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		<title>Samsung Innovation Campus &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Samsung Innovation Campus &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस के ज़रिए डिंडिगुल की छात्रा ने AI में अपनी जगह बनाई]]></title>
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				<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:42:28 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[AI]]></category>
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									<description><![CDATA[जब सुबिक्षा A ने डिंडिगुल के सेंट एंटनी कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड साइंसेज फ़ॉर विमेन में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई शुरू की, तो वह टेक्नोलॉजी की ओर आकर्षित हुईं। उन्होंने पायथन, वेब डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग और डेटाबेस की पढ़ाई की थी, लेकिन उन्हें चिंता थी कि क्या वह इतनी तेज़ी से बदल रहे इस क्षेत्र […]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/14174057/IMG-20261001-WA0061-1791978266093-1000x563.jpg" alt="" class="wp-image-10878" /></figure>



<p>जब सुबिक्षा A ने डिंडिगुल के सेंट एंटनी कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड साइंसेज फ़ॉर विमेन में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई शुरू की, तो वह टेक्नोलॉजी की ओर आकर्षित हुईं। उन्होंने पायथन, वेब डेवलपमेंट, मशीन लर्निंग और डेटाबेस की पढ़ाई की थी, लेकिन उन्हें चिंता थी कि क्या वह इतनी तेज़ी से बदल रहे इस क्षेत्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पाएंगी।</p>



<p>वह थ्योरी से आगे बढ़कर यह समझना चाहती थीं कि नई टेक्नोलॉजी असल समस्याओं को कैसे हल कर सकती है। वह अनजान चुनौतियों का सामना करने के लिए ज़्यादा आत्मविश्वास भी हासिल करना चाहती थीं।</p>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) ने उन्हें क्लासरूम की सीख को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रैक्टिकल इस्तेमाल से जोड़ने में मदद की। व्यवस्थित लेसन और असाइनमेंट ने उन्हें एक्सपेरिमेंट करने, गलतियों से सीखने और ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ टेक्निकल समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित किया।</p>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस, सैमसंग का एक ग्लोबल एजुकेशन प्रोग्राम है जो व्यवस्थित लर्निंग और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के ज़रिए युवाओं को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी स्किल्स सिखाता है। 2026 में, इसका मकसद पूरे भारत में 20,000 युवाओं को AI में ट्रेनिंग देना है, जिससे देश के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।</p>



<p>सुबिक्षा कहती हैं, “सैमसंग इनोवेशन कैंपस का मेरे पर्सनल और प्रोफेशनल विकास पर बहुत असर पड़ा है। इसने मुझे सिर्फ़ टेक्निकल कॉन्सेप्ट ही नहीं सिखाए, बल्कि सीखने और समस्याओं को सुलझाने के मेरे नज़रिए को भी बदल दिया।”</p>



<p>कॉलेज की ज़िम्मेदारियों के साथ इस प्रोग्राम को मैनेज करने से उनमें अनुशासन, निरंतरता और टाइम-मैनेजमेंट स्किल्स विकसित हुईं—ऐसी आदतें जो उनके अनुसार नौकरी की दुनिया में कदम रखने पर काम आएंगी।</p>



<p>सुबिक्षा AI के बारे में सीखना जारी रखना चाहती हैं और ऐसे समाधानों में योगदान देना चाहती हैं जिनसे सकारात्मक बदलाव आए। इस अनुभव ने मुश्किलों को देखने का उनका नज़रिया बदल दिया है: अब कोई मुश्किल कॉन्सेप्ट उनके लिए खुद पर शक करने की वजह नहीं बनता, बल्कि कोशिश करने, सवाल पूछने और बेहतर बनने का मौका बन जाता है।</p>



<p>उनका अनुभव युवा महिलाओं के लिए प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी एजुकेशन की अहमियत को दिखाता है, क्योंकि अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ में AI स्किल्स तेज़ी से ज़रूरी होती जा रही हैं। खुद काम करके सीखने (hands-on learning) से स्टूडेंट्स को उन क्षेत्रों में भी अपने लिए जगह बनाने का भरोसा मिल सकता है, जो पहले उन्हें अपनी पहुँच से बाहर लगते थे।</p>



<p>“टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाली हर लड़की से मैं यही कहूँगी: अपनी काबिलियत को कभी कम न समझें। शुरुआत करने से पहले आपके पास हर सवाल का जवाब होना ज़रूरी नहीं है।”</p>



<p>सुबिक्षा का आत्मविश्वास उनकी स्किल्स के साथ-साथ बढ़ा है। AI में उनका सफ़र अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन अब वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखती हैं जो भविष्य को आकार देने वाली टेक्नोलॉजी में योगदान दे सकता है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[AI सीखने से लेकर AI के साथ कुछ बनाने तक: सैमसंग इनोवेशन कैंपस के साथ सुनिधिश्री का सफ़र]]></title>
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				<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 13:29:02 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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		<category><![CDATA[Machine Learning]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
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									<description><![CDATA[सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ़ पढ़ाई का एक विषय नहीं था—यह संभावनाओं से भरा एक क्षेत्र था। महाराष्ट्र के मुंबई में डी. वाई. पाटिल के रामराव आदिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की फ़ाइनल ईयर की छात्रा, सुनिधिश्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई टेक्नोलॉजी में गहरी दिलचस्पी के साथ सैमसंग […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img width="1000" height="562" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/06132551/image-2.png" alt="" class="wp-image-10814" /><figcaption class="wp-element-caption">सुनिधिश्री: “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे AI का प्रैक्टिकल अनुभव दिया और थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया के कामों में लागू करने में मदद की।”</figcaption></figure>



<p>सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ़ पढ़ाई का एक विषय नहीं था—यह संभावनाओं से भरा एक क्षेत्र था।</p>



<p>महाराष्ट्र के मुंबई में डी. वाई. पाटिल के रामराव आदिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की फ़ाइनल ईयर की छात्रा, सुनिधिश्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई टेक्नोलॉजी में गहरी दिलचस्पी के साथ सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) में कदम रखा। उन्होंने पहले ही एकेडमिक प्रोजेक्ट्स और रिसर्च के ज़रिए टेक्नोलॉजी को समझना शुरू कर दिया था और अक्सर अपनी टीमों में लीडर की भूमिका निभाती थीं।</p>



<p>लेकिन वह सिर्फ़ यह जानना नहीं चाहती थीं कि टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है। वह यह सीखना चाहती थीं कि ज़रूरी समस्याओं को हल करने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए।</p>



<p>यहीं से सैमसंग इनोवेशन कैंपस के साथ उनका सफ़र शुरू हुआ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जिज्ञासा को काबिलियत में बदलना</h2>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के ज़रिए, सुनिधिश्री को AI कॉन्सेप्ट्स, डेटा एनालिसिस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग का व्यवस्थित अनुभव मिला। एक्सपर्ट गाइडेंस, असाइनमेंट्स और प्रैक्टिकल लर्निंग के मेल ने उन्हें क्लासरूम में सीखी गई बातों को असल दुनिया के कामों से जोड़ने में मदद की।</p>



