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		<title>Samsung R&amp;D Institute –Bangalore &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Samsung R&amp;D Institute –Bangalore &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title>सैमसंग इंडिया की कर्नाटक के कोलार और रामनगर जिलों के स्कूली बच्चों को सौगात, वितरित की 550,000 नोटबुक</title>
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				<pubDate>Thu, 01 Aug 2019 16:25:32 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Kembodi Government Primary School]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Karnataka Government MoU]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[केंबोडी सरकारी प्राथमिक विद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया]]></category>
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									<description><![CDATA[कोरिया के बाहर सैमसंग के सबसे बड़े आरएंडडी सेंटर सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट-बेंगलुरु (एसआरआई-बी) और कर्नाटक सरकार ने आज स्कूली बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>कोरिया के बाहर सैमसंग के सबसे बड़े आरएंडडी सेंटर सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट-बेंगलुरु (एसआरआई-बी) और कर्नाटक सरकार ने आज स्कूली बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए कर्नाटक के कोलार और रामनगर जिलों में  2,100 सरकारी स्कूलों में 5,50,000 नोटबुक और एक लाख स्टेशनरी सामान वितरित किए। 2015 से अब तक 14,00,000 नोटबुक दी जा चुकी हैं ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग एक लाख विद्यार्थियों के लिए नोटबुक वितरित करने के अभियान के पांचवें एडिशन में एसआरआई-बी के स्वयंसेवक (वॉल्युंटियर्स) नोटबुक और स्टेशनरी सामानों के वितरण के लिए कोलार जिले के छह तालुका (कोलार, मालूर, केजीएफ, मलबागाल, बंगारपेट और श्रीनिवासपुरा) और रामनगर जिले के एक तालुका (मगादी) पहुंचे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-medium wp-image-4157" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_114923-839x408.jpg" alt="" width="839" height="408" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_114923-839x408.jpg 839w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_114923-768x373.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_114923-1024x498.jpg 1024w" sizes="(max-width: 839px) 100vw, 839px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नोटबुक देने करने की योजना पांच साल पहले तब बनाई गई थी, जब सैमसंग के कर्मचारी क्षेत्र के भ्रमण पर वहां पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की चुनौतियों को समझने के लिए उनके साथ बातचीत की इससे भी ज्यादा हैरान वह तब रह गए, जब उन्होंने बच्चों के स्कूल आने की वजह के बारे में पता चला। ज्यादातर विद्यार्थियों ने कहा कि वे सिर्फ मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन यानी दोपहर में मिलने वाले भोजन) के लिए ही स्कूल आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नोटबुक और स्टेशनरी सामान आदि की कमी से जूझना पड़ता है। एसआरआई-बी के इंजीनियरों ने एक वॉल्युंटियर ग्रुप बनाया और सीएसआर टीम के साथ विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित करने और स्कूल छोड़ने की दर को थामने के उद्देश्य से  वितरण पूरा किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कोलार के जिलाधिकारी श्री मंजूनाथ ने कहा, “हम ज्यादा से ज्यादा कंपनियों से आगे आने और हमारे क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया में भागीदारी करने की अपील  करते हैं। ये विद्यार्थी हमारे भविष्य हैं और मैं कोलार के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की दिशा में सैमसंग के प्रयासों की सराहना करता हूं। हम इन बच्चों की जिंदगी में प्रकाश फैलाने के लिए आगे भी सहयोग की उम्मीद करते हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-medium wp-image-4158" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_123017ll-839x408.jpg" alt="" width="839" height="408" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_123017ll-839x408.jpg 839w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_123017ll-768x373.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/08/20190801_123017ll-1024x498.jpg 1024w" sizes="(max-width: 839px) 100vw, 839px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु के प्रबंध निदेशक दीपेश शाह ने कहा, “सैमसंग ने क्षेत्र में युवाओं के विस्तार के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। कर्नाटक सरकार के साथ लंबी भागीदारी हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है और हम हम भरपूर जोश के साथ अपने युवा प्रतिभाशाली इंजीनियरों भागीदारी से खासे संतुष्ट हैं। जहां हम अपने नवाचार के साथ उपभोक्ताओं की जिंदगी को बेहतर बनाते रहे हैं, वहीं हम टिकाऊ पहल के साथ अपने देश के विकास में योगदान पर अपना जोर बनाए रखेंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>2015 से वॉल्युंटियर ग्रुप ‘सेवा’ के सदस्यों और एसआरआई-बी की सीएसआर टीम ने 1,200 सरकारी स्कूलों के 70,000 से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए 8,50,000 से ज्यादा नोटबुक्स का योगदान किया। इस ताजा अभियान के साथ वे 14,00,000 से ज्यादा नोटबुक्स का योगदान कर चुके हैं। टीम ने कोलार जिले में नए स्कूल के निर्माण में योगदान की भी पहल की और जिले के 85 स्कूलों में वाटर फिल्टर लगाए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग ने कर्नाटक के साथ एक मजबूत संबंध बनाए हैं। राज्य में सैमसंग का कोरिया के बाहर सबसे बड़ा आरएंडडी सेंटर, दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपीरिएंस सेंटर ‘सैमसंग ओपेरा हाउस’ है और हाल में स्वागत सिनेमा, बेंगलुरु में एलईडी सिनेमा स्क्रीन लॉन्च की गई है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग इंडिया ने कर्नाटक के कोलार जिले के सरकारी स्कूल में एक नए कैंपस का उद्घाटन किया</title>
