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		<title>Business &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सिरकाली से थेनी तक: Samsung DOST के साथ तमिलनाडु के युवा अपने पहले कदम से बड़े सपनों की ओर बढ़ रहे हैं]]></title>
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				<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 16:54:58 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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									<description><![CDATA[सिरकाली के बेनाडिक्ट एंट्रूस ने डिप्लोमा पूरा किया है। अब वह अपनी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे बचा रहे हैं और भविष्य में सेफ्टी इंजीनियर बनने के अपने सपने की ओर बढ़ रहे हैं। थेनी के मरीश्वरन पी. के लिए नौकरी का पहला अनुभव अपने परिवार का सहारा बनने का जरिया है। वहीं, डिंडीगुल […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/13165257/file_00000000c22481fa91b9d0d3ae6a0d7a-1791890267640000000-1000x563.png" alt="" class="wp-image-10855" /><figcaption class="wp-element-caption">Samsung DOST Sales: युवाओं को रिटेल क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करने की Samsung की इस प्रमुख पहल के जरिए उन्हें सीखने, काम करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है</figcaption></figure>



<p>सिरकाली के बेनाडिक्ट एंट्रूस ने डिप्लोमा पूरा किया है। अब वह अपनी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे बचा रहे हैं और भविष्य में सेफ्टी इंजीनियर बनने के अपने सपने की ओर बढ़ रहे हैं। थेनी के मरीश्वरन पी. के लिए नौकरी का पहला अनुभव अपने परिवार का सहारा बनने का जरिया है। वहीं, डिंडीगुल के कवियारासन बी. अपने भविष्य के कारोबार की तैयारी में जुटे हैं और काम करते हुए व्यापार की बारीकियां सीख रहे हैं।</p>



<p>इन युवाओं के सपने अलग-अलग हैं, लेकिन उनकी मंजिल की ओर बढ़ने का एक रास्ता साझा है—Samsung DOST Sales। युवाओं को रिटेल क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करने की Samsung की इस प्रमुख पहल के जरिए उन्हें सीखने, काम करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है।</p>



<p>Samsung DOST का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में डिजिटल माध्यमों से सीखने के साथ-साथ वास्तविक रिटेल स्टोर में काम करने का अनुभव भी मिलता है। यहां युवा ग्राहकों से बातचीत करना, उनकी जरूरतों को समझना, उत्पादों की जानकारी देना और कामकाज की बारीकियां सीखते हैं। ये ऐसे हुनर हैं, जो उन्हें नौकरी में आगे बढ़ने के साथ-साथ जीवन में अपने बड़े सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास भी देते हैं।</p>



<p>11 अक्टूबर तक तमिलनाडु में Samsung DOST के तहत 450 से अधिक युवाओं को काम से जोड़ा जा चुका था। वर्ष 2026 में इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में 13,000 युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक देशभर में कुल 9,349 युवाओं को काम से जोड़ा जा चुका है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बेनाडिक्ट एंट्रूस: पढ़ाई से करियर तक का सफर</h2>



<p>सिरकाली के बेनाडिक्ट के लिए Samsung DOST उनके मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा और सेफ्टी इंजीनियर बनने के लंबे सफर के बीच एक अहम कड़ी बन रहा है। काम के साथ उन्हें पेशेवर दुनिया को करीब से समझने का मौका मिल रहा है। साथ ही, मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें परिवार की मदद करने और आगे की पढ़ाई के लिए बचत करने में सहारा देती है।</p>



<p>“DOST मुझे पढ़ाई से आगे बढ़कर पेशेवर दुनिया को समझने में मदद कर रहा है। यहां जो अनुभव मिल रहा है, वह मेरे लिए बहुत कीमती है। साथ ही, मिलने वाली आर्थिक सहायता से मैं अपने परिवार की मदद कर पा रहा हूं और अपने भविष्य के सपनों की दिशा में भी आगे बढ़ रहा हूं,” बेनाडिक्ट एंट्रूस ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कवियारासन बी: नौकरी से सीखकर अपना कारोबार शुरू करने का सपना</h2>



