</p>



<p>हर Certified Re-Newed Galaxy डिवाइस की Samsung के सर्टिफाइड रिन्यूअल प्रोसेस के ज़रिए जांच, सफ़ाई, रिफ़र्बिशमेंट और टेस्टिंग की जाती है, ताकि वह Samsung के क्वालिटी, परफ़ॉर्मेंस और भरोसे के स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरे।</p>



<p>ज़रूरत पड़ने पर, पार्ट्स को असली Samsung पार्ट्स से बदला जाता है, और हर डिवाइस में Samsung-सर्टिफाइड बैटरी होती है जो Samsung के क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करती है। ग्राहकों को देने से पहले डिवाइस से पर्सनल डेटा हटाने के लिए उन्हें रीसेट किया जाता है और लेटेस्ट सॉफ़्टवेयर से अपडेट किया जाता है।</p>



<p>हर Certified Re-Newed Galaxy S26 सीरीज़ डिवाइस के साथ एक साल की कंपनी वारंटी मिलती है, जिससे ग्राहकों को Samsung के ऑफ़िशियल प्रोग्राम के ज़रिए रिन्यू किया गया Galaxy डिवाइस चुनते समय ज़्यादा भरोसा और सुकून मिलता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">उपलब्धता</h2>



<p>Galaxy S26 Ultra और Galaxy S26 Certified Re-Newed डिवाइस पूरे भारत में Samsung.com और Samsung Shop ऐप पर उपलब्ध होंगे।</p>



<p>उपलब्धता, मॉडल लाइन-अप, रंग, स्टोरेज ऑप्शन, कीमत, वारंटी की शर्तें और प्रोमोशनल ऑफ़र मार्केट के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[अपने क्लासमेट्स को संघर्ष करते देख, दिल्ली के इस 15 साल के बच्चे ने ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों के लिए एक AI वियरेबल बनाया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a4%b0%e0%a5%8d</link>
				<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 19:45:09 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/09190705/fea.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Bootcamp]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4yy2qtz</guid>
									<description><![CDATA[लगभग एक साल पहले, विदित भयाना की क्लास में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम वाले दो बच्चों को अचानक बहुत ज़्यादा परेशानी या बेचैनी (आउटबर्स्ट) महसूस हुई। क्लास के बाकी बच्चों को समझ नहीं आया कि क्या करें। विदित इस बारे में लगातार सोचते रहे। क्या होता अगर टीचर को पता चल जाता कि बच्चा बहुत ज़्यादा परेशान […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130648/20260824_161734-1000x577.jpg" alt="" class="wp-image-32713" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित का सॉल्यूशन इस तरह से बनाया गया है कि यह किसी संभावित ‘मेल्टडाउन’ (अचानक भावनात्मक या व्यवहार संबंधी संकट) से 25 मिनट पहले ही देखभाल करने वाले के स्मार्टफ़ोन पर अलर्ट भेज देता है, जिससे टीचर, माता-पिता या देखभाल करने वाले को स्थिति को संभालने का समय मिल जाता है।</figcaption></figure>



<p>लगभग एक साल पहले, विदित भयाना की क्लास में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम वाले दो बच्चों को अचानक बहुत ज़्यादा परेशानी या बेचैनी (आउटबर्स्ट) महसूस हुई। क्लास के बाकी बच्चों को समझ नहीं आया कि क्या करें।</p>



<p>विदित इस बारे में लगातार सोचते रहे।</p>



<p>क्या होता अगर टीचर को पता चल जाता कि बच्चा बहुत ज़्यादा परेशान हो रहा है? क्या होता अगर स्थिति को संभालने, उसे शांत करने और बच्चे को क्लास का हिस्सा बनाए रखने के लिए काफ़ी समय मिल जाता?</p>



<p>इन्हीं सवालों ने विदित को ‘VB Senacquard’ बनाने के लिए प्रेरित किया। यह कम कीमत वाला, AI-पावर्ड पहनने योग्य डिवाइस (वियरेबल) है, जिसे ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) वाले बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन (अत्यधिक संवेदी तनाव या बेचैनी) होने से पहले ही उसका पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>विदित अब सैमसंग के प्रमुख CSR प्रोग्राम ‘Samsung Solve for Tomorrow’ के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स में शामिल हैं। यह प्रोग्राम युवाओं को अपने आस-पास की समस्याओं को ऐसे समाधानों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिनसे समाज पर सार्थक प्रभाव पड़ सके।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130651/20260824_162609-1000x562.jpg" alt="" class="wp-image-32715" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित का सफ़र ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) की एक आम सोच को दिखाता है: जब कोई चीज़ काम न करे, तो उसे बस मान न लें—बल्कि उसे नए सिरे से डिज़ाइन करें।</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">वीबी सेनाकवार्ड चेतावनी संकेतों को पहचानने के लिए व्यक्तिगत एआई का उपयोग करते हैं।</h2>



