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		<title>Samsung innovation &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title>सपनों होंगे सशक्त: सैमसंग इनोवेशन कैंपस के टॉपर्स ने सैमसंग इंडिया हेड ऑफिस, आर एंड डी सेंटर्रस और डिजाइन सेंटर का दौरा किया</title>
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				<pubDate>Tue, 26 Nov 2024 13:05:41 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung innovation]]></category>
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									<description><![CDATA[कंपनी के प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस के नौ प्रतिभाशाली युवा दिमागों को जीवन में एक बार सैमसंग इंडिया के मुख्य कार्यालय और इसके अत्याधुनिक आर]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-8354 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/cover.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/cover-728x410.jpg 728w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/cover-998x563.jpg 998w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/cover-768x433.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>कंपनी के प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस के नौ प्रतिभाशाली युवा दिमागों को जीवन में एक बार सैमसंग इंडिया के मुख्य कार्यालय और इसके अत्याधुनिक आर एंड डी केंद्रों और डिजाइन सेंटर का दौरा करने का अवसर मिला।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारतीय युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और कोडिंग और प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी कौशल में कुशल बनाता है। कार्यक्रम के आठ टॉपर्स और एक सोशल मीडिया चैंपियन छात्रों ने प्रौद्योगिकी और सैमसंग के अत्याधुनिक नवाचारों को चलाने वाले लोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छात्रों ने सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के अध्यक्ष और सीईओ जेबी पार्क के अलावा सैमसंग इंडिया के अन्य वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-8349 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/3C5A5318-e1732606532355.jpg" alt="" width="1000" height="667" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत के युवाओं को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करने के लिए है। हमारा लक्ष्य युवाओं को भविष्य की प्रौद्योगिकियों में कुशल बनाना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। कार्यक्रम के युवा लाभार्थियों से मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है। मेरा मानना ​​है कि युवाओं, खासकर भारत के छोटे शहरों के युवाओं में असीमित क्षमता है और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं,&#8221; जेबी पार्क ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत के कोने-कोने से सैमसंग के मुख्य कार्यालय में छात्र पहुंचे: गोरखपुर से मनीष सिंह और प्रिंस चौहान, एआई में विशेषज्ञता; गोरखपुर के ही मुकेश कुमार पांडे और आंचल वर्मा बिग डेटा का अध्ययन कर रहे हैं; गोरखपुर से अमित कुमार मौर्य और बेंगलुरु से सुहानी एस गांवकट, कोडिंग और प्रोग्रामिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं; और दिल्ली से आलोक सिंह और सुबिन थॉमसन, IoT में प्रशिक्षण ले रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समूह में एआई का अध्ययन करने वाले सैमसंग इनोवेशन कैंपस मीडिया चैंपियन सौरभ यादव भी शामिल हुए। सौरभ ने अपने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के 100 दिनों के अनुभव को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कई पोस्ट में दर्ज किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नोएडा और नई दिल्ली में, उन्होंने अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के