<p>डिंडीगुल के कवियारासन का सपना सब्जियों, फलों और मेवों के निर्यात का अपना कारोबार शुरू करना है। वह जानते हैं कि कारोबार खड़ा करने के लिए केवल एक अच्छा विचार ही काफी नहीं होता, बल्कि ग्राहकों को समझना और व्यापार की बारीकियां सीखना भी जरूरी है। Samsung DOST के जरिए वह इन्हीं बातों को करीब से समझ रहे हैं, ताकि आज का अनुभव कल उनके अपने कारोबार की नींव बन सके।</p>



<p>“मेरा सपना सब्जियों, फलों और मेवों के निर्यात का अपना कारोबार शुरू करना है। Samsung DOST के जरिए मैं सीख रहा हूं कि कारोबार कैसे चलता है और ग्राहकों की जरूरतों को कैसे समझा जाता है। मैं पहले रिटेल क्षेत्र में अनुभव हासिल करना चाहता हूं, ताकि आज सीखी गई बात</p>



<p><br>ताकि आज सीखी गई बातें भविष्य में अपना कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में मेरे काम आएं,” कवियारासन बी. ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मरीश्वरन पी: परिवार की खुशियों में अपना भविष्य तलाशते एक युवा</h2>



<p>थेनी के मरीश्वरन के लिए यह अवसर सिर्फ पहली नौकरी पाने तक सीमित नहीं है। उनके लिए इसका मतलब है अपने पिता का सहारा बनना, अपनी बहन का भविष्य सुरक्षित करने में मदद करना और अपने परिवार को बेहतर जीवन देना। उनके लिए काम का हर दिन अपने इन सपनों के थोड़ा और करीब पहुंचने का एक नया कदम है।</p>



<p>“Samsung DOST के साथ उठाया गया हर कदम मुझे अपने सपने के करीब ले जाता है। मैं अपने पिता का सहारा बनना चाहता हूं, अपनी बहन का भविष्य सुरक्षित करना चाहता हूं और अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी देना चाहता हूं,” मरीश्वरन पी. ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">यास्मिन एस: झिझक से आत्मविश्वास तक का सफर</h2>



<p>इंटरनेशनल बिजनेस में बी.कॉम. की पढ़ाई पूरी करने के बाद यास्मिन एस. Samsung DOST से जुड़ीं। शुरुआत में उन्हें ग्राहकों से बात करने में झिझक होती थी। लेकिन रोजाना ग्राहकों से बातचीत करने और उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक उत्पादों की जानकारी देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इस अनुभव के दौरान वह Samsung के 10 से अधिक मोबाइल फोन की बिक्री पूरी करने में भी योगदान दे चुकी हैं।</p>



<p>“जब मैंने यह सफर शुरू किया था, तब लोगों से बात करने में मुझे झिझक होती थी। आज मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। हर ग्राहक से बातचीत और हर बिक्री मुझे आगे बढ़ने, कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है,” यास्मिन एस. ने कहा।</p>



<p>तमिलनाडु के इन युवाओं की कहानियां बताती हैं कि सही अवसर, व्यावहारिक प्रशिक्षण और समय पर मिलने वाला सहयोग किसी युवा के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। किसी के लिए यह आगे की पढ़ाई का रास्ता है, किसी के लिए परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का सहारा, तो किसी के लिए अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी।</p>



<p>हर बड़े सपने की शुरुआत अक्सर एक छोटे कदम से होती है। Samsung DOST के जरिए ये युवा अपनी पहली नौकरी को सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। आज वे काम के साथ सीख रहे हैं, जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और अपने सपनों को आकार दे रहे हैं, ताकि आने वाले कल में वे न सिर्फ अपने लिए, बल्कि अपने परिवार के लिए भी नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकें।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[फ़ैक्ट्री गेट्स के पार: सैमसंग का चेन्नई प्लांट श्रीपेरंबदूर में छोटे व्यवसायों के लिए कैसे अवसर पैदा कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%88</link>
				<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 10:40:25 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
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									<description><![CDATA[एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर श्रीपेरंबदूर का विकास सिर्फ़ फ़ैक्ट्री के अंदर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी कई मौके पैदा कर रहा है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आस-पास बढ़ती वर्कफ़ोर्स, रिहायशी इलाकों और रोज़मर्रा की चीज़ों व सेवाओं की मांग से स्थानीय छोटे कारोबारियों को फ़ायदा हो रहा है। चाय की दुकानों, किराने […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/21103221/WEBKV-1000x563.jpg" alt="" class="wp-image-10635" /><figcaption class="wp-element-caption">तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में कारोबारियों का कहना है कि शहर के बढ़ने के साथ-साथ उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हुई है।</figcaption></figure></div>