<p>ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों के लिए, संवेदी अतिभार असहनीय हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी भावनात्मक विस्फोट हो सकता है। इन घटनाओं को अक्सर शुरू होने के बाद ही पहचाना जाता है।</p>



<p>विदित का प्रोटोटाइप इसे बदलने का लक्ष्य रखता है।</p>



<p>पिछले एक साल में विकसित, यह पहनने योग्य उपकरण हृदय गति, त्वचा चालकता, त्वचा का तापमान और गतिविधि को ट्रैक करने के लिए बायो सेंसर का उपयोग करता है। एक व्यक्तिगत मशीन-लर्निंग मॉडल प्रत्येक बच्चे के व्यक्तिगत आधारभूत स्तर को सीखता है और उन शारीरिक परिवर्तनों की तलाश करता है जो संभावित भावनात्मक विस्फोट का संकेत दे सकते हैं।</p>



<p>यह प्रणाली संभावित भावनात्मक विस्फोट से 25 मिनट पहले देखभालकर्ता के स्मार्टफोन पर अलर्ट भेजने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे शिक्षक, माता-पिता या देखभालकर्ता को हस्तक्षेप करने का समय मिल सके।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130654/20260824_163256.jpg" alt="" class="wp-image-32716" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित की सहानुभूति उनके इनोवेशन का आधार बनी।</figcaption></figure>



<p>किसी बच्चे को शांत जगह पर ले जाया जा सकता है, उसे शांत करने के जाने-पहचाने तरीकों से मदद दी जा सकती है, या परेशानी बढ़ने से पहले ही उसे ज़रूरी ध्यान दिया जा सकता है।</p>



<p>विदित का मकसद बच्चे को बदलना नहीं है ताकि वह क्लासरूम में फिट हो सके।</p>



<p>मकसद यह है कि उनके आस-पास के लोग कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, इसे बदला जाए।</p>



<p>विदित ने कहा, “इससे बच्चे को घुलने-मिलने में मदद मिलती है, और साथ ही सीखने में भी।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">अपने अनुभव से उन्हें यह समझ आया कि किसी के द्वारा समझा जाना कितनी बड़ी बात होती है</h2>



<p>विदित दिल्ली में बड़े हुए और उन्हें ADHD (अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) होने का पता चला। उनके अनुभव ने उन्हें सिखाया कि जब कोई व्यक्ति दुनिया को अलग नज़रिए से देखता है, तो मददगार देखभाल करने वाले कितने ज़रूरी हो सकते हैं।</p>



<p>इसी समझ ने उनके क्लासमेट्स के अनुभव को देखने के उनके नज़रिए को आकार दिया।</p>



<p>उनके गुस्से या परेशानी वाले व्यवहार को सिर्फ़ गड़बड़ी के तौर पर देखने के बजाय, उन्होंने सोचा कि ऐसा होने से पहले क्या किया जा सकता है।</p>



<p>यही सहानुभूति उनके इनोवेशन का आधार बनी।</p>



<p>अब, विदित चाहते हैं कि VB Senacquard आगे चलकर ₹10 के सिक्के के आकार का एक छोटा सा पहनने योग्य डिवाइस बन जाए—इतना छोटा कि बच्चे की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से इस्तेमाल हो सके और किसी को पता भी न चले। अगले चरण में, अनुमान की सटीकता को और बेहतर बनाने के लिए इसमें इन-ईयर EEG बायोमार्कर शामिल किए जा सकते हैं।</p>



<p>विदित के लिए, टेक्नोलॉजी से ज़्यादा ज़रूरी है इंसानी नतीजा।</p>



<p>वह चाहते हैं कि बच्चा क्लास में बना रहे, सीखता रहे और अपने साथियों के साथ बिना अलग-थलग महसूस किए हिस्सा ले सके।</p>



