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		<title>Innovation &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[36 युवा भारतीय इनोवेटर्स ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के साथ अपने आइडियाज़ को राष्ट्रीय मंच पर ले जा रहे हैं]]></title>
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				<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:41:29 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
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		<category><![CDATA[Top 20]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के टॉप 20 फाइनलिस्ट की घोषणा की। यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को मिलाकर युवाओं को क्रिएटिव सोच और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के साथ भविष्य के लीडर बनने में मदद करता है। एक ग्लोबल प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ दुनिया भर के युवाओं […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/10151832/SFT-1-1000x560.jpg" alt="" class="wp-image-32855" /></figure></div>


<p>सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के टॉप 20 फाइनलिस्ट की घोषणा की। यह प्रोग्राम टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को मिलाकर युवाओं को क्रिएटिव सोच और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के साथ भविष्य के लीडर बनने में मदद करता है।</p>



<p>एक ग्लोबल प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ दुनिया भर के युवाओं को बेहतर भविष्य बनाने के लिए STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ) का इस्तेमाल करने में मदद करता है। इसमें हिस्सा लेने वाले युवा अपने आस-पास की समस्याओं की पहचान करते हैं और टेक्नोलॉजी की मदद से उनके क्रिएटिव समाधान निकालते हैं।</p>



<p>अपने पांचवें एडिशन में, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ पूरे भारत से ऐसे युवा इनोवेटर्स को एक साथ ला रहा है जो अपने आस-पास की समस्याओं को टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधानों में बदल रहे हैं। टॉप 20 में शामिल आधे से ज़्यादा प्रतिभागी टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं और फाइनलिस्ट 12 राज्यों के 18 शहरों का प्रतिनिधित्व करते हैं – जो यह दिखाता है कि युवाओं के नेतृत्व वाला इनोवेशन भारत के पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से आगे बढ़ रहा है।</p>



<p>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एसपी चुन ने कहा, “इस साल के टॉप 20 की खास बात सिर्फ़ उनके द्वारा बनाई जा रही टेक्नोलॉजी नहीं है, बल्कि वे समस्याएं भी हैं जिन्हें उन्होंने सुलझाने के लिए चुना है। पूरे भारत से युवा इनोवेटर अपने समुदायों की चुनौतियों – जैसे एक्सेसिबिलिटी और हेल्थकेयर से लेकर खेती, प्रदूषण और खेल – पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और सोच रहे हैं कि टेक्नोलॉजी कैसे बदलाव ला सकती है। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ उन्हें स्थानीय ज़रूरत पर आधारित किसी आइडिया को ऐसे समाधान में बदलने का मौका, मेंटरशिप और संसाधन देता है जिसमें बड़े पैमाने पर असर डालने की क्षमता हो।”</p>



<p>इस साल के फाइनलिस्ट के बीच एक खास ट्रेंड टेक्नोलॉजी को ज़्यादा उपयोगी और सुलभ बनाने पर फोकस करना है। चार थीम – ‘AI लिविंग फॉर इंडिया’, ‘एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’, ‘हेल्थ एंड एजुकेशन’ और ‘स्पोर्ट एंड टेक’ – के तहत युवा इनोवेटर AI, कंप्यूटर विज़न, सेंसर, वॉयस टेक्नोलॉजी और कम कीमत वाले वियरेबल्स का इस्तेमाल कम साक्षरता और दिव्यांगों के लिए एक्सेस जैसी चुनौतियों से लेकर खेती के कचरे, प्रदूषण, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ और पैरा-स्पोर्ट्स तक की समस्याओं को हल करने के लिए कर रहे हैं।</p>



<p>ऐसे लोगों के लिए कई समाधान डिज़ाइन किए जा रहे हैं जिनकी टेक्नोलॉजी तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है। इनमें शामिल हैं: कम साक्षरता वाले लोगों के लिए जटिल डॉक्यूमेंट्स को समझाने वाला एक ऑफ़लाइन AI एप्लीकेशन, रियल-टाइम इंडियन साइन लैंग्वेज ट्रांसलेशन, दृष्टिबाधित छात्रों के लिए वॉयस-फर्स्ट लर्निंग साथी, ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन का पहले से पता लगाने वाली टेक्नोलॉजी, और दृष्टिबाधित तैराकों को ज़्यादा आज़ादी से ट्रेनिंग करने में मदद करने वाली असिस्टिव टेक्नोलॉजी। दूसरे फाइनलिस्ट ऐसे आइडियाज़ के ज़रिए पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनका मकसद खेती से बचे कचरे को साफ़ ऊर्जा और काम के कार्बन मटीरियल में बदलना, टेक्सटाइल वेस्ट और कंस्ट्रक्शन साइट पर होने वाले प्रदूषण को कम करना और इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव को कम करना है।</p>



<p>टॉप 20 में शामिल लोगों की भौगोलिक स्थिति इनोवेशन के बढ़ते दायरे को दिखाती है। फाइनलिस्ट ओडिशा के सुंदरगढ़; आंध्र प्रदेश के चित्तूर और विशाखापत्तनम; उत्तर प्रदेश के रायबरेली और वाराणसी; पंजाब के अमृतसर और एसएएस नगर; हरियाणा के सोनीपत और छत्तीसगढ़ के रायपुर के साथ-साथ बेंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर, नई दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई से आए हैं।</p>



<p>टॉप 20 टीमें सेमी-फ़ाइनल राउंड से चुनी गईं, जिसमें 40 टीमों ने FITT-IIT दिल्ली के साथ मिलकर एक प्रैक्टिकल प्रोटोटाइपिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया। इनोवेशन बूटकैंप के ज़रिए, टीमों ने मेंटर्स के साथ मिलकर अपने समाधानों को बेहतर बनाया, जिन लोगों के लिए वे डिज़ाइन बना रही थीं उन्हें बेहतर ढंग से समझा और इनोवेशन प्रोसेस का प्रैक्टिकल अनुभव हासिल किया।</p>



<p>बूटकैंप के हिस्से के तौर पर, टीमों ने सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली (SDD), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – नोएडा (SRI-N), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – दिल्ली (SRI-D), सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया – बेंगलुरु (SRI-B) और गुरुग्राम में सैमसंग के हेड ऑफिस का दौरा भी किया, जिससे उन्हें डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रति सैमसंग के नज़रिए को समझने का मौका मिला।</p>



<p>इस सफ़र का समापन एक नेशनल पिच इवेंट के साथ हुआ, जहाँ सैमसंग R&D और सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के मेंटर्स समेत 20 एक्सपर्ट्स ने टीमों का मूल्यांकन किया और चार थीम में से हर एक से पाँच फाइनलिस्ट चुने।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टॉप 20 से मिलिए<br><br>भारत के लिए AI लिविंग</h2>



<p><strong>4 Percentage – कोयंबटूर, तमिलनाडु:</strong> MicroLearning AI, एक वॉइस-फर्स्ट मल्टीलिंगुअल (कई भाषाओं वाला) प्लेटफ़ॉर्म जो हेल्थकेयर और सरकारी योजनाओं की मुश्किल जानकारी को भारतीय भाषाओं में आसान बोलचाल वाले छोटे-छोटे लेसन (माइक्रो-लेसन) में बदलता है।</p>



<p>itzFOD – वाराणसी, उत्तर प्रदेश: VaakSetu, एक ऑफ़लाइन मोबाइल ऐप जो AI का इस्तेमाल करके लोन के कागज़ात, ज़मीन के दस्तावेज़, FIR और हॉस्पिटल के फ़ॉर्म जैसे डॉक्यूमेंट्स को पढ़ता है और उन्हें आसान बोलचाल की भाषा में समझाता है।</p>



<p>JARVISS – चेन्नई, तमिलनाडु: SafePath AI, एक स्मार्टफ़ोन और IoT-बेस्ड प्लेटफ़ॉर्म जो AI और सेंसर डेटा का इस्तेमाल करके सड़क पर खतरों का पता लगाता है, उनकी गंभीरता को समझता है और सुरक्षित रास्ते का सुझाव देता है।</p>



<p>QuantHunt – रायबरेली, उत्तर प्रदेश: एक AI-बेस्ड साइबरसिक्योरिटी सॉल्यूशन जिसे एन्क्रिप्शन की कमियों का पता लगाने और ऑर्गनाइज़ेशन को उभरते हुए क्वांटम-कंप्यूटिंग खतरों के लिए अपने डिजिटल सिस्टम तैयार करने में मदद करने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>SignBridge AI – कोलकाता, पश्चिम बंगाल: एक AI-पावर्ड प्लेटफ़ॉर्म जो भारतीय साइन लैंग्वेज को रियल-टाइम में टेक्स्ट और स्पीच में बदलता है, जिससे स्कूलों, अस्पतालों, वर्कप्लेस और सार्वजनिक जगहों पर बातचीत बेहतर होती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी </h2>



<p><strong>AeroShield – नई दिल्ली:</strong> कंस्ट्रक्शन के मलबे को रोकने वाली कम लागत वाली जाली (नेट), जिसे मौजूदा मचान (scaffolding) के साथ जोड़कर हवा में मौजूद प्रदूषकों को पकड़ने और खत्म करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p><strong>AgriVolt – अमृतसर, पंजाब:</strong> AgriVolt Carbon AI, जिसका मकसद खेती से बचे कचरे का इस्तेमाल करके बिजली बनाना और बायोचार व अन्य कार्बन-युक्त मटीरियल हासिल करना है, साथ ही उत्सर्जन (emissions) को कम करना है।</p>



<p><strong>IndieJeanous – मुंबई, महाराष्ट्र:</strong> एक सर्कुलर डेनिम पहल जो बेकार डेनिम और कपड़ों के टुकड़ों को लाइफ़स्टाइल प्रोडक्ट्स में बदलती है और साथ ही महिला कारीगरों के लिए रोज़गार के मौके बनाती है।</p>



<p>InnoBotix – नई दिल्ली: Sentinel, एक सोलर-पावर्ड AI एज डिवाइस जो कैमरों, रडार और सिस्मिक डेटा का इस्तेमाल करके इंसानी बस्तियों के पास आने वाले जंगली जानवरों का पता लगाता है और पहले से चेतावनी देता है।</p>



