<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><?xml-stylesheet title="XSL_formatting" type="text/xsl" href="https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss.xsl"?><rss version="2.0"
     xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
     xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
     xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
     xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
     xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
     xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	 xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"
	>
	<channel>
		<title>Deafblind &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
		<atom:link href="https://news.samsung.com/bharat/tag/deafblind/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
		<link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        <image>
            <url>https://img.global.news.samsung.com/image/newlogo/logo_samsung-newsroom.png</url>
            <title>Deafblind &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
            <link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        </image>
        <currentYear>2019</currentYear>
        <cssFile>https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss_xsl.css</cssFile>
		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
		<lastBuildDate>Thu, 02 Jul 2026 15:46:35 +0000</lastBuildDate>
		<language>en-US</language>
		<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
		<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग गुड वाइब्‍स और रेलूमिनो के जरिये डेफब्लाइंड और कम दृष्टि लोगों वालों को दे रहा है नया जीवन]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a1-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2</link>
				<pubDate>Mon, 09 Sep 2019 13:29:03 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/09/feature-704x334.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Deafblind]]></category>
		<category><![CDATA[Good Vibes]]></category>
		<category><![CDATA[Relúmĭno]]></category>
		<category><![CDATA[samsung]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Good Vibes]]></category>
		<category><![CDATA[Usher Syndrome]]></category>
		<category><![CDATA[गुड वाइब्स]]></category>
                <guid isPermaLink="false">http://bit.ly/2HUGuSv</guid>
									<description><![CDATA[गुड वाइब्‍स बधिर व्‍यक्तियों को अपने देखभाल करने वालों, परिवार और दोस्‍तों के साथ बातचीत के लिए सक्षम बनाता है, ज‍बकि रेलूमिनो कम दृष्टि वाले लोगों के लिए एक सहायक एप्‍लीकेशन है भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद उपभोक्‍ता इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं स्‍मार्टफोन ब्रांड सैमसंग ने दो अनूठे समाधान -गुड वाइब्‍स और रेलूमिनो- को पेश […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><em>गुड वाइब्‍स बधिर व्‍यक्तियों को अपने देखभाल करने वालों</em><em>,</em><em> परिवार और दोस्‍तों के साथ बातचीत के लिए सक्षम बनाता है</em><em>,</em><em> ज‍बकि रेलूमिनो कम दृष्टि वाले लोगों के लिए एक सहायक एप्‍लीकेशन है</em></p>
