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		<title>DigiArivu &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[Samsung ने तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में 3,000 छात्रों के लिए प्रैक्टिकल STEM लर्निंग की सुविधा शुरू की और STEM लैब बनाईं]]></title>
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				<pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:56:53 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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									<description><![CDATA[Samsung इंडिया तमिलनाडु में STEM लर्निंग की पहुँच बढ़ा रहा है। अपने ‘डिजीअरिवु’ (DigiArivu) प्रोग्राम के ज़रिए कंपनी कांचीपुरम और रानीपेट के 10 सरकारी स्कूलों के 3,000 छात्रों तक पहुँच रही है। यह पहल राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट के प्रति Samsung की बढ़ती प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। N ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img width="1000" height="380" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/27145555/image-41.png" alt="" class="wp-image-10526" /></figure>



<p>Samsung इंडिया तमिलनाडु में STEM लर्निंग की पहुँच बढ़ा रहा है। अपने ‘डिजीअरिवु’ (DigiArivu) प्रोग्राम के ज़रिए कंपनी कांचीपुरम और रानीपेट के 10 सरकारी स्कूलों के 3,000 छात्रों तक पहुँच रही है। यह पहल राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट के प्रति Samsung की बढ़ती प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है।</p>



<p>N ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UNGCNI) के सहयोग से लागू किया गया ‘डिजीअरिवु’ प्रोग्राम 10 खास STEM लैब्स, प्रैक्टिकल एजुकेशनल इक्विपमेंट, ‘बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड’ (BaLA), बेहतर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर डेवलपमेंट के ज़रिए STEM लर्निंग को मज़बूत कर रहा है। यह CSR प्रोग्राम छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग अनुभवों और क्लासरूम में सीखे गए कॉन्सेप्ट्स को लागू करके STEM विषयों की अपनी समझ को बेहतर बनाने में मदद करता है।</p>



<p>Samsung चेन्नई प्लांट के प्रेसिडेंट, SH Yoon ने कहा, “शिक्षा तब सबसे सार्थक होती है जब वह जिज्ञासा जगाती है और छात्रों को करके सीखने के लिए प्रेरित करती है। DigiArivu के ज़रिए, Samsung तमिलनाडु के स्कूलों के साथ मिलकर सीखने का ऐसा माहौल बना रहा है जहाँ टेक्नोलॉजी, प्रैक्टिकल STEM शिक्षा और शिक्षकों का विकास मिलकर युवा शिक्षार्थियों में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।”</p>



<p>UN ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UNGCNI) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, रत्नेश झा ने कहा, “UN Global Compact Network India ऐसी साझेदारियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो टिकाऊ और समावेशी विकास में योगदान दें और बड़े पैमाने पर सार्थक प्रभाव डालें। DigiArivu के ज़रिए Samsung के साथ हमारा सहयोग, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मज़बूत करने और युवा शिक्षार्थियों के लिए अवसर बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकारी स्कूलों में STEM शिक्षा और डिजिटल लर्निंग लाकर, यह पहल छात्रों को तेज़ी से टेक्नोलॉजी-आधारित होती दुनिया में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी ज्ञान और कौशल से लैस करने में मदद कर रही है।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="301" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/27145605/image-42.png" alt="" class="wp-image-10527" /></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">STEM लर्निंग को असल ज़िंदगी से जोड़ना</h2>



<p>इस प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा तमिलनाडु के कांचीपुरम और रानीपेट ज़िलों के सरकारी स्कूलों में 10 STEM लैब बनाना है। इससे छात्रों को क्लासरूम में सिखाए गए वैज्ञानिक कॉन्सेप्ट्स पर एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलता है। प्रैक्टिकल एक्टिविटीज़ और एक्सपेरिमेंट के ज़रिए, छात्र STEM विषयों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और उनमें जिज्ञासा, समस्या सुलझाने की क्षमता और सीखी हुई चीज़ों को लागू करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।</p>



<p>इस प्रोग्राम में ‘बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड’ (BaLA) को भी शामिल किया गया है, ताकि स्कूल के पूरे माहौल को क्लासरूम का ही एक हिस्सा बनाया जा सके। स्कूल की दीवारों और आम जगहों पर इंटरैक्टिव चीज़ें और म्यूरल (दीवार पर बनी कलाकृतियां) बनाए गए हैं, जो विज्ञान, गणित, सस्टेनेबिलिटी, खेल और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसी प्रेरणादायक हस्तियों से प्रेरित हैं।</p>



