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		<title>Internet of Things &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[Samsung ने पूरे भारत में 30 Samsung Innovation Campus के टॉपर्स को 1-1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया]]></title>
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				<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:43:09 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
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									<description><![CDATA[Samsung India ने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम के तहत पूरे देश से 30 बेहतरीन छात्रों को सम्मानित किया। हर टॉपर को चार कोर्स — Artificial Intelligence (AI), Coding & Programming, Internet of Things (IoT) और Big Data — में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ₹1 लाख का इनाम दिया गया। पुरस्कार पाने वालों में चार […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_9921" style="width: 3010px" class="wp-caption aligncenter"><img aria-describedby="caption-attachment-9921" class="wp-image-9921 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Sic-Main.jpg" alt="" width="3000" height="1592" /><p id="caption-attachment-9921" class="wp-caption-text">Samsung Innovation Campus के टॉपर, [बाएँ से दाएँ] शुभम मुखर्जी (हेड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और कॉर्पोरेट सिटिज़नशिप, Samsung Southwest Asia), JB Park (प्रेसिडेंट और CEO, Samsung Southwest Asia) और SP Chun (कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, Samsung Southwest Asia) के साथ।</p></div>
<p>Samsung India ने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम के तहत पूरे देश से 30 बेहतरीन छात्रों को सम्मानित किया। हर टॉपर को चार कोर्स — Artificial Intelligence (AI), Coding & Programming, Internet of Things (IoT) और Big Data — में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ₹1 लाख का इनाम दिया गया।</p>
<p>पुरस्कार पाने वालों में चार नेशनल टॉपर, 26 राज्य-स्तरीय टॉपर और एक सोशल मीडिया चैंपियन शामिल थे। इन सभी को Samsung Innovation Campus के ज़रिए ट्रेनिंग पाए 20,000 छात्रों में से चुना गया था। यह कंपनी का मुख्य CSR प्रोग्राम है। 2025 बैच से चुने गए छात्र 10 अलग-अलग राज्यों से हैं। यह दिखाता है कि भारत के पारंपरिक इनोवेशन हब से बाहर भी टेक्नोलॉजी से जुड़ा टैलेंट तेज़ी से फैल रहा है।</p>
<p>इन टॉपरों को गुरुग्राम में Samsung India के हेडक्वार्टर में सम्मानित किया गया। इस मौके पर Samsung Southwest Asia के प्रेसिडेंट और CEO, JB Park भी मौजूद थे। JB Park ने इस मौके पर कहा, “जब मैं आप सभी को देखता हूँ, तो मुझे सिर्फ़ छात्र ही नहीं दिखते। मुझे भविष्य के इंजीनियर, क्रिएटर, उद्यमी, रिसर्चर और शायद भविष्य के CEO भी दिखते हैं। AI, कोडिंग और डेटा अब सिर्फ़ कल के लिए ज़रूरी हुनर ​​नहीं हैं; ये आज के ज़रूरी हुनर ​​हैं। इनोवेशन के लिए जिज्ञासा, मज़बूती और असफलता से सीखने का हौसला चाहिए। सीखते रहिए, बदलते हालात के हिसाब से खुद को ढालते रहिए और आगे बढ़ते रहिए।”</p>
<p>भारत सरकार के Skill India और Digital India मिशनों के साथ मिलकर, Samsung Innovation Campus Samsung की मुख्य CSR पहल है। इसका मकसद युवाओं में भविष्य के लिए तैयार टेक्नोलॉजी से जुड़े हुनर ​​विकसित करना है। भारत की विकास गाथा में एक पार्टनर के तौर पर, Samsung लगातार टैलेंट में निवेश कर रहा है। साथ ही, यह स्थानीय इकोसिस्टम को मज़बूत कर रहा है और शिक्षा व कौशल संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि एक डिजिटल रूप से सशक्त और इनोवेशन पर आधारित ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाया जा सके।</p>
<p>इन टॉपरों की कहानियों से पता चलता है कि टेक्नोलॉजी की शिक्षा किस तरह नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल सकती है।</p>