<p>उनका सफ़र Gen Z की एक आम सोच को दिखाता है: जब कोई चीज़ काम न करे, तो उसे बस स्वीकार न करें—उसे नए सिरे से डिज़ाइन करें।</p>



<p>विदित ने एक ऐसे पल से शुरुआत की जिसे शायद दूसरे लोग भूल गए होते।</p>



<p>उन्होंने यह पूछने का फ़ैसला किया कि ऐसा क्यों हुआ। फिर उन्होंने एक बेहतर जवाब खोजने में एक साल बिताया।</p>



<p>15 साल की उम्र में, उनका मकसद सिर्फ़ एक डिवाइस बनाना नहीं है। वह ऐसे क्लासरूम बनाने में मदद करना चाहते हैं जहाँ बच्चों को अपनी अलग पहचान या खासियत को छिपाने या दबाने की ज़रूरत न पड़े।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[जब केरल में बाढ़ आई थी, तब वह नौ साल का था। अब 17 साल की उम्र में, वह अगली बाढ़ को रोकने के लिए AI टेक्नोलॉजी बना रहा है।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%b9</link>
				<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 19:12:55 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/09190711/feature-Thrissur-1.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Bootcamp]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3SQ2YM8</guid>
									<description><![CDATA[कुछ यादें समय के साथ धुंधली हो जाती हैं। लेकिन 17 साल के नोवेन शिबू के लिए, 2018 में केरल में आई भयानक बाढ़ के दौरान बढ़ते पानी की याद कभी नहीं मिट पाई। तब वह सिर्फ़ नौ साल के थे, लेकिन त्रिशूर में उनके घर के पास स्थित शहर चालाकुडी के आस-पास बाढ़ के […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/01125722/Thrissur-1.jpg" alt="" class="wp-image-32678" /><figcaption class="wp-element-caption">जाने-पहचाने इलाके को बाढ़ के पानी में डूबते हुए देखने वाले नौ साल के बच्चे से लेकर AI-बेस्ड डैम-मैनेजमेंट प्रोटोटाइप बनाने वाले 17 साल के युवा तक, नोवेन का सफ़र यह याद दिलाता है कि इनोवेशन की शुरुआत हमेशा किसी हाई-टेक लैब से ही नहीं होती।</figcaption></figure>



<p>कुछ यादें समय के साथ धुंधली हो जाती हैं। लेकिन 17 साल के नोवेन शिबू के लिए, 2018 में केरल में आई भयानक बाढ़ के दौरान बढ़ते पानी की याद कभी नहीं मिट पाई।</p>



<p>तब वह सिर्फ़ नौ साल के थे, लेकिन त्रिशूर में उनके घर के पास स्थित शहर चालाकुडी के आस-पास बाढ़ के दृश्य उनके ज़हन में बस गए। सालों बाद, उन यादों को एक अनोखा रूप मिला है – किसी किताब या क्लासरूम प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं, बल्कि देश के सबसे जटिल इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम में से एक को स्मार्ट बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए एक वर्किंग प्रोटोटाइप के तौर पर।</p>



<p>नोवेन के आइडिया, ‘अकॉस्टीनोड सिस्टम्स’ (AcoustiNode Systems) ने उन्हें ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के टॉप 40 उम्मीदवारों में जगह दिलाई है। यह एक CSR प्रोग्राम है जो तेज़ी से उन युवा इनोवेटर्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिनके आइडिया भारत के पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से कहीं दूर से सामने आते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/01125726/Thrissur-2.jpg" alt="" class="wp-image-32680" /><figcaption class="wp-element-caption">“मैं कई बार नाकाम रहा हूँ, लेकिन मैंने फिर से शुरुआत करने का सोचा क्योंकि मुश्किल में फँसे लोगों की मदद करने का ख्याल मुझे प्रेरित करता रहा।”</figcaption></figure>



<p>इस टीनएजर के लिए सफ़र एक आसान से सवाल से शुरू हुआ: क्या टेक्नोलॉजी उस तबाही को रोकने में मदद कर सकती है जिसे उसने बचपन में देखा था?</p>



<p>उसने कहा, “मैं अखबार में बाढ़ और बांधों के बारे में बहुत सी खबरें पढ़ता था। मैंने सोचा कि मैं एक ऐसा समाधान बना सकता हूं जो बड़े पैमाने पर बांध प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को हल कर सके।”</p>



