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		<title>Maharashtra &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Maharashtra &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[AI सीखने से लेकर AI के साथ कुछ बनाने तक: सैमसंग इनोवेशन कैंपस के साथ सुनिधिश्री का सफ़र]]></title>
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				<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 13:29:02 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Machine Learning]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
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									<description><![CDATA[सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ़ पढ़ाई का एक विषय नहीं था—यह संभावनाओं से भरा एक क्षेत्र था। महाराष्ट्र के मुंबई में डी. वाई. पाटिल के रामराव आदिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की फ़ाइनल ईयर की छात्रा, सुनिधिश्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई टेक्नोलॉजी में गहरी दिलचस्पी के साथ सैमसंग […]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img width="1000" height="562" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/06132551/image-2.png" alt="" class="wp-image-10814" /><figcaption class="wp-element-caption">सुनिधिश्री: “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे AI का प्रैक्टिकल अनुभव दिया और थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया के कामों में लागू करने में मदद की।”</figcaption></figure>



<p>सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ़ पढ़ाई का एक विषय नहीं था—यह संभावनाओं से भरा एक क्षेत्र था।</p>



<p>महाराष्ट्र के मुंबई में डी. वाई. पाटिल के रामराव आदिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की फ़ाइनल ईयर की छात्रा, सुनिधिश्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई टेक्नोलॉजी में गहरी दिलचस्पी के साथ सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) में कदम रखा। उन्होंने पहले ही एकेडमिक प्रोजेक्ट्स और रिसर्च के ज़रिए टेक्नोलॉजी को समझना शुरू कर दिया था और अक्सर अपनी टीमों में लीडर की भूमिका निभाती थीं।</p>



<p>लेकिन वह सिर्फ़ यह जानना नहीं चाहती थीं कि टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है। वह यह सीखना चाहती थीं कि ज़रूरी समस्याओं को हल करने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए।</p>



<p>यहीं से सैमसंग इनोवेशन कैंपस के साथ उनका सफ़र शुरू हुआ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जिज्ञासा को काबिलियत में बदलना</h2>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के ज़रिए, सुनिधिश्री को AI कॉन्सेप्ट्स, डेटा एनालिसिस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग का व्यवस्थित अनुभव मिला। एक्सपर्ट गाइडेंस, असाइनमेंट्स और प्रैक्टिकल लर्निंग के मेल ने उन्हें क्लासरूम में सीखी गई बातों को असल दुनिया के कामों से जोड़ने में मदद की।</p>



<p>उनके लिए, सबसे बड़ी सीख सिर्फ़ टेक्निकल जानकारी नहीं थी, बल्कि एक्सपेरिमेंट करने, आइडियाज़ पेश करने और समस्याओं को अलग नज़रिए से देखने का आत्मविश्वास भी था।</p>



<p>सुनिधिश्री ने कहा, “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे AI का प्रैक्टिकल अनुभव दिया और थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया के कामों में लागू करने में मदद की। इस प्रोग्राम ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और मुझे सीखते रहने और नई चीज़ें बनाने के लिए प्रेरित किया।”</p>



<p>यह आत्मविश्वास जल्द ही उनके एकेडमिक और रिसर्च के कामों में भी दिखने लगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आइडियाज़ से इनोवेशन तक</h2>



<p>2026 में SIC पूरा करने के बाद, सुनिधिश्री ने हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और क्लिनिकल रिसर्च की चुनौतियों से निपटने वाले कई प्रोजेक्ट्स में अपनी AI जानकारी का इस्तेमाल करना शुरू किया।</p>



<p>उन्होंने ‘AI-ड्रिवन ह्यूमन-सेंट्रिक सॉल्यूशंस एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ (AI-HCSST 2026) पर दूसरी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में “AI-पावर्ड मेडिकल रिपोर्टिंग एंड क्लिनिकल डैशबोर्ड” पेश किया।</p>