<p>कर्नाटक की ऐश्वर्या संजय, जो Agricultural Extension Education में मास्टर डिग्री कर रही हैं, ने इस प्रोग्राम से मिली सीख का इस्तेमाल करके एक AI-आधारित मॉडल बनाया। इस मॉडल का मकसद ‘कम्युनिटी-सपोर्टेड एग्रीकल्चर’ के ज़रिए किसानों के लिए बाज़ार तक पहुँच को बेहतर बनाना है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के शिवम सिंह ने इस प्रोग्राम के ज़रिए IoT, साइबर सुरक्षा और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के बारे में सीखा। उन्होंने ‘होम ऑटोमेशन सिस्टम’ से लेकर ‘साइबर सुरक्षा मॉडल’ तक कई तरह के प्रोजेक्ट बनाए। इन अनुभवों की मदद से उन्हें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले ‘National Institute of Electronics & Information Technology’ में इंटर्नशिप करने का मौका मिला। इसी तरह, दिल्ली के देव उप्पल और हरियाणा की वंशिका राघव ने Samsung Innovation Campus को श्रेय दिया कि इसने उन्हें क्लासरूम में सीखी बातों को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की, साथ ही उनके आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और तकनीकी क्षमताओं को भी मज़बूत किया।</p>
<p>Samsung Head Office में हुए अवॉर्ड समारोह के अलावा, छात्रों को Samsung R&D Institute Noida, Samsung R&D Institute Delhi और Samsung Design Delhi जाकर Samsung के इनोवेशन इकोसिस्टम को करीब से जानने का भी मौका मिला। उन्होंने टेक्नोलॉजी लीडर्स से बातचीत करके यह समझा कि Samsung Innovation Campus के ज़रिए सीखे गए कौशलों का इस्तेमाल असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने में कैसे किया जा सकता है। उन्हें Samsung की डिज़ाइन सोच, यूज़र-केंद्रित इनोवेशन प्रक्रियाओं और अगली पीढ़ी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट के बारे में भी गहरी जानकारी मिली।</p>
<p>AI, कोडिंग और प्रोग्रामिंग, IoT और Big Data में व्यवस्थित ट्रेनिंग के ज़रिए, यह प्रोग्राम छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़े ज़रूरी कौशल सिखाता है, साथ ही उनमें इनोवेशन, गहन सोच और डिजिटल नेतृत्व की भावना भी जगाता है। जैसे-जैसे भारत अपना डिजिटल बदलाव तेज़ी से कर रहा है, Samsung Innovation Campus युवा प्रतिभाओं के लिए टेक्नोलॉजी की शिक्षा, मेंटरशिप और अवसरों तक पहुँचने के नए रास्ते बनाता जा रहा है, जिससे अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स और समस्याओं को हल करने वालों को तैयार करने में मदद मिल रही है।</p>
<p>इस कार्यक्रम में Electronics Sector Skills Council of India (ESSCI) के CEO माधवेन्द्र सिंह और Telecom Sector Skill Council (TSSC) के CEO लेफ्टिनेंट जनरल कुलभूषण एच. गवास भी शामिल हुए। SIC को ESSCI और TSSC के सहयोग से चलाया जाता है; ये दो सेक्टर स्किल काउंसिल हैं जो देश के Skill India इकोसिस्टम के तहत इंडस्ट्री के कौशल मानकों, सर्टिफिकेशन्स और वर्कफोर्स डेवलपमेंट को तय करने के लिए ज़िम्मेदार हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[क्लासरूम से करियर तक: Samsung Innovation Campus ने तमिलनाडु में 5,000 युवाओं को AI-आधारित भविष्य के लिए सर्टिफ़ाई किया]]></title>
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				<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:06:58 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9780 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-1.jpg" alt="" width="1600" height="977" /></p>
<p>Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।</p>
<p>SIC छात्रों को ज़्यादा मांग वाले क्षेत्रों — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (2,200), कोडिंग और प्रोग्रामिंग (1,700), बिग डेटा (600) और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (500) — में इंडस्ट्री से जुड़े, भविष्य की तकनीक वाले कौशल से लैस करता है। इससे वे शिक्षा से रोज़गार की ओर ज़्यादा प्रभावी ढंग से आगे बढ़ पाते हैं। इसके अलावा, यह रोज़गार पाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए ‘सॉफ्ट स्किल्स’ पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ समस्या-समाधान, संचार और कार्यस्थल की तैयारी से जुड़े मॉड्यूल भी शामिल होते हैं।</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-9781 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-2-e1775799411326.jpg" alt="" width="1000" height="593" /></p>
<p>इस प्रोग्राम के तहत पूरे भारत में प्रशिक्षित किए गए 20,000 युवाओं में से लगभग एक-चौथाई तमिलनाडु से हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि तमिलनाडु तकनीक, विनिर्माण और कुशल प्रतिभा के विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कितना महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि तमिलनाडु में इस प्रोग्राम में भाग लेने वालों में से 71% महिलाएं हैं। यह तकनीकी शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने में सक्षम बनाने की दिशा में हुई ज़बरदस्त प्रगति को दर्शाता है।</p>