<p>उनके लिए, सबसे बड़ी सीख सिर्फ़ टेक्निकल जानकारी नहीं थी, बल्कि एक्सपेरिमेंट करने, आइडियाज़ पेश करने और समस्याओं को अलग नज़रिए से देखने का आत्मविश्वास भी था।</p>



<p>सुनिधिश्री ने कहा, “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे AI का प्रैक्टिकल अनुभव दिया और थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया के कामों में लागू करने में मदद की। इस प्रोग्राम ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और मुझे सीखते रहने और नई चीज़ें बनाने के लिए प्रेरित किया।”</p>



<p>यह आत्मविश्वास जल्द ही उनके एकेडमिक और रिसर्च के कामों में भी दिखने लगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आइडियाज़ से इनोवेशन तक</h2>



<p>2026 में SIC पूरा करने के बाद, सुनिधिश्री ने हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और क्लिनिकल रिसर्च की चुनौतियों से निपटने वाले कई प्रोजेक्ट्स में अपनी AI जानकारी का इस्तेमाल करना शुरू किया।</p>



<p>उन्होंने ‘AI-ड्रिवन ह्यूमन-सेंट्रिक सॉल्यूशंस एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ (AI-HCSST 2026) पर दूसरी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में “AI-पावर्ड मेडिकल रिपोर्टिंग एंड क्लिनिकल डैशबोर्ड” पेश किया।</p>



<p>टेक्नोलॉजी को ज़्यादा सुलभ बनाने के लिए AI के इस्तेमाल में उनकी दिलचस्पी के कारण “लीफलेन्स: AI-इंटीग्रेटेड प्लांट डिज़ीज़ डिटेक्शन एंड पर्सनलाइज़्ड केयर थ्रू ए मल्टीलिंगुअल चैटबॉट” प्रोजेक्ट भी सामने आया, जिसे उन्होंने ‘एडवांसिंग टेक्नोलॉजी इन इंजीनियरिंग एंड साइंस’ (ICATES-2025) पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेश किया। यह प्रोजेक्ट अब कॉपीराइट एप्लीकेशन के स्टेज तक पहुँच चुका है। एक और प्रोजेक्ट, “स्मार्ट रिक्रूट: क्लिनिकल ट्रायल्स के लिए डिजिटल ट्विन्स,” को कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग और डेटा सिक्योरिटी पर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (ICCCDS-2026) में पेश किया गया।</p>



<p>हर प्रोजेक्ट AI के अलग-अलग इस्तेमाल को दिखाता था। साथ मिलकर, उन्होंने कुछ और भी अहम बात दिखाई—एक ऐसा स्टूडेंट जो टेक्नोलॉजी को कागज़ पर मौजूद आइडिया से असल दुनिया में काम आने वाले सॉल्यूशन में बदलने में ज़्यादा कॉन्फिडेंट हो गया है।</p>



<p>सुनिधिश्री ने कई हैकाथॉन में भी हिस्सा लिया और कॉम्पिटिटिव माहौल में अपनी प्रॉब्लम-सॉल्विंग और टेक्निकल स्किल्स को परखा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कॉलेज के बाद की दुनिया के लिए कॉन्फिडेंस बनाना</h2>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस का असर सिर्फ़ प्रोजेक्ट्स और प्रेजेंटेशन तक ही सीमित नहीं था।</p>



<p>जब सुनिधिश्री कॉलेज से वर्कप्लेस में जाने की तैयारी कर रही थीं, तो SIC के ज़रिए बनी टेक्निकल नींव और कॉन्फिडेंस ने प्लेसमेंट प्रोसेस के दौरान उनकी मदद की। उन्हें प्लेसमेंट का मौका मिला, जो उनके प्रोफेशनल सफ़र में एक अहम पड़ाव था।</p>



<p>इस अनुभव ने उन्हें सीखते रहने के लिए भी प्रेरित किया। इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार करने की इच्छा के साथ, उन्होंने अपनी AI स्किल्स के साथ-साथ SAP टेक्नोलॉजीज़ के बारे में भी जानना शुरू किया।</p>



<p>उन्होंने कहा, “SIC सिर्फ़ एक कोर्स नहीं था जिसे मैंने पूरा किया। यह एक सीढ़ी बन गया—AI में दिलचस्पी रखने से लेकर कॉन्फिडेंस के साथ उससे कुछ बनाने, अपने आइडिया पेश करने और आगे आने वाले मौकों के लिए खुद को तैयार करने तक।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">सफ़र जारी है</h2>



<p>आज, सुनिधिश्री AI को सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि असरदार सॉल्यूशन बनाने के एक टूल के तौर पर देखती हैं।</p>



<p>उनका सफ़र—नई टेक्नोलॉजीज़ के बारे में जानने की उत्सुकता रखने वाले स्टूडेंट से लेकर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में AI-बेस्ड सॉल्यूशन पेश करने और प्रोफेशनल दुनिया में कदम रखने वाले युवा इनोवेटर तक—सही समय पर युवाओं को सही स्किल्स, एक्सपोज़र और कॉन्फिडेंस देने की ताकत को दिखाता है।</p>



<p>और सुनिधिश्री के लिए, यह तो बस शुरुआत है।</p>



<p>उन्होंने AI को समझने की उत्सुकता के साथ शुरुआत की थी। सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उस उत्सुकता को कुछ नया बनाने के कॉन्फिडेंस में बदलने में उनकी मदद की।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[AI के प्रति जुनून से टेक्नोलॉजी में करियर तक: सैमसंग इनोवेशन कैंपस के साथ दिल्ली की मुस्कान अरोड़ा का सफ़र]]></title>
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				<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 16:49:19 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[AI]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Skilling]]></category>
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									<description><![CDATA[मुस्कान अरोड़ा के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमेशा से ही उत्सुकता और संभावनाओं का विषय रहा है। कंप्यूटर एप्लीकेशन की छात्रा होने के नाते, उनका झुकाव टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्रॉब्लम-सॉल्विंग की ओर था, और उनका स्पष्ट लक्ष्य टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में करियर बनाना था। लेकिन जब वह क्लासरूम से वर्कप्लेस (काम की दुनिया) में जाने की […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img width="1000" height="562" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/01164456/image.png" alt="" class="wp-image-10725" /><figcaption class="wp-element-caption">मुस्कान: “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे टेक्नोलॉजी के प्रति अपने जुनून को करियर में बदलने का आत्मविश्वास दिया।”</figcaption></figure></div>


<p>मुस्कान अरोड़ा के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमेशा से ही उत्सुकता और संभावनाओं का विषय रहा है। कंप्यूटर एप्लीकेशन की छात्रा होने के नाते, उनका झुकाव टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्रॉब्लम-सॉल्विंग की ओर था, और उनका स्पष्ट लक्ष्य टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में करियर बनाना था।</p>



<p>लेकिन जब वह क्लासरूम से वर्कप्लेस (काम की दुनिया) में जाने की तैयारी कर रही थीं, तो मुस्कान के मन में एक आम सवाल आया: क्या उनकी एकेडमिक जानकारी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की उम्मीदों पर खरी उतरने के लिए काफी थी?</p>