<p>KINVA BIO – सोनीपत, हरियाणा: एक AI-बेस्ड प्लेटफ़ॉर्म जो बायो-रिएक्टर का इस्तेमाल करके गन्ने की खोई (bagasse) से प्रोटीन-युक्त माइकोप्रोटीन के प्रोडक्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हेल्थ और एजुकेशन</h2>



<p><br><strong>404NotFound – बेंगलुरु, कर्नाटक:</strong> StepSense, एक सेंसर और एज-AI सिस्टम जो जूते-चप्पल को चाल-ढाल पर नज़र रखने वाले प्लेटफ़ॉर्म में बदल देता है, ताकि गिरने के जोखिम, न्यूरोपैथी, थकान और सेहत से जुड़ी अन्य समस्याओं के संकेतों का पता लगाया जा सके।</p>



<p><strong>Equinox – नई दिल्ली:</strong> SARA AI, एक वॉइस-फर्स्ट स्टडी साथी जो दृष्टिबाधित छात्रों को स्क्रीन या कीबोर्ड पर निर्भर हुए बिना टेक्स्टबुक, स्पष्टीकरण, क्विज़ और पर्सनलाइज़्ड लर्निंग सपोर्ट का इस्तेमाल करने में मदद करता है। </p>



<p><strong>morphism – रायपुर, छत्तीसगढ़: </strong>एक AI सिस्टम जिसे ऑटिस्टिक लोगों की भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए बनाया गया है। यह चेहरे के बारीक हाव-भाव और व्यवहार से जुड़े अन्य संकेतों का विश्लेषण करता है।</p>



<p><strong>NeuroTrace – SAS नगर, पंजाब:</strong> स्ट्रोक के बाद निगरानी के लिए स्मार्टफोन-आधारित AI समाधान। यह आवाज़, चेहरे की हलचल और प्रतिक्रिया के समय में बदलाव का विश्लेषण करके संभावित न्यूरोलॉजिकल गिरावट की पहचान करता है।</p>



<p><strong>VB SenseGuard – नई दिल्ली:</strong> Sense Guard, एक कम लागत वाला AI पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) है। इसे ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर वाले बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन (संवेदी अति-उत्तेजना) से जुड़े शारीरिक पैटर्न की पहचान करने और देखभाल करने वालों को समय पर अलर्ट देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्पोर्ट और टेक</h2>



<p><strong>Code Blooded – सुंदरगढ़, ओडिशा</strong>: ParaSync, एक AI-संचालित प्लेटफ़ॉर्म जो पैरा-एथलीटों के स्मार्टफोन वीडियो का विश्लेषण करता है। यह खेल की तकनीक का आकलन करता है, प्रगति को ट्रैक करता है और कम सुविधा वाले क्षेत्रों की प्रतिभाओं को स्काउट्स से जोड़ने में मदद करता है।</p>



<p>पैरा-एथलीट स्विमिंग सॉल्यूशन – विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश: एक पहनने योग्य नेविगेशन सिस्टम जो पता लगाता है कि कब दृष्टिबाधित तैराक अपनी तय दिशा से भटक रहे हैं और उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए हैप्टिक संकेत (स्पर्श-आधारित संकेत) देता है।</p>



<p><strong>Rogue – चेन्नई, तमिलनाडु:</strong> NeuroStride, एक AI-संचालित पहनने योग्य डिवाइस जो पार्किंसंस के कारण होने वाली अनैच्छिक कंपकंपी (tremors) और जानबूझकर की गई मांसपेशियों की हलचल के बीच अंतर करने और लक्षित इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन प्रदान करने का प्रयास करता है।</p>



<p><strong>Somatrace – हैदराबाद, तेलंगाना:</strong> एक पहनने योग्य IoT ट्रेनिंग टूल जो ट्रेनिंग के दौरान रीढ़ की हड्डी के कोण और भार को मापता है। यह सटीक खेल (precision-sport) वाले एथलीटों और कोचों को चोट के जोखिम को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।</p>



<p><strong>Untethered – चित्तूर, आंध्र प्रदेश: </strong>स्मार्ट स्विमिंग गॉगल्स जो अल्ट्रासोनिक सेंसिंग और हैप्टिक फीडबैक का उपयोग करके दृष्टिबाधित तैराकों को पूल की दीवार के पास पहुंचने पर चेतावनी देते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">समाधानों को अगले चरण तक ले जाना</h2>



<p>टॉप 20 फाइनलिस्ट को अब सैमसंग के विशेषज्ञों और FITT-IIT दिल्ली से लगातार मेंटरशिप मिलेगी, क्योंकि वे 14 और 15 अक्टूबर को होने वाले ग्रैंड फिनाले की तैयारी कर रहे हैं।</p>



<p>ग्रैंड फिनाले में अंतिम पिच प्रेजेंटेशन होंगे, जिसके बाद सभी टॉप 20 टीमों के लिए एक इन्वेस्टर मीट होगी। यह बातचीत युवा इनोवेटर्स को स्टार्टअप और निवेश इकोसिस्टम से जुड़ने और अपने समाधानों को और विकसित करने के अगले चरणों को समझने का अवसर देगी।</p>



<p>इस प्रतियोगिता का समापन विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार समारोह के साथ होगा। टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप बनाने के लिए कुल मिलाकर 20 लाख रुपये की ग्रांट मिलेगी, जिसमें हर टीम को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। टॉप 20 में शामिल सभी 36 प्रतिभागियों को सैमसंग का लेटेस्ट गैलेक्सी Z फ्लिप स्मार्टफोन भी मिलेगा। चार विजेता टीमों को – हर थीम से एक – सैमसंग की ओर से FITT-IIT दिल्ली के ज़रिए कुल मिलाकर 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगी। यह इनक्यूबेशन सपोर्ट विजेता टीमों को अपने सॉल्यूशन को और बेहतर बनाने और उन्हें परखने में मदद करेगा, साथ ही उन्हें मार्केट के लिए तैयार वेंचर में बदलने की संभावनाओं को भी तलाशेगा।</p>



<p>इस प्रोग्राम में ग्रैंड फिनाले के दौरान खास पुरस्कारों के ज़रिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिसमें 50,000 रुपये का ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ और 1-1 लाख रुपये के दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड’ शामिल हैं।</p>



<p>अपने ग्लोबल CSR विज़न “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (आने वाले कल के लिए साथ मिलकर! लोगों को सक्षम बनाना) से प्रेरित होकर, सैमसंग इंडिया स्मार्ट एजुकेशन और युवाओं को स्किल सिखाने पर ध्यान देते हुए युवा भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके ज़रिए वह बेहतर भविष्य बनाने के लिए ज़रूरी ज्ञान, स्किल और संसाधनों तक समान पहुँच उपलब्ध कराता है।</p>



<p>टॉप 20 फाइनलिस्ट की पूरी लिस्ट<a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/?srsltid=AfmBOoqweJwhgD_8sR55mebhte2iei59hQhjujf8nXvSLYQEVwujeMHO"> यहाँ </a>देखें।</p>
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																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[अपने क्लासमेट्स को संघर्ष करते देख, दिल्ली के इस 15 साल के बच्चे ने ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों के लिए एक AI वियरेबल बनाया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a4%b0%e0%a5%8d</link>
				<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 19:45:09 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
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		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40]]></category>
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									<description><![CDATA[लगभग एक साल पहले, विदित भयाना की क्लास में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम वाले दो बच्चों को अचानक बहुत ज़्यादा परेशानी या बेचैनी (आउटबर्स्ट) महसूस हुई। क्लास के बाकी बच्चों को समझ नहीं आया कि क्या करें। विदित इस बारे में लगातार सोचते रहे। क्या होता अगर टीचर को पता चल जाता कि बच्चा बहुत ज़्यादा परेशान […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130648/20260824_161734-1000x577.jpg" alt="" class="wp-image-32713" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित का सॉल्यूशन इस तरह से बनाया गया है कि यह किसी संभावित ‘मेल्टडाउन’ (अचानक भावनात्मक या व्यवहार संबंधी संकट) से 25 मिनट पहले ही देखभाल करने वाले के स्मार्टफ़ोन पर अलर्ट भेज देता है, जिससे टीचर, माता-पिता या देखभाल करने वाले को स्थिति को संभालने का समय मिल जाता है।</figcaption></figure>



<p>लगभग एक साल पहले, विदित भयाना की क्लास में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम वाले दो बच्चों को अचानक बहुत ज़्यादा परेशानी या बेचैनी (आउटबर्स्ट) महसूस हुई। क्लास के बाकी बच्चों को समझ नहीं आया कि क्या करें।</p>



<p>विदित इस बारे में लगातार सोचते रहे।</p>



<p>क्या होता अगर टीचर को पता चल जाता कि बच्चा बहुत ज़्यादा परेशान हो रहा है? क्या होता अगर स्थिति को संभालने, उसे शांत करने और बच्चे को क्लास का हिस्सा बनाए रखने के लिए काफ़ी समय मिल जाता?</p>



<p>इन्हीं सवालों ने विदित को ‘VB Senacquard’ बनाने के लिए प्रेरित किया। यह कम कीमत वाला, AI-पावर्ड पहनने योग्य डिवाइस (वियरेबल) है, जिसे ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) वाले बच्चों में सेंसरी मेल्टडाउन (अत्यधिक संवेदी तनाव या बेचैनी) होने से पहले ही उसका पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>विदित अब सैमसंग के प्रमुख CSR प्रोग्राम ‘Samsung Solve for Tomorrow’ के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स में शामिल हैं। यह प्रोग्राम युवाओं को अपने आस-पास की समस्याओं को ऐसे समाधानों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिनसे समाज पर सार्थक प्रभाव पड़ सके।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130651/20260824_162609-1000x562.jpg" alt="" class="wp-image-32715" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित का सफ़र ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) की एक आम सोच को दिखाता है: जब कोई चीज़ काम न करे, तो उसे बस मान न लें—बल्कि उसे नए सिरे से डिज़ाइन करें।</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">वीबी सेनाकवार्ड चेतावनी संकेतों को पहचानने के लिए व्यक्तिगत एआई का उपयोग करते हैं।</h2>



<p>ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों के लिए, संवेदी अतिभार असहनीय हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी भावनात्मक विस्फोट हो सकता है। इन घटनाओं को अक्सर शुरू होने के बाद ही पहचाना जाता है।</p>