<p>भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद उपभोक्‍ता इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं स्‍मार्टफोन ब्रांड सैमसंग ने दो अनूठे समाधान -गुड वाइब्‍स और रेलूमिनो- को पेश किया है, जो उन लोगों को एक मजबूत संचार टूल उपलब्‍ध कराएगा जो बधिर (बहरे) हैं और कम दृष्टि वालों को बेहतर दृश्‍य अनुभव के लिए सक्षम बनाएगा।</p>
<p>भारत में विकसित गुड वाइब्‍स बधिरों को अपने देखभाल करने वालों और प्रियजनों के साथ अपने स्‍मार्टफोन का उपयोग करते हुए टू-वे संचार में सक्षम बनाता है। गुड वाइब्‍स एप वाइब्रेशन को टेक्‍स्‍ट में और टेक्‍स्‍ट को वाइब्रेशन में बदलने के लिए मोर्स कोड का उपयोग करता है। एप में दो विभिन्‍न यूजर इंटरफेस (यूआई) हैं। पहले इंटरफेस में बधिरों के लिए एक इनविजीबल यूआई है, जो वाइब्रेशन, टैप्‍स और इशारों का उपयोग करता है, जबकि दूसरे इंटरफेस में एक विजीबल यूआई है, जो देखभाल करने वालों के लिए एक स्‍टैंडर्ड चैट इंटरफेस है। बधिर इंटरफेस के साथ, बधिर व्‍यक्ति अपने संदेश को भेजने के लिए डॉट्स और डैशेज के संयोजन का उपयोग करते हैं। स्‍टैंडर्ड इंटरफेस बधिर लोगों को संदेश भेजने के लिए यूजर्स को टाइप या आवाज का उपयोग करने की अनुमति देता है। टेक्‍स्‍ट या वॉयस को मोर्स कोड में एक वाइब्रेशन के रूप में प्राप्‍त किया जाता है, जिसकी बधिर आसानी से व्‍याख्‍या कर सकता है।</p>
<p>रेलूमिनो, जिसे कंपनी के वैश्विक सी-लैब कार्यक्रम के हिस्‍से के रूप में सैमसंग कर्मचारियों द्वारा विकसित किया गया है, कम दृष्टि वाले लोगों के लिए एक दृष्टि सहायक एप्‍लीकेशन है। यह तस्‍वीरों को बड़ा और छोटा कर, तस्‍वीर की आउटलाइन को हाईलाइट कर, कलर कन्‍ट्रास्‍ट और ब्राइटनेस को एडजस्‍ट कर और कलर को रिवर्सिंग करने के जरिये उन्‍हें तस्‍वीरों को साफ तरीके से देखने में सक्षम बनाता है। रेलूमिनो के बारे में और अधिक जानकारी के लिए <span><a href="https://www.samsungrelumino.com/">https://www.samsungrelumino.com</a></span> पर लॉग ऑन करें।</p>
<p>गुड वाइब्स ऐप सैमसंग गैलेक्सी स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है और जल्द ही अन्य सभी एंड्रॉइड स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>अपने नागरिक अभियान के हिस्‍से के रूप में, सैमसंग ने देश में बधिरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित गैर-लाभकारी संगठन सेंस इंडिया के साथ गठजोड़ किया है, जो गुड वाइब्‍स को पूरे देश में बधिरों तक लेकर जाएगा। सैमसंग ने अब तक दिल्‍ली और बेंगलुरु में सेंस इंडिया प्रशिक्षकों, बधिर व्‍यक्तियों, उनकी देखभाल करने वालों के लिए प्रशिक्षण वर्कशॉप का आयोजन कर चुकी है। अब यह गैर-लाभकारी संगठन को गुड वाइब्‍स इंस्‍टॉलेशन के साथ सैमसंग गैलेक्‍सी ए20 स्‍मार्टफोन उपलब्‍ध करवा रही है, जो इन्‍हें बधिरों और उनकी देखभाल करने वालों को वितरित करेगा।</p>
<p>सैमसंग इंडिया ने एक डिजिटल वीडियो लॉन्‍च किया है, जो दिखाता है कि गुड वाइब्‍स कैसे एक बधिर व्‍यक्ति के जीवन में प्रभाव पैदा कर सकती है (https://www.youtube.com/watch?v=9djutxpXaQE)। वीडियो में एक बधिर लड़की को दिखाया गया है, जिसका अपनी मां के साथ एक विशेष जुड़ाव है भले ही वे एक-दूसरे से बात नहीं कर सकती हैं। लेकिन जब उनके बीच दूरी आती है, तब मां अपनी बेटी के साथ बातचीत करने के लिए एक नया रास्‍ता खोजती है।</p>