<p>गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन, कम्युनिकेशन एंड टेक्नोलॉजी (USICT) से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) करते हुए, मुस्कान ने अपनी एकेडमिक पढ़ाई के ज़रिए एक मज़बूत आधार तैयार कर लिया था। फिर भी, उन्हें यह चिंता थी कि क्या उनके पास उस जानकारी को आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल करने के लिए ज़रूरी प्रैक्टिकल स्किल्स और असल दुनिया का अनुभव है।</p>



<p>तभी सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) के साथ उनका सफ़र शुरू हुआ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">AI में दिलचस्पी को प्रैक्टिकल लर्निंग में बदलना</h2>



<p>मुस्कान एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ सैमसंग इनोवेशन कैंपस से जुड़ीं — इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखना, इसके असल दुनिया में इस्तेमाल को समझना और इंडस्ट्री के लिए तैयार होने के लिए ज़रूरी स्किल्स को मज़बूत करना।</p>



<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स किया, जहाँ प्रैक्टिकल असाइनमेंट, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और मेंटर्स के साथ इंटरैक्टिव सेशन ने उन्हें थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स से आगे बढ़कर AI की प्रैक्टिकल समझ विकसित करने में मदद की।</p>



<p>मुस्कान के लिए, यह अनुभव टेक्निकल स्किल्स बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी था।</p>



<p>प्रैक्टिकल AI प्रोजेक्ट्स पर काम करने से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि असल दुनिया की चुनौतियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। उन्हें मिली मेंटरशिप ने समस्याओं को क्रिएटिव तरीके से हल करने के लिए प्रोत्साहित किया, जबकि प्रैक्टिकल लर्निंग ने उनकी एनालिटिकल और प्रॉब्लम-सॉल्विंग क्षमताओं को मज़बूत करने में मदद की।</p>



<p>जो शुरुआत थोड़ी हिचकिचाहट के साथ हुई थी, वह धीरे-धीरे उनकी अपनी क्षमताओं पर आत्मविश्वास में बदल गई।</p>



<p>मुस्कान ने कहा, “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे टेक्नोलॉजी के प्रति अपने जुनून को करियर में बदलने का आत्मविश्वास दिया, और इसने मुझे याद दिलाया कि लगातार सीखते रहना ही हर सफलता की नींव है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">AI सीखने से लेकर इंडस्ट्री के लिए तैयार होने तक</h2>



<p>SIC के सफ़र के दौरान मुस्कान ने जो स्किल्स विकसित कीं, वे जल्द ही प्रोफेशनल दुनिया में उनके कदम रखने का एक अहम हिस्सा बन गईं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स से मिले प्रैक्टिकल अनुभव और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग ने उन्हें मुख्य कॉन्सेप्ट्स की समझ बेहतर करने और समस्याओं को सुलझाने का एक व्यवस्थित तरीका विकसित करने में मदद की। इन सीखों ने उन्हें रिक्रूटमेंट प्रोसेस के दौरान ज़्यादा आत्मविश्वास भी दिया।</p>



<p>जब वह टेक्निकल इंटरव्यू के लिए गईं, तो मुस्कान SIC के ज़रिए विकसित किए गए प्रैक्टिकल ज्ञान और समस्या-समाधान के तरीके का इस्तेमाल कर पाईं। इस अनुभव ने उन्हें अपनी सीख को प्रोफेशनल माहौल में लागू करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार महसूस करने में मदद की।</p>



<p>उनकी कोशिशों का नतीजा एक बड़ी कामयाबी के तौर पर सामने आया — मुस्कान को इंफोसिस में सिस्टम इंजीनियर के तौर पर नौकरी मिली, जिससे टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके प्रोफेशनल सफ़र की शुरुआत हुई।</p>



<p>उनके लिए, यह मौका सिर्फ़ नौकरी की दुनिया में पहला कदम रखने से कहीं ज़्यादा है। यह उस सफ़र को दिखाता है जो इंडस्ट्री के लिए तैयार होने पर सवाल उठाने से लेकर उस चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास पाने तक का है।</p>



<p>ऐसा आत्मविश्वास जो क्लासरूम से आगे तक जाता है<br>मुस्कान के इस बदलाव ने उनके आस-पास के लोगों के उनके सपनों को देखने का नज़रिया भी बदल दिया।</p>



<p>इंफोसिस में उनकी नौकरी उनके परिवार के लिए गर्व का पल बन गई, जिससे उनकी काबिलियत पर परिवार का भरोसा और मज़बूत हुआ और साथ ही लगन, लगातार सीखने और सही मौकों की अहमियत भी साबित हुई।</p>



<p>अपने करियर की शुरुआत करते हुए, मुस्कान टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में लगातार सीखने और आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। उनके अनुभव ने उन्हें उन दूसरी युवा महिलाओं के लिए सलाह देने में भी मदद की है जो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।</p>



<p>वह कहती हैं, “खुद पर भरोसा रखें, नई चीज़ें जानने की उत्सुकता बनाए रखें, चुनौतियों का सामना करें और कभी भी सीखना बंद न करें।” वह युवा लड़कियों को टेक्नोलॉजी को मौकों से भरे क्षेत्र के तौर पर देखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।</p>



<p>मुस्कान का सफ़र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति जुनून और इस अनिश्चितता के साथ शुरू हुआ था कि क्या वह अपनी इस दिलचस्पी को करियर में बदल पाएंगी। सैमसंग इनोवेशन कैंपस के ज़रिए, उन्हें अगला कदम उठाने के लिए ज़रूरी प्रैक्टिकल अनुभव और आत्मविश्वास मिला — यानी टेक्नोलॉजी में अपनी दिलचस्पी को अपने प्रोफेशनल सफ़र की नींव बनाना।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने भारत में AI टैलेंट पाइपलाइन बनाने में मदद के लिए ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ का 2026 एडिशन लॉन्च किया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ai-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f</link>
				<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 17:46:41 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[ESSCI]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[TSSC]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है। 2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" width="1024" height="842" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/06174259/Main-1-1-1024x842.jpg" alt="" class="wp-image-10324" /></figure>



<p>सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ (TSSC) के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। इन साझेदारियों के ज़रिए, सैमसंग का लक्ष्य 10 राज्यों में 20,000 युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना है, ताकि इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी AI शिक्षा तक पहुँच बढ़ाई जा सके और भारत के भविष्य के AI टैलेंट पाइपलाइन को मज़बूत किया जा सके।</p>



<p>AI दुनिया के काम करने के तरीके को बदल रहा है — हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर शिक्षा और रोज़मर्रा की सेवाओं तक। जैसे-जैसे भारत अपने AI लक्ष्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है, एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करना ज़रूरी होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग AI की ताकत का इस्तेमाल कर सकें और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकें।</p>



<p>भारत में अपने चौथे साल में, SIC 18-25 साल के युवाओं को प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, मेंटरशिप और असल दुनिया के एप्लीकेशन का अनुभव देगा। इससे वे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में से एक में करियर के लिए तैयार हो सकेंगे।</p>