<p>यह प्रशिक्षण और प्रमाणन राज्य के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया गया था। इनमें मद्रास विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, क्वीन मैरी कॉलेज (चेन्नई), मोहम्मद सथक एजे कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (चेन्नई) और KPR इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (कोयंबटूर) शामिल हैं।</p>
<p>Samsung दक्षिण-पश्चिम एशिया में CSR और कॉर्पोरेट संचार के प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा, “भारत की विकास गाथा को उसके युवा और कुशल वर्कफोर्स द्वारा आकार दिया जा रहा है, और इस बदलाव में तमिलनाडु एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जैसे-जैसे तकनीक उद्योगों को नया रूप दे रही है, भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। बड़े पैमाने पर डिजिटल कौशल विकसित करना — और साथ ही समावेशिता सुनिश्चित करना — भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी होगा। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के अवसर पर, ‘Samsung Innovation Campus’ के माध्यम से युवाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप क्षमताएं विकसित करने में सक्षम बना रहा है।”</p>
<p>यह प्रोग्राम लगातार अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है, और देश भर में 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित और प्रमाणित कर चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर, SIC में महिलाओं की भागीदारी लगभग 48% रही है। यह एक समावेशी और न्यायसंगत तकनीकी इकोसिस्टम बनाने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रोग्राम ESSCI और TSSC के सहयोग से, मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के ज़रिए लागू किया जाता है।</p>
<p>SIC, Samsung Solve for Tomorrow और Samsung DOST जैसी पहलों के साथ मिलकर, भारत के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है—जिससे युवा इनोवेटर्स को टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीखने, कुछ बनाने और भविष्य को आकार देने की शक्ति मिल रही है। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के मौके पर, Samsung शिक्षा और डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने के अपने वादे को लगातार मज़बूत कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने UP के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय की उपस्थिति में 1,000 छात्रों को भविष्य की तकनीकी कौशल में प्रमाणित किया।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-up-%e0%a4%95</link>
				<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 18:11:13 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Priyanka Singh]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Ambedkar Institute of Technology for Divyangjan]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Khwaja Moinuddin Chishti Language University]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4bKxb4n</guid>
									<description><![CDATA[▲Samsung Innovation Campus इस बात के प्रति एक स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की युवा प्रतिभा वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में न केवल हिस्सा ले, बल्कि उसे आकार भी दे। भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, Samsung ने Samsung Innovation Campus के तहत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 1,000 छात्रों को कोडिंग […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center"><img loading="lazy" class="alignnone size-medium wp-image-9720" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/03/Samsung-Innovation-Campus-Main-1-1000x536.jpg" alt="" width="1000" height="536" />▲Samsung Innovation Campus इस बात के प्रति एक स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की युवा प्रतिभा वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में न केवल हिस्सा ले, बल्कि उसे आकार भी दे।</p>