प्रबंध निदेशकों के साथ बातचीत की, जिन्होंने नवाचार, सहयोग और निरंतर सीखने के महत्व पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-8350 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/3C5A5363-e1732606511544.jpg" alt="" width="1000" height="667" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“यहां रहना जीवन बदलने वाला अनुभव रहा है। उन लोगों से मिलना, जिन्होंने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली तकनीक का निर्माण किया, मेरी कल्पना से परे था, ”गोरखपुर के मनीष सिंह ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास के अनुभव और हर कदम पर सीखने पर जोर ने मुझे उच्च लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया है। यह अनुभव हमेशा मेरे साथ रहेगा, ”गोरखपुर की आंचल वर्मा ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग डिजाइन दिल्ली की यात्रा ने समूह को सैमसंग के भविष्य के दृष्टिकोण को आकार देने वाली रचनात्मकता और भविष्यवादी डिजाइनों से आश्चर्यचकित कर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-8352 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2024/11/3C5A5561-e1732606488436.jpg" alt="" width="1007" height="698" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“डिज़ाइन केंद्र ने मुझे दिखाया कि नवीनता और सौंदर्यशास्त्र एक साथ कैसे आते हैं। यह देखना दिलचस्प था कि सैमसंग डिजाइन के माध्यम से भविष्य की कल्पना कैसे करता है,&#8221; सुहानी एस गांवकर ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत सरकार की #स्किलइंडिया और #डिजिटलइंडिया पहल के अनुरूप, सैमसंग इनोवेशन कैंपस युवाओं को एआई, आईओटी, बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग सहित उच्च मांग वाले तकनीकी क्षेत्रों में कौशल से लैस करने पर केंद्रित है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>2024 में, सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर, तमिलनाडु और कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में 12 प्रमाणन कार्यक्रम आयोजित किए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बातचीत ने न केवल छात्रों को प्रेरित किया, बल्कि विशेष रूप से छोटे शहरों और कस्बों से युवा प्रतिभाओं को पोषित करने और उन्हें एक उज्जवल, अधिक डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करने की सैमसंग की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग इनोवेशन अवार्ड समारोह आईआईटी-आईएसएम धनबाद में हुआ आयोजित, अत्‍याधुनिक इनोवेशन के लिए छात्रों को किया गया पुरस्‍कृत</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a4%ae?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Tue, 10 Nov 2020 15:22:58 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[IIT-ISM Dhanbad]]></category>
		<category><![CDATA[samsung]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung innovation]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने छात्र-शिक्षक टीम द्वारा किए गए इनोवेशंस, जिनमें दैनिक जीवन में क्रांति लाने की क्षमता है, को प्रशंसित और पुरस्‍कृत करने के लिए सैमसंग इनोवेशन]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>सैमसंग इंडिया ने छात्र-शिक्षक टीम द्वारा किए गए इनोवेशंस<strong>, </strong>जिनमें दैनिक जीवन में क्रांति लाने की क्षमता है<strong>,</strong> को प्रशंसित और पुरस्&#x200d;कृत करने के लिए सैमसंग इनोवेशन अवार्ड के 10वें संस्&#x200d;करण का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्&#x200d;थान (आईआईटी) आईएसएम धनबाद में किया। पिछले साल के मुकाबले<strong>, </strong>इस साल कार्यक्रम बहुत अधिक तकनीक आधारित था क्&#x200d;योंकि छात्रों ने अपने प्रोजेक्&#x200d;ट्स का प्रदर्शन पूरी तरह से वर्चुअल सेटअप में किया। इस साल के कार्यक्रम की थीम <strong>इंटेलीजेंस </strong>‘<strong>स्&#x200d;पॉनिंग</strong>’ <strong>ऑन डिवाइसेस</strong> थी और छात्रों ने मल्&#x200d;टीमीडिया<strong>, </strong>विजन<strong>, </strong>आईओटी<strong>, </strong>कृषि और मेडिसिन पर अपने प्रोजेक्&#x200d;ट्स को प्रदर्शित किया।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>सैमसंग आरएंडडी इंस्&#x200d;टीट्यूट-बेंगलुरु (SRI-B) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ टेक्&#x200d;नोलॉजी ऑफि&#x200d;सर<br />