<p>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, JB पार्क ने कहा, “AI हमारे समय के सबसे बड़े मौकों में से एक है, और भारत अपने युवा टैलेंट की ताकत से इस बदलाव का नेतृत्व करने की खास स्थिति में है। इस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए सही स्किल्स विकसित करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और हर इच्छुक सीखने वाले के लिए AI शिक्षा को ज़्यादा सुलभ बनाने में लगातार निवेश की ज़रूरत होगी, चाहे वे कहीं से भी आए हों। सैमसंग में, हमारा मानना ​​है कि टेक्नोलॉजी तब सबसे ज़्यादा असर डालती है जब वह लोगों को सशक्त बनाती है। SIC के ज़रिए, हम AI टैलेंट की अगली पीढ़ी में निवेश कर रहे हैं, और युवा भारतीयों को वह ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने में मदद कर रहे हैं जो भारत की इनोवेशन यात्रा में योगदान देने के लिए ज़रूरी है। भारत में अपने 30 साल पूरे करने के मौके पर, हम देश के ग्लोबल AI लीडर बनने के विज़न का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ऐसे टैलेंट को निखार रहे हैं जो देश के भविष्य को आकार देगा।”</p>



<p>चूँकि सैमसंग भारत में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, SIC का नया एडिशन टेक्नोलॉजी टैलेंट को विकसित करने और AI और इनोवेशन के ग्लोबल हब के रूप में भारत के उभरने में मदद करने के लिए कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है। टेक्निकल लर्निंग के अलावा, यह प्रोग्राम प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग और सहयोग की भावना को विकसित करने के लिए बनाया गया है, जिससे प्रतिभागी प्रैक्टिकल AI समाधान बना सकें और साथ ही अपने करियर के लिए तैयार हो सकें। 2022 में भारत में शुरू हुए SIC ने देश भर में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी है। 2025 में इस प्रोग्राम में महिलाओं की भागीदारी 48% रही, जिससे अलग-अलग बैकग्राउंड से आने वाले और सीखने के इच्छुक लोगों के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की शिक्षा ज़्यादा आसान हो गई।</p>



<p>SIC, भारत के इनोवेशन और स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने के सैमसंग के बड़े कमिटमेंट का हिस्सा है। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (जो युवा इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को आगे बढ़ाता है) और ‘सैमसंग DOST’ (जो सेल्स और टेक्निकल सर्विस रोल के लिए इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट तैयार करता है) जैसे प्रोग्राम के साथ-साथ, सैमसंग ऐसे स्किल्स, क्षमताएं और इनोवेशन वाली सोच विकसित करने में निवेश करना जारी रखे हुए है जो भारत के AI-आधारित भविष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस महाराष्ट्र में ज़्यादा युवा महिलाओं को AI में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:06:50 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Future Ready]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Opportunity]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Topper]]></category>
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									<description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा। पूरे महाराष्ट्र में, […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/05120443/image-7.png" alt="" class="wp-image-10299" /></figure></div>


<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम के भविष्य को बदल रहा है और हर इंडस्ट्री में नए मौके पैदा कर रहा है। जैसे-जैसे AI टैलेंट की मांग बढ़ रही है, भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए ज़्यादा युवा महिलाओं को प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी स्किल्स से लैस करना बहुत ज़रूरी होगा।</p>



<p>पूरे महाराष्ट्र में, Samsung Innovation Campus (SIC) युवा महिलाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी AI स्किल्स, प्रैक्टिकल लर्निंग और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स का अनुभव देकर इस बदलाव को मुमकिन बना रहा है। इससे वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के लिए तैयार हो रही हैं।</p>



<p>Samsung के खास ‘फ्यूचर-टेक स्किलिंग प्रोग्राम’ ने पूरे भारत में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी है, जिसमें महाराष्ट्र के 1,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसने AI एजुकेशन तक पहुँच बढ़ाई है और ज़्यादा युवा महिलाओं को टेक्नोलॉजी में आत्मविश्वास के साथ करियर बनाने में मदद की है।</p>



<p>नवी मुंबई के Ramrao Adik Institute of Technology (RAIT) की स्टूडेंट हिमांशी शर्मा के लिए, Samsung Innovation Campus क्लासरूम की पढ़ाई और तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के बीच एक पुल बन गया।</p>



<p>वह कहती हैं, “मैं अक्सर सोचती थी कि क्या सिर्फ़ मेरी एकेडमिक जानकारी मुझे तेज़ी से बदलते AI इंडस्ट्री के लिए तैयार कर पाएगी।”</p>



<p>प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और एक्सपर्ट मेंटरशिप के ज़रिए, हिमांशी ने ‘CareerStack AI’ बनाया। यह AI-पावर्ड ‘रिज़्यूमे इंटेलिजेंस सिस्टम’ है जो नौकरी चाहने वालों को AI-ड्रिवन इनसाइट्स के ज़रिए अपने एप्लीकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके बाद उन्हें US की कंपनी Blue Sapphire में AI और डेटा टेक्नोलॉजी इंटर्न के तौर पर इंटर्नशिप मिली, जहाँ उन्होंने क्लाइंट-फेसिंग और पेटेंट-फाइल किए गए प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।</p>



<p>वह कहती हैं, “AI को सिर्फ़ एल्गोरिदम का कलेक्शन मानने के बजाय, मैंने असल दुनिया की चुनौतियों के लिए पूरे सॉल्यूशन बनाना सीखा। शुरू करने से पहले आपको सब कुछ जानने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरी बात है सीखने की इच्छा, उत्सुकता बनाए रखना और हर दिन बेहतर होते रहना।”</p>



<p>DY Patil Ramrao Adik Institute of Technology में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की स्टूडेंट सुनिधिश्री प्रभाकरन के लिए, इस प्रोग्राम ने उनकी टेक्निकल क्षमताओं और AI और डेटा-ड्रिवन टेक्नोलॉजी में मौके तलाशने के आत्मविश्वास को मज़बूत किया।</p>



<p>Samsung Innovation Campus पूरा करने के बाद, उन्हें Capgemini में प्लेसमेंट मिला। इससे पता चलता है कि इंडस्ट्री के हिसाब से स्किलिंग कैसे युवा महिलाओं को पढ़ाई से नौकरी तक सफलतापूर्वक पहुँचने में मदद कर सकती है।</p>



<p>वह कहती हैं, “Samsung Innovation Campus ने मुझे स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग, असाइनमेंट और एक्सपर्ट गाइडेंस के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अच्छा अनुभव दिया। प्रैक्टिकल लर्निंग अनुभव ने मेरे टेक्निकल, एनालिटिकल और प्रेजेंटेशन स्किल्स को मज़बूत किया और साथ ही मुझे थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट्स को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की।” नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’, युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाता है और साथ ही ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विज़न को भी सपोर्ट करता है।</p>