<p>विदित का प्रोटोटाइप इसे बदलने का लक्ष्य रखता है।</p>



<p>पिछले एक साल में विकसित, यह पहनने योग्य उपकरण हृदय गति, त्वचा चालकता, त्वचा का तापमान और गतिविधि को ट्रैक करने के लिए बायो सेंसर का उपयोग करता है। एक व्यक्तिगत मशीन-लर्निंग मॉडल प्रत्येक बच्चे के व्यक्तिगत आधारभूत स्तर को सीखता है और उन शारीरिक परिवर्तनों की तलाश करता है जो संभावित भावनात्मक विस्फोट का संकेत दे सकते हैं।</p>



<p>यह प्रणाली संभावित भावनात्मक विस्फोट से 25 मिनट पहले देखभालकर्ता के स्मार्टफोन पर अलर्ट भेजने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे शिक्षक, माता-पिता या देखभालकर्ता को हस्तक्षेप करने का समय मिल सके।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/04130654/20260824_163256.jpg" alt="" class="wp-image-32716" /><figcaption class="wp-element-caption">विदित की सहानुभूति उनके इनोवेशन का आधार बनी।</figcaption></figure>



<p>किसी बच्चे को शांत जगह पर ले जाया जा सकता है, उसे शांत करने के जाने-पहचाने तरीकों से मदद दी जा सकती है, या परेशानी बढ़ने से पहले ही उसे ज़रूरी ध्यान दिया जा सकता है।</p>



<p>विदित का मकसद बच्चे को बदलना नहीं है ताकि वह क्लासरूम में फिट हो सके।</p>



<p>मकसद यह है कि उनके आस-पास के लोग कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, इसे बदला जाए।</p>



<p>विदित ने कहा, “इससे बच्चे को घुलने-मिलने में मदद मिलती है, और साथ ही सीखने में भी।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">अपने अनुभव से उन्हें यह समझ आया कि किसी के द्वारा समझा जाना कितनी बड़ी बात होती है</h2>



<p>विदित दिल्ली में बड़े हुए और उन्हें ADHD (अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) होने का पता चला। उनके अनुभव ने उन्हें सिखाया कि जब कोई व्यक्ति दुनिया को अलग नज़रिए से देखता है, तो मददगार देखभाल करने वाले कितने ज़रूरी हो सकते हैं।</p>



<p>इसी समझ ने उनके क्लासमेट्स के अनुभव को देखने के उनके नज़रिए को आकार दिया।</p>



<p>उनके गुस्से या परेशानी वाले व्यवहार को सिर्फ़ गड़बड़ी के तौर पर देखने के बजाय, उन्होंने सोचा कि ऐसा होने से पहले क्या किया जा सकता है।</p>



<p>यही सहानुभूति उनके इनोवेशन का आधार बनी।</p>



<p>अब, विदित चाहते हैं कि VB Senacquard आगे चलकर ₹10 के सिक्के के आकार का एक छोटा सा पहनने योग्य डिवाइस बन जाए—इतना छोटा कि बच्चे की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से इस्तेमाल हो सके और किसी को पता भी न चले। अगले चरण में, अनुमान की सटीकता को और बेहतर बनाने के लिए इसमें इन-ईयर EEG बायोमार्कर शामिल किए जा सकते हैं।</p>



<p>विदित के लिए, टेक्नोलॉजी से ज़्यादा ज़रूरी है इंसानी नतीजा।</p>



<p>वह चाहते हैं कि बच्चा क्लास में बना रहे, सीखता रहे और अपने साथियों के साथ बिना अलग-थलग महसूस किए हिस्सा ले सके।</p>



<p>उनका सफ़र Gen Z की एक आम सोच को दिखाता है: जब कोई चीज़ काम न करे, तो उसे बस स्वीकार न करें—उसे नए सिरे से डिज़ाइन करें।</p>



<p>विदित ने एक ऐसे पल से शुरुआत की जिसे शायद दूसरे लोग भूल गए होते।</p>



<p>उन्होंने यह पूछने का फ़ैसला किया कि ऐसा क्यों हुआ। फिर उन्होंने एक बेहतर जवाब खोजने में एक साल बिताया।</p>



<p>15 साल की उम्र में, उनका मकसद सिर्फ़ एक डिवाइस बनाना नहीं है। वह ऐसे क्लासरूम बनाने में मदद करना चाहते हैं जहाँ बच्चों को अपनी अलग पहचान या खासियत को छिपाने या दबाने की ज़रूरत न पड़े।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[जब केरल में बाढ़ आई थी, तब वह नौ साल का था। अब 17 साल की उम्र में, वह अगली बाढ़ को रोकने के लिए AI टेक्नोलॉजी बना रहा है।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%b9</link>
				<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 19:12:55 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Bootcamp]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40]]></category>
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									<description><![CDATA[कुछ यादें समय के साथ धुंधली हो जाती हैं। लेकिन 17 साल के नोवेन शिबू के लिए, 2018 में केरल में आई भयानक बाढ़ के दौरान बढ़ते पानी की याद कभी नहीं मिट पाई। तब वह सिर्फ़ नौ साल के थे, लेकिन त्रिशूर में उनके घर के पास स्थित शहर चालाकुडी के आस-पास बाढ़ के […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/01125722/Thrissur-1.jpg" alt="" class="wp-image-32678" /><figcaption class="wp-element-caption">जाने-पहचाने इलाके को बाढ़ के पानी में डूबते हुए देखने वाले नौ साल के बच्चे से लेकर AI-बेस्ड डैम-मैनेजमेंट प्रोटोटाइप बनाने वाले 17 साल के युवा तक, नोवेन का सफ़र यह याद दिलाता है कि इनोवेशन की शुरुआत हमेशा किसी हाई-टेक लैब से ही नहीं होती।</figcaption></figure>



<p>कुछ यादें समय के साथ धुंधली हो जाती हैं। लेकिन 17 साल के नोवेन शिबू के लिए, 2018 में केरल में आई भयानक बाढ़ के दौरान बढ़ते पानी की याद कभी नहीं मिट पाई।</p>



<p>तब वह सिर्फ़ नौ साल के थे, लेकिन त्रिशूर में उनके घर के पास स्थित शहर चालाकुडी के आस-पास बाढ़ के दृश्य उनके ज़हन में बस गए। सालों बाद, उन यादों को एक अनोखा रूप मिला है – किसी किताब या क्लासरूम प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं, बल्कि देश के सबसे जटिल इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम में से एक को स्मार्ट बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए एक वर्किंग प्रोटोटाइप के तौर पर।</p>



<p>नोवेन के आइडिया, ‘अकॉस्टीनोड सिस्टम्स’ (AcoustiNode Systems) ने उन्हें ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के टॉप 40 उम्मीदवारों में जगह दिलाई है। यह एक CSR प्रोग्राम है जो तेज़ी से उन युवा इनोवेटर्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिनके आइडिया भारत के पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से कहीं दूर से सामने आते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/09/01125726/Thrissur-2.jpg" alt="" class="wp-image-32680" /><figcaption class="wp-element-caption">“मैं कई बार नाकाम रहा हूँ, लेकिन मैंने फिर से शुरुआत करने का सोचा क्योंकि मुश्किल में फँसे लोगों की मदद करने का ख्याल मुझे प्रेरित करता रहा।”</figcaption></figure>



<p>इस टीनएजर के लिए सफ़र एक आसान से सवाल से शुरू हुआ: क्या टेक्नोलॉजी उस तबाही को रोकने में मदद कर सकती है जिसे उसने बचपन में देखा था?</p>



<p>उसने कहा, “मैं अखबार में बाढ़ और बांधों के बारे में बहुत सी खबरें पढ़ता था। मैंने सोचा कि मैं एक ऐसा समाधान बना सकता हूं जो बड़े पैमाने पर बांध प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को हल कर सके।”</p>



<p>इसका जवाब एक प्रस्तावित AI-पावर्ड एज नेटवर्क है जो मुश्किल हालात में भी बांधों के प्रबंधन में मदद करने के लिए मज़बूत VHF रेडियो कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करता है। यह सिस्टम दो अहम फैसलों में मदद करने के लिए अपस्ट्रीम पानी के बहाव और ज्वार के उल्टे बहाव का विश्लेषण करता है: कब बड़ी बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए पहले से पानी छोड़ने की ज़रूरत है, और कब कीमती पानी बचाने के लिए गैर-ज़रूरी पानी छोड़ने से बचा जा सकता है।</p>



<p>नोवेन का मानना ​​है कि इसका संभावित असर सिर्फ़ बांध तक ही सीमित नहीं है। पानी छोड़ने के बेहतर फैसलों से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और इकोसिस्टम की सुरक्षा में मदद मिल सकती है, सिंचाई की सुरक्षा बेहतर हो सकती है, पनबिजली उत्पादन को अधिकतम किया जा सकता है और बाढ़ व खराब जलाशय प्रबंधन से होने वाले भारी आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है।</p>



<p>लेकिन इस टेक्नोलॉजी के पीछे एक ऐसा युवा है जो खुद को बस एक जिज्ञासु व्यक्ति बताता है।</p>



<p>नोवेन ने कहा, “बचपन से ही मुझे सवाल पूछना पसंद था, और मेरे पिता को उनके जवाब देना पसंद था।” “मैंने उनके सहयोग से यह आदत विकसित की, जहां मैं सवाल पूछ सकता था और उनसे समाधान पा सकता था।”</p>



<p>वही जिज्ञासा आखिरकार उसे रोबोटिक्स और एडवांस्ड AI सिस्टम की ओर ले गई। कागज़ पर किसी विचार तक सीमित रहने के बजाय, नोवेन कुछ ठोस बनाना चाहता था।</p>



<p>उसने कहा, “मैं ऐसे असली मॉडल बनाना चाहता हूं जो काम करने लायक और कुशल हों।”</p>



<p>हालांकि, एक काम करने वाले प्रोटोटाइप तक का सफ़र आसान नहीं था। कई मॉडल फेल हुए, बार-बार प्रयोग किए गए और ऐसे पल भी आए जब दोबारा शुरू करने के बजाय हार मान लेना आसान लगता था।</p>



<p>वह याद करते हुए कहते हैं, “मैं अपने मॉडलों पर कई बार फेल हुआ हूं और ऐसे दिन भी आए जब मेरा इस पर दोबारा काम करने का मन नहीं करता था।” “लेकिन अगले ही दिन मेरा फिर से शुरू करने का मन करता था।”</p>