<p>टेक्नोलॉजी को ज़्यादा सुलभ बनाने के लिए AI के इस्तेमाल में उनकी दिलचस्पी के कारण “लीफलेन्स: AI-इंटीग्रेटेड प्लांट डिज़ीज़ डिटेक्शन एंड पर्सनलाइज़्ड केयर थ्रू ए मल्टीलिंगुअल चैटबॉट” प्रोजेक्ट भी सामने आया, जिसे उन्होंने ‘एडवांसिंग टेक्नोलॉजी इन इंजीनियरिंग एंड साइंस’ (ICATES-2025) पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेश किया। यह प्रोजेक्ट अब कॉपीराइट एप्लीकेशन के स्टेज तक पहुँच चुका है। एक और प्रोजेक्ट, “स्मार्ट रिक्रूट: क्लिनिकल ट्रायल्स के लिए डिजिटल ट्विन्स,” को कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग और डेटा सिक्योरिटी पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (ICCCDS-2026) में पेश किया गया।</p>



<p>हर प्रोजेक्ट AI के अलग-अलग इस्तेमाल को दिखाता था। साथ मिलकर, उन्होंने कुछ और भी अहम बात दिखाई—एक ऐसा स्टूडेंट जो टेक्नोलॉजी को कागज़ पर मौजूद आइडिया से असल दुनिया में काम आने वाले सॉल्यूशन में बदलने में ज़्यादा कॉन्फिडेंट हो गया है।</p>



<p>सुनिधिश्री ने कई हैकाथॉन में भी हिस्सा लिया और कॉम्पिटिटिव माहौल में अपनी प्रॉब्लम-सॉल्विंग और टेक्निकल स्किल्स को परखा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कॉलेज के बाद की दुनिया के लिए कॉन्फिडेंस बनाना</h2>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस का असर सिर्फ़ प्रोजेक्ट्स और प्रेजेंटेशन तक ही सीमित नहीं था।</p>



<p>जब सुनिधिश्री कॉलेज से वर्कप्लेस में जाने की तैयारी कर रही थीं, तो SIC के ज़रिए बनी टेक्निकल नींव और कॉन्फिडेंस ने प्लेसमेंट प्रोसेस के दौरान उनकी मदद की। उन्हें प्लेसमेंट का मौका मिला, जो उनके प्रोफेशनल सफ़र में एक अहम पड़ाव था।</p>



<p>इस अनुभव ने उन्हें सीखते रहने के लिए भी प्रेरित किया। इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार करने की इच्छा के साथ, उन्होंने अपनी AI स्किल्स के साथ-साथ SAP टेक्नोलॉजीज़ के बारे में भी जानना शुरू किया।</p>



<p>उन्होंने कहा, “SIC सिर्फ़ एक कोर्स नहीं था जिसे मैंने पूरा किया। यह एक सीढ़ी बन गया—AI में दिलचस्पी रखने से लेकर कॉन्फिडेंस के साथ उससे कुछ बनाने, अपने आइडिया पेश करने और आगे आने वाले मौकों के लिए खुद को तैयार करने तक।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">सफ़र जारी है</h2>



<p>आज, सुनिधिश्री AI को सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि असरदार सॉल्यूशन बनाने के एक टूल के तौर पर देखती हैं।</p>



<p>उनका सफ़र—नई टेक्नोलॉजीज़ के बारे में जानने की उत्सुकता रखने वाले स्टूडेंट से लेकर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में AI-बेस्ड सॉल्यूशन पेश करने और प्रोफेशनल दुनिया में कदम रखने वाले युवा इनोवेटर तक—सही समय पर युवाओं को सही स्किल्स, एक्सपोज़र और कॉन्फिडेंस देने की ताकत को दिखाता है।</p>