<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ युवा महिलाओं के लिए भारत की बढ़ती AI इकॉनमी में शामिल होने के मौके बढ़ा रहा है। इंडस्ट्री-केंद्रित लर्निंग और प्रैक्टिकल अनुभव को मिलाकर, यह प्रोग्राम महत्वाकांक्षी महिला टेक्नोलॉजिस्ट को बेहतर करियर बनाने में मदद कर रहा है और साथ ही एक ज़्यादा समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल वर्कफोर्स बनाने में योगदान दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस में यूपी के छात्रों को स्टेट टॉपर के तौर पर पहचान मिली]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 10:53:43 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Helyatics]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3QFk3ap</guid>
									<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के युवा इनोवेटर्स ने सैमसंग इंडिया के मुख्य स्किलिंग प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के ज़रिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की छात्रा रेखा के. ने ‘बिग डेटा’ में नेशनल टॉपर का स्थान हासिल किया। उत्तर प्रदेश के चार और छात्रों को भी प्रोग्राम के स्टेट-लेवल टॉपर्स में शामिल किया […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9964 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/image-c.jpg" alt="" width="1000" height="562" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश के युवा इनोवेटर्स ने सैमसंग इंडिया के मुख्य स्किलिंग प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के ज़रिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की छात्रा रेखा के. ने ‘बिग डेटा’ में नेशनल टॉपर का स्थान हासिल किया। उत्तर प्रदेश के चार और छात्रों को भी प्रोग्राम के स्टेट-लेवल टॉपर्स में शामिल किया गया, जो इस क्षेत्र के युवा इनोवेटर्स की बढ़ती क्षमता को दिखाता है।</p>
<p>पूरे भारत में ट्रेनिंग लेने वाले 20,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों में से चुनी गईं रेखा को ‘हेल्थलिटिक्स’ (Healtytics) विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया। यह एक डेटा-आधारित फ्रेमवर्क है जिसका मकसद भारत में टीबी (TB) की निगरानी और उससे निपटने की योजना को मज़बूत करना है।</p>
<p>रेखा के. ने कहा, “हेल्थलिटिक्स पर काम करने से मुझे पता चला कि असल दुनिया की पब्लिक हेल्थ चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी और डेटा का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इस अनुभव ने मेरी टेक्निकल स्किल्स को बेहतर बनाया और मुझे सार्थक सामाजिक प्रभाव वाले समाधान बनाने का आत्मविश्वास दिया। सैमसंग इनोवेशन कैंपस के बिना यह सब मुमकिन नहीं हो पाता।”</p>
<p>उत्तर प्रदेश के स्टेट-लेवल टॉपर्स में दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी, गोरखपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शिवम कुमार सिंह शामिल थे, जिन्होंने IoT-आधारित स्मार्ट होम ऑटोमेशन सिस्टम विकसित किया। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र यशार्थ प्रकाश श्रीवास्तव ने AI और बिग डेटा-आधारित मूवी रिकमेंडेशन सिस्टम बनाया। प्रोग्राम में शानदार प्रदर्शन के लिए BCA छात्र शिवम सिंह (जिन्होंने कोडिंग और प्रोग्रामिंग में ट्रेनिंग ली) और MCA छात्र मोहम्मद अंसारी (जो AI में एनरोल थे) को भी सम्मानित किया गया।</p>
<p>यशार्थ प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा, “सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने मुझे मूवी रिकमेंडेशन सिस्टम विकसित करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा कॉन्सेप्ट्स को लागू करने का मौका दिया। यह सिस्टम यूज़र की पसंद और देखने के व्यवहार के आधार पर पर्सनलाइज़्ड कंटेंट रिकमेंडेशन देने के लिए बनाया गया था। इस प्रोग्राम ने मेरी टेक्निकल, एनालिटिकल और टीमवर्क स्किल्स को मज़बूत किया और साथ ही इंडस्ट्री-ओरिएंटेड इनोवेशन का बहुमूल्य अनुभव भी दिया।”</p>
<p>इस साल, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, मिस्टर जेबी पार्क ने गुरुग्राम में सैमसंग इंडिया के हेडक्वार्टर में छात्रों को सम्मानित किया। उन्हें सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट नोएडा, सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट दिल्ली और सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली का दौरा करके सैमसंग के इनोवेशन इकोसिस्टम को जानने का मौका भी मिला। वहाँ उन्होंने टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ बातचीत की और सैमसंग की डिज़ाइन फिलॉसफी, यूज़र-सेंट्रिक इनोवेशन प्रोसेस और अगली पीढ़ी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट के बारे में जानकारी हासिल की। इन छात्रों की उपलब्धियां युवाओं में इनोवेशन, डिजिटल स्किल्स और टेक्नोलॉजी के ज़रिए समस्याओं को हल करने की क्षमता को बढ़ावा देने पर उत्तर प्रदेश के बढ़ते फोकस को दिखाती हैं। साथ ही, ये नई टेक्नोलॉजी की शिक्षा और इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सीखने के मौकों से होने वाले बड़े बदलाव को भी उजागर करती हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने पहले राज्य में सैमसंग इनोवेशन कैंपस का स्वागत करते हुए कहा था, “युवाओं का स्किल डेवलपमेंट उत्तर प्रदेश सरकार की एक मुख्य प्राथमिकता है। हम सैमसंग की इस पहल का स्वागत करते हैं, जो हमारे छात्रों को रोज़गार-उन्मुख भविष्य की टेक्नोलॉजी स्किल्स सिखाएगी। सैमसंग कई सालों से उत्तर प्रदेश का एक मज़बूत पार्टनर रहा है, और यह प्रोग्राम हमारे रिश्ते को और मज़बूत करेगा।”</p>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस, सैमसंग की ग्लोबल सिटिज़नशिप पहल का हिस्सा है और इसका फोकस युवा सीखने वालों को टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और इंडस्ट्री का अनुभव देने पर है। इस प्रोग्राम का मकसद छात्रों को नई टेक्नोलॉजी में स्किल्स से लैस करना और साथ ही इनोवेशन और समस्याओं को हल करने की क्षमता को बढ़ावा देना है।</p>
<p>SIC 2025 के लिए, सैमसंग इंडिया ने सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रोग्राम के तहत देश भर के 30 बेहतरीन छात्रों को सम्मानित किया। चार कोर्स — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग और प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) और बिग डेटा — में शानदार प्रदर्शन के लिए हर टॉपर को ₹1 लाख का इनाम दिया गया।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ने पूरे भारत में 30 Samsung Innovation Campus के टॉपर्स को 1-1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-30-samsung-innovation-campus-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9f%e0%a5%89</link>
				<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 15:43:09 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Sic-Main-feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[big data]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