<p>जो चीज़ उसे वापस ले आई, वह उन लोगों के बारे में सोचना था जिन्हें एक दिन उसके बनाए सिस्टम से फायदा हो सकता था।</p>



<p>उसने कहा, “मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करने की सोच ने मुझे प्रेरित रखा।”</p>



<p>नोवेन की कहानी एक बड़े बदलाव को भी दिखाती है जिसे ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ मुमकिन बना रहा है। इनोवेशन को अक्सर बड़े शहरों की प्रयोगशालाओं, बेहतरीन संस्थानों और स्थापित टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से जोड़ा जाता है। लेकिन भारत की कुछ सबसे मुश्किल समस्याओं को हल करने वाले आइडिया बहुत छोटे शहरों और समुदायों से भी आ सकते हैं, जो गहरे तौर पर स्थानीय अनुभवों से बने होते हैं।</p>



<p>बाढ़ के पानी को जानी-पहचानी जगह को डुबोते हुए देखने वाले नौ साल के बच्चे से लेकर AI-इनेबल्ड डैम-मैनेजमेंट प्रोटोटाइप बनाने वाले 17 साल के युवा तक, नोवेन का सफ़र यह याद दिलाता है कि इनोवेशन हमेशा किसी हाई-टेक लैब से ही शुरू नहीं होता। कभी-कभी, यह एक सवाल, एक याद और कोशिश करते रहने के पक्के इरादे से शुरू होता है।</p>



<p>और शायद ‘सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ जैसे प्लेटफ़ॉर्म का सबसे बड़ा वादा यही है: ऐसे सवालों को ढूँढना जहाँ भी वे पूछे जा रहे हों—और उन्हें पूछने वाले युवाओं को यह मौका देना कि वे अपनी बात पूरे भारत को सुना सकें।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow ने भारत के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स के नामों की घोषणा की]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-solve-for-tomorrow-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa-40-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b</link>
				<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:29:49 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Competition]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने आज अपने फ्लैगशिप यूथ इनोवेशन प्रोग्राम, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो की टॉप 40 सेमी-फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की। यह प्रोग्राम युवाओं को अपने आस-पास की चुनौतियों को पहचानने और मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी, प्रोटोटाइपिंग और हैंड्स-ऑन लर्निंग के ज़रिए अपने आइडिया को सॉल्यूशन में बदलने के लिए एक प्लेटफॉर्म देता है। अब 2026 में […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="564" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/14152006/1000x564.jpg" alt="" class="wp-image-10429" /></figure></div>


<p>सैमसंग इंडिया ने आज अपने फ्लैगशिप यूथ इनोवेशन प्रोग्राम, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो की टॉप 40 सेमी-फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की। यह प्रोग्राम युवाओं को अपने आस-पास की चुनौतियों को पहचानने और मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी, प्रोटोटाइपिंग और हैंड्स-ऑन लर्निंग के ज़रिए अपने आइडिया को सॉल्यूशन में बदलने के लिए एक प्लेटफॉर्म देता है।</p>



<p>अब 2026 में भारत में अपने पांचवें एडिशन में, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 14 से 22 साल के युवाओं के लिए खुला है और इसे देश की अगली पीढ़ी में प्रॉब्लम-सॉल्विंग और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>टॉप 40 में 15 राज्य और 26 शहर शामिल हैं, जिनमें से आधी से ज़्यादा टीमें टियर 2 और टियर 3 इंडिया से हैं। वाराणसी, कोयंबटूर, गुंटूर, अमृतसर, सुंदरगढ़ और राजकोट के युवा इनोवेटर्स ने बड़े टेक्नोलॉजी और एजुकेशन हब की टीमों के साथ नेशनल सेमी-फाइनल में जगह बनाई है।</p>



<p>शॉर्टलिस्ट में सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 की चार थीम – AI लिविंग फॉर इंडिया, हेल्थ एंड एजुकेशन, एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी, और स्पोर्ट एंड टेक – पर 10-10 टीमें शामिल हैं।</p>



<p>“इस साल के टॉप 40 में जो बात सबसे अलग है, वह यह है कि युवा अपने आस-पास की दुनिया को कितनी बारीकी से देख रहे हैं। वे अपने समुदायों, क्लासरूम, खेतों, बिज़नेस और खेल के मैदानों में समस्याओं की पहचान कर रहे हैं, और पूछ रहे हैं कि टेक्नोलॉजी कैसे बदलाव ला सकती है। यह बात कि इनमें से आधी से ज़्यादा टीमें टियर 2 और टियर 3 इंडिया से आती हैं, खास तौर पर उत्साह बढ़ाने वाली है क्योंकि इससे पता चलता है कि इनोवेशन की अगली पीढ़ी कहीं से भी उभर सकती है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के ज़रिए हमारा रोल इन युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी और मौका देना है ताकि वे अपने सपने को असर में बदल सकें। जैसे ही सैमसंग भारत में 30 साल पूरे कर रहा है, हम उन आइडिया और टैलेंट में इन्वेस्ट करना जारी रखना चाहते हैं जो देश के अगले 30 सालों को आकार देंगे।” सेमी-फ़ाइनलिस्ट AI टूल्स से लेकर फ़ाइनेंशियल और ज़रूरी जानकारी को ज़्यादा आसान बनाने वाले आइडिया पर काम कर रहे हैं, खेती के बचे हुए हिस्सों के लिए सॉल्यूशन, दिव्यांग लोगों के लिए मददगार टेक्नोलॉजी, सस्ते हेल्थकेयर और एजुकेशन टूल्स, और खेल को ज़्यादा सबको साथ लेकर चलने वाली टेक्नोलॉजी तक,” सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एस पी चन ने कहा।</p>



<p>टॉप 40 में आंध्र प्रदेश के गुंटूर का AIRMED भी है, जो यह पता लगा रहा है कि AI भारत को एक ग्लोबल हेल्थकेयर डेस्टिनेशन बनाने में कैसे मदद कर सकता है। AIRMED विदेश के मरीज़ों को भारतीय अस्पतालों से जोड़ना चाहता है।</p>



<p>ओडिशा के सुंदरगढ़ का Code Blooded छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पैरा-एथलीटों के बीच स्पोर्टिंग टैलेंट की पहचान करने के लिए खास AI का इस्तेमाल करता है।</p>



<p>केरल के त्रिशूर का AcoustiNode Systems बेहतर हाइड्रोलॉजिकल इंटेलिजेंस के ज़रिए डैम मैनेजमेंट पर काम करता है, जिसका मकसद खराब जानकारी वाले रिज़र्वॉयर रिलीज़ को कम करना और बाढ़, सिंचाई और बिजली-मैनेजमेंट के फ़ैसलों को बेहतर बनाना है।</p>



<p>उत्तर प्रदेश के रायबरेली का QuantHunt उभरते साइबर सिक्योरिटी खतरों से निपटता है, जहाँ आज चुराया गया एन्क्रिप्टेड डेटा कंप्यूटिंग क्षमताओं के बढ़ने के साथ डिक्रिप्ट हो सकता है।</p>



<p>दूसरी टीमें ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप कर रही हैं जिससे कम देखने वाले तैराकों को ज़्यादा इंडिपेंडेंटली ट्रेनिंग मिल सके, एक AI साथी जिसका मकसद कम देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, एक ऐसा सॉल्यूशन जो मौजूदा क्लासरूम प्रोजेक्टर को इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म में बदल सके, और बायोमास को क्लीन एनर्जी और काम के कार्बन रिसोर्स में बदलने के लिए डिज़ाइन की गई टेक्नोलॉजी।</p>



<p>“एक दिलचस्प आइडिया से एक काम के सॉल्यूशन तक का बदलाव अक्सर इनोवेशन के सफ़र का सबसे मुश्किल हिस्सा होता है। इस ग्रुप के बारे में अच्छी बात यह है कि टॉप 40 टीमों में से 25 ने पहले ही प्रोटोटाइप बनाना शुरू कर दिया है। अगला फेज़ उन्हें अपने अंदाज़ों को टेस्ट करने, यूज़र्स से सीखने, अपनी टेक्नोलॉजी को मज़बूत करने और इस बारे में और गहराई से सोचने की चुनौती देगा कि उनके सॉल्यूशन बड़े पैमाने पर कैसे काम कर सकते हैं। बनाकर सीखने का यह प्रोसेस मज़बूत इनोवेटर्स बनाने के लिए ज़रूरी है,” IIT दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. निखिल अग्रवाल ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आइडिया से प्रोटोटाइप तक</h2>



<p>टॉप 40 अब सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के एक इंटेंसिव फेज़ में जाएंगे, जिसे उनके आइडिया को डेवलप करने और मज़बूत करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>सितंबर में शुरू होने वाला एक इनोवेशन बूटकैंप, पार्टिसिपेंट्स को सैमसंग के इनोवेशन इकोसिस्टम के बारे में बताएगा, जिसमें बेंगलुरु, दिल्ली और नोएडा में सैमसंग R&D सेंटर्स के साथ-साथ इसके साउथवेस्ट एशिया हेडक्वार्टर का दौरा भी शामिल है।</p>



<p>इसके बाद टीमें FITT, IIT दिल्ली के साथ इंटेंसिव ट्रेनिंग और मेंटरिंग करेंगी, जहाँ उन्हें प्रोटोटाइपिंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के लिए अपने आइडिया डेवलप करने पर गाइडेंस मिलेगी। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के पिछले एडिशन के एल्युम्नाई भी मेंटरिंग जर्नी में हिस्सा लेंगे, जिससे पार्टिसिपेंट्स उन युवा इनोवेटर्स से सीख सकेंगे जो पहले इस प्रोग्राम से गुजर चुके हैं।</p>



<p>सेमी-फ़ाइनल स्टेज एक नेशनल पिच इवेंट में खत्म होगा, जहाँ टीमें सैमसंग जूरी के सामने अपने सॉल्यूशन प्रेज़ेंट करेंगी। बीस फ़ाइनलिस्ट टीमें कॉम्पिटिशन के आखिरी स्टेज में आगे बढ़ेंगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अवार्ड्स और सपोर्ट</h2>



<p>टॉप 40 टीमों को प्रोटोटाइप बनाने के लिए कुल ₹8 लाख मिलेंगे, और हर टीम मेंबर को सैमसंग लैपटॉप मिलेगा।</p>



