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		<title>Himachal Pradesh &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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				<title>Samsung Solve for Tomorrow ने डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए हिमाचल प्रदेश के छात्रों में इनोवेशन को बढ़ावा दिया</title>
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				<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:13:46 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[SOlan]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में, इनोवेशन अक्सर ऐसी चुनौतियों से शुरू होता है जो शायद ही कभी सुर्खियों में आती हैं। कुछ समुदायों के लिए, यह हेल्थकेयर तक]]></description>
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<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में, इनोवेशन अक्सर ऐसी चुनौतियों से शुरू होता है जो शायद ही कभी सुर्खियों में आती हैं। कुछ समुदायों के लिए, यह हेल्थकेयर तक पहुँच का मुद्दा है। दूसरों के लिए, यह दिव्यांग लोगों के लिए सहायक तकनीकों की कमी, सीमित शैक्षिक संसाधन या मुश्किल इलाकों के कारण रोज़मर्रा की बाधाएँ हो सकती हैं। तेज़ी से, ये स्थानीय चुनौतियाँ युवा इनोवेटर्स की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शूलिनी यूनिवर्सिटी में Samsung Solve for Tomorrow के तहत आयोजित डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में, पूरे हिमाचल प्रदेश से 300 से ज़्यादा छात्र यह सीखने के लिए इकट्ठा हुए कि कैसे सिर्फ़ टेक्नोलॉजी बनाने के बजाय समुदाय की वास्तविक ज़रूरतों को समझकर इनोवेशन किया जा सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह वर्कशॉप Samsung Solve for Tomorrow 2026 का हिस्सा है, जो Samsung India का प्रमुख इनोवेशन प्रोग्राम है। यह प्रोग्राम 14-22 साल के युवाओं को AI, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों का समाधान करने वाले टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेशन के दौरान, छात्रों को Samsung के ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन थिंकिंग फ्रेमवर्क से परिचित कराया गया। यह फ्रेमवर्क प्रतिभागियों को यूज़र्स की ज़रूरतों को समझने, समस्याओं के मूल कारणों की पहचान करने, विचार उत्पन्न करने, प्रोटोटाइप बनाने और समाधानों का परीक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह तरीका उन छात्रों को बहुत पसंद आया जिन्होंने अपने समुदायों को प्रभावित करने वाली चुनौतियों का समाधान करने के अवसर देखे। तीसरे वर्ष के छात्र रंदेश गुप्ता ने कहा कि वर्कशॉप ने उन्हें दिव्यांग लोगों द्वारा सामना की जाने वाली एक्सेसिबिलिटी की समस्याओं के बारे में गहराई से सोचने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, &#8220;इससे मुझे एहसास हुआ कि कई चुनौतियाँ तब तक अदृश्य रहती हैं जब तक हम उन लोगों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ते नहीं हैं जो उनका सामना कर रहे हैं। वर्कशॉप ने मुझे यह सोचने में मदद की कि टेक्नोलॉजी का उपयोग ऐसे समाधान बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है जो वास्तव में लोगों के जीवन को बेहतर बनाएँ।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दूसरे वर्ष के BCA छात्र महेश ने कहा कि सेशन ने विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए एक व्यवस्थित रास्ता प्रदान किया। उन्होंने कहा, &#8220;Samsung छात्रों को यह समझने में मदद कर रहा है कि वास्तविक समस्याओं की पहचान कैसे की जाए और उनके लिए लक्षित समाधान कैसे बनाए जाएँ। यह फ्रेमवर्क हमें इनोवेशन के लिए एक स्पष्ट दिशा देता है।&#8221; सोलन की 12वीं कक्षा की छात्रा महक के लिए, इस वर्कशॉप ने एक बहुत ज़रूरी बात और पक्की कर दी। उन्होंने कहा, &#8220;मैंने सीखा कि कोई भी सार्थक बदलाव हमेशा किसी बड़े आइडिया से शुरू नहीं होता। कभी-कभी यह किसी ऐसी छोटी समस्या को हल करने से शुरू होता है जो हमारे आस-पास के लोगों पर असर डालती है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह वर्कशॉप सैमसंग की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे भारत में छात्रों तक सीधे &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग&#8217; और एंटरप्रेन्योरशिप की शिक्षा पहुँचाकर ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। 2026 एडिशन के तहत, सैमसंग देश भर के 100 शहरों में वर्कशॉप आयोजित कर रहा है। इससे युवा इनोवेटर्स को स्थानीय चुनौतियों की पहचान करने और राष्ट्रीय महत्व वाले समाधान विकसित करने के मौके मिल रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पहल से देश भर के हज़ारों छात्र जुड़ चुके हैं। यह भविष्य के ऐसे इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स और बदलाव लाने वालों (changemakers) की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने में मदद कर रही है, जो अपने समुदायों की चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस प्रोग्राम के आखिर में, जीतने वाली टॉप चार टीमों को FITT, IIT दिल्ली में 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें अपने आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए मेंटरशिप, ट्रेनिंग और प्रोटोटाइपिंग में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जैसे-जैसे इनोवेशन बड़े शहरों से आगे बढ़ रहा है, &#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो&#8217; जैसे प्रोग्राम यह दिखा रहे हैं कि भारत के कुछ सबसे असरदार आइडिया स्टार्टअप हब से नहीं, बल्कि उन छात्रों से आ सकते हैं जो रोज़ाना आने वाली चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026&#8217; के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।</p>
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