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									<description><![CDATA[Samsung India ने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम के तहत पूरे देश से 30 बेहतरीन छात्रों को सम्मानित किया। हर टॉपर को चार कोर्स — Artificial Intelligence (AI), Coding & Programming, Internet of Things (IoT) और Big Data — में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ₹1 लाख का इनाम दिया गया। पुरस्कार पाने वालों में चार […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><div id="attachment_9921" style="width: 3010px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-9921" class="wp-image-9921 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Sic-Main.jpg" alt="" width="3000" height="1592" /><p id="caption-attachment-9921" class="wp-caption-text">Samsung Innovation Campus के टॉपर, [बाएँ से दाएँ] शुभम मुखर्जी (हेड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और कॉर्पोरेट सिटिज़नशिप, Samsung Southwest Asia), JB Park (प्रेसिडेंट और CEO, Samsung Southwest Asia) और SP Chun (कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, Samsung Southwest Asia) के साथ।</p></div></p>
<p>Samsung India ने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम के तहत पूरे देश से 30 बेहतरीन छात्रों को सम्मानित किया। हर टॉपर को चार कोर्स — Artificial Intelligence (AI), Coding & Programming, Internet of Things (IoT) और Big Data — में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ₹1 लाख का इनाम दिया गया।</p>
<p>पुरस्कार पाने वालों में चार नेशनल टॉपर, 26 राज्य-स्तरीय टॉपर और एक सोशल मीडिया चैंपियन शामिल थे। इन सभी को Samsung Innovation Campus के ज़रिए ट्रेनिंग पाए 20,000 छात्रों में से चुना गया था। यह कंपनी का मुख्य CSR प्रोग्राम है। 2025 बैच से चुने गए छात्र 10 अलग-अलग राज्यों से हैं। यह दिखाता है कि भारत के पारंपरिक इनोवेशन हब से बाहर भी टेक्नोलॉजी से जुड़ा टैलेंट तेज़ी से फैल रहा है।</p>
<p>इन टॉपरों को गुरुग्राम में Samsung India के हेडक्वार्टर में सम्मानित किया गया। इस मौके पर Samsung Southwest Asia के प्रेसिडेंट और CEO, JB Park भी मौजूद थे। JB Park ने इस मौके पर कहा, “जब मैं आप सभी को देखता हूँ, तो मुझे सिर्फ़ छात्र ही नहीं दिखते। मुझे भविष्य के इंजीनियर, क्रिएटर, उद्यमी, रिसर्चर और शायद भविष्य के CEO भी दिखते हैं। AI, कोडिंग और डेटा अब सिर्फ़ कल के लिए ज़रूरी हुनर ​​नहीं हैं; ये आज के ज़रूरी हुनर ​​हैं। इनोवेशन के लिए जिज्ञासा, मज़बूती और असफलता से सीखने का हौसला चाहिए। सीखते रहिए, बदलते हालात के हिसाब से खुद को ढालते रहिए और आगे बढ़ते रहिए।”</p>
<p>भारत सरकार के Skill India और Digital India मिशनों के साथ मिलकर, Samsung Innovation Campus Samsung की मुख्य CSR पहल है। इसका मकसद युवाओं में भविष्य के लिए तैयार टेक्नोलॉजी से जुड़े हुनर ​​विकसित करना है। भारत की विकास गाथा में एक पार्टनर के तौर पर, Samsung लगातार टैलेंट में निवेश कर रहा है। साथ ही, यह स्थानीय इकोसिस्टम को मज़बूत कर रहा है और शिक्षा व कौशल संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि एक डिजिटल रूप से सशक्त और इनोवेशन पर आधारित ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाया जा सके।</p>
<p>इन टॉपरों की कहानियों से पता चलता है कि टेक्नोलॉजी की शिक्षा किस तरह नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल सकती है।</p>
<p>कर्नाटक की ऐश्वर्या संजय, जो Agricultural Extension Education में मास्टर डिग्री कर रही हैं, ने इस प्रोग्राम से मिली सीख का इस्तेमाल करके एक AI-आधारित मॉडल बनाया। इस मॉडल का मकसद ‘कम्युनिटी-सपोर्टेड एग्रीकल्चर’ के ज़रिए किसानों के लिए बाज़ार तक पहुँच को बेहतर बनाना है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के शिवम सिंह ने इस प्रोग्राम के ज़रिए IoT, साइबर सुरक्षा और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के बारे में सीखा। उन्होंने ‘होम ऑटोमेशन सिस्टम’ से लेकर ‘साइबर सुरक्षा मॉडल’ तक कई तरह के प्रोजेक्ट बनाए। इन अनुभवों की मदद से उन्हें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले ‘National Institute of Electronics & Information Technology’ में इंटर्नशिप करने का मौका मिला। इसी तरह, दिल्ली के देव उप्पल और हरियाणा की वंशिका राघव ने Samsung Innovation Campus को श्रेय दिया कि इसने उन्हें क्लासरूम में सीखी बातों को असल दुनिया की चुनौतियों पर लागू करने में मदद की, साथ ही उनके आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और तकनीकी क्षमताओं को भी मज़बूत किया।</p>
<p>Samsung Head Office में हुए अवॉर्ड समारोह के अलावा, छात्रों को Samsung R&D Institute Noida, Samsung R&D Institute Delhi और Samsung Design Delhi जाकर Samsung के इनोवेशन इकोसिस्टम को करीब से जानने का भी मौका मिला। उन्होंने टेक्नोलॉजी लीडर्स से बातचीत करके यह समझा कि Samsung Innovation Campus के ज़रिए सीखे गए कौशलों का इस्तेमाल असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने में कैसे किया जा सकता है। उन्हें Samsung की डिज़ाइन सोच, यूज़र-केंद्रित इनोवेशन प्रक्रियाओं और अगली पीढ़ी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट के बारे में भी गहरी जानकारी मिली।</p>
<p>AI, कोडिंग और प्रोग्रामिंग, IoT और Big Data में व्यवस्थित ट्रेनिंग के ज़रिए, यह प्रोग्राम छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़े ज़रूरी कौशल सिखाता है, साथ ही उनमें इनोवेशन, गहन सोच और डिजिटल नेतृत्व की भावना भी जगाता है। जैसे-जैसे भारत अपना डिजिटल बदलाव तेज़ी से कर रहा है, Samsung Innovation Campus युवा प्रतिभाओं के लिए टेक्नोलॉजी की शिक्षा, मेंटरशिप और अवसरों तक पहुँचने के नए रास्ते बनाता जा रहा है, जिससे अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स और समस्याओं को हल करने वालों को तैयार करने में मदद मिल रही है।</p>
<p>इस कार्यक्रम में Electronics Sector Skills Council of India (ESSCI) के CEO माधवेन्द्र सिंह और Telecom Sector Skill Council (TSSC) के CEO लेफ्टिनेंट जनरल कुलभूषण एच. गवास भी शामिल हुए। SIC को ESSCI और TSSC के सहयोग से चलाया जाता है; ये दो सेक्टर स्किल काउंसिल हैं जो देश के Skill India इकोसिस्टम के तहत इंडस्ट्री के कौशल मानकों, सर्टिफिकेशन्स और वर्कफोर्स डेवलपमेंट को तय करने के लिए ज़िम्मेदार हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[क्लासरूम से करियर तक: Samsung Innovation Campus ने तमिलनाडु में 5,000 युवाओं को AI-आधारित भविष्य के लिए सर्टिफ़ाई किया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%95-samsung-innovation-campus-%e0%a4%a8</link>
				<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:06:58 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9780 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-1.jpg" alt="" width="1600" height="977" /></p>
<p>Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।</p>
<p>SIC छात्रों को ज़्यादा मांग वाले क्षेत्रों — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (2,200), कोडिंग और प्रोग्रामिंग (1,700), बिग डेटा (600) और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (500) — में इंडस्ट्री से जुड़े, भविष्य की तकनीक वाले कौशल से लैस करता है। इससे वे शिक्षा से रोज़गार की ओर ज़्यादा प्रभावी ढंग से आगे बढ़ पाते हैं। इसके अलावा, यह रोज़गार पाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए ‘सॉफ्ट स्किल्स’ पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ समस्या-समाधान, संचार और कार्यस्थल की तैयारी से जुड़े मॉड्यूल भी शामिल होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9781 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-2-e1775799411326.jpg" alt="" width="1000" height="593" /></p>