<p>भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, Samsung ने Samsung Innovation Campus के तहत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 1,000 छात्रों को कोडिंग और प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) में सर्टिफ़ाई किया है। इस उपलब्धि के साथ, उत्तर प्रदेश में SIC-सर्टिफ़ाइड छात्रों की कुल संख्या 4,900 हो गई है, जिससे यह राज्य देश में इस कार्यक्रम के सबसे सक्रिय और महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्रों में से एक बन गया है।</p>
<p>इन 1,000 छात्रों के समूह में उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख संस्थानों के छात्र शामिल हैं: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक, और डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन। तीन ज़्यादा मांग वाले विषयों को कवर करते हुए, इस कार्यक्रम ने 600 छात्रों को AI में, 300 को कोडिंग और प्रोग्रामिंग में, और 100 को IoT में प्रशिक्षित किया।</p>
<p>2022 में भारत में शुरू किया गया Samsung Innovation Campus, युवाओं तक भविष्य की तकनीक वाली शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है। इसका पाठ्यक्रम केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सॉफ्ट स्किल्स के विकास और व्यवस्थित प्लेसमेंट सहायता को भी शामिल किया गया है, ताकि छात्रों को पेशेवर दुनिया की असलियत के लिए तैयार किया जा सके—न कि केवल उसमें प्रवेश के लिए।</p>
<p>“तकनीकी क्षेत्र में भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाएं अंततः इस बात से तय होंगी कि कितने युवा सही समय पर सही कौशल से लैस होते हैं। Samsung Innovation Campus के ये छात्र इस बात के प्रति हमारी स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश की युवा प्रतिभाएं वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में न केवल भाग लें, बल्कि उसे आकार भी दें। इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम लंबे समय के लिए एक प्रतिभा-पाइपलाइन का निर्माण कर रहे हैं,” Samsung Southwest Asia के CSR और कॉर्पोरेट संचार प्रमुख, शुभम मुखर्जी ने कहा।</p>
<p>“आज के विश्वविद्यालयों के लिए मूकदर्शक बने रहना संभव नहीं है, क्योंकि काम करने का तरीका अब ऑटोमेशन और डिजिटल इंटेलिजेंस के इर्द-गिर्द पुनर्गठित हो रहा है। Samsung Innovation Campus के साथ हमारी साझेदारी इसी वास्तविकता की सीधी प्रतिक्रिया है, जो हमारे छात्रों को न केवल ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उन व्यावहारिक क्षमताओं से भी लैस करती है जिनकी नियोक्ता सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। मैं इस उत्तीर्ण होने वाले समूह को बधाई देता हूं और उत्तर प्रदेश के भविष्य में यह निवेश करने के लिए Samsung की सराहना करता हूं,” उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, श्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा। यह प्रोग्राम अपनी पहुँच का विस्तार करता जा रहा है, जिसका लक्ष्य पूरे देश में 20,000 युवाओं को ट्रेनिंग देना है। यह कंपनी के इस विचार को और मज़बूत करता है कि भविष्य के लिए तैयार शिक्षा तक सभी की पहुँच होना भारत की विकास गाथा का कोई छोटा-मोटा हिस्सा नहीं है—बल्कि यह इसका मुख्य आधार है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर, इस प्रोग्राम में महिलाओं की भागीदारी लगभग 45% रही है, जो एक समावेशी और न्यायसंगत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रोग्राम को ESSCI और Telecom Sector Skills Council (TSSC) के सहयोग से, मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से लागू किया जाता है।</p>
<p>Samsung Solve for Tomorrow और Samsung DOST जैसी पहलों के साथ मिलकर, Samsung Innovation Campus भारत के डिजिटल कौशल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है—जिससे युवा इनोवेटर्स को टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीखने, कुछ नया बनाने और भविष्य को आकार देने का अधिकार मिल रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने तमिलनाडु में सैमसंग इनोवेशन कैंपस लॉन्च करने के लिए मद्रास यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप की]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%88</link>