डा. आलोकनाथ डे ने पुरस्&#x200d;कार प्रदान किए गए। टॉप-3 विजेताओं को 2.3 लाख रुपए के पुरस्&#x200d;कार प्रदान किए गए<strong>, </strong>जबकि अन्&#x200d;य फाइनलिस्&#x200d;ट को सैमसंग की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अवार्ड कार्यक्रम के लिए जूरी पैनल में आईआईटी (आईएसएम) के प्रो. ताराचंद अमगोठ<strong>, </strong>डिपार्टमेंट ऑफ कम्&#x200d;प्&#x200d;यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और प्रो. अजीत कुमार<strong>, </strong>डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग मशीनरी इंजीनियरिंग शामिल थे। कार्यक्रम में उद्घाटन भाषण प्रो. धीरज कुमार<strong>, </strong>डीन (इंटरनेशनल रिलेशन एंड एल्&#x200d;यूमनी अफेयर्स)<strong>, </strong>आईआईटी (आईएसएम) ने दिया और कार्यक्रम के निर्बाध आयोजन को सुनिश्चित किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-5921 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/11/SIA-1.jpg" alt="" width="1487" height="892" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/11/SIA-1.jpg 1487w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/11/SIA-1-680x408.jpg 680w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/11/SIA-1-768x461.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/11/SIA-1-1024x614.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1487px) 100vw, 1487px" /></p>
<p><strong> </strong></p>
<p><strong>पहला पुरस्कार</strong> आयुष सोमानी<strong>, </strong>गौरव कुमार और ज्ञानेंद्र दास को उनके प्रोजेक्&#x200d;ट <strong>‘</strong>इनवो-एआई<strong>’ </strong>(Invo-AI) के लिए दिया गया। यह एक इन्&#x200d;नोवेटिव ई-इनवॉइसिंग समाधान है। <strong>दूसरा पुरस्&#x200d;कार</strong> साई भार्गव रेड्डी वूतकुरु<strong>, </strong>कोटापति सिद्धार्थ चौधरी और राहुल केडिया को उनके प्रोजेक्&#x200d;ट <strong>‘</strong>बायोमास लॉजिक्&#x200d;स<strong>’ </strong>(Biomass LogicS) को दिया गया। अंकिता जैसवाल, सोम्&#x200d;या जैन और प्रकृरित राज के प्रोजेक्&#x200d;ट ‘ट्राई फर्स्&#x200d;ट’ (Try First) को <strong>तीसरा पुरस्&#x200d;कार</strong> मिला। फाइनल राउंड में पहुंचे अन्&#x200d;य सात टीमों को भी क्रमानुसार पुरस्&#x200d;कृत किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>डा. आलोकनाथ डे</strong><strong><em>, </em></strong><strong>सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ टेक्&#x200d;नोलॉजी ऑफिसर</strong><strong><em>, </em></strong><strong>सैमसंग आरएंडडी इंस्&#x200d;टीट्यूट- बेंगलुरुबेंगलुरु (एसआरआई-बी)</strong> ने कहा<em>, </em><em>“</em><em>साल-दर-साल</em>, <em>इनोवेटिव और भविष्&#x200d;योन्&#x200d;मुखी विचारों के साथ युवाओं को सामने आते देख हमें काफी खुशी है। जो चीज हमें प्रभावित करती है</em>, <em>वह है कि कैसे नवीनता लाते हैं</em>, <em>कैसे तकनीक को गहराई से लागू करते हैं और कैसे प्रोटोटाइप का निर्माण करते हैं। सैमसंग इनोवेशन अवार्ड के इस दसवें संस्&#x200d;करण में</em>, <em>आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के छात्रों ने थीम </em>‘<em>इंटेलीजेंस स्&#x200d;पॉनिंग ऑन डिवाइसेस</em>’<em> के अनुरूप अपने उत्&#x200d;साह का प्रदर्शन किया।</em><em>”</em></p>
<p><em> </em></p>