<p>कांचीपुरम के मदुरामंगलम सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के हेडमास्टर वी. आनंदकुमार ने कहा, “जब से DigiArivu शुरू हुआ है, हमने देखा है कि छात्र क्लासरूम में ज़्यादा जिज्ञासु और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। STEM लैब और इंटरैक्टिव लर्निंग स्पेस ने उन्हें सवाल पूछने, ज़्यादा सक्रिय रूप से भाग लेने और सीखे गए पाठों को प्रैक्टिकल अनुभवों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।”</p>



<p>छात्रों पर इसका असर हर दिन दिखाई देता है।</p>



<p>कांचीपुरम के मदुरामंगलम सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा एस. लथिका ने कहा, “अब हम STEM लैब में खुद एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं, और हमारे स्कूल के आस-पास बनी ‘लर्निंग वॉल्स’ हमें क्लास में पढ़ी गई बातें याद रखने में मदद करती हैं। इससे सीखना और मज़ेदार हो जाता है और हमें और नई चीज़ें खोजने की प्रेरणा मिलती है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">कांचीपुरम और रानीपेट के सरकारी स्कूलों तक पहुँच</h2>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="729" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/27145630/image-44.png" alt="" class="wp-image-10529" /></figure></div>


<p><br>इस पहल में कांचीपुरम ज़िले के मदुरामंगलम, मोलाचुर, एदयारपक्कम, दमल और तिरुप्पुतकुझी और रानीपेट ज़िले के पनाप्पक्कम, अरकोट, थिमिरी, कलावई और वालाजापेट के सरकारी स्कूल शामिल हैं।</p>



<p>Samsung तमिलनाडु में अपने शिक्षा कार्यक्रमों को और मज़बूत करेगा, क्योंकि ‘DigiArivu’ का दायरा अब दूसरे ज़िलों तक भी बढ़ाया जा रहा है। यह प्रोग्राम गतिविधि-आधारित अनुभव से सीखने (activity-based experiential learning) को बढ़ावा देगा और साथ ही STEM शिक्षा तक पहुँच को भी आसान बनाएगा।</p>