				<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:56:18 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/01/SIC-Feature-728x409.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[big data]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[University of Madras]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/49dlZNN</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड ने तमिलनाडु में अपना फ्लैगशिप टेक एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) लॉन्च करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के साथ एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है – जो राज्य के युवाओं में भविष्य के लिए तैयार स्किल्स बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_9364" style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-9364" class="wp-image-9364 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/01/SIC-Main.jpg" alt="" width="1000" height="562" /><p id="caption-attachment-9364" class="wp-caption-text">[बाएं से दाएं] डॉ. पीएस मंजुला, डीन, स्टूडेंट्स अफेयर्स, मद्रास यूनिवर्सिटी, शिव कक्कड़, डायरेक्टर, मैपिंग स्किल्स टेक्नोलॉजी, डॉ. एस आर्मस्ट्रांग, सदस्य, वीसी कन्वेनर कमेटी, मद्रास यूनिवर्सिटी</p></div>
<p>सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड ने तमिलनाडु में अपना फ्लैगशिप टेक एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) लॉन्च करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के साथ एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है – जो राज्य के युवाओं में भविष्य के लिए तैयार स्किल्स बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।</p>
<p>इस लॉन्च इवेंट में यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हुए, जिनमें डॉ. पी. एस. मंजुला, डीन, स्टूडेंट्स अफेयर्स; डॉ. रीता जॉन, रजिस्ट्रार; और डॉ. एस. आर्मस्ट्रांग, सदस्य, वाइस-चांसलर संयोजक समिति शामिल थे।</p>
<p>राज्य और राष्ट्रीय स्किलिंग प्राथमिकताओं के अनुरूप, सैमसंग इनोवेशन कैंपस युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में ज़रूरी स्किल्स से लैस करता है। यह प्रोग्राम अब 10 राज्यों में फैला हुआ है, जिसका लक्ष्य 2025 में देश भर में 20,000 छात्रों को अपस्किल करना है – जो पिछले साल की तुलना में छह गुना ज़्यादा है।</p>
<p>तमिलनाडु में, इस साल 5,000 छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी, जो राष्ट्रीय लक्ष्य का लगभग 25% है – यह राज्य को डिजिटल सशक्तिकरण और नौकरी के लिए तैयार टैलेंट को बढ़ावा देने में सबसे आगे रखता है। पहले चरण में, यह प्रोग्राम भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक – यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के 500 छात्रों को ट्रेनिंग देगा, जिसके बाद इसके संबद्ध कॉलेजों के 1,500 छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी।</p>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत में 2022 में लॉन्च किया गया था और 2024 तक 6,500 छात्रों को ट्रेनिंग दी थी, और 2025 तक कुल 26,500 छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। यह अब वंचित और अर्ध-शहरी समुदायों पर विशेष ध्यान देते हुए अपने दायरे का विस्तार कर रहा है। सैमसंग ने मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) के साथ साझेदारी की है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर, सैमसंग इनोवेशन कैंपस में 44% महिलाओं की भागीदारी हासिल हुई है – जो समावेशी और समान स्किलिंग पर सैमसंग के फोकस को दर्शाता है। तकनीकी शिक्षा के अलावा, प्रतिभागियों को रोज़गार क्षमता और कार्यस्थल की तैयारी को मजबूत करने के लिए सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सहायता मिलती है। अपने सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो और सैमसंग दोस्त इनिशिएटिव के साथ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस टेक्नोलॉजी को सभी के लिए सुलभ बनाने, टैलेंट पूल बनाने और भारत के युवाओं को कनेक्टेड, इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य के लिए तैयार करने के प्रति सैमसंग की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2025 में छह गुना विस्तार करेगा, 20 हजार भारतीय स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में मिलेगा प्रशिक्षण]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-2025-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Mon, 08 Sep 2025 13:55:40 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[big data]]></category>