<div class="youtube_wrap"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/9djutxpXaQE" width="300" height="150" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"><span style="width: 0px;overflow: hidden;line-height: 0" data-mce-type="bookmark" class="mce_SELRES_start"></span></iframe></div>
<p>बधिर और उनकी देखभाल करने वालों के साथ पिछले कुछ महीनों के प्रशिक्षण के बाद एप की बेसिक कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया और उनके फीडबैक के जरिये इसमें सुधार किया गया। इन वर्कशॉप के बाद नोटिफिकेशंस, टेक्‍स्‍ट साइज, वाइब्रेशन की अवधि और अंतराल को बेहतर बनाया गया है।</p>
<p>रेलूमिनो के लिए, सैमसंग ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्‍लाइंड (एनएबी) के साथ साझेदारी की है। कंपनी एनएबी को सैमसंग गियर वीआर और गैलेक्‍सी नोट9 स्‍मार्टफोन उपलब्‍ध कराएगी और इनका उपयोग कैसे करना है इसका प्रशिक्षण भी देगी। एनएबी रेलुमिनो का उपयोग कक्षाओं में करेगी, जहां कम दृष्टि वाले छात्र इन डिवाइसेस का उपयोग कर बेहतर तरीके से देखने में सक्षम होंगे, जो उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मददगार होगा।</p>
<p><strong>सैमसंग इंडियया के कॉरपोरेट उपाध्‍यक्ष</strong><strong>,</strong><strong> पीटर री</strong> ने कहा, <em>“</em><em>सैमसंग सकारात्‍मक बदलाव लाने</em><em>,</em><em> पूरी दुनिया में लोगों की जरूरतों को पूरा करने और उन्‍हें अधिक विकल्‍प</em><em>,</em><em> स्‍वतंत्रा और अधिक संभावनाओं के साथ बेहतर जीवन जीने में मदद के लिए अपने इन्‍नोवेशन और ग्‍लोबल नेटवर्क दोनों का इस्‍तेमाल करता है। हमें खुशी है कि हम गुड वाइब्‍स और रिलूमिनो जैसी टेक्‍नोलॉजी को विकसित करने में सफल हुए हैं</em><em>,</em><em> जो बधिर एवं कम दृष्टि वाले लोगों के जीवन की गुणवत्‍ता को सुधारने</em><em>,</em><em> उन्‍हें दुनिया के बारे में अधिक जागरूक बनाने और समाज के साथ बेहतर ढंग से एकीकृत करने में मदद करेगी।</em><em>”</em></p>
<p><strong>सेंस इंडिया के एडवोकेसी और नेटवर्क्‍स प्रमुख पराग नामदेव</strong> ने कहा<em>,</em> “<em>गुड वाइब्‍स एक ऐसा प्‍लेटफॉर्म बनाने जा रहा है</em>,<em> जहां हमारा समाज स्‍मार्टफोन का उपयोग कर बधिरों के साथ बातचीत करने में सक्षम होगा। सैमसंग का </em><em>भरोसा </em>‘<em>करो वह जो आप नहीं कर सकते</em>’<em> में है और वह यही काम कर रही है। हमें यह देखकर खुशी है कि सैमसंग समाज की मदद करने के लिए अर्थपूर्ण समाधान के निर्माण में अपनी टेक्‍नोलॉजी का भरपूर लाभ उठा रही है। सेंस इंडिया में</em>,<em> हम बधिरों के साथ व्‍यापाक प्रशिक्षण के जरिये उनकी बेहतरी और विकास के लिए काम कर रहे हैं। गुड वाइब्‍स उन्‍हें अपने आसपास बड़ी संख्‍या में लोगों से जुड़ने में मदद करेगा</em>,<em> जो वो ऐसा करने में अभी तक असमर्थ थे।</em>”</p>
<p><strong>गुड वाइब्‍स का प्रशिक्षण लेने वाले बधिर छात्र वकार शेख की मां नरगिस शेख</strong> ने कहा<em>,</em> “<em>यह एप मेरे बेटे वकार के लिए उपयोगी है और अब वह इसका स्‍वतंत्रापूर्वक इस्‍तेमाल कर रहा है। वकार का सपना एक शिक्षक बनना है और यह एप उसे किसी अन्‍य व्‍यक्ति </em><em>(</em><em>उसके छात्रों</em><em>) </em><em>के साथ बातचीत करने और समझने में मदद कर सकता है</em>,<em> जो उसे दैनिक जीवन और सीखने में सहायता करेगा।</em>” कुछ प्रशिक्षण सत्रों में ही वकार गुड वाइब्‍स एप पर मोर्स कोड का उपयोग करते हुए पूरा वाक्‍य लिखने और समझने में समर्थ बन गया है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
			</channel>
</rss>