<p>टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने के लिए कुल ₹20 लाख मिलेंगे, साथ ही हर टीम मेंबर को लेटेस्ट सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप स्मार्टफोन भी मिलेगा।</p>



<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के आखिर में, टॉप 4 जीतने वाली टीमों को IIT दिल्ली में इनक्यूबेशन के लिए सैमसंग से कुल ₹2 करोड़ की ग्रांट मिलेगी, जिससे उन्हें अपने सॉल्यूशन को और बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी।</p>



<p>इस प्रोग्राम में ग्रैंड फिनाले के दौरान खास अवॉर्ड्स के ज़रिए भी पार्टिसिपेंट्स को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें ₹50,000 का ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ और ₹1-1 लाख के 2 ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड्स’ शामिल हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पूरे भारत में इनोवेशन को आगे बढ़ाने के पांच साल</h2>



<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ को 2022 में भारत में लॉन्च किया गया था ताकि युवाओं को एक ऐसा प्लैटफ़ॉर्म मिल सके जहाँ वे अपने लिए ज़रूरी समस्याओं की पहचान कर सकें और मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकल लर्निंग के ज़रिए आइडियाज़ को सॉल्यूशन में बदल सकें।</p>



<p>2022 से इस प्रोग्राम के ज़रिए युवाओं के कई स्टार्टअप्स शुरू हुए हैं। पिछले चार सालों में, सैमसंग ने युवाओं के इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए IIT दिल्ली में इनक्यूबेशन ग्रांट के तौर पर ₹2 करोड़ और कैश प्राइज़ व टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के तौर पर ₹3 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया है, जिससे उभरते हुए इनोवेटर्स को अपने आइडियाज़ को सॉल्यूशन में बदलने के लिए ज़रूरी संसाधन और सपोर्ट मिला है।</p>



<p>अब अपने पांचवें एडिशन में, इस प्रोग्राम ने भारत के बड़े शहरों से आगे बढ़कर अपनी पहुँच बढ़ाई है। इस साल टॉप 100 के सेलेक्शन से पहले, सैमसंग ने 135 शहरों में 184 ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स’ आयोजित कीं, जिससे इनोवेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग को सीधे देश भर के युवाओं तक पहुँचाया गया।</p>



<p>चूँकि सैमसंग भारत में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, इसलिए ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ युवाओं को सपोर्ट करने और भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>



<p>ग्लोबली, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ को 2010 में यूनाइटेड स्टेट्स में लॉन्च किया गया था और तब से यह 68 देशों तक फैल चुका है, जिसमें दुनिया भर के 30 लाख से ज़्यादा युवा शामिल हुए हैं। यह प्रोग्राम सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के ग्लोबल CSR विज़न, “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (Together for Tomorrow! Enabling People) का हिस्सा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस महाराष्ट्र में ज़्यादा युवा महिलाओं को AI में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:06:50 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Future Ready]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Opportunity]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Topper]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4clj72p</guid>
									<description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा। पूरे महाराष्ट्र में, […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05120443/image-7.png" alt="" class="wp-image-10299" /></figure></div>


<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा।</p>



<p>पूरे महाराष्ट्र में, Samsung Innovation Campus (SIC) युवा महिलाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी AI स्किल्स, प्रैक्टिकल लर्निंग और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स का अनुभव देकर इस बदलाव को मुमकिन बना रहा है। इससे वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के लिए तैयार हो रही हैं।</p>



<p>Samsung के खास ‘फ्यूचर-टेक स्किलिंग प्रोग्राम’ ने पूरे भारत में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी है, जिसमें महाराष्ट्र के 1,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसने AI एजुकेशन तक पहुँच बढ़ाई है और ज़्यादा युवा महिलाओं को टेक्नोलॉजी में आत्मविश्वास के साथ करियर बनाने में मदद की है।</p>



<p>नवी मुंबई के Ramrao Adik Institute of Technology (RAIT) की स्टूडेंट हिमांशी शर्मा के लिए, Samsung Innovation Campus क्लासरूम की पढ़ाई और तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के बीच एक पुल बन गया।</p>



<p>वह कहती हैं, “मैं अक्सर सोचती थी कि क्या सिर्फ़ मेरी एकेडमिक जानकारी मुझे तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के लिए तैयार कर पाएगी।”</p>



<p>प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और एक्सपर्ट मेंटरशिप के ज़रिए, हिमांशी ने ‘CareerStack AI’ बनाया। यह AI-पावर्ड ‘रिज़्यूमे इंटेलिजेंस सिस्टम’ है जो नौकरी चाहने वालों को AI-ड्रिवन इनसाइट्स के ज़रिए अपने एप्लीकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके बाद उन्हें US की कंपनी Blue Sapphire में AI और डेटा टेक्नोलॉजी इंटर्न के तौर पर इंटर्नशिप मिली, जहाँ उन्होंने क्लाइंट-फेसिंग और पेटेंट-फाइल किए गए प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।</p>



<p>वह कहती हैं, “AI को सिर्फ़ एल्गोरिदम का कलेक्शन मानने के बजाय, मैंने असल दुनिया की चुनौतियों के लिए पूरे सॉल्यूशन बनाना सीखा। शुरू करने से पहले आपको सब कुछ जानने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी बात है सीखने की इच्छा, उत्सुकता बनाए रखना और हर दिन बेहतर होते रहना।”</p>



<p>DY Patil Ramrao Adik Institute of Technology में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की स्टूडेंट सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, इस प्रोग्राम ने उनकी टेक्निकल क्षमताओं और AI और डेटा-ड्रिवन टेक्नोलॉजी में मौके तलाशने के आत्मविश्वास को मज़बूत किया।</p>



<p>Samsung Innovation Campus पूरा करने के बाद, उन्हें Capgemini में प्लेसमेंट मिला। इससे पता चलता है कि इंडस्ट्री के हिसाब से स्किलिंग कैसे युवा महिलाओं को पढ़ाई से नौकरी तक सफलतापूर्वक पहुँचने में मदद कर सकती है।</p>



<p>वह कहती हैं, “Samsung Innovation Campus ने मुझे स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग, असाइनमेंट और एक्सपर्ट गाइडेंस के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अच्छा अनुभव दिया। प्रैक्टिकल लर्निंग अनुभव ने मेरे टेक्निकल, एनालिटिकल और प्रेजेंटेशन स्किल्स को मज़बूत किया और साथ ही मुझे थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की।” नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’, युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाता है और साथ ही ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विज़न को भी सपोर्ट करता है।</p>



<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ युवा महिलाओं के लिए भारत की बढ़ती AI इकॉनमी में शामिल होने के मौके बढ़ा रहा है। इंडस्ट्री-केंद्रित लर्निंग और प्रैक्टिकल अनुभव को मिलाकर, यह प्रोग्राम महत्वाकांक्षी महिला टेक्नोलॉजिस्ट को बेहतर करियर बनाने में मदद कर रहा है और साथ ही एक ज़्यादा समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल वर्कफोर्स बनाने में योगदान दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ ने चुने टॉप 100 युवा इनोवेटर्स, जिनमें 50% से ज़्यादा टियर 2 और टियर 3 शहरों से]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%87</link>
				<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:58:16 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/30173708/728%C3%97410-pixels.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4yOHf7o</guid>
									<description><![CDATA[Samsung इंडिया ने आज ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के लिए चुनी गई टॉप 100 टीमों की घोषणा की। यह कंपनी का खास इनोवेशन प्रोग्राम है जो युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधान बनाने के लिए प्रेरित करता है। देश भर से मिली हज़ारों एप्लीकेशन में से चुनी गई […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/30173713/1000%C3%97564-pixels.jpg" alt="" class="wp-image-10235" /></figure></div>


<p>Samsung इंडिया ने आज ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के लिए चुनी गई टॉप 100 टीमों की घोषणा की। यह कंपनी का खास इनोवेशन प्रोग्राम है जो युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड समाधान बनाने के लिए प्रेरित करता है।</p>



<p>देश भर से मिली हज़ारों एप्लीकेशन में से चुनी गई ये टीमें इनोवेटर्स की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो अपने समुदायों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर रही हैं। उनके आइडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा, एक्सेसिबिलिटी, खेल और पर्यावरण की स्थिरता जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, जो दिखाते हैं कि टेक्नोलॉजी कैसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बना सकती है।</p>



<p>भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का पांचवां एडिशन अब तक का सबसे बड़ा और सबसे बड़ा लक्ष्य रखने वाला एडिशन है। यह भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और युवाओं को ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न में योगदान देने के लिए सशक्त बनाने की कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है। Samsung साउथवेस्ट एशिया में कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और CSR के हेड, शुभम मुखर्जी ने कहा, “इनोवेशन भारत का सबसे बड़ा रिन्यूएबल रिसोर्स बन गया है। हर साल हम देखते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा युवा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ़ कुछ नया बनाने के लिए नहीं, बल्कि ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए कर रहे हैं जिनसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहतर हो सके। इस साल की टॉप 100 टीमों में से आधी से ज़्यादा टीमें भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, जो यह साबित करता है कि अगर मौका मिले तो टैलेंट हर जगह होता है। भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने पर, हमें उन मौकों को बनाने और देश और दुनिया के लिए समाधान तैयार करने वाले इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी का समर्थन करने पर गर्व है।”<strong><br></strong></p>



<p><strong>पूरे भारत में इनोवेशन</strong><br><br>इस साल की टॉप 100 लिस्ट भारत में इनोवेशन के बदलते भूगोल को दिखाती है। शॉर्टलिस्ट की गई आधी से ज़्यादा टीमें टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, जो यह बताती हैं कि देश के बड़े मेट्रो शहरों से दूर भी टैलेंट और एंटरप्रेन्योर बनने की चाहत कितनी तेज़ी से बढ़ रही है।</p>



<p>इस ग्रुप में मेडचल-मलकजगिरी (तेलंगाना), कैथल (हरियाणा), सुंदरगढ़ (ओडिशा), नर्मदापुरम (पहले होशंगाबाद, मध्य प्रदेश), बक्सर (बिहार), वाराणसी (उत्तर प्रदेश) और कामरूप (असम) के युवा इनोवेटर्स के साथ-साथ भारत के बड़े शहरों के प्रतिभागी भी शामिल हैं। यह बढ़ती विविधता Samsung के इस विश्वास को दिखाती है कि जब युवाओं को मेंटरशिप, टेक्नोलॉजी और अवसर मिलते हैं, तो कहीं से भी क्रांतिकारी विचार सामने आ सकते हैं।</p>