		<category><![CDATA[Electronics Sector Skills Council of India]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[National Skill Development Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[Telecom Sector Skill Council]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग, ने आज अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) के विस्तार की घोषणा की। यह विस्‍तार भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने और सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया विजन को सपोर्ट करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-8974 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/09/SIC-Cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग, ने आज अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) के विस्तार की घोषणा की। यह विस्‍तार भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने और सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया विजन को सपोर्ट करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।</p>
<p>इस स्किलिंग कार्यक्रम का विस्तार इस साल 10 राज्यों में होगा, 2024 में इसमें चार राज्‍य शामिल थे। यह 2025 में 20,000 स्‍टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), बिग डेटा, और कोडिंग व प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करेगा, पिछले साल के 3,500 स्‍टूडेंट्स की तुलना में इसमें छह गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ, स्‍टूडेंट्स को वर्कप्‍लेस की तैयारी बढ़ाने के लिए सॉफ्ट स्किल्स में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, और योग्य उम्मीदवारों को संबंधित उद्योगों में प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाएगी।</p>
<p><strong>जेबी पार्क</strong><strong>, </strong><strong>प्रेसिडेंट और सीईओ</strong><strong>, </strong><strong>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया</strong> ने कहा, “सैमसंग को भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार होने पर गर्व है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत सरकार के स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशन के साथ मिलकर काम करता है, ताकि तकनीक के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर खोले जा सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम भारत के युवाओं को भविष्य के लिए जरूरी कौशल सिखा रहे हैं, ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में सफल हो सकें और देश की तरक्की में योगदान दे सकें। हम खासकर उन छात्रों के लिए स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ाना चाहते हैं, जो कमजोर समुदायों से आते हैं, और सरकार के डिजिटल भारत के सपने को पूरा करने में मदद करना चाहते हैं।”</p>
<h3><strong>स्केल और समावेशन पर रणनीतिक ध्यान</strong></h3>
<p>सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई-ESSCI) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 10,000 स्‍टूडेंट्स को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा सके। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी-TSSC) के साथ एक दूसरा समझौता ज्ञापन तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में 10 <span>हजार</span> अन्य स्‍टूडेंट्स तक कार्यक्रम का विस्तार करेगा।</p>
<p>इस साल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु पर विशेष जोर होगा, जहां प्रत्येक राज्य के 5,000 छात्रों को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचकर भविष्य के तकनीकी कौशल को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि भारत के डिजिटल परिवर्तन में वंचित समुदाय पीछे न छूटें।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी), दोनों राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी-NSDC) द्वारा अनुमोदित संस्थाएं, अपने मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों और केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को लागू करेंगी। भारत में 2022 में लॉन्च होने के बाद से, सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने 6,500 स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षित किया है।</p>