<p>इसका जवाब एक प्रस्तावित AI-पावर्ड एज नेटवर्क है जो मुश्किल हालात में भी बांधों के प्रबंधन में मदद करने के लिए मज़बूत VHF रेडियो कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करता है। यह सिस्टम दो अहम फैसलों में मदद करने के लिए अपस्ट्रीम पानी के बहाव और ज्वार के उल्टे बहाव का विश्लेषण करता है: कब बड़ी बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए पहले से पानी छोड़ने की ज़रूरत है, और कब कीमती पानी बचाने के लिए गैर-ज़रूरी पानी छोड़ने से बचा जा सकता है।</p>



<p>नोवेन का मानना ​​है कि इसका संभावित असर सिर्फ़ बांध तक ही सीमित नहीं है। पानी छोड़ने के बेहतर फैसलों से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और इकोसिस्टम की सुरक्षा में मदद मिल सकती है, सिंचाई की सुरक्षा बेहतर हो सकती है, पनबिजली उत्पादन को अधिकतम किया जा सकता है और बाढ़ व खराब जलाशय प्रबंधन से होने वाले भारी आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है।</p>



<p>लेकिन इस टेक्नोलॉजी के पीछे एक ऐसा युवा है जो खुद को बस एक जिज्ञासु व्यक्ति बताता है।</p>



<p>नोवेन ने कहा, “बचपन से ही मुझे सवाल पूछना पसंद था, और मेरे पिता को उनके जवाब देना पसंद था।” “मैंने उनके सहयोग से यह आदत विकसित की, जहां मैं सवाल पूछ सकता था और उनसे समाधान पा सकता था।”</p>



<p>वही जिज्ञासा आखिरकार उसे रोबोटिक्स और एडवांस्ड AI सिस्टम की ओर ले गई। कागज़ पर किसी विचार तक सीमित रहने के बजाय, नोवेन कुछ ठोस बनाना चाहता था।</p>



<p>उसने कहा, “मैं ऐसे असली मॉडल बनाना चाहता हूं जो काम करने लायक और कुशल हों।”</p>



<p>हालांकि, एक काम करने वाले प्रोटोटाइप तक का सफ़र आसान नहीं था। कई मॉडल फेल हुए, बार-बार प्रयोग किए गए और ऐसे पल भी आए जब दोबारा शुरू करने के बजाय हार मान लेना आसान लगता था।</p>



<p>वह याद करते हुए कहते हैं, “मैं अपने मॉडलों पर कई बार फेल हुआ हूं और ऐसे दिन भी आए जब मेरा इस पर दोबारा काम करने का मन नहीं करता था।” “लेकिन अगले ही दिन मेरा फिर से शुरू करने का मन करता था।”</p>



<p>जो चीज़ उसे वापस ले आई, वह उन लोगों के बारे में सोचना था जिन्हें एक दिन उसके बनाए सिस्टम से फायदा हो सकता था।</p>



<p>उसने कहा, “मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करने की सोच ने मुझे प्रेरित रखा।”</p>



<p>नोवेन की कहानी एक बड़े बदलाव को भी दिखाती है जिसे ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ मुमकिन बना रहा है। इनोवेशन को अक्सर बड़े शहरों की प्रयोगशालाओं, बेहतरीन संस्थानों और स्थापित टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से जोड़ा जाता है। लेकिन भारत की कुछ सबसे मुश्किल समस्याओं को हल करने वाले आइडिया बहुत छोटे शहरों और समुदायों से भी आ सकते हैं, जो गहरे तौर पर स्थानीय अनुभवों से बने होते हैं।</p>



<p>बाढ़ के पानी को जानी-पहचानी जगह को डुबोते हुए देखने वाले नौ साल के बच्चे से लेकर AI-इनेबल्ड डैम-मैनेजमेंट प्रोटोटाइप बनाने वाले 17 साल के युवा तक, नोवेन का सफ़र यह याद दिलाता है कि इनोवेशन हमेशा किसी हाई-टेक लैब से ही शुरू नहीं होता। कभी-कभी, यह एक सवाल, एक याद और कोशिश करते रहने के पक्के इरादे से शुरू होता है।</p>