<p>एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर श्रीपेरंबदूर का विकास सिर्फ़ फ़ैक्ट्री के अंदर ही नहीं, बल्कि उसके बाहर भी कई मौके पैदा कर रहा है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आस-पास बढ़ती वर्कफ़ोर्स, रिहायशी इलाकों और रोज़मर्रा की चीज़ों व सेवाओं की मांग से स्थानीय छोटे कारोबारियों को फ़ायदा हो रहा है।</p>



<p>चाय की दुकानों, किराने और हार्डवेयर की दुकानों से लेकर पीने का पानी सप्लाई करने वालों, मैकेनिक और लोकल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों तक, श्रीपेरंबदूर के सभी कारोबारियों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ-साथ उनके कारोबार में भी बढ़ोतरी हुई है। सैमसंग के चेन्नई प्लांट समेत कई बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की मौजूदगी एक बड़े इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम का हिस्सा रही है, जिससे इस इलाके में ज़्यादा नौकरियां, लोग और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।</p>



<p>सैमसंग ने 2007 में श्रीपेरंबदूर में अपना चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया था। तब से लेकर अब तक इस इलाके में फ़ैक्ट्रियां, घर और सहायक सेवाएं बढ़ी हैं, जिससे मज़दूरों और परिवारों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने वाले कारोबारों के लिए ग्राहकों का एक बड़ा आधार तैयार हुआ है।</p>



<p>लंबे समय से यहां कारोबार कर रहे लोगों के लिए यह बदलाव उनके अपने कारोबार में साफ़ दिखता है।</p>



<p>राजन, जो लगभग तीन दशकों से श्रीपेरंबदूर में चाय की दुकान चला रहे हैं, उन्हें यह शहर पहले कुछ अलग ही रूप में याद है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125437/Tea-Vendor-NR-1000x752.jpg" alt="" class="wp-image-32998" /><figcaption class="wp-element-caption">राजन: “जब मैंने शुरुआत की थी, तब ग्राहकों की संख्या कम थी और आस-पास का इलाका बहुत कम विकसित था।”</figcaption></figure></div>


<p>“जब मैंने शुरुआत की थी, तब ग्राहकों की संख्या कम थी और आस-पास का इलाका बहुत कम विकसित था। आज छोटे घरों की जगह फ़्लैट्स ने ले ली है, कई नई कंपनियां और एजेंसियां ​​आ गई हैं, और अब इस इलाके में बहुत ज़्यादा आबादी रहती और काम करती है,” राजन ने कहा।</p>



<p>इलाके के साथ-साथ उनकी दुकान का भी विस्तार हुआ है, और ग्राहकों की लगातार आवाजाही उनके आस-पास हो रहे बड़े बदलाव को दर्शाती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एक बढ़ता हुआ इंडस्ट्रियल हब, एक बढ़ती हुई लोकल इकॉनमी</h2>



<p>रोज़मर्रा की घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने वाले कारोबारों में भी यही बदलाव देखा जा सकता है।</p>



<p>सतीश कुमार, जो इलेक्ट्रिकल और हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं, ने देखा है कि जैसे-जैसे ज़्यादा परिवार और मज़दूर इस इलाके में बसे हैं, मांग भी बढ़ी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125425/Elec-NR-1000x563.png" alt="" class="wp-image-32994" /><figcaption class="wp-element-caption">सतीश कुमार: “मैं रोज़मर्रा के हार्डवेयर प्रोडक्ट और सामान बेचता हूं। आस-पास नए कंस्ट्रक्शन की वजह से आस-पास के परिवारों को हमेशा ज़रूरत पड़ती रहती है, इसलिए मेरा कारोबार अच्छा चल रहा है।”</figcaption></figure></div>