<p>‘DigiArivu’ तमिलनाडु के प्रति Samsung की व्यापक प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है और यह Samsung इनोवेशन कैंपस, Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो और Samsung DOST जैसे कार्यक्रमों को और बेहतर बनाता है। ये सभी कार्यक्रम मिलकर शिक्षा, कौशल विकास और इनोवेशन के अवसर बढ़ा रहे हैं। साथ ही, ये पूरे राज्य में समुदायों के साथ Samsung के लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को भी मज़बूत कर रहे हैं, जिसमें श्रीपेरंबदूर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के आस-पास के समुदाय भी शामिल हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने तमिलनाडु में शुरू किया ‘डिजिअरिवु’, डिजिटल और स्‍टेम (STEM) शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a5%81</link>
				<pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:20:05 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Chennai]]></category>
		<category><![CDATA[DigiArivu]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Anbil Mahesh Poyyamozhi]]></category>
		<category><![CDATA[STEM]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के प्रमुख कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UN GCNI) के सहयोग से तमिलनाडु में डिजिटल और स्‍टेम (STEM) -यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स, शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘डिजिअरिवु – एम्पॉवरिंग स्टूडेंट्स थ्रू टेक’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कांचीपुरम और रणिपेट […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9197 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Chennai-Final.jpg" alt="" width="3560" height="2072" /></p>
<p>भारत के प्रमुख कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UN GCNI) के सहयोग से तमिलनाडु में डिजिटल और स्‍टेम (STEM) -यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स, शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘डिजिअरिवु – एम्पॉवरिंग स्टूडेंट्स थ्रू टेक’ कार्यक्रम की शुरुआत की है।</p>
<p>कार्यक्रम के प्रथम चरण में कांचीपुरम और रणिपेट ज़िलों के 10 सरकारी स्कूलों के 3,000 से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। इस पहल के अंतर्गत सैमसंग स्कूलों की आधारभूत संरचना को उन्नत करेगा, डिजिटल तथा स्‍टेम-आधारित सीखने का माहौल विकसित करेगा, शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देगा। ‘डिजिअरिवु’ का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 ज़िलों में शिक्षा के संपूर्ण इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है।</p>
<p>यह कार्यक्रम राज्य में वास्तविक ज़मीनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके लिए यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया द्वारा सरकारी स्कूलों पर किए गए अध्ययन, सैमसंग के श्रीपेरंबुदूर विनिर्माण संयंत्र के कर्मचारियों के सुझाव और स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया को आधार बनाया गया है, ताकि हस्तक्षेप सीधे तौर पर छात्रों और स्कूलों की प्राथमिक आवश्यकताओं को संबोधित कर सके।</p>
<p>कार्यक्रम का फोकस स्कूलों के सीखने के वातावरण को बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BaLA) अवधारणा के माध्यम से उन्नत करने और छात्रों को डिजिटल लर्निंग उपकरण उपलब्ध कराने पर है। इसके अंतर्गत स्‍टेम विषयों पर गतिविधि-आधारित शिक्षण, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र, तथा विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता शामिल है।</p>
<p>सैमसंग खेल-किट प्रदान करेगा और स्कूलों में तमिल, अंग्रेज़ी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों वाली लाइब्रेरियां स्थापित करेगा। इसके साथ ही, कक्षा 12 के छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन सत्र, शिक्षा विशेषज्ञों के व्याख्यान और स्वास्थ्य जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>स्कूलों में समुदाय के साथ मिलकर महत्वपूर्ण दिनों और विशेष आयोजनों को मनाना भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिससे छात्रों में सामाजिक सहभागिता की भावना और मजबूत होगी।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ कोट्टूरपुरम स्थित अन्ना सेंचुरी लाइब्रेरी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तमिलनाडु सरकार के माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री थिरू (श्री) डॉ. अन्बिल महेश पोय्यामोझी तथा कांचीपुरम और रणिपेट ज़िलों के जिला कलेक्टर उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने राज्य सरकार की स्‍टेम शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।</p>
<p><strong>सैमसंग चेन्नई प्लांट के प्रबंध निदेशक एस.एच. यून</strong> ने कहा, “सैमसंग का मानना है कि तकनीक तभी वास्तव में प्रभावी बनती है, जब वह युवाओं के लिए अधिक पहुंच, अधिक अवसर और अधिक आत्मविश्वास का मार्ग तैयार करे। ‘डिजिअरिवु’ के माध्यम से हम तमिलनाडु के विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा डिजिटल-सक्षम शिक्षण वातावरण बना रहे हैं, जो उन्हें भविष्य-उन्मुख कौशल विकसित करने, उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने और भारत की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में सार्थक भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा।</p>
<p>हमारा उद्देश्य केवल तकनीक उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को सशक्त बनाना, समुदायों को मजबूत बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा—अपनी किसी भी पृष्ठभूमि के बावजूद—गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सके। ‘डिजिअरिवु’ हमारे ‘पावरिंग डिजिटल इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाने और भारत के भविष्य के टैलेंट को तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”</p>
<p><strong>रत्नेश झा</strong><strong>, </strong><strong>कार्यकारी निदेशक</strong><strong>, </strong><strong>यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (</strong><strong>UN GCNI)</strong> ने कहा, “‘डिजिअरिवु’ इस बात की उत्कृष्ट मिसाल है कि जब उद्योग और समाज किसी साझा उद्देश्य के साथ एकजुट होते हैं, तो कितना प्रभावी और स्थायी बदलाव संभव होता है। UN GCNI में हमें सैमसंग के साथ मिलकर तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए स्‍टेम शिक्षा और डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर गर्व है। यह पहल वास्तव में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की भावना को आगे बढ़ाती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के डिजिटल भविष्य में कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।”</p>
<p>‘डिजिअरिवु’ के अतिरिक्त, सैमसंग तमिलनाडु में युवाओं के कौशल विकास को अपने सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) कार्यक्रम के माध्यम से भी लगातार मजबूत कर रहा है। इस वर्ष एसआईसी के अंतर्गत राज्यभर में 5,000 से अधिक छात्रों को भविष्य की मांग वाले तकनीकी क्षेत्रों—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग—में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p>यह कार्यक्रम अग्रणी प्रशिक्षण एवं स्किलिंग संस्थानों के सहयोग से लागू किया जा रहा है, ताकि तमिलनाडु के छात्र उद्योग-प्रासंगिक तकनीकी कौशल हासिल कर सकें और अपनी रोज़गार क्षमता को और अधिक बढ़ा सकें। इसके माध्यम से सैमसंग राज्य के युवाओं को तेजी से विकसित हो रही फ्यूचर-टेक अर्थव्यवस्था में करियर बनाने के लिए तैयार कर रहा है, जिससे वे बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें।</p>
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