<p>और शायद ‘सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ जैसे प्लेटफ़ॉर्म का सबसे बड़ा वादा यही है: ऐसे सवालों को ढूँढना जहाँ भी वे पूछे जा रहे हों—और उन्हें पूछने वाले युवाओं को यह मौका देना कि वे अपनी बात पूरे भारत को सुना सकें।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Generation17 के युवा लीडर्स से मिलिए: सौम्या डबरीवाल की कहानी]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/generation17-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b8</link>
				<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 10:31:52 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/07102524/Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Thumb728.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[मोबाइल फोन]]></category>
		<category><![CDATA[Generation17]]></category>
		<category><![CDATA[Global Goals]]></category>
		<category><![CDATA[UNDP]]></category>
		<category><![CDATA[Young Leaders]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4r0qD9a</guid>
									<description><![CDATA[सौम्या डाबरीवाल ‘जेनरेशन17’ की सदस्य हैं। यह सैमसंग और यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की एक पार्टनरशिप है, जो ‘ग्लोबल गोल्स’ (वैश्विक लक्ष्यों) में योगदान देने वाले युवाओं को सशक्त बनाती है। 2020 से, इस पहल ने दुनिया भर के युवा लीडर्स को सैमसंग गैलेक्सी टेक्नोलॉजी, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के मौके दिए हैं, ताकि वे […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<p>सौम्या डाबरीवाल ‘जेनरेशन17’ की सदस्य हैं। यह सैमसंग और यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की एक पार्टनरशिप है, जो ‘ग्लोबल गोल्स’ (वैश्विक लक्ष्यों) में योगदान देने वाले युवाओं को सशक्त बनाती है।</p>



<p>2020 से, इस पहल ने दुनिया भर के युवा लीडर्स को सैमसंग गैलेक्सी टेक्नोलॉजी, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के मौके दिए हैं, ताकि वे अपनी कहानियों और समाधानों को और लोगों तक पहुँचा सकें।</p>



<p>जब सौम्या डाबरीवाल 21 साल की थीं और भारत और घाना के गांवों में मैथ टीचर के तौर पर वॉलंटियरिंग कर रही थीं, तब उन्होंने एक ऐसी बात देखी जिसे वे समझ नहीं पा रही थीं। लड़कों की तुलना में लड़कियाँ क्लास से ज़्यादा गैर-हाज़िर रहती थीं — यहाँ तक कि एक ही घर के भाई-बहनों में भी ऐसा होता था; भाई तो स्कूल आता था, लेकिन बहन घर पर ही रहती थी।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe loading="lazy" title="Meet the Generation17 Young Leaders: The Story of Soumya Dabriwal | Samsung" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/UAgKjWnCm84?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
</div></figure>



<p>जब सौम्या ने पूछा, तो किसी ने इसका कारण नहीं बताया। उन्हें असलियत तब पता चली जब स्टूडेंट्स ने उन्हें गर्मी में पानी न पीने की सलाह दी, क्योंकि स्कूल में टॉयलेट नहीं थे। जल्द ही यह बात साफ़ हो गई: बुनियादी सुविधाओं के बिना, लड़कियों के पास पीरियड्स के दौरान स्कूल न जाने के अलावा कोई चारा नहीं था।</p>



<p>उन्होंने इस पर रिसर्च शुरू की और पाया कि दुनिया भर में लड़कियों के पास स्कूल में बने रहने और अपने सपने पूरे करने के लिए ज़रूरी हेल्थ एजुकेशन, सपोर्ट और रिसोर्स की कमी थी। सौम्या कहती हैं, “मैं बहुत परेशान और निराश थी। यह बात गलत लगती थी कि बायोलॉजी की वजह से लड़कियां अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं।” “किसी और के कदम उठाने का इंतज़ार करने के बजाय, मैंने इस समस्या को हल करने की ठान ली।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">टेक्नोलॉजी पर आधारित, महिलाओं के नेतृत्व में</h2>



<p>2017 में, उन्होंने ‘प्रोजेक्ट बाला’ (जिसका हिंदी में मतलब है ‘छोटी लड़की’) की शुरुआत की। यह एक सोशल एंटरप्राइज़ है जो नए और अनोखे तरीकों से पीरियड्स के दौरान साफ़-सफ़ाई और रिप्रोडक्टिव हेल्थ (प्रजनन स्वास्थ्य) तक पहुँच की समस्या को हल करता है। इसका मकसद अच्छी शिक्षा (गोल 4), अच्छी सेहत और भलाई (गोल 3), जेंडर इक्वालिटी या लैंगिक समानता (गोल 5), और अच्छे काम और आर्थिक विकास (गोल 8) के लिए UN के ग्लोबल लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02143826/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main1.jpg" alt="Community workshops are at the heart of Baala's approach, combining education with open conversations that help break long-standing taboos." class="wp-image-177002" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ बाला (Baala) के काम करने के तरीके में कम्युनिटी वर्कशॉप अहम हैं। इनमें शिक्षा के साथ-साथ खुलकर बातचीत भी की जाती है, जिससे लंबे समय से चली आ रही वर्जनाओं को तोड़ने में मदद मिलती है।</figcaption></figure></div>