<p><strong>धीरज कुमार</strong><strong>, </strong><strong>डीन (इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एल्&#x200d;युमनी अफेयर्स)</strong><strong>, </strong><strong>आईआईटी (आईएसएम)</strong> ने कहा, <em>“</em><em>आईआईटी (आईएसएम) धनबाद को सैमसंग इनोवेशन अवार्ड के 10वें संस्करण की मेजबानी करने पर काफी खुशी है। सैमसंग इनोवेशन अवार्ड 2020 एआई</em><em>, </em><em>डिजिटल हेल्&#x200d;थ</em><em>, </em><em>आईओटी</em><em>, </em><em>ऑटोनोमस व्&#x200d;हीकल</em><em>, </em><em>सिक्&#x200d;यूरिटी सहित अन्&#x200d;य क्षेत्रों में नवोदित आईआईटी छात्रों की छिपी हुई क्षमता को प्रोत्&#x200d;साहित करेगा।</em><em>”</em></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन वर्षों में, इस कार्यक्रम ने सैमसंग आरएंडडी इंस्&#x200d;टीट्यूट बेंगलुरु (एसआरआई-बी) को आईआईटी दिल्&#x200d;ली, रुड़की, कानपुर, इंदौर और मुंबई सहित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्&#x200d;थान (आईआईटी) की विभिन्&#x200d;न इकाईयों में छात्र संगठनों के साथ सहयोग करते हुए देखा है, जिसमें उन्&#x200d;हें अपने जुनून को खोजने में मदद करने और उनकी पेशेवर यात्रा और विकल्&#x200d;पों को चुनने में महत्&#x200d;वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>2011 में संकल्पित और शुरू किए गए सैमसंग इन्&#x200d;नोवेशन अवॉर्ड का उद्देश्&#x200d;य छात्रों के बीच इन्&#x200d;नोवेशन और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। अवार्ड का उद्देश्&#x200d;य ऐसी प्रतिभाओं की मदद करना है, जो एक आविष्&#x200d;कारशील दृष्टिकोण का प्रदर्शन करते हैं और ऐसे उत्&#x200d;पादों एवं समाधानों को विकसित करते हैं, जो समाज की वास्&#x200d;तविक सयम की समस्&#x200d;याओं को हल करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी ने उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए एडवांस डेवलपमेंट के साथ भारतीय इनोवेशन ईकोसिस्&#x200d;टम को प्रोत्&#x200d;साहित करने और छात्रों के बीच क्षमता निर्माण करने के लिए इस साल एक विशिष्&#x200d;ट उद्योग-शैक्षणिक कार्यक्रम <strong>सैमसंग प्रिज्&#x200d;म (प्रिपेयरिंग एंड इंसपाइरिंग स्&#x200d;टूडेंट माइंड्स)</strong> की भी शुरुआत की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>[यंग इनोवेटर्स इंडिया] एक जश्न भारत की चमकती युवा प्रतिभाओं के नाम</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%9c?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Fri, 17 Apr 2020 16:17:20 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट]]></category>
		<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Innovations]]></category>
		<category><![CDATA[Make for India]]></category>
		<category><![CDATA[Make in India]]></category>
		<category><![CDATA[samsung]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Make for India]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Make in India]]></category>
		<category><![CDATA[Young Innovators]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत खोजकर्ताओं और आविष्कारकों का देश रहा है। हमारी तीक्ष्ण गणितीय बुद्धि का लोहा पूरी दुनिया मानती है- भारतीय न केवल सिलिकॉन वैली, बल्कि दुनिया भर के]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>भारत खोजकर्ताओं और आविष्कारकों का देश रहा है। हमारी तीक्ष्ण गणितीय बुद्धि का लोहा पूरी दुनिया मानती है- भारतीय न केवल सिलिकॉन वैली, बल्कि दुनिया भर के सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स में संख्या के लिहाज से एक बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। सैमसंग में भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के सर्वाधिक चमकते सितारे हमारे साथ काम करते हैं और लोगों की जिंदगियों को बदलने के लिए सार्थक तकनीकें विकसित करने का उद्देश्य सामने रखते हुए हमारी नित नवीन खोजों