<p>इस प्रोग्राम के तहत पूरे भारत में प्रशिक्षित किए गए 20,000 युवाओं में से लगभग एक-चौथाई तमिलनाडु से हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि तमिलनाडु तकनीक, विनिर्माण और कुशल प्रतिभा के विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कितना महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि तमिलनाडु में इस प्रोग्राम में भाग लेने वालों में से 71% महिलाएं हैं। यह तकनीकी शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने में सक्षम बनाने की दिशा में हुई ज़बरदस्त प्रगति को दर्शाता है।</p>
<p>यह प्रशिक्षण और प्रमाणन राज्य के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया गया था। इनमें मद्रास विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, क्वीन मैरी कॉलेज (चेन्नई), मोहम्मद सथक एजे कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (चेन्नई) और KPR इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (कोयंबटूर) शामिल हैं।</p>
<p>Samsung दक्षिण-पश्चिम एशिया में CSR और कॉर्पोरेट संचार के प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा, “भारत की विकास गाथा को उसके युवा और कुशल वर्कफोर्स द्वारा आकार दिया जा रहा है, और इस बदलाव में तमिलनाडु एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जैसे-जैसे तकनीक उद्योगों को नया रूप दे रही है, भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। बड़े पैमाने पर डिजिटल कौशल विकसित करना — और साथ ही समावेशिता सुनिश्चित करना — भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी होगा। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के अवसर पर, ‘Samsung Innovation Campus’ के माध्यम से युवाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप क्षमताएं विकसित करने में सक्षम बना रहा है।”</p>
<p>यह प्रोग्राम लगातार अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है, और देश भर में 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित और प्रमाणित कर चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर, SIC में महिलाओं की भागीदारी लगभग 48% रही है। यह एक समावेशी और न्यायसंगत तकनीकी इकोसिस्टम बनाने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रोग्राम ESSCI और TSSC के सहयोग से, मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के ज़रिए लागू किया जाता है।</p>
<p>SIC, Samsung Solve for Tomorrow और Samsung DOST जैसी पहलों के साथ मिलकर, भारत के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है—जिससे युवा इनोवेटर्स को टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीखने, कुछ बनाने और भविष्य को आकार देने की शक्ति मिल रही है। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के मौके पर, Samsung शिक्षा और डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने के अपने वादे को लगातार मज़बूत कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने महाराष्ट्र में पहली बड़ी स्किलिंग पहल के तहत 1,000 स्टूडेंट्स को AI और कोडिंग स्किल्स सिखाई]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:10:21 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/feature-maha.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Anjuman-I-islam's Kalsekar Technical Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra Skilling Initiative]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4slsGnm</guid>
									<description><![CDATA[भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप CSR प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) के तहत महाराष्ट्र में 1,000 स्टूडेंट्स को सर्टिफाइड किया है। यह राज्य के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने और सरकार के नेशनल स्किलिंग एजेंडा को आगे बढ़ाने में एक बड़ा कदम है। यह मील का पत्थर राज्य […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/04/cover-maha.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप CSR प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) के तहत महाराष्ट्र में 1,000 स्टूडेंट्स को सर्टिफाइड किया है। यह राज्य के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने और सरकार के नेशनल स्किलिंग एजेंडा को आगे बढ़ाने में एक बड़ा कदम है।</p>
<p>यह मील का पत्थर राज्य में सैमसंग इनोवेशन कैंपस की पहली बड़े पैमाने की सर्टिफिकेशन पहल को भी दिखाता है, जिसमें स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में ट्रेनिंग दी गई है, जो डिजिटल इकोनॉमी के दो ज़रूरी पिलर हैं। सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) के कुल 127 स्टूडेंट्स, पिंपरी चिंचवाड़ यूनिवर्सिटी के 373 स्टूडेंट्स, डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के रामराव आदिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 250 स्टूडेंट्स और अंजुमन-ए-इस्लाम के कालसेकर टेक्निकल कैंपस के 250 स्टूडेंट्स ने प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे उन्हें असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए हैंड्स-ऑन, इंडस्ट्री-अलाइन्ड स्किल्स मिलीं।</p>
<p>इस टेक्निकल बुनियाद पर, यह प्रोग्राम सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग और करियर रेडीनेस मॉड्यूल को जोड़ता है, जिससे यह पक्का होता है कि स्टूडेंट्स न सिर्फ़ जॉब के लिए बल्कि फ्यूचर के लिए भी तैयार हों। यह होलिस्टिक अप्रोच एकेडमिक लर्निंग और इंडस्ट्री की उम्मीदों के बीच के गैप को कम करने पर सैमसंग के फोकस को दिखाता है। भारत में 30 साल पूरे होने पर, सैमसंग एजुकेशन और डिजिटल इनक्लूजन को आगे बढ़ाने के अपने कमिटमेंट को मज़बूत कर रहा है।</p>
<p>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस हेड, शुभम मुखर्जी ने कहा, “इंडिया की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी आखिरकार उसके टैलेंट पाइपलाइन की क्वालिटी से तय होगी। जैसे-जैसे AI जैसी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज़ के बाहरी इलाकों से कोर की ओर बढ़ रही हैं, स्किलिंग को बेसिक ट्रेनिंग से रियल वर्ल्ड कैपेबिलिटी बनाने की ओर बढ़ना होगा। सैमसंग में, हम इनोवेशन कैंपस जैसे प्रोग्राम को सिर्फ़ एजुकेशन इनिशिएटिव के तौर पर नहीं देखते, बल्कि इस गैप को कम करने के लिए प्लेटफॉर्म के तौर पर देखते हैं – डीप टेक लर्निंग को एम्प्लॉयबिलिटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स के साथ मिलाते हुए। महाराष्ट्र में यह माइलस्टोन दिखाता है कि कैसे इंडस्ट्री और एकेडेमिया एक साथ मिलकर फ्यूचर के लिए तैयार वर्कफोर्स बना सकते हैं जो ग्लोबली कॉम्पिटिटिव और लोकल लेवल पर रेलिवेंट दोनों हो।” भारत में 2022 में लॉन्च हुआ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस क्लासरूम लर्निंग को मेंटरशिप और प्रोजेक्ट-बेस्ड एप्लीकेशन के साथ जोड़कर फ्यूचर-टेक एजुकेशन तक पहुंच को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जैसे-जैसे यह प्रोग्राम अपना दायरा बढ़ा रहा है, यह अलग-अलग इलाकों के युवाओं को भारत की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी में हिस्सा लेने और उसे आकार देने के लिए टूल्स और कॉन्फिडेंस देकर उन्हें मज़बूत बना रहा है।</p>