<p>“जैसे-जैसे ज़्यादा लोग यहां बसते गए, रोज़मर्रा के सामान की मांग भी बढ़ती गई,” उन्होंने कहा।</p>



<p>संतोष के लिए, इस बदलाव ने उनके किराने के कारोबार के पैमाने को बदल दिया है। जो दुकान कभी सिर्फ़ आस-पड़ोस के लोगों के लिए थी, वह अब आस-पास की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों समेत एक बड़े समुदाय की ज़रूरतें पूरी करती है। जैसे-जैसे मांग बढ़ी, उन्होंने अपना सामान बढ़ाया और डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की।</p>



<p>उन्होंने कहा, “जो दुकान कभी आस-पड़ोस की एक छोटी सी दुकान थी, वह अब एक बड़े समुदाय की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गई है।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125435/Shop-NR-1000x667.jpg" alt="" class="wp-image-32997" /><figcaption class="wp-element-caption">संतोष: “चूंकि आस-पास कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियाँ हैं, इसलिए वहाँ काम करने वाले लोग और उनके परिवार भी घर का सामान खरीदने के लिए दुकान पर आने लगे।”</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">नई ज़रूरतें, नए मौके</h2>



<p>किसी इंडस्ट्रियल हब के आस-पास होने वाली आर्थिक गतिविधियाँ सिर्फ़ रिटेल तक ही सीमित नहीं रहतीं।</p>



<p>ज़्यादा लोगों का मतलब है – घर, पीने का पानी, खाना पकाने की गैस, ट्रांसपोर्ट, गाड़ी की मरम्मत और दूसरी ज़रूरी सेवाओं की ज़्यादा मांग। श्रीपेरंबदूर में, स्थानीय उद्यमियों ने इन रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है।</p>



<p>मस्तान, जो पीने का पानी सप्लाई करने का काम करते हैं, ने देखा है कि जैसे-जैसे रिहायशी इलाके बढ़े हैं, मांग भी बढ़ी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125440/Water-Vendor-NR-1000x637.jpg" alt="" class="wp-image-32999" /><figcaption class="wp-element-caption">मस्तान: “मैं इस इलाके के लोगों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने और बड़ी मात्रा में पानी की सप्लाई करने में सक्षम होकर बहुत खुश हूँ।”</figcaption></figure></div>


<p>उन्होंने कहा, “कंपनियों और इंडस्ट्रियल यूनिट्स के कारण इलाके में और ज़्यादा रिहायशी बस्तियाँ बन रही हैं, इसलिए बड़ी मात्रा में पानी की सप्लाई करना मेरे बिज़नेस का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा बन गया है।”</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125429/gas-blur-1000x667.png" alt="" class="wp-image-32995" /><figcaption class="wp-element-caption">प्रेम कुमार: “जैसे-जैसे सालों में शहर का विकास हुआ, ग्राहकों की संख्या में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई।”</figcaption></figure>



<p>प्रेम कुमार के जैसी लोकल LPG डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियाँ और डिलीवरी सर्विस भी घरों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ बढ़ी हैं। इलाके में आर्थिक और आने-जाने की गतिविधियाँ बढ़ने के कारण ऑटोमोबाइल रिपेयर स्टेशन, जिनमें बाबू की वर्कशॉप भी शामिल है, ज़्यादा गाड़ियों की सर्विस कर रहे हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125432/Mechanic-NR-1000x562.png" alt="" class="wp-image-32996" /><figcaption class="wp-element-caption">बाबू: “इलाके में आने-जाने की गतिविधियाँ बढ़ने से मेरी आमदनी भी बढ़ी है।”</figcaption></figure></div>


<p>श्रीपेरंबदूर के बढ़ते लोकल इकोसिस्टम में ट्रांसपोर्टेशन भी एक अहम हिस्सा बन गया है।</p>