<p>और सुनिधिश्री के लिए, यह तो बस शुरुआत है।</p>



<p>उन्होंने AI को समझने की उत्सुकता के साथ शुरुआत की थी। सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उस उत्सुकता को कुछ नया बनाने के कॉन्फिडेंस में बदलने में उनकी मदद की।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[पुरानी जीन्स से नई आजीविका: मिलिए महाराष्ट्र के 21 साल की इनोवेटर से, जो डेनिम के कचरे को एक अवसर में बदल रही है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95</link>
				<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 11:08:48 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Mumbai]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[sustainability]]></category>
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									<description><![CDATA[क्या हो अगर पुरानी जींस को कचरे के ढेर (लैंडफिल) में जाने से बचाया जा सके—और उससे किसी महिला को रोज़गार मिल सके? महाराष्ट्र की 21 साल की इनोवेटर योगिता किशोर इसी सोच के साथ काम कर रही हैं। पिछले डेढ़ साल से वह डेनिम के कचरे को एक मौके में बदलने की कोशिश में […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/09/28110611/NR-20260901_172226-1000x563.jpg" alt="" class="wp-image-10667" /><figcaption class="wp-element-caption">योगिता किशोर: “मैं ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का हिस्सा बनकर बहुत आभारी महसूस कर रही हूँ। रिव्यू और फ़ीडबैक मिलना बहुत शानदार रहा है, और यह युवा बदलाव लाने वालों (changemakers) के लिए एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है।”</figcaption></figure>



<p>क्या हो अगर पुरानी जींस को कचरे के ढेर (लैंडफिल) में जाने से बचाया जा सके—और उससे किसी महिला को रोज़गार मिल सके?</p>



<p>महाराष्ट्र की 21 साल की इनोवेटर योगिता किशोर इसी सोच के साथ काम कर रही हैं। पिछले डेढ़ साल से वह डेनिम के कचरे को एक मौके में बदलने की कोशिश में जुटी हैं।</p>



<p>उनकी पहल, ‘Indiejeanous’ (इंडीजीनस), बेकार डेनिम और कपड़ों के टुकड़ों को लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स में बदलती है और साथ ही महिला कारीगरों के लिए रोज़गार के मौके भी बनाती है। अब ‘Samsung Solve for Tomorrow 2026’ की टॉप 20 टीमों में चुनी गईं योगिता एक प्रोटोटाइप बनाने और यह पता लगाने पर काम कर रही हैं कि कैसे उनके समुदाय-आधारित आइडिया को एक बड़े और सफल बिज़नेस में बदला जा सकता है।</p>



<p>योगिता के लिए, यह चुनाव एक अहम मोड़ साबित हुआ है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “मैं ‘Samsung Solve for Tomorrow’ का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूँ। रिव्यू और फीडबैक मिलना बहुत अच्छा रहा, और यह युवा बदलाव लाने वालों (changemakers) के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">कचरे को अपसाइकिल करने से लेकर एक काम का समाधान बनाने तक</h2>



<p>इस प्रोग्राम के बूटकैंप में शामिल होने से पहले, योगिता का ध्यान मुख्य रूप से बेकार कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने (अपसाइकिलिंग) पर था। मेंटर्स, एक्सपर्ट्स और दूसरे इनोवेटर्स के साथ बातचीत ने उन्हें कपड़ों के कचरे के पूरे सफ़र को समझने और उन लोगों के बारे में गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया जो आखिरकार उनके समाधान का इस्तेमाल करेंगे या उससे फ़ायदा उठाएंगे।</p>



<p>योगिता ने कहा, “मेरे आइडिया में बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले हम सिर्फ़ अपसाइकिलिंग पर ध्यान दे रहे थे, लेकिन अब हम इस बात पर गहराई से सोच रहे हैं कि उस कचरे का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। हमने प्रोटोटाइपिंग भी शुरू कर दी है।”</p>



<p>इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि एक सार्थक आइडिया को न सिर्फ़ पर्यावरण के लिहाज़ से, बल्कि ग्राहकों और उस समुदाय के लिए भी काम करना चाहिए जिसकी वह मदद करना चाहता है।</p>