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				<pubDate>Mon, 01 Oct 2018 16:19:20 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Kembodi Government Primary School]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Karnataka Government MoU]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[केंबोडी सरकारी प्राथमिक विद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने कर्नाटक के कोलार जिले के केंबोडी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 6 नई कक्षाओं के साथ एक नए परिसर का उद्घाटन किया है, जिसकी मदद से स्कूल में अब]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>सैमसंग इंडिया ने कर्नाटक के कोलार जिले के केंबोडी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 6 नई कक्षाओं के साथ एक नए परिसर का उद्घाटन किया है, जिसकी मदद से स्कूल में अब 300 से ज़्यादा छात्र पढ़ पाएंगे और जो पहली संख्या 156 से कहीं ज़्यादा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अब तक, तीन अलग-अलग कक्षाओं के छात्र जगह की कमी के चलते एक ही कक्षा में बैठने के लिए मजबूर थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone wp-image-2872 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-1-e1538389652615.jpg" alt="" width="1990" height="980" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-1-e1538389652615.jpg 1990w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-1-e1538389652615-828x408.jpg 828w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-1-e1538389652615-768x378.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-1-e1538389652615-1024x504.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1990px) 100vw, 1990px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फरवरी 2018 में स्कूल में नए परिसर के निर्माण के लिए सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट, बैंगलोर (एसआरआई-बी) और कर्नाटर सरकार के शिक्षा विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नए परिसर में छह कक्षाएं हैं, हेडमास्टर का नया कमरा और आवश्यक स्कूल फर्नीचर के साथ एक स्टाफ रूम है।  इस इमारत में पावर बैकअप, वर्षा जल संग्रहण सुविधा और छात्रों के लिए आरओ+यूवी वाटर फ़िल्टर भी है। स्कूल जिसे 1931 में स्थापित किया गया था, अब कक्षा 1 से कक्षा आठवीं तक कन्नड़ और अंग्रेज़ी माध्यम दोनों में पाठ्यक्रम प्रदान करेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone wp-image-2873 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-2-e1538389754838.jpg" alt="" width="1174" height="1628" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-2-e1538389754838.jpg 1174w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-2-e1538389754838-294x408.jpg 294w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-2-e1538389754838-768x1065.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/10/Kembodi-2-e1538389754838-738x1024.jpg 738w" sizes="(max-width: 1174px) 100vw, 1174px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कर्नाटक के कोलार जिले के केंबोडी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में नए परिसर का उद्घाटन कर्नाटक सरकार के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के माननीय मंत्री श्री एन महेश, कर्नाटक सरकार की शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव, डॉ. शालिनी रजनीश, कोलार जिले के जिला कलेक्टर श्री मंजुनाथ, एसआरआई-बी के प्रबंध निदेशक, श्री दीपेश शाह, एसआरआई-बी के मुख्य टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ. आलोकनाथ डे और एसआरआई-बी के मुख्य वित्तीय अधिकारी, श्री हैरी हेजून कांग द्वारा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी के प्रबंध निदेशक, श्री दीपेश शाह ने कहा, &#8216;सैमसंग में शिक्षा के क्षेत्र में काम करना हमारे दिल के बेहद करीब है और हम समाज को वापस देने का प्रयास करते हैं। हम राज्य भर में छात्रों को सीखने और अपने सपने पूरे करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चाहे हमारा &#8216;मेक फॉर इंडिया&#8217; इनीशियेटिव हो या सामुदायिक केंद्रित वॉलंटरी गतिविधियां हों, हमारा मुख्य लक्ष्य इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना और प्रेरित करना है। यह स्कूल सही दिशा में एक कदम है।&#8217;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट, बैंगलोर ने पिछले साल कर्नाटक सरकार के साथ राज्य के बेंगलुरु, कोलार और <span>मुल्बगल</span> जिलों के 450 सरकारी स्कूलों में छात्रों को नोटबुक और पेन दान करने के लिए सहयोग किया था। बैंगलोर आर एंड डी सेंटर से 120 से ज़्यादा वॉलंटियर की टीम ने इन स्कूलों का दौरा किया और 30,000 से ज़्यादा छात्रों को 160,000 नोटबुक और 38,500 पेन बांटे। इससे पहले इस साल की शुरुआत में सैमसंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट- बैंगलोर (एसआरआई-बी) के कर्मचारियों ने तीन दिन में कर्नाटक के 1,200 सरकारी स्कूलों में 70,000 छात्रों को नोटबुक और पेन दान में दिए थे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट-बेंगलुरु ने जीता नेशनल इंटलेक्च्वल प्रॉपर्टी अवॉर्ड 2018</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-rd-institute-bangalore-wins-the-national-intellectual-property-award-2018?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Wed, 09 May 2018 16:16:02 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[National Intellectual Property Award 2018]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Make for India]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[SRI-B]]></category>
		<category><![CDATA[एसआरआई-बी]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; सैमसंग R&#38;D इंस्टीट्यूट– बेंगलुरु (SRI-B) को भारत सरकार द्वारा पेटेंट और व्यावसायीकरण के लिए टॉप विदेशी पब्लिक लिमिटेड कंपनी/प्राइवेट लिमिटेड कंपनी]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग R&amp;D इंस्टीट्यूट– बेंगलुरु (SRI-B) को भारत सरकार द्वारा पेटेंट और व्यावसायीकरण के लिए टॉप विदेशी पब्लिक लिमिटेड कंपनी/प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की श्रेणी में नेशनल इंटलेक्च्वल प्रॉपर्टी अवॉर्ड से नवाज़ा गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>R&amp;D केंद्र को संगठन के अंदर इनोवेशन और पेटेंट दाखिल करने के कल्चर के निर्माण के लिए और साथ ही पेटेंट को फाइल और व्यावसायीकरण करने के लिए अवॉर्ड दिया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<div id="attachment_2058" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img class="wp-image-2058 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/05/Property-Award-Pic1.jpg" alt="" width="1000" height="666" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/05/Property-Award-Pic1.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/05/Property-Award-Pic1-613x408