<p>गोविंदाराज, जो लंबे समय से यहाँ रह रहे हैं और बस सर्विस चलाते हैं, ने शहर में आने-जाने की बदलती ज़रूरतों को खुद देखा है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “आज मेरी बस स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर जाने वाले लोगों को ले जाती है। इलाके में विकास के कारण ट्रांसपोर्टेशन की ज़रूरत बढ़ी है, जिससे घर, काम की जगहें और समुदाय आपस में जुड़ रहे हैं।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18125420/Bus-NR.jpg" alt="" class="wp-image-32993" /><figcaption class="wp-element-caption">गोविंदाराज: “मैं यहाँ परिवारों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अपनी बस चलाता हूँ और मुझे इस बात की बहुत खुशी है।”</figcaption></figure></div>


<p>ऑटो-रिक्शा ड्राइवर मणिकंदन ने भी कुछ ऐसा ही बदलाव देखा है; ज़्यादा इंडस्ट्रियल और कमर्शियल गतिविधियों के कारण श्रीपेरंबदूर में ज़्यादा यात्री और ज़्यादा आवाजाही हो रही है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/18153532/file_00000000321c81f5b467fa75a-1789724242629-1000x675.png" alt="" class="wp-image-33014" /><figcaption class="wp-element-caption">मणिकंदन: “मैं 15 साल से ज़्यादा समय से ऑटो चला रहा हूँ और मैंने इस शहर को अपनी आँखों के सामने बढ़ते हुए देखा है।”</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading"><strong>फ़ैक्ट्री गेट के बाहर</strong></h2>



<p>इन उद्यमियों के अनुभव बताते हैं कि मैन्युफ़ैक्चरिंग का असर काम की जगह से आगे भी कैसे फैल सकता है। एक बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट अपने कामकाज के दौरान रोज़गार पैदा करती है, जबकि उसके आस-पास के लोग और आर्थिक गतिविधियाँ लोकल बिज़नेस के एक बड़े नेटवर्क के लिए भी माँग पैदा कर सकती हैं।</p>



<p>श्रीपेरंबदूर में यह नेटवर्क हर दिन देखा जा सकता है।</p>



<p>यह सुबह कामगारों को चाय पिलाने वाली चाय की दुकान है। पास के घरों में ज़रूरी सामान पहुँचाने वाली किराने की दुकान है। गाड़ियों की मरम्मत करने वाला मैकेनिक है। लोगों को काम की जगहों और स्कूलों से जोड़ने वाले ऑटो-रिक्शा और बस ड्राइवर हैं। और पानी, LPG, बिजली का सामान और घरेलू उत्पाद सप्लाई करने वाले उद्यमी हैं।</p>



<p>ये सभी मिलकर उस बड़े समुदाय का हिस्सा हैं जो श्रीपेरंबदूर के इंडस्ट्रियल विकास के साथ-साथ बढ़ा है। जो उद्यमी दशकों से यहाँ रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव सिर्फ़ फ़ैक्टरियों, इमारतों या बुनियादी ढाँचे तक ही सीमित नहीं है। यह बदलाव उनके यहाँ आने वाले ग्राहकों, जिन समुदायों की वे सेवा करते हैं और जो कारोबार उन्होंने इतने सालों में खड़े किए हैं, उनमें भी साफ़ दिखता है।</p>



<p>श्रीपेरंबदूर में सैमसंग के मैन्युफ़ैक्चरिंग शुरू करने के लगभग दो दशक बाद, उसका चेन्नई प्लांट अब एक बहुत बड़े इंडस्ट्रियल और कम्युनिटी इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है।</p>



<p>फ़ैक्टरी के दरवाज़ों के बाहर, स्थानीय उद्यमी तेज़ी से बढ़ते श्रीपेरंबदूर की रोज़मर्रा की ज़रूरतों के आधार पर अपना रोज़गार बना रहे हैं—यह दिखाता है कि कैसे मैन्युफ़ैक्चरिंग का विस्तार ऐसे अवसर पैदा कर सकता है जिनका असर आस-पास के समुदायों पर भी पड़ता है।</p>
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