<p>इसी विज़न के साथ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस पूरे भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है, और 2025 तक 20,000 युवाओं को ट्रेनिंग देने का टारगेट हासिल कर लिया है। इस फ्लैगशिप CSR प्रोग्राम में देश भर में 48% महिलाओं की भागीदारी भी दर्ज की गई है, जो एक सबको साथ लेकर चलने वाला और बराबर टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने के सैमसंग के कमिटमेंट को दिखाता है।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (TSSC) के साथ मिलकर लागू की गई यह पहल, भारत के स्किल्स लैंडस्केप को मज़बूत करने की सैमसंग की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।</p>
<p>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो और सैमसंग DOST जैसे प्रोग्राम के साथ, यह इनोवेटर्स की एक नई पीढ़ी को तैयार कर रहा है – जो न सिर्फ़ टेक्निकल स्किल्स से लैस हैं, बल्कि तेज़ी से बदलती, टेक्नोलॉजी से चलने वाली दुनिया में सीखने, कुछ बनाने और लीड करने की सोच भी रखते हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung R&D Institute India, Bangalore ने Samsung Innovation Campus में 6 और कॉलेजों को जोड़ा, जिससे 4 वर्षों में कुल संस्थानों की संख्या 15 हो गई है।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-rd-institute-india-bangalore-%e0%a4%a8%e0%a5%87-samsung-innovation-campus-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:47:41 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/03/20260307_1152211-1-728x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute India]]></category>
		<category><![CDATA[SRI-B]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3PInw7g</guid>
									<description><![CDATA[Samsung R&D Institute India, Bangalore (SRI-B) ने अपने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में लगातार आगे बढ़ाने की घोषणा की है। यह हमारी ग्लोबल CSR सोच ‘Together for Tomorrow! Enabling People’ के अनुरूप है, जो युवाओं को भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कौशल से सशक्त बनाने और अगली पीढ़ी के लिए […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9745 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/03/20260307_1152211.jpg" alt="" width="1000" height="620" /></p>
<p>Samsung R&D Institute India, Bangalore (SRI-B) ने अपने Samsung Innovation Campus (SIC) प्रोग्राम को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में लगातार आगे बढ़ाने की घोषणा की है। यह हमारी ग्लोबल CSR सोच ‘Together for Tomorrow! Enabling People’ के अनुरूप है, जो युवाओं को भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कौशल से सशक्त बनाने और अगली पीढ़ी के लिए सार्थक अवसर पैदा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।</p>
<p>इस पहल के तहत, SRI-B ने मौजूदा वित्त वर्ष में छह प्रमुख संस्थानों को अपने साथ जोड़ा है। इनमें NITTE Meenakshi Institute of Technology, Christ (Deemed to be University), RV College of Engineering, SRM Institute of Science and Technology (Kattankulathur), BMS College of Engineering, और Dayananda Sagar College of Engineering शामिल हैं। इसके साथ ही, यह प्रोग्राम अब कुल 15 कॉलेजों में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस साल SRI-B की Samsung Innovation Campus पहल के तहत तमिलनाडु से भाग लेने वाला एकमात्र संस्थान SRM Institute of Science and Technology है, जबकि बाकी कॉलेज कर्नाटक में स्थित हैं।</p>
<p>Samsung Innovation Campus, Samsung की ग्लोबल CSR और कौशल विकास पहल है, जिसे सितंबर 2022 में शुरू किया गया था। इसका मकसद युवा छात्रों को उन्नत डिजिटल कौशल से लैस करना है। यह प्रोग्राम मुख्य तकनीकी क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिनमें Artificial Intelligence और Machine Learning (AI/ML), Internet of Things (IoT), Coding और Programming शामिल हैं।</p>
<p>AI/ML पाठ्यक्रम में न्यूरल नेटवर्क, मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग और AI के व्यावहारिक प्रोजेक्ट शामिल हैं, जबकि IoT ट्रैक सेंसर, कनेक्टिविटी, क्लाउड इंटीग्रेशन और स्मार्ट डिवाइस के विकास पर केंद्रित है। छात्रों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी बातों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें Python, डेटा संरचनाएं, एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के सिद्धांत शामिल हैं। इस प्रोग्राम के तहत पाठ्यक्रम आमतौर पर छह महीने तक चलते हैं और SRI-B के विशेषज्ञों की देखरेख में पढ़ाए जाते हैं।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के अवसर पर, यह कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने और पूरे भारत में ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन के इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर कंपनी के लगातार फोकस को दर्शाता है।</p>
<p>इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, Mohan Rao Goli, Managing Director और VP, Samsung R&D Institute India, Bangalore ने कहा, “SIC शिक्षा जगत और उद्योग के बीच की खाई को भरता है, और सरकार के ‘Skill India’ और ‘Digital India’ के सपनों के अनुरूप है। छह कॉलेजों तक फैली यह 2026 की पहल एक मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करेगी, जिससे अगली पीढ़ी के लिए नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”</p>
<p>भारत में, हमारे नागरिकता कार्यक्रम हमारी कॉर्पोरेट सोच ‘Powering Digital India’ से प्रेरित हैं। भारत एक जीवंत और युवा देश है, जिसके सपने बहुत ऊँचे हैं। हर सपने को पंख देने के लिए, हमारे CSR प्रयास दो क्षेत्रों पर केंद्रित हैं: स्मार्ट शिक्षा और युवाओं को कौशल प्रदान करना। हमारे सभी CSR कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को वह ज्ञान, कौशल और संसाधन समान रूप से उपलब्ध कराना है, जिनकी ज़रूरत समुदाय के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने और एक ‘नया भारत’ गढ़ने के लिए होती है।</p>
<p>सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ मिशनों के अनुरूप, यह पहल इनोवेशन को बढ़ावा देने, रोज़गार के अवसर बढ़ाने और भारत की डिजिटल विकास गाथा में योगदान देने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर, इस कार्यक्रम में लगभग 48% महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है, जो एक समावेशी और न्यायसंगत तकनीकी इकोसिस्टम बनाने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दिखाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रोग्रामिंग जैसी उभरती तकनीकों में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ, यह कार्यक्रम सॉफ्ट-स्किल्स का प्रशिक्षण भी प्रदान करता है, ताकि छात्र कार्यस्थल के लिए तैयार हो सकें।</p>
<p>‘Samsung Solve for Tomorrow’ और ‘Samsung Innovation Campus’ जैसी अन्य पहलों के साथ मिलकर, यह कार्यक्रम भारत के डिजिटल कौशल इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है; साथ ही, यह युवा इनोवेटर्स को तकनीक के माध्यम से सीखने, कुछ नया बनाने और भविष्य को आकार देने के लिए सशक्त बना रहा है।</p>
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