<p>सौम्या ने ऐसी वर्कशॉप्स शुरू कीं जिनमें लड़कियां अपने शरीर और सेहत के बारे में सीखती थीं। लेकिन सिर्फ़ शिक्षा ही काफ़ी नहीं थी। किफ़ायती और लंबे समय तक चलने वाले फ़ेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स न मिल पाने के कारण लड़कियां अब भी स्कूल नहीं जा पाती थीं। जब बाज़ार में उनकी ज़रूरतों को पूरा करने वाला कोई प्रोडक्ट नहीं मिला, तो सौम्या ने घर पर मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल करके एक प्रोटोटाइप बनाया। इस तरह एक साधारण से विचार को एक ऐसे समाधान में बदल दिया जो आज लाखों लड़कियों तक पहुँच रहा है।</p>



<p>इसके बाद, उन्होंने और उनकी बढ़ती टीम ने स्थानीय महिलाओं को हेल्थ एजुकेशन और फ़ेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स पहुँचाने की ट्रेनिंग देना शुरू किया। ‘बाला बॉसेस’ (Baala Bosses) के नाम से जानी जाने वाली ये महिलाएँ पैसे भी कमाती हैं—अक्सर अपनी ज़िंदगी में पहली बार—और साथ ही अपने परिवार की मदद करने के साथ-साथ कम्युनिटी लीडर के तौर पर अपना आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।</p>



<p>बाला (Baala) के विकास में टेक्नोलॉजी ने अहम भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया इस संस्था को दुनिया भर की महिलाओं और लड़कियों से जोड़ता है, जबकि ऑनलाइन ट्रेनिंग की वजह से बाला बॉसेस कहीं भी रहकर सीख सकती हैं और जानकारी साझा कर सकती हैं। डिजिटल फ़ील्ड डेटा टीम को अपने असर को मापने और अपने प्रोग्राम्स को लगातार बेहतर बनाने में मदद करता है। सौम्या कहती हैं, “टेक्नोलॉजी ने हमें बड़े स्तर पर काम करने और उन लोगों तक पहुँचने में सचमुच मदद की है, जिन तक हम शायद कभी नहीं पहुँच पाते।”</p>



<p>पिछले आठ सालों में, बाला ने 4,500 से ज़्यादा बाला बॉसेस को ट्रेनिंग दी है, 18 लाख महिलाओं और लड़कियों तक पहुँची है, महिलाओं की सेहत से जुड़ी झिझक या शर्म को दूर करने के लिए 10,000 से ज़्यादा पुरुषों को शामिल किया है, और ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों के साथ 260 से ज़्यादा साझेदारियों के ज़रिए 51 लाख दोबारा इस्तेमाल होने वाले पीरियड प्रोडक्ट्स बांटे हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02144054/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main2.jpg" alt="Soumya and the Baala team meet at their Delhi office to review insights from the field and plan future initiatives." class="wp-image-177003" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ सौम्या और बाला टीम क्षेत्र से प्राप्त जानकारी की समीक्षा करने और भविष्य की पहल की योजना बनाने के लिए अपने दिल्ली कार्यालय में मिलते हैं।</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">महिलाओं की सेहत के लिए एक आंदोलन खड़ा करना</h2>



<p>‘बाला’ (Baala) को खड़ा करना आसान नहीं था। सौम्या को हर स्तर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा—लोगों को यह यकीन दिलाने से लेकर कि एक युवा महिला फाउंडर को गंभीरता से लिया जाए, और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक वर्जनाओं (taboos) का सामना करने तक। इन अनुभवों ने उनके इस विश्वास को और पक्का किया कि स्थायी बदलाव समुदायों के भीतर से ही आना चाहिए।</p>