की संस्कृति का हिस्सा बन जाते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग न्यूजरूम इंडिया ने दुनिया के विभिन्न कोनों में अपना काम बखूबी कर रही हमारी युवा प्रतिभाओं में से ऐसे तीन इन्नोवेटर्स की कहानियां आप सबके सामने लाने का विचार किया है जिन्होंने लोगों की वास्तविक समस्याओं को पहचाना और उनके लिए नया और अनूठा समाधान पेश किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कुछ वर्षों पहले, अरमान गुप्ता का सामना एक ऐसी मुश्किल से हुआ, जिससे अक्सर घरों में बच्चे दो-चार होते रहते हैं- फर्श पर खाना या जूस गिर जाना और फिर मम्मी की फटकार।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>तब महज 10 वर्ष की उम्र में इस मुंबईकर बच्चे ने एक ऐसी मशीन तैयार कर दी, जिसे उसने ‘मॉपिंग मशीन’ का नाम दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सौभाग्य से साइंस और रोबोटिक्स में रुचि रखने वाले अरमान को बहुत कम उम्र से ही उसके माता-पिता ने इस क्षेत्र में काफी बढ़ावा दिया था, और इसी ने इस मशीन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अरमान ने बताया, “मैं 9 साल की उम्र से ही रोबोटिक्स पर काम कर रहा था। इसलिए मैं अपने आइडिया को हकीकत में बदल सका।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<div id="attachment_4821" style="width: 970px" class="wp-caption aligncenter"><img class="wp-image-4821 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/04/IMG-20200416-WA0007.jpg" alt="" width="960" height="1280" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/04/IMG-20200416-WA0007.jpg 960w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/04/IMG-20200416-WA0007-306x408.jpg 306w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2020/04/IMG-20200416-WA0007-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /><p class="wp-caption-text">अरमान गुप्ता</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इंडिया में प्रोडक्ट इन्नोवेशन टीम के हेड और सीनियर डायरेक्टर अमितोज सिंह ने कहा, “युवा आविष्कारकों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। वे निर्माण करने वाले हैं और बिखरे बिंदुओं को जोड़कर नई रचना करने की उनकी क्षमता अद्भुत है। इस प्रतिभा को विद्यालयों, अभिभावकों और समाज द्वारा सराहा जाना चाहिए।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समय गोडिका ने बिलकुल यही कियाः बिंदुओं को आपस में जोड़ना। कुछ नया करने की उनकी प्रेरणा बनी एक ‘नजदीकी पारिवारिक सदस्य’ की गंभीर न्यूरोलोजिकल बीमारी। इसलिए उन्होंने सिर्केडियन रिदम और मेडिकल चिकित्सा की प्रभावोत्पादकता में बीच एक निश्चित संबंध स्थापित करने पर काम किया। यह संबंध कैंसर और यहां तक कि अल्जाइमर जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी काफी मददगार साबित हो सकता है।</p>
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<p>पिछले वर्ष अपना 17वां जन्मदिन मना चुके बेंगलुरू के इस किशोर ने बताया, “मैं हमेशा ऐसे लोगों से प्रेरित रहा हूं जो दुनिया को कुछ नया देने और बड़े पैमाने पर मौजूद समस्याओं को हल की कोशिश करते हैं।” समय आजकल “एक सिर्केडियन रिदम वियरेबल और एक ऐसा लैंप जो हमारी उत्पादकता में बढ़ोतरी कर सके“, को विकसित करने पर काम कर रहे हैं।</p>
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<p>अब वह विज्ञान को पढ़ाए जाने के तरीके को बदलना चाहते हैं। बेंगलुरु के कोरामंगला स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल के छात्र समय के अनुसार, “हमारी पीढ़ी रोचक अवधारणाओं पर बने अच्छे वीडियो देखना पसंद करती है। इसलिए मैं विज्ञान को कहानियों के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा हूं। थिएटर और साइंस एक-दूसरे के पूरक हैं। मैं विज्ञान के माध्यम से, विज्ञान के साथ नई कहानियां कहना चाहता हूं। इसी को इन्नोवेशन कहते हैं।”</p>