<h3><strong>सैमसंग इनोवेशन कैंपस: भारत में सीएसआर का एक प्रमुख स्तंभ</strong></h3>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस, <span>सैमसंग की सीएसआर रणनीति का एक हिस्सा है</span>, <span>जिसमें सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। ये कार्यक्रम युवाओं को इनोवेशन करने और सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करते हैं। ये पहलें शिक्षा को बेहतर बनाने</span>, <span>रचनात्मकता को बढ़ाने और भारत की अगली पीढ़ी को तकनीक-संचालित भविष्य में सफल होने के लिए तैयार करने के लिए बनाई गई हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग का स्मार्ट थिंग्स क्लाउड: IoT का सपना करेगा साकार]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsungs-smartthings-cloud-bringing-the-iot-dream-to-life</link>
				<pubDate>Wed, 25 Oct 2017 16:46:40 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[मोबाइल फोन]]></category>
		<category><![CDATA[Bixby 2.0]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[IoT]]></category>
		<category><![CDATA[samsung]]></category>
		<category><![CDATA[Smart Things Cloud]]></category>
		<category><![CDATA[इंटरनेट ऑफ थिंग्स]]></category>
		<category><![CDATA[एसडीसी 2017]]></category>
		<category><![CDATA[बिक्सबी 2.0.]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग]]></category>
		<category><![CDATA[स्मार्ट थिंग्स क्लाउड]]></category>
                <guid isPermaLink="false">http://bit.ly/2xneFLm</guid>
									<description><![CDATA[बहुत पुरानी बात नहीं है, एक वक्त ऐसा भी था, जब एक छोटे से डिवाइस के ज़रिए आपकी हर तरह की कम्यूनिकेशन हो पाना एक सपने जैसा लगता था। लेकिन अब, हम में से ज़्यादातर लोग ये याद नहीं कर पाएंगे कि स्मार्टफोन्स के बिना ज़िंदगी कैसी थी। बात जब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>बहुत पुरानी बात नहीं है, एक वक्त ऐसा भी था, जब एक छोटे से डिवाइस के ज़रिए आपकी हर तरह की कम्यूनिकेशन हो पाना एक सपने जैसा लगता था। लेकिन अब, हम में से ज़्यादातर लोग ये याद नहीं कर पाएंगे कि स्मार्टफोन्स के बिना ज़िंदगी कैसी थी। बात जब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की आती है तो लोग अब भी ‘स्मार्ट’ होम के कॉन्सेप्ट को भविष्य मानते हैं, जो फिल्मों में तो दिखता है लेकिन उनकी पहुंच के पार है। उद्योग जगत के आंकड़ों के बावजूद (गार्टनर के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दो साल से थोड़े ज़्यादा वक्त में ही दुनिया में कनेक्टेड डिवाइस की संख्या 20.4 बिलियन तक पहुंच जाएगी), कई लोगों के लिए IoT की वास्तविकता समस्याओं और जवाब ना मिले हुए सवालों से भरी है।</p>
<p>IoT बेहद ही आकर्षक है – एक साधारण से आदेश या बटन के टच से आप अपने लिविंग रूम की लाइट्स को कंट्रोल कर सकते हैं, पीछे के दरवाज़े को बंद कर सकते हैं और गराज के दरवाज़े के लिए अलार्म सेट कर सकते हैं। और जब दुनिया भर के डेवलपर्स और निर्माता अपने स्मार्ट IoT डिवाइस और सॉल्यूशन बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, तब इनमें से कुछ ही कम्पैटिबल हैं। उपभोक्ता जो अपने घर को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए इसका मतलब निकलता है बहुत सारा काम – उनके डिवाइस को एक साथ काम करने के लिए कितने तरह की एप्स और किस स्तर के टेक ज्ञान की ज़रूरत होगी? गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता है – ज़ाहिर है टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में एक्सपोज़र का जोखिम है। ‘स्मार्ट’ होम की कल्पना करना ही आकर्षक लगता है, इसमें पैदा होने वाली रुकावटों पर काम करना ही इसे वास्तविक बनाएगा।</p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-957" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/10/IoT-Integration_main-1_F-704x221.jpg" alt="" width="704" height="221" /></p>
<p>सैमसंग ऐसा भविष्य बनाने पर विश्वास रखता है जहां डिजिटल दुनिया बिजली की तरह ज़रूरी और हर जगह मौजूद हो, जिसकी सुरक्षा इतनी प्रभावशाली हो कि आपको इस विषय पर सोचना ही न पड़े। यह बस काम करेगा, जैसा आप कहेंगे और चाहेंगे; परिणामों के लिए आपको अलग-अलग ऐप्स पर नहीं जाना होगा। हमारे दृष्टिकोण के अनुसार, हम ऐसे अनुभव सामने लेकर आएंगे जो उपभोक्ताओं से जुड़ी हर ‘चीज़’ को छू लेगा – गोपनीयता और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए।</p>