<p><strong>असल समस्याओं पर आधारित विचार</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 टीमें चार विषयों – ‘भारत के लिए AI लिविंग’, ‘स्वास्थ्य और शिक्षा’, ‘खेल और टेक्नोलॉजी’, और ‘पर्यावरण की स्थिरता’ – पर इनोवेटिव समाधान तैयार करेंगी और टेक्नोलॉजी के ज़रिए असल दुनिया की चुनौतियों का समाधान करेंगी। उनके कुछ विचारों के बारे में नीचे बताया गया है।</p>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><tbody><tr><td><strong>थीम्स</strong></td><td><strong>आइडियाज़</strong></td></tr><tr><td>भारत के लिए AI लिविंग</td><td>अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा की रिपोर्टिंग को तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए एआई-संचालित गुमनाम रिपोर्टिंग प्लेटफ़ॉर्म; एआई रोडसाइड सहायता जो वाहन की खराबी का पता लगाती है और उपयोगकर्ताओं को तुरंत सत्यापित मैकेनिकों से जोड़ती है; स्मार्ट वियरेबल जो निजी और स्वतंत्र संचार के लिए टेक्स्ट संदेशों को स्पर्शनीय ब्रेल में परिवर्तित करता है।</td></tr><tr><td>स्वास्थ्य और शिक्षा</td><td>ऐसी एआई जो एलेक्सिथिमिया से ग्रस्त ऑटिस्टिक व्यक्तियों की भावनात्मक तीव्रता और अनिश्चितता को समझती है। ऐसी एआई वियरेबल जो ऑटिस्टिक बच्चों में संवेदी मेल्टडाउन होने से पहले ही उसकी भविष्यवाणी करती है। एक किफायती समाधान जो किसी भी प्रोजेक्टर को एक इंटरैक्टिव स्मार्ट क्लासरूम में बदल देता है।</td></tr><tr><td>खेल और तकनीक</td><td>AI-पावर्ड स्मार्ट गॉगल्स जो दृष्टिबाधित तैराकों को सुरक्षित रूप से पूल की दीवार तक गाइड करते हैं; AI कोचिंग प्लेटफ़ॉर्म जो बोले गए निर्देशों को बधिर एथलीटों के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज में अनुवादित करता है; पहनने योग्य AI प्लेटफ़ॉर्म जो सटीक खेल वाले एथलीटों के लिए रियल-टाइम पोस्चर इंटेलिजेंस प्रदान करता है।</td></tr><tr><td>पर्यावरणीय स्थिरता</td><td>रियल-टाइम में भूस्खलन का पता लगाने के लिए कम लागत वाला AI-आधारित अर्ली वॉर्निंग सिस्टम; AI सैटेलाइट सर्विलांस प्लेटफ़ॉर्म जो इसका पता लगाता है।</td></tr></tbody></table></figure>



<p><strong>आइडियाज़ को असरदार बनाना</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 टीमें अब ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के अगले चरण में आगे बढ़ेंगी। यहाँ उन्हें FITT-IIT दिल्ली के स्टार्टअप फाउंडर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और एकेडमिक मेंटर्स से मेंटरिंग मिलेगी, ताकि वे अपने बेहतरीन आइडियाज़ को बड़े स्तर पर लागू होने वाले इनोवेशन में बदल सकें।</p>



<p>टॉप 40 टीमें 10 दिन के इनोवेशन बूटकैंप में हिस्सा लेंगी, जहाँ उन्हें FITT-IIT दिल्ली में स्टार्टअप फाउंडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से खास मेंटरिंग मिलेगी। उन्हें Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-दिल्ली, Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बैंगलोर, Samsung R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-नोएडा, Samsung डिज़ाइन दिल्ली और गुरुग्राम में Samsung इंडिया हेड ऑफिस जाने का मौका भी मिलेगा।</p>



<p><strong>मुकाबले से आगे इनोवेशन को बढ़ावा</strong><strong></strong></p>



<p>टॉप 100 में शामिल हर टीम को उनकी उपलब्धि के लिए एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।</p>



<p>टॉप 40 टीमों को कुल मिलाकर 8 लाख रुपये मिलेंगे और साथ ही, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट को तेज़ी देने के लिए हर टीम मेंबर को लेटेस्ट Samsung लैपटॉप भी दिए जाएंगे।</p>



<p>टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने के लिए कुल मिलाकर ₹20 लाख मिलेंगे, साथ ही हर टीम मेंबर को लेटेस्ट Samsung Galaxy Z Flip स्मार्टफोन भी दिए जाएंगे। इसके बाद वे ग्रैंड फ़िनाले में पहुंचेंगे, जहां वे Samsung R&D लीडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की एक खास जूरी के सामने अपने फ़ाइनल इनोवेशन पेश करेंगे।</p>



<p>ग्रैंड फ़िनाले के दौरान, प्रोग्राम में दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड’ भी दिए जाएंगे, जिनमें कुल ₹2 लाख का कैश प्राइज होगा, और एक ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ होगा जिसमें ₹50,000 का कैश प्राइज मिलेगा।</p>



<p>चार जीतने वाली टीमों को कुल मिलाकर ₹2 करोड़ की ग्रांट और FITT-IIT दिल्ली से इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा, जिससे वे अपने इनोवेशन के डेवलपमेंट और कमर्शियलाइज़ेशन को तेज़ी से आगे बढ़ा सकेंगी।</p>



<p>भारत में अपने पांचवें साल में, Samsung Solve for Tomorrow देश के सबसे बड़े यूथ इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म में से एक बन गया है। यह 14-22 साल के युवाओं को समाज की अहम चुनौतियों को हल करने के लिए क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप को एक साथ लाने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>



<p>सबसे पहले 2010 में अमेरिका में शुरू किया गया ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ प्रोग्राम अब 68 देशों में चलाया जा रहा है और दुनिया भर में 30 लाख से ज़्यादा युवा इसमें हिस्सा ले चुके हैं। यह प्रोग्राम Samsung के ग्लोबल CSR विज़न — “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (आने वाले कल के लिए साथ मिलकर! लोगों को सक्षम बनाना) — को दिखाता है, जिसका मकसद शिक्षा, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के ज़रिए युवाओं को भविष्य का लीडर बनने के लिए सशक्त बनाना है।</p>