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<p>अमितोज बताते हैं कि युवा खोजकर्ताओं में कारोबार, ग्राहक और प्रौद्योगिकी के मिलन बिंदु पर सोचने की एक खास क्षमता है। “मैं इन युवा इन्नोवेटर्स के काम को देख कर आश्चर्यचकित हूं। इनका भविष्य बहुत उज्जवल है।”</p>
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<p>एक अन्य इन्नोवेटर अभिक साहा उत्तरी बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में ओडलाबारी के डॉन बॉस्को अंग्रेजी माध्यम स्कूल के पूर्व छात्र हैं। कम्प्यूटर से उनकी पहली मुठभेड़ 2011 में हुई, जब अपनी कक्षा में इस विषय में फेल होने वाले वह एकमात्र छात्र रहे। लेकिन वही उनके जीवन का वह बिंदु था, जहां से कहानी की शुरुआत हुई। अगली परीक्षा में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।</p>
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<p>जल्दी ही अभिक वेबसाइट डिजाइन के लिए अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट के साथ काम कर रहे थे और उन्होंने कुछ गेमिंग, एजुकेशनल और ट्युटोरियल ऐप भी तैयार किए। यहां तक कि उन्होंने कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के लिए एक पूरी लैंग्वेज ही तैयार कर दी, जिसका नाम है- लिनो।</p>
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<p>अभिक ने बताया, “मैं और रिसर्च करना चाहता था- कोडिंग पर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आईए) पर और कई दूसरी चीजों पर। लेकिन कुछ कारणों से मुझे ऐसी सामग्री नहीं मिल पा रही थी, जो मेरी जरूरतों को पूरा कर सके।” इसलिए उन्होंने एक सर्च इंजिन विकसित किया जिसका प्रयोग कर कोई भी अपनी जरूरत के मुताबिक अच्छी सामग्री तलाश सके।</p>
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<p>प्रोडक्ट डिजाइन में विशेष रुचि रखने वाला यह 17-वर्षीय किशोर अब एक कदम और आगे बढ़कर अपने एक मित्र के साथ एक ऐसे नये उत्पाद पर काम कर रहा है जो ओटीटी से लेकर म्यूजिक प्रोवाइडर तक के कंटेंट एकत्रित कर एक साझा प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा कर सकेगा।</p>
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<p>सिंह की राय में जो बात रचनात्मक युवा प्रतिभाओं और युवा खोजकर्ताओं को अलग करती है, वह है एक्सपीरियंस प्रोटोटाइप तैयार करने की इनकी क्षमता।</p>
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<p>उनके मुताबिक, “आविष्कारकों के लिए जरूरी है कि उन्हें अपने आइडिया पर भरोसा हो और वे उन्हें जीवंत उदाहरणों (नमूनों) में बदल सकें। ये जल्दबाजी में तैयार किए गये निम्नस्तरीय नमूने भी हो सकते हैं जो वास्तविक उत्पादों का अनुभव भर हासिल करा सकें या फिर व्यावहारिक परीक्षण के लिहाज से उच्च गुणवत्ता वाले क्रियाशील नमूने भी हो सकते हैं। नमूने तैयार करने से उन्हें अपने विचारों के सत्यापन में और आगे अवधारणाओं को विकसित करने में मदद मिलती है।”</p>
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<p>सैमसंग में हमने बिलकुल प्रारंभिक स्तरों से भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए मिलकर काम किया है। हमारे सैमसंग स्मार्ट क्लास प्रोग्राम के जरिए हमने देश भर के जवाहर नवोदय विद्यालय स्कूलों में से हर एक में स्मार्ट क्लास की स्थापना की है। इस दौरान, जब-जब इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों ने अनेक रोचक आविष्कार किए हैं, तब-तब हमने गौरव महसूस किया है।</p>
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<p>बेंगलुरु और नोएडा स्थित सैमसंग के तीनों शोध संस्थान भी समय-समय पर युवा खोजकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं।</p>
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<p>(सैमसंग इस देश के ऐसे युवा आविष्कारकों के अदम्य जोश को सैल्यूट करता है- ये ही एक विज्ञानशील भारत का उज्जवल भविष्य हैं।)</p>
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