<p>उन्होंने आगे कहा, “आपको ग्राहक को समझना होगा और यह पक्का करना होगा कि समाधान सच में समुदाय की ज़रूरतों को पूरा करे।”</p>



<p>जूरी के सामने ‘Indiejeanous’ को पेश करने और पूरे भारत के युवा इनोवेटर्स के साथ इस पर चर्चा करने से योगिता की सोच का दायरा भी बढ़ा कि यह पहल आगे चलकर क्या रूप ले सकती है।</p>



<p>उन्होंने कहा, “जब मैंने अपना आइडिया पेश किया और अपने साथियों के साथ इसे साझा किया, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं सिर्फ़ अपने समुदाय की किसी समस्या का समाधान नहीं कर रही थी।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">बड़ा सोचने का आत्मविश्वास पाना</h2>



<p>हालाँकि, सबसे महत्वपूर्ण बदलाव व्यक्तिगत स्तर पर आया है। योगिता कहती हैं कि जब वह अकेले ही कोई आइडिया बनाती थीं, तो अक्सर सोचती थीं कि क्या इससे सच में कोई असर पड़ेगा। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ में उन्हें ऐसे युवाओं का एक ग्रुप मिला जो वैसी ही चुनौतियों का सामना कर रहे थे।</p>



<p>उन्होंने कहा, “जब मैं अपने साथियों से बात करती हूँ, तो मुझे लगता है कि मैं कुछ असल काम कर रही हूँ। मुझे प्रेरणा और आत्मविश्वास मिलता है। पहले मुझमें इतना आत्मविश्वास नहीं था।”</p>



<p>जुड़ाव की यह भावना योगिता के लिए बहुत मायने रखती है, क्योंकि उनका कहना है कि अपनी यात्रा की शुरुआत में उन्हें हमेशा ज़रूरी मदद नहीं मिल पाती थी।</p>



<p>उन्होंने कहा, “मेरे आस-पास ऐसे लोगों का होना जो मेरे आइडिया को समझते हैं, मुझे मज़बूती देता है।”</p>



<p>मेंटरशिप, सही सलाह और संभावित ग्रांट सपोर्ट मिलने से योगिता अब ‘Indiejeanous’ मॉडल को बेहतर बना रही हैं, उसका प्रोटोटाइप तैयार कर रही हैं और यह देख रही हैं कि इससे पर्यावरण और समाज पर कैसे मापा जा सकने वाला असर डाला जा सकता है।</p>



<p>एक समुदाय में बेकार डेनिम से शुरू हुई यह पहल धीरे-धीरे कुछ बड़ी चीज़ बनती जा रही है: एक सर्कुलर-इकोनॉमी आइडिया जो टेक्सटाइल वेस्ट को कम करने, महिला कारीगरों की मदद करने और यह दिखाने में सक्षम है कि युवा इनोवेटर कैसे नज़रअंदाज़ की गई समस्याओं को नई संभावनाओं में बदल सकते हैं।</p>



<p>21 साल की उम्र में, योगिता शायद अभी उस यात्रा की शुरुआत में ही हैं। लेकिन अब उन्हें यह नहीं लगता कि उन्हें अकेले ही सब कुछ करना है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस महाराष्ट्र में ज़्यादा युवा महिलाओं को AI में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है]]></title>
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				<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:06:50 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Future Ready]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Opportunity]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Topper]]></category>
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									<description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा। पूरे महाराष्ट्र में, […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05120443/image-7.png" alt="" class="wp-image-10299" /></figure></div>


<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा।</p>



<p>पूरे महाराष्ट्र में, Samsung Innovation Campus (SIC) युवा महिलाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी AI स्किल्स, प्रैक्टिकल लर्निंग और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स का अनुभव देकर इस बदलाव को मुमकिन बना रहा है। इससे वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के लिए तैयार हो रही हैं।</p>



