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		<title>Samsung PRISM &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title>सैमसंग PRISM: भारत में लॉन्च हुआ इंजीनियरिंग छात्रों के साथ एआई, आईओटी, 5जी पर नया इंडस्ट्री-एकेडमिक प्रोग्राम</title>
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				<pubDate>Thu, 23 Jul 2020 13:21:31 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[5जी]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung PRISM]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Research Institute-Bengaluru (SRI-B)]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन ब्रांड, सैमसंग ने भारतीय इनोवेशन ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने और उद्योग की जरूरतों के]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन ब्रांड<strong>, </strong>सैमसंग ने भारतीय इनोवेशन ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने और उद्योग की जरूरतों के अनुसार छात्रों को तैयार करने के लिए एक अनूठा इंडस्ट्री-एकेडमिक प्रोग्राम- सैमसंग PRISM (छात्रों की सोच को तैयार करना और प्रेरित करना) शुरू किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह प्रोग्राम सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट बैंगलोर (एसआरआई-बी) द्वारा संचालित होगा। जो कि कोरिया के बाहर सैमसंग का सबसे बड़ा आरएंडडी केंद्र है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेजों को शामिल करना है जो भारत सरकार के नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनएआरएफ) रैंकिंग के शीर्ष पर हैं। एसआरआई-बी ने अब तक <strong>10</strong> <strong>इंजीनियरिंग कॉलेजों</strong> के साथ एमओयू साइन किए हैं। यह अगले कुछ महीनों में और भी कॉलेजों को अपने साथ जोड़ेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक बार प्रोग्राम शुरू होने के बाद<strong>, </strong>एसआरआई-बी इन इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों और फैकल्टी के साथ सहयोग करेगा<strong>, </strong>और उन्हें रिसर्च के साथ-साथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट दिए जाएंगे<strong>, </strong>जिन्हें चार से छह महीनों में पूरा किया जाएगा। छात्रों को दुनिया की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए <strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (विजन टेक्नोलॉजी सहित)</strong>, <strong>मशीन लर्निंग</strong>, <strong>इंटरनेट ऑफ थिंग्स और कनेक्टेड डिवाइसेज</strong> तथा <strong>5</strong><strong>जी नेटवर्क</strong> जैसी <strong>अत्याधुनिक तकनीक</strong> से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करना होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रत्येक प्रोजेक्ट में तीन छात्रों और एक प्रोफेसर की टीम को शामिल किया जाएगा<strong>, </strong>इसमें एसआरआई-बी के एक मेंटर भी शामिल होंगे<strong>, </strong>जो उनका मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें प्रशिक्षित करेंगे<strong>, </strong>और साथ ही नियमित रूप से समीक्षा करेंगे। प्रत्येक इंजीनियरिंग कॉलेज में कई टीमें हो सकती हैं<strong>, </strong>और छात्रों का चयन एसआरआई-बी द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छात्रों को एसआरआई-बी के साथ संयुक्त रूप से पेपर प्रकाशित करने और पेटेंट फाइल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><em>दीपेश शाह</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>मैनेजिंग डायरेक्टर</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट बैंगलोर</em></strong><em> ने कहा</em><em>, “</em><em>सैमसंग प्रिज्म प्रोग्राम सार्थक इनोवेशन के साथ लोगों के जीवन को बदलने के हमारे मिशन का एक प्रमाण है। यह प्रोग्राम हमारे एकेडमिक और इंजीनियरिंग छात्रों सहयोग से संचालित होगा</em><em>, </em><em>जो कि बेशक दुनिया में सबसे बेहतरीन है। उन्हें सैमसंग के साथ काम करने का अवसर देना</em><em>, </em><em>और उन्हें उद्योग के लिए तैयार करना, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लिया गया एक कदम होगा।</em><em>”</em></p>
<p><em> </em></p>
<p><em>श्री शाह ने कहा</em><em>, &#8220;</em><em>आगे चलकर</em><em>, </em><em>हम इस प्रोग्राम को देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों के एकेडमिक कैलेंडर के साथ जोड़ना चाहते हैं</em><em>, </em><em>और छात्रों और फैकल्टी को गुणवत्तापूर्ण पेपर प्रकाशित करने और पेटेंट फाइल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।&#8221;</em></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी ने पिछले साल सैमसंग प्रिज्म के लिए एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया था, जिसमें 150 टीमों ने अनूठे आरएंडडी प्रोजेक्ट पर काम किया। टीमों ने भारतीय भाषाओं की हैंडराइटिंग रिकग्निशन और एआई-आधारित भारतीय भाषा अनुवाद जैसे <strong>‘</strong><strong>मेक फॉर इंडिया</strong><strong>’</strong> प्रोजेक्ट पर काम किया। कुछ टीमों ने इन-होम ऑब्जेक्ट रिकग्निशन के माध्यम से इंटेलिजेंट नेविगेशन और कम रोशनी में वीडियो की गुणवत्ता में सुधार जैसे रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लॉकडाउन अवधि के दौरान, प्रोग्राम ऑनलाइन आयोजित किया गया है। टीमों ने घर से अपने प्रोजेक्ट पर काम किया, और मेंटर द्वारा वीडियो कॉल्स और वेबिनार द्वारा प्रशिक्षित किया गया। छात्र अपने प्रोजेक्ट की डिटेल और पीरियोडिक रिव्यू के लिए <a href="https://www.samsungprism.com/">https://www.samsungprism.com</a> पर लॉग इन कर सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रोजेक्ट के पूरा होने पर सभी टीम के सदस्यों को एसआरआई-बी द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अब तक, 46 टीमों को उनके असाधारण काम के लिए सम्मानित किया गया है और उन्हें पुरस्कृत भी किया गया है। एसआरआई-बी ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, एम.एस. रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सिद्धगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आदि के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल, मल्टीमीडिया (कैमरा सॉल्यूशन सहित), इंटेलिजेंस, पेमेंट, वेब सेवा, मेमोरी, नेटवर्क और आईओटी से जुड़ी तकनीकों पर केंद्रित है। आरएंडडी सेंटर का मुख्य फोकस अनोखी जरूरत की पहचान करके और उपभोक्ताओं को बेहतर प्रोडक्ट प्रदान कर वैश्विक उत्पादों से अलग भारतीय बाजार के लिए तकनीक और समाधान तैयार करना है। एसआरआई-बी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), आग्मेंटेड रियलिटी और 5जी जैसे नेटवर्क में विशेषज्ञता हासिल है। इसने भारत में अब तक 2,900 से अधिक पेटेंट भी दर्ज किए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हाल के वर्षों में, एसआरआई-बी ने कई विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर (आईआईएससी), इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बैंगलोर (आईआईआईटी-बी) आईआईटी &#8211; खड़गपुर और आईआईटी &#8211; कानपुर के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मल्टीमीडिया और विज़न तकनीक में इसके प्रयोग, आईओटी, सेंसर और नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में रिसर्च सहयोग के लिए काम कर रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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