<p><a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/?srsltid=AfmBOoo83mCvsG436JUEdvZP-3cs_T-dk6i3pH0cLhGujkf5j3L5xgjj">Samsung Solve for Tomorrow 2026 के टॉप 100 यहाँ देखें।</a></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग का ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ बोकारो में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लाया; छात्रों को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0-3</link>
				<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:24:59 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/bokaro-feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Application Phase]]></category>
		<category><![CDATA[Bokaro]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4xKszpb</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया अपना खास ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ बोकारो लेकर आया, जहाँ चिन्मय विद्यालय के 450 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन) का इस्तेमाल करना सीखा। उन्होंने एक्सेसिबिलिटी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित आइडिया विकसित किए। सैमसंग के […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-10108 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/bokaro-cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>सैमसंग इंडिया अपना खास ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ बोकारो लेकर आया, जहाँ चिन्मय विद्यालय के 450 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन) का इस्तेमाल करना सीखा। उन्होंने एक्सेसिबिलिटी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित आइडिया विकसित किए।</p>
<p>सैमसंग के देशव्यापी 100-शहरों वाले आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित इस वर्कशॉप में छात्रों को ‘एम्पैथी’ (सहानुभूति) से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया—यानी समाधान डिज़ाइन करने से पहले उस समस्या से प्रभावित लोगों को समझना। प्रतिभागियों ने जाना कि कैसे ऑब्ज़र्वेशन, रिसर्च और डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए स्थानीय चुनौतियों को बड़े स्तर पर लागू होने वाले इनोवेशन में बदला जा सकता है।</p>
<p>एक आइडिया 10वीं कक्षा के छात्र आदित्य नारायण सिंह का था, जिन्होंने दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित रूप से चलने-फिरने में मदद करने के लिए एक पहनने योग्य (वियरेबल) डिवाइस का कॉन्सेप्ट तैयार किया। बोकारो की भीड़-भाड़ वाली सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आने वाली दिक्कतों से प्रेरित होकर, इस कॉन्सेप्ट में सेंसर का इस्तेमाल किया गया है जो रुकावटों का पता लगाते हैं और ऑडियो प्रॉम्प्ट या वाइब्रेशन के ज़रिए यूज़र को अलर्ट करते हैं।</p>
<p>एक और छात्र टीम ने ‘CivicBin’ का प्रस्ताव रखा, जो AI-पावर्ड प्लेटफ़ॉर्म है। यह नागरिकों को खराब सड़कों और पानी के रिसाव जैसी नागरिक समस्याओं की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। इमेज रिकग्निशन और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करके, यह प्लेटफ़ॉर्म शिकायतों को अपने-आप संबंधित नागरिक विभाग तक पहुँचाता है और उनके समाधान पर रियल-टाइम अपडेट भी देता है।</p>
<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ 14-22 साल के युवाओं के लिए कंपनी का खास इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम है। पूरे भारत में आयोजित किए जा रहे डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप के ज़रिए, सैमसंग छात्रों को इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स से लैस कर रहा है। साथ ही, उन्हें चार थीम—’AI फॉर ए बेटर टुमॉरो’ (बेहतर कल के लिए AI), ‘हेल्थ एंड एजुकेशन’ (स्वास्थ्य और शिक्षा), ‘एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’ (पर्यावरण की स्थिरता) और ‘स्पोर्ट-टेक’ (खेल-तकनीक)—के तहत समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, इस प्रोग्राम का विस्तार पूरे देश में किया जा रहा है ताकि ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन को मज़बूत किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर क्षेत्र के युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए ज़रूरी टूल्स और सोच मिल सके।</p>
<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के लिए आवेदन 3 जुलाई 2026 तक खुले हैं। टॉप चार विजेता टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग में मदद और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुँच भी मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने लॉन्च किया M9: एआई-पावर्ड 4K क्‍यूडी-ओएलईडी स्मार्ट मॉनिटर जो काम, स्ट्रीमिंग और गेमिंग को बनाता है आसान]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-m9-%e0%a4%8f%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%aa</link>
				<pubDate>Tue, 08 Jul 2025 15:39:05 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/07/728x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[टीवी / डिस्प्ले और एवी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[4K QD-OLED]]></category>
		<category><![CDATA[Galaxy AI]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[M9 Monitor]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3TZQf6h</guid>
									<description><![CDATA[भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग ने अपनी नई स्मार्ट मॉनिटर फैमिली को लॉन्‍च किया है। इस सीरीज में लग्‍जुरियस M9 (M90SF) के साथ ही M8 (M80SF) और M7 (M70F) के उन्‍नत एडिशंस शामिल हैं। आधुनिक एआई फीचर्स के साथ, ये नए मॉनिटर काम और मनोरंजन के लिए अधिक व्यक्तिगत और कनेक्टेड स्क्रीन […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-8832 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/07/1000X564.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड,<span> सैमसंग ने अपनी नई स्मार्ट मॉनिटर फैमिली को लॉन्‍च किया है। इस सीरीज में लग्‍जुरियस </span>M9 (M90SF) के साथ ही M8 (M80SF) और M7 (M70F) के उन्‍नत एडिशंस शामिल हैं। आधुनिक एआई फीचर्स के साथ, ये नए मॉनिटर काम और मनोरंजन के लिए अधिक व्यक्तिगत और कनेक्टेड स्क्रीन अनुभव प्रदान करते हैं।</p>
<p><strong>पुनीत सेठी</strong><strong>, </strong><strong>वाइस प्रेसिडेंट</strong><strong>, </strong><strong>एंटरप्राइज बिजनेस</strong><strong>, </strong><strong>सैमसंग इंडिया</strong>, ने कहा, “सैमसंग की 4K क्‍यूडी-ओएलइडी तकनीक को स्मार्ट एआई के साथ मिलाकर, M9 मॉनिटर को सामान्य मॉनिटर से बहुत आगे ले जाता है। यह रीयल-टाइम में तस्वीर और आवाज को बेहतर बनाता है, इसका पतला ऑल-इन-वन डिज़ाइन है, और आपके पसंदीदा स्ट्रीमिंग और काम के टूल्स तक आसानी से पहुंच प्रदान करता है। M9 तेज, स्मार्ट और पूरी तरह से शानदार अनुभव देता है।”</p>
<h3><strong>फ्लैगशिप </strong><strong>M9: </strong><strong>डिस्प्ले इनोवेशन में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि</strong></h3>
<p>M9 स्मार्ट मॉनिटर रेंज में पहली बार क्‍यूडी-ओएलइडी तकनीक पेश की गई है। फ्लैगशिप-लेवल के विजुअल्‍स को टीवी-ग्रेड स्मार्ट कार्यक्षमता के साथ जोड़कर, 32-इंच का M9 शानदार कंट्रास्ट, जीवंत रंग और बेहतरीन विजुअल्‍स प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपने स्लिम, ऑल-मेटल चेसिस के साथ, यह म्यूज़ियम-क्‍वॉलिटी सौंदर्य और कार्यात्मक सुंदरता का मिश्रण है, जो स्टाइलिश डिज़ाइन स्टूडियो या कॉरपोरेट ऑफिस के लिए उपयुक्त है।</p>
<p>सैमसंग के स्मार्ट मॉनिटर M9 में ओएलईडी सेफगार्ड+ को पेश किया गया है, जो लंबे समय तक स्‍क्रीन की सुरक्षा  करता है। इसमें एक विशेष कूलिंग सिस्टम है जो बर्न-इन के जोखिम को कम करता है। इसका ग्‍लेयर-फ्री डिस्प्ले रिफ्लेक्शन्स को कम करता है, जिससे रौशनी में भी लगातार विजिबिलिटी और आराम सुनिश्चित होता है।</p>
<p>M9 एआई से चलने वाली तकनीकों जैसे एआई पिक्‍चर ऑप्टिमाइज़र, 4K एआई अपस्‍केलिंग प्रो, और ऐक्टिव वॉयस एम्‍प्‍लीफायर प्रो का उपयोग करता है, जो वास्तविक समय में पिक्‍चर एवं साउंड की गुणवत्ता को बढ़ाता है और कंटेंट एवं परिवेश के अनुसार स्वचालित रूप से अनुकूलन करता है।</p>
<p>एक स्मार्ट मनोरंजन हब के रूप में, M9 में लोकप्रिय स्ट्रीमिंग ऐप्स, सैमसंग टीवी प्लस, और सैमसंग गेमिंग हब की सुविधा है, जो बिना कंसोल या पीसी के क्लाउड-आधारित गेमिंग को इनेबल करती है। 165Hz रिफ्रेश रेट, 0.03ms रिस्पॉन्स टाइम, और एनविडिया G-सिंक से कॉम्‍पैटिबल, यह गेमिंग और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए बड़ी आसानी से उच्‍च प्रदर्शन वाले विजुअल्‍स प्रदान करता है।</p>
<p>4K QD-ओएलईडी डिस्प्ले के साथ, यह मॉनिटर कंटेंट क्रिएटर्स के इरादों के अनुरूप विजुअल्‍स प्रदान करता है, जिससे किसी भी एप्लिकेशन के लिए स्पष्टता और आत्मविश्वास मिलता है।</p>
<h3><strong>M8 </strong><strong>और </strong><strong>M7: </strong><strong>काम और मनोरंजन के लिए स्मार्ट डिस्प्ले</strong></h3>
<p>स्मार्ट मॉनिटर M8 और M7 में सैमसंग की स्मार्ट मॉनिटर श्रृंखला को 32-इंच 4K UHD स्क्रीन के साथ विस्तार दिया गया है। ये शार्प डिटेल्‍स और बेहतरीन कंट्रास्ट के लिए एडवांस्‍ड VA पैनल तकनीक से पावर्ड हैं। दोनों मॉडल में एआई-पावर्ड टूल्स जैसे क्लिक टु सर्च और टाइजेन ओएस होम शामिल हैं, जो सहज कंटेंट डिस्‍कवरी और व्यक्तिगत सुझाव प्रदान करते हैं।</p>
<p>तीनों मॉडलों में स्‍मार्टथिंग्‍स को सहजता से जोड़ा गया है, ये सैमसंग डिवाइसों के बीच मल्‍टी कंट्रोल को सपोर्ट करते हैं, और मल्टीटास्किंग के लिए मल्‍टी व्‍यू प्रदान करते हैं। माइक्रोसॉफ्ट 365 तक पहुंच के साथ, यूजर बिना पीसी के मॉनिटर से सीधे दस्तावेज क्रिएट कर उन्‍हें एडिट कर सकते हैं। आधुनिक काम और मनोरंजन सेटअप के लिए ये फोन एक बहुपयोगी समाधान हैं।</p>
<h3><strong>कीमत एवं ऑफर्स</strong></h3>
<table width="0">
<tbody>
<tr>
<td width="150">मॉडल</td>
<td width="126">कीमत <strong>(</strong>रुपये में)</td>
<td width="144">कूपन/कार्ट में जोड़ें (रुपये में)</td>
</tr>
<tr>
<td>M90SF 32”</td>
<td>125999</td>
<td>3000</td>
</tr>
<tr>
<td>M80SF 31”</td>
<td>49299</td>
<td>3000</td>
</tr>
<tr>
<td>M70F 32″ (Black)</td>
<td>30699</td>
<td>1500</td>
</tr>
<tr>
<td>M70F 32″ (White)</td>
<td>31199</td>
<td>1500</td>
</tr>
<tr>
<td>M70F 43”</td>
<td>34299</td>
<td>1500</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>ग्राहक 7 से 20 जुलाई तक सभी चैनलों पर 3000 रुपये तक के इंस्‍टैंट कार्ट डिस्‍काउंट के साथ कई लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के लिए अंतिम आह्वान: आपका विचार अगला बड़ा समाधान हो सकता है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%95-2</link>