<p>Samsung के खास ‘फ्यूचर-टेक स्किलिंग प्रोग्राम’ ने पूरे भारत में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी है, जिसमें महाराष्ट्र के 1,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसने AI एजुकेशन तक पहुँच बढ़ाई है और ज़्यादा युवा महिलाओं को टेक्नोलॉजी में आत्मविश्वास के साथ करियर बनाने में मदद की है।</p>



<p>नवी मुंबई के Ramrao Adik Institute of Technology (RAIT) की स्टूडेंट हिमांशी शर्मा के लिए, Samsung Innovation Campus क्लासरूम की पढ़ाई और तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के बीच एक पुल बन गया।</p>



<p>वह कहती हैं, “मैं अक्सर सोचती थी कि क्या सिर्फ़ मेरी एकेडमिक जानकारी मुझे तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के लिए तैयार कर पाएगी।”</p>



<p>प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और एक्सपर्ट मेंटरशिप के ज़रिए, हिमांशी ने ‘CareerStack AI’ बनाया। यह AI-पावर्ड ‘रिज़्यूमे इंटेलिजेंस सिस्टम’ है जो नौकरी चाहने वालों को AI-ड्रिवन इनसाइट्स के ज़रिए अपने एप्लीकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके बाद उन्हें US की कंपनी Blue Sapphire में AI और डेटा टेक्नोलॉजी इंटर्न के तौर पर इंटर्नशिप मिली, जहाँ उन्होंने क्लाइंट-फेसिंग और पेटेंट-फाइल किए गए प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।</p>



<p>वह कहती हैं, “AI को सिर्फ़ एल्गोरिदम का कलेक्शन मानने के बजाय, मैंने असल दुनिया की चुनौतियों के लिए पूरे सॉल्यूशन बनाना सीखा। शुरू करने से पहले आपको सब कुछ जानने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी बात है सीखने की इच्छा, उत्सुकता बनाए रखना और हर दिन बेहतर होते रहना।”</p>



<p>DY Patil Ramrao Adik Institute of Technology में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की स्टूडेंट सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, इस प्रोग्राम ने उनकी टेक्निकल क्षमताओं और AI और डेटा-ड्रिवन टेक्नोलॉजी में मौके तलाशने के आत्मविश्वास को मज़बूत किया।</p>



<p>Samsung Innovation Campus पूरा करने के बाद, उन्हें Capgemini में प्लेसमेंट मिला। इससे पता चलता है कि इंडस्ट्री के हिसाब से स्किलिंग कैसे युवा महिलाओं को पढ़ाई से नौकरी तक सफलतापूर्वक पहुँचने में मदद कर सकती है।</p>



<p>वह कहती हैं, “Samsung Innovation Campus ने मुझे स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग, असाइनमेंट और एक्सपर्ट गाइडेंस के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अच्छा अनुभव दिया। प्रैक्टिकल लर्निंग अनुभव ने मेरे टेक्निकल, एनालिटिकल और प्रेजेंटेशन स्किल्स को मज़बूत किया और साथ ही मुझे थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की।” नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’, युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाता है और साथ ही ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विज़न को भी सपोर्ट करता है।</p>