<p>आज, ‘बाला बॉसेस’ (Baala Bosses) अपने-अपने इलाकों में परिवारों को जागरूक करके, दूसरों के लिए मौके बनाकर और अगली पीढ़ी को प्रेरित करके बदलाव ला रही हैं। सौम्या कहती हैं, “जो महिलाएं कभी अपना चेहरा ढंककर रखती थीं, वे अब खुलेआम अपने बाल लहराते हुए चलती हैं और इस विषय पर खुलकर बात करती हैं।” “कुछ महिलाएं कम्युनिटी लीडर बनती हैं। कुछ एंटरप्रेन्योर बनती हैं। कुछ हेल्थ मोबिलाइज़र बनती हैं। तो कुछ टीचर बनती हैं।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02144417/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main3.jpg" alt="Participants gather for a photo following one of Baala's community workshops in northern India." class="wp-image-177004" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ उत्तरी भारत में बाला (Baala) के कम्युनिटी वर्कशॉप में से एक के बाद प्रतिभागी फ़ोटो के लिए इकट्ठा हुए।</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">महिलाओं की सेहत, अधिकारों और मौकों को बढ़ावा देना</h2>



<p>30 साल की सौम्या का सपना है कि वह ‘बाला’ (Baala) के असर को और बढ़ाती रहें। उन्हें उम्मीद है कि 2030 तक वे प्रोडक्ट में नए बदलाव, बेहतर शिक्षा और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों के ज़रिए दुनिया भर की 1 करोड़ महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच पाएँगी।</p>



<p>इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए, उनकी टीम ने ‘बाला एक्शन लैब’ शुरू किया। यह एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जो दुनिया भर में महिलाओं की सेहत को बेहतर बनाने के लिए यूनिवर्सिटीज़ के साथ मिलकर काम करता है। यह पहल महिलाओं की सेहत से जुड़ी बेहतर पॉलिसी और निवेश के लिए एकेडमिक रिसर्च और असल दुनिया के सबूतों को एक साथ लाती है।</p>



<p>सौम्या का कहना है कि कामयाबी का असली पैमाना वह दिन होगा जब ‘बाला’ की ज़रूरत ही न रहे — यानी जब महिलाओं और लड़कियों के पास खुद आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी जानकारी, मौके और सपोर्ट हो।</p>



<p>तब तक, वह लगातार अपना काम करती रहती हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[क्या आप सबसे अच्छे फोल्डेबल फ़ोन पर स्विच कर रहे हैं? अपना डेटा आसानी से ट्रांसफर करने के लिए Samsung Smart Switch का इस्तेमाल करें]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a5%87</link>
				<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:21:15 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/02121438/cc.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[मोबाइल फोन]]></category>
		<category><![CDATA[data transfer]]></category>
		<category><![CDATA[Galaxy Z Fold 8]]></category>
		<category><![CDATA[Galaxy Z Fold8 Ultra]]></category>
		<category><![CDATA[Smart Switch]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3V7zbit</guid>
									<description><![CDATA[नया स्मार्टफ़ोन लेना रोमांचक होता है, खासकर जब आप हाल ही में लॉन्च हुए Galaxy Foldables जैसे डिवाइस पर स्विच कर रहे हों। लेकिन सालों के कॉन्टैक्ट्स, फ़ोटो, वीडियो, मैसेज और दूसरे ज़रूरी डेटा को ट्रांसफर करने का ख्याल कभी-कभी इस प्रोसेस को मुश्किल बना सकता है। Samsung Smart Switch को इस बदलाव को आसान […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe loading="lazy" title="How to use Smart Switch | Samsung" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/DU6eccg2Jcg?list=PLXkY23fp2AcQ" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
</div></figure>



<p>नया स्मार्टफ़ोन लेना रोमांचक होता है, खासकर जब आप हाल ही में लॉन्च हुए Galaxy Foldables जैसे डिवाइस पर स्विच कर रहे हों। लेकिन सालों के कॉन्टैक्ट्स, फ़ोटो, वीडियो, मैसेज और दूसरे ज़रूरी डेटा को ट्रांसफर करने का ख्याल कभी-कभी इस प्रोसेस को मुश्किल बना सकता है।</p>



<p>Samsung Smart Switch को इस बदलाव को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। Galaxy अनुभव का हिस्सा, Smart Switch यूज़र्स को अपने मौजूदा स्मार्टफ़ोन से नए Galaxy डिवाइस पर ज़रूरी डेटा ट्रांसफर करने की सुविधा देता है, जिससे उन्हें बिना सब कुछ नए सिरे से शुरू किए Galaxy Z Fold8 पर जाने में मदद मिलती है।</p>