<p>40 से अधिक सालों से, सैमसंग उपयोगकर्ताओँ के अनुभव से प्रेरित होकर टेक्नोलॉजी विकसित करता आया है ताकि लोगों का जीवन आसान बन सके। फीचर्स और प्रोडक्ट्स बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन IoT की पेशकश के पीछे की प्रेरणा वही है – उपभोक्ताओं का ठोस लाभ। सैमसंग कनेक्ट, जो हमारे अप्लायंस, टीवी और रोज़ाना इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ों (जैसे लाइट बल्ब और लॉक्स) को एक साथ हमारे स्मार्टफोन में एक टच से कंट्रोल में लाता है, ARTIK हमारा एक सुरक्षित IoT प्लेटफॉर्म, और SmartThings’ के बेहद ही आसान इंटिग्रेशन सॉल्यूशन के साथ, हम स्मार्ट होम के सपने को साकार करने के बेहद ही करीब हैं। IoT को बेहतर तरीके से सपोर्ट करने वाले नए सेलुलर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की पेशकश के साथ, हम स्मार्ट होम की सीमाओं को पार करके IoT अनुभव का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि, हम बाधाओं को दूर कर रहे हैं और इन सबको एक साथ लाकर एकीकृत IoT अनुभव पर काम कर रहे हैं।</p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-958" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/10/IoT-Integration_main-2-704x225.jpg" alt="" width="704" height="225" /></p>
<p>हाल ही में हुए सैमसंग डेवेलपर कॉन्फ्रेंस (एसडीसी 2017) में हमने स्मार्ट थिंग्स क्लाउड की घोषणा की थी, जो सभी IoT क्लाउड्स को इकलौते पॉवरफुल प्लेटफॉर्म से जोड़ देगा। इस नए प्लेटफॉर्म के ज़रिए और एसडीसी 2017 में घोषित किए गए बिक्सबी 2.0 के पॉवरफुल इंटेलिजेंस के दृष्टिकोण के साथ हम IoT को इंटेलिजेंस के साथ ऐसे जोड़ने का काम कर रहे हैं कि वो इस्तेमाल करने में आसान हो और सबकी पहुंच में हो।</p>
<p>हाल ही में तैयार किया गया स्मार्ट थिंग्स एक ओपन ईकोसिस्टम होगा, जो सिर्फ सैमसंग डिवाइस ही नहीं बल्कि कनेक्टेड डिवाइस की नई रेंज के साथ काम कर सकेगा। अगले साल की शुरुआत में ही, उपभोक्ताओं के पास IoT डिवाइस की विस्तृत रेंज में से अपने लिए डिवाइस चुनने और उन्हें एक ही ऐप से कंट्रोल करने की आज़ादी होगी। फिर चाहे कीमत, डिज़ाइन या कार्यक्षमता उनकी खरीदारी के फैसले में मदद करें, उपभोक्ता अपने बजट और लाइफस्टाइल के हिसाब से बिना किसी रुकावट के डिवाइस सिलेक्ट कर सकते हैं। आसानी से हो जाने वाले इस काम से डेवेलपर्स को भी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें सिर्फ एक ही AIP के लिए कोड करना होगा ताकि उनके तमाम प्रोडक्ट्स और सर्विस को एक बिलियन से ज़्यादा डिवाइस से कम्पैटिबल किया जा सके। इसके अतिरिक्त, ये एक ऐसा क्लाउड है जिसे इंटेलिजेंस के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका अंतिम परिणाम उपभोक्ताओं के लिए एक ऐसा अनुभव होगा जो उनकी ज़िंदगी को बेहतर बनाएगा और जिसका उन्होंने अब तक सिर्फ सपना देखा होगा।</p>
<p>IoT डिवाइस की दुनिया के सबसे बड़े ओपन ईकोसिस्टम के हिस्सा होने, ऐसे प्रोडक्ट्स के साथ जो ‘स्मार्ट थिंग्स के साथ काम करें’ या ‘स्मार्ट थिंग्स हब की तरह काम करें’, हमारे पार्टनर्स उपभोग्ताओं को ये बेहतरीन अनुभव देने के लिए अभिन्न हैं। इनमें से कई अभी से ही स्मार्ट थिंग्स क्लाउड की ताकत का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन सॉल्यूशन्स लाने का काम कर रहे हैं। हम उन्हें बदलाव लाने में मदद करना चाहते हैं और उनके IoT बिज़नेस को बढ़ाने का अनोखा अवसर देना चाहते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-959" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/10/IoT-Integration_main-3-704x247.jpg" alt="" width="704" height="247" /></p>
<p>नए स्मार्ट थिंग्स क्लाउड के साथ, सैमसंग IoT के लोकतंत्रीकरण करने का नेतृत्व कर रहा है। ज़रा सोचिए, आप अपनी फेवरेट प्लेलिस्ट चलाएं, अपनी शॉपिंग लिस्ट में चीज़ें जोड़ लेंऔर लिविंग रूम की लाइट्स को मंदा भी कर दें, बस एक वॉयस कमांड से, वो भी झट से। सोचिए कि अलग निर्माता और सर्विस प्रोवाइडर के डिवाइस, आगे निकलने की रेस ना लगाएं और वो मिलकर एक साथ काम करें। टेक्नोलॉजी के यही अर्थपूर्ण बदलाव बेहतरीन चीज़ें सामने लाते हैं — पहले से बेहतर अनुभव, जो उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं से भी ऊपर हो और पहले से ज़्यादा डिलिवर करना। स्मार्ट थिंग्स क्लाउड पर ज़्यादा जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर जाएं- <a href="https://smartthings.developer.samsung.com/"> SmartThings Developer</a></p>
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