<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ युवा महिलाओं के लिए भारत की बढ़ती AI इकॉनमी में शामिल होने के मौके बढ़ा रहा है। इंडस्ट्री-केंद्रित लर्निंग और प्रैक्टिकल अनुभव को मिलाकर, यह प्रोग्राम महत्वाकांक्षी महिला टेक्नोलॉजिस्ट को बेहतर करियर बनाने में मदद कर रहा है और साथ ही एक ज़्यादा समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल वर्कफोर्स बनाने में योगदान दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[भविष्य की झलक अब मुंबई में: सैमसंग ने लॉन्च किया अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9d%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 10:48:59 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[घरेलु उपकरण]]></category>
		<category><![CDATA[टीवी / डिस्प्ले और एवी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित ओबेरॉय कॉमर्ज-II की 28वीं मंज़िल पर अपने अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो का उद्घाटन किया है। यह भविष्य-केन्द्रित स्टूडियो, सैमसंग के उन्नत डिवाइसेज़ के बीच बेहतरीन आपसी तालमेल को दर्शाता है और B2B साझेदारों के लिए एकीकृत व्यावसायिक समाधानों की विस्तृत श्रृंखला पेश […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><div id="attachment_8853" style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-8853" class="wp-image-8853 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/07/BES-Main.jpg" alt="" width="1000" height="642" /><p id="caption-attachment-8853" class="wp-caption-text">सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ, जेबी पार्क और महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मंत्री श्री आशिष शेलार मुंबई में अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो का उद्घाटन करते हुए</p></div></p>
<p>भारत के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित ओबेरॉय कॉमर्ज-II की 28वीं मंज़िल पर अपने अत्याधुनिक बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो का उद्घाटन किया है।</p>
<p>यह भविष्य-केन्द्रित स्टूडियो, सैमसंग के उन्नत डिवाइसेज़ के बीच बेहतरीन आपसी तालमेल को दर्शाता है और B2B साझेदारों के लिए एकीकृत व्यावसायिक समाधानों की विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। करीब 6,500 वर्गफुट में फैला यह शोकेस सेंटर विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में इनोवेशन, योजना और खोज की संभावनाओं को साकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>
<p>मुंबई का यह BES, गुरुग्राम में पहले से मौजूद सैमसंग के एग्ज़ीक्यूटिव ब्रीफिंग सेंटर के बाद दूसरा बड़ा केंद्र है, जो कंपनी की इनोवेटिव टेक्नोलॉजी और B2B सॉल्यूशंस को प्रदर्शित करता है।</p>
<p><strong>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ, जेबी पार्क</strong> ने कहा, “सैमसंग में हमारा मानना है कि भविष्य का बिज़नेस ऐसे इंटेलिजेंट एक्सपीरियंस में है जो मानव-केंद्रित, परस्पर जुड़े हुए और सस्टेनेबल हों। मुंबई में शुरू किया गया यह बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो हमारे इसी विज़न को सामने लाता है।</p>
<p>यह एक ऐसा स्पेस है, जहां कंपनियां हमारे एआई-संचालित एडवांस्ड इनोवेशंस को असली माहौल में अनुभव कर सकती हैं—चाहे वह स्मार्ट क्लासरूम हों या ऑटोमेटेड होटल, इंटेलिजेंट हेल्थकेयर टूल्स हों या पेपरलेस बैंकिंग। हमारा उद्देश्य है डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को असरदार, स्मार्ट और बड़े पैमाने पर अपनाने योग्य बनाना। यह स्टूडियो केवल तकनीक का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि भारत और दुनिया भर के बिज़नेस पार्टनर्स के साथ मिलकर भविष्य के एंटरप्राइज तैयार करने के हमारे संकल्प का प्रतीक है।”</p>