<p>Smart Switch से Galaxy Z Fold8 पर डेटा कैसे ट्रांसफर करें<br>Smart Switch का इस्तेमाल शुरू करना आसान है। यूज़र्स को अपना पुराना स्मार्टफ़ोन और नया Galaxy Z Fold8 तैयार रखना होगा। इसके बाद QR कोड स्कैन करके डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है, जिसके बाद यूज़र्स वह डेटा चुन सकते हैं जिसे वे ट्रांसफर करना चाहते हैं।</p>



<p>एक बार सिलेक्शन हो जाने के बाद, Smart Switch ट्रांसफर का काम संभाल लेता है, जिससे यूज़र्स अपने कॉन्टैक्ट्स, मैसेज, फ़ोटो, वीडियो और दूसरे सपोर्टेड कंटेंट को अपने नए Galaxy डिवाइस पर ला सकते हैं।</p>



<p>यह प्रोसेस Galaxy Z Fold8 पर अपग्रेड करते समय खास तौर पर फ़ायदेमंद हो सकता है क्योंकि यूज़र्स उस कंटेंट के साथ इसके फ़ोल्ड होने वाले अनुभव को आज़माना शुरू कर सकते हैं जिस पर वे पहले से निर्भर हैं।</p>



<p>iOS से Galaxy पर स्विच करना<br>Smart Switch उन यूज़र्स की भी मदद कर सकता है जो iOS से Galaxy पर जा रहे हैं।</p>



<p>iOS डिवाइस से Galaxy पर कॉन्टैक्ट्स, टेक्स्ट और मीडिया फ़ाइलें ट्रांसफर की जा सकती हैं। कुछ iOS ऐप्स सीधे ट्रांसफर नहीं हो सकते हैं, लेकिन Smart Switch नए Galaxy डिवाइस के लिए मिलते-जुलते ऐप्स का सुझाव दे सकता है, जिससे यूज़र्स को Galaxy पर भी अपना जाना-पहचाना स्मार्टफ़ोन अनुभव मिल सके।</p>



<p>इससे Smart Switch न केवल Galaxy-से-Galaxy अपग्रेड के लिए, बल्कि दूसरे स्मार्टफ़ोन प्लेटफ़ॉर्म से Galaxy पर जाने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी हो जाता है।</p>



<p>क्या Samsung Smart Switch पुराने फ़ोन से डेटा डिलीट करता है?<br>नहीं। Smart Switch पिछले डिवाइस से कंटेंट डिलीट नहीं करता है।</p>



<p>ट्रांसफर पूरा होने के बाद, डेटा ओरिजिनल फ़ोन और नए Galaxy डिवाइस दोनों पर रहता है। इसका मतलब है कि यूज़र्स बिना इस चिंता के Galaxy Z Fold8 पर जा सकते हैं कि उनका मौजूदा कंटेंट पुराने स्मार्टफ़ोन से गायब हो जाएगा।</p>



<p>Galaxy Z Fold8 के साथ शुरुआत करने का आसान तरीका<br>जो कोई भी सोच रहा है कि Galaxy Z Fold8 पर कैसे स्विच किया जाए, उनके लिए Smart Switch शुरुआती सेटअप की ज़्यादातर मेहनत को कम कर देता है। अलग-अलग फ़ाइलों को मैन्युअल रूप से ले जाने के बजाय, यूज़र्स अपने डिवाइस कनेक्ट कर सकते हैं, जो डेटा वे ट्रांसफर करना चाहते हैं उसे चुन सकते हैं और स्मार्ट स्विच को ट्रांसफर का काम करने दे सकते हैं।</p>



<p>इसका नतीजा यह होता है कि मौजूदा स्मार्टफ़ोन से Galaxy Z Fold8 पर जाना आसान हो जाता है — जिससे यूज़र्स अपना नया डिवाइस सेट अप करने में कम समय बिताते हैं और नए Galaxy फ़ोल्डेबल की खूबियों का अनुभव करने में ज़्यादा समय लगा पाते हैं।</p>



<p>चाहे आप किसी दूसरे Galaxy स्मार्टफ़ोन से स्विच कर रहे हों या iPhone से, स्मार्ट स्विच की मदद से Galaxy पर स्विच करना ऐसा लगता है जैसे आप सब कुछ अपने साथ ले जा रहे हों, न कि सब कुछ नए सिरे से शुरू कर रहे हों।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
			</channel>
</rss>