				<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 14:53:10 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/feature-SFT.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Application]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
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									<description><![CDATA[नई दिल्ली के दिल से लेकर कोल्हापुर की गलियों तक, शहरों और कक्षाओं में हजारों छात्र एक दृढ़ विश्वास के साथ आगे आए हैं – “मैं कल के लिए समाधान कर सकता हूँ।” अब, जब सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो रोड शो का अंतिम चरण समाप्त होने वाला है, तो भारत के युवा परिवर्तनकर्ताओं के लिए […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-8748 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>नई दिल्ली के दिल से लेकर कोल्हापुर की गलियों तक, शहरों और कक्षाओं में हजारों छात्र एक दृढ़ विश्वास के साथ आगे आए हैं – “मैं कल के लिए समाधान कर सकता हूँ।” अब, जब सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो रोड शो का अंतिम चरण समाप्त होने वाला है, तो भारत के युवा परिवर्तनकर्ताओं के लिए अपने विचारों को कार्रवाई में बदलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।</p>
<p>30 जून सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के लिए आवेदन करने का अंतिम दिन है – 14-22 वर्ष के बच्चों के लिए एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता जिसने पहले ही पूरे देश में एक आंदोलन को प्रज्वलित कर दिया है। 29 अप्रैल, 2025 को लॉन्च किया गया यह कार्यक्रम पूरे भारत में छात्रों को डिज़ाइन थिंकिंग टूल, सैमसंग और आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, निवेशक संपर्क, प्रोटोटाइपिंग सहायता और 1 करोड़ रुपये जीतने का मौका देकर सशक्त बनाता है।</p>
<p>लेकिन पुरस्कार से कहीं अधिक, जो वास्तव में इस कार्यक्रम को परिभाषित करता है वह है उद्देश्य।</p>
<p>पिछले हफ्तों में, ओपन हाउस और रोड शो ने असाधारण दृष्टि वाले छात्रों को एक साथ लाया है। दिल्ली-एनसीआर में छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य ऐप और प्रदूषण के लिए एआई-संचालित समाधान का सपना देखा। गुजरात और महाराष्ट्र में, टिकाऊ पैकेजिंग, विरासत पुनरुद्धार और समावेशी शिक्षा के विचारों को मंच मिला। हर शहर में एक संदेश स्पष्ट था – युवा भारत वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए वास्तविक दुनिया के समाधान बनाने के लिए तैयार है।</p>
<p>अब, आपकी बारी है।</p>
<p>अगर आपने कभी दुनिया में किसी टूटी हुई चीज़ को देखा है और सोचा है, “कोई इसे ठीक क्यों नहीं कर रहा है?” — तो शायद इसका जवाब यह है: क्योंकि आप ही हैं जो इसे ठीक करने के लिए बने हैं।</p>
<p>चाहे आप किसानों को बेहतर सिंचाई में मदद करना चाहते हों, किशोरों के लिए ऑनलाइन सुरक्षित जगह बनाना चाहते हों, या अपने शहर को ज़्यादा सुलभ बनाना चाहते हों — आपका आइडिया यहीं है।</p>
<p>गाजियाबाद की छात्रा इशिता ने बताया, “यह पहली बार था जब किसी ने मुझसे पूछा कि मैं कौन सी समस्या हल करना चाहती हूँ। इससे सब कुछ बदल गया।”</p>
<p>पुणे के छात्र आकाश ने कहा, “मैंने ‘सही समय’ का इंतज़ार करना बंद कर दिया और निर्माण करना शुरू कर दिया। सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो ने मुझे विश्वास दिलाया कि मेरा आइडिया मायने रखता है।”</p>
<p>उनकी कहानियाँ तो बस शुरुआत हैं। आपकी कहानी अगली हो सकती है।</p>
<p>सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो का मतलब सिर्फ़ जीनियस कोडर या तकनीकी विशेषज्ञ बनना नहीं है — यह सहानुभूति, जिज्ञासा और कोशिश करने की हिम्मत के बारे में है। यह उन छात्रों के लिए है जो एक स्वच्छ शहर, सुरक्षित सड़कें, स्वस्थ समुदाय और एक ऐसे भविष्य का सपना देखते हैं जहाँ कोई भी आवाज़ अनसुनी न रह जाए।</p>
<p>और अगर आप इसे पढ़ रहे हैं, तो शायद यह आपके लिए है।</p>
<p>30 जून, 2025 से पहले आवेदन करें</p>
<p>अपने विचार को प्रभाव में बदलने का यह आपका आखिरी मौका है।</p>
<p>आइए भविष्य का निर्माण करें – एक समय में एक साहसिक विचार के साथ।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[IGNITE 2025: कैसे सैमसंग का इंटर्नशिप प्रोग्राम भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा दिमागों के लिए लॉन्चपैड बन गया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/ignite-2025-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a4%bf</link>
				<pubDate>Fri, 06 Jun 2025 14:47:23 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/06/feature-ignite-728x409.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[GenZ]]></category>
		<category><![CDATA[IGNITE 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Internship]]></category>
		<category><![CDATA[MBA]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung internship program]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3FpqOYs</guid>
									<description><![CDATA[जब भारत के कुछ सबसे प्रतिभाशाली लोगों की करियर संबंधी आकांक्षाओं की बात आती है, तो एक नाम जो लगातार शीर्ष पर आता है, वह है सैमसंग। इस गर्मी में, जब IGNITE इंटर्नशिप 2025 समाप्त होने वाली थी, तब बदलाव लाने वाले लोगों की एक नई पीढ़ी सैमसंग के दफ़्तरों से सिर्फ़ प्रोजेक्ट अनुभव से […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-8773 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/06/COver-ignite.jpg" alt="" width="1000" height="563" /></p>
<p>जब भारत के कुछ सबसे प्रतिभाशाली लोगों की करियर संबंधी आकांक्षाओं की बात आती है, तो एक नाम जो लगातार शीर्ष पर आता है, वह है सैमसंग।</p>
<p>इस गर्मी में, जब IGNITE इंटर्नशिप 2025 समाप्त होने वाली थी, तब बदलाव लाने वाले लोगों की एक नई पीढ़ी सैमसंग के दफ़्तरों से सिर्फ़ प्रोजेक्ट अनुभव से कहीं ज़्यादा लेकर बाहर निकली। वे अपने दिलों में बदलाव की चिंगारी लेकर गए – एक ऐसी आग जो एक ऐसे सफ़र से प्रज्वलित हुई जिसने खुद को, अपने करियर और इनोवेशन की दुनिया को देखने के उनके नज़रिए को फिर से परिभाषित किया।</p>
<p>ये सिर्फ़ इंटर्न नहीं थे। वे खोजकर्ता थे। श्रोता थे। निर्माता थे। सपने देखने वाले थे।</p>
<h3>जहाँ संभावनाएँ उद्देश्य से मिलीं</h3>
<p>“मैं दो महीने पहले एक अलग व्यक्ति थी,” NMIMS मुंबई की शान्या गोयल अपनी यात्रा पर विचार करते हुए कहती हैं। “एक नए व्यक्ति के रूप में, बाज़ार की गतिशीलता के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करना और यह देखना कि सैमसंग किस तरह से हर भारतीय की ज़रूरतों को पूरा करता है – प्रीमियम 8K टीवी से लेकर फ्लैगशिप स्मार्टफ़ोन तक – आँखें खोलने वाला था। यह सिर्फ़ एक तकनीकी ब्रांड नहीं है; यह एक ऐसा ब्रांड है जो भारत की भाषा बोलता है।” उनके शब्द उन कई अन्य लोगों के अनुभवों को प्रतिध्वनित करते हैं जो छात्र के रूप में सैमसंग में आए और भविष्य के नेता बनकर उभरे।</p>
<h3>मार्केट फ़्लोर से बोर्डरूम तक: एक वास्तविक दुनिया का एमबीए</h3>
<p>सैमसंग का इंटर्नशिप प्रोग्राम प्रेजेंटेशन के बारे में नहीं है। यह वास्तविक दुनिया में उतरने, उपभोक्ता व्यवहार को समझने, बाज़ारों में नेविगेट करने और ज़मीन से नेतृत्व करना सीखने के बारे में है।</p>
<p>आईआईएम इंदौर की नेनवथु दिव्या के लिए, इंटर्नशिप कुछ भी सामान्य नहीं थी। “पहले दिन से, मैं फ़ील्ड में थी, बाज़ार की जानकारी खोज रही थी, गुड़गांव के ट्रैफ़िक से बच रही थी, और यहाँ तक कि बाज़ार में ड्यूटी पर सबसे अच्छे स्ट्रीट फ़ूड स्पॉट का पता लगा रही थी! लेकिन जिस चीज़ ने मुझे वास्तव में प्रेरित किया, वह सैमसंग के नेताओं की कहानियाँ थीं – ऐसे लोग जिन्होंने फ़ील्ड एग्जीक्यूटिव के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और अब राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके दृढ़ संकल्प और विकास की मानसिकता ने मुझे विश्वास दिलाया कि कोई भी भूमिका कभी भी छोटी नहीं होती।”</p>
<h3>भविष्य का निर्माण, साथ मिलकर</h3>
<p>इंटर्न ने सिर्फ़ अपने प्रबंधकों से नहीं सीखा; वे अपनी टीम के सदस्य भी थे। IIM अहमदाबाद की अश्मी जैन के लिए, सैमसंग का अनुभव इस बात का प्रमाण था कि संस्कृति और सहयोग किस तरह साथ-साथ चलते हैं।</p>
<p>“ये दो महीने अविस्मरणीय रहे। मेरे गुरुओं और टीम के साथियों से मुझे जो समर्थन मिला, उसने मुझे अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने में मदद की। यह सिर्फ़ गर्मियों की इंटर्नशिप नहीं थी – ऐसा लगा जैसे मैं किसी परिवार में शामिल हो गया हूँ।”</p>
<p>और यह सिर्फ़ ‘क्या’ सीखने के बारे में नहीं था – यह ‘क्यों’ को समझने के बारे में था। चाहे बिक्री, मार्केटिंग या एचआर में, इंटर्न ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि सैमसंग को क्या खास बनाता है।</p>
<p>एक्सएलआरआई जमशेदपुर की गर्विका अग्रवाल कहती हैं, “मैंने लोगों की टीम के साथ इंटर्नशिप की।” “इससे मुझे बड़े पैमाने पर एचआर संचालन का वास्तविक अनुभव मिला। गर्मजोशी, मार्गदर्शन और वास्तविक दुनिया की जटिलता ने मुझे न सिर्फ़ व्यवसाय के छात्र के रूप में, बल्कि पहले दिन से योगदान देने के लिए तैयार एक पेशेवर के रूप में विकसित होने में मदद की।”</p>
<h3>एक ऐसा मेंटरशिप मॉडल जो किसी और जैसा नहीं है</h3>
<p>IGNITE के मूल में सैमसंग का यह विश्वास निहित है: बेहतरीन मेंटरशिप जीवन को बदल देती है।</p>
<p>हर इंटर्न को ऐसे नेताओं तक सीधी पहुँच थी जो न केवल पर्यवेक्षण करते थे – बल्कि वे प्रशिक्षित, प्रोत्साहित और सशक्त बनाते थे। चाहे वह आमने-सामने की जाँच हो, नेतृत्व की कहानियाँ हों या प्रोजेक्ट की समीक्षा हो, हर पल उत्कृष्टता, सहानुभूति और निष्पादन में एक मास्टरक्लास था।</p>
<p>और जैसे-जैसे कार्यक्रम समाप्त होता है, एक बात स्पष्ट होती है – IGNITE की वास्तविक सफलता डिलीवरेबल्स या डेक सबमिशन से नहीं मापी जाती है। इसे आत्मविश्वास, जिज्ञासा और करियर की शुरुआत से मापा जाता है।</p>
<h3>सीखने की विरासत, संभावनाओं का भविष्य</h3>
<p>जैसे-जैसे IGNITE 2025 का समूह अपने अगले अध्याय के लिए पृष्ठ को मोड़ता है, वे अपने साथ न केवल अपने रिज्यूमे पर सैमसंग का नाम लेकर चलते हैं, बल्कि अपने दिल में सैमसंग का दर्शन भी रखते हैं: जो नहीं किया जा सकता उसे करना।</p>
<p>क्योंकि जब आप किसी ऐसे ब्रांड के साथ काम करते हैं जो सीमाओं को लांघने की हिम्मत रखता है, तो आपको विश्वास होने लगता है कि आप भी ऐसा कर सकते हैं।</p>
<p>और यही सैमसंग में इंटर्नशिप की असली ताकत है – यह आपको न केवल भविष्य के लिए तैयार करती है। यह आपको ऐसे व्यक्ति में बदल देती है जो इसे बनाने के लिए तैयार है।</p>
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