<p>बीईएस मुंबई के उद्घाटन पर प्रतिक्रिया देते हुए, <strong>महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मंत्री श्री आशिष शेलार</strong> ने कहा, “डिजिटल इंडिया मिशन अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे दौर में एआई और वीआर जैसी उभरती तकनीकें न सिर्फ उद्योगों के काम करने के तरीके को बदल रही हैं, बल्कि संस्थानों की सेवा प्रणाली और आम नागरिकों के अनुभव को भी नई दिशा दे रही हैं। मुंबई, नवाचार, साझेदारी और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम को बढ़ावा देते हुए इस बदलाव की अगुवाई कर रहा है। ऐसे समय में सैमसंग का यह नया बिज़नेस एक्सपीरियंस स्टूडियो, महाराष्ट्र को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व के करीब लाते हुए राज्य को डिजिटल इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”</p>
<p>बीईएस मुंबई स्टूडियो, स्टार्टअप्स, स्कूलों, होटलों, अस्पतालों और बैंकों जैसे विभिन्न क्षेत्रों के क्लाइंट्स को वास्तविक स्थितियों पर आधारित अनुभव प्रदान करता है। यहां विभिन्न ज़ोन बनाए गए हैं, जो असली दुनिया की कार्यशैली को दर्शाते हैं और यह दिखाते हैं कि कैसे कारोबारी संस्थान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को अपनाकर अपनी सेवाओं को स्मार्ट बना सकते हैं। यह स्टूडियो व्यवसायों को उनकी बदलती ज़रूरतों के अनुरूप सही निर्णय लेने में मदद करता है।</p>
<p>ज़ोन 1: शिक्षा से लेकर हेल्थकेयर तक इंटेलिजेंट सॉल्यूशंस</p>
<p>इस ज़ोन में विज़िटर्स को शिक्षा, रिटेल, फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार की गई स्मार्ट तकनीकों का अनुभव मिलता है।</p>
<p>• शिक्षा क्षेत्र के लिए स्मार्ट क्लासरूम और कैंपस सॉल्यूशंस पेश किए गए हैं, जिनमें सैमसंग के अगली पीढ़ी के इंटरैक्टिव डिस्प्ले, टैबलेट्स, और डिजिटल नोटिस बोर्ड शामिल हैं, जो आपस में पूरी तरह से समन्वित (सिंक) होकर काम करते हैं।<br />
• वहीं रिटेल, बैंकिंग और हेल्थकेयर के लिए डिजिटल विज्ञापन समाधान, सॉफ्ट पीओएस सिस्टम, स्मार्ट एयर क्वालिटी मैनेजमेंट और एडवांस डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है।</p>
<p>ज़ोन 2: पूरी तरह कनेक्टेड मीटिंग रूम और होटल रूम्स की झलक</p>
<p>• इस ज़ोन की थीम है “यूनिफाइड सॉल्यूशंस”।</p>
<p>यहां Samsung SmartThings Pro के ज़रिए यह दिखाया गया है कि भविष्य के मीटिंग रूम और होटल रूम्स कैसे कनेक्टेड और AI-संचालित होंगे।</p>
<p>• इसके अलावा, सैमसंग के रिवोल्यूशनरी डिस्प्ले ‘The Wall’ को भी दर्शाया गया है, जो ऑटोमोटिव, सरकारी संस्थानों, हॉस्पिटैलिटी और कॉरपोरेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए उन्नत स्क्रीनिंग सॉल्यूशंस प्रदान करता है।</p>
<p>ज़ोन 3 और 4: स्मार्ट होम और को-लिविंग के लिए टेक्नोलॉजी</p>
<p>• ज़ोन 3 में दर्शकों को सैमसंग के माइक्रोवेव, साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर, टीवी, एसी और फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों के समाधान देखने को मिलते हैं, जिन्हें विशेष रूप से को-लिविंग स्पेस और स्टार्टअप्स की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।</p>
<p>बड़े कमर्शियल स्पेसेज़ के लिए सिस्टम AC भी यहां डिस्प्ले पर हैं।</p>
<p>• ज़ोन 4 में स्मार्ट होम सॉल्यूशंस की झलक मिलती है, जहां कनेक्टेड बेडरूम, किचन और लिविंग रूम को अनुभव के रूप में दिखाया गया है।</p>
<p>इसके साथ ही, इमर्सिव गेमिंग ज़ोन और होम सिनेमा ज़ोन भी मौजूद हैं, जो टेक्नोलॉजी के शौकीनों को जरूर आकर्षित करते हैं।</p>
<p><strong>खुलने का समय:</strong> सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (सोमवार से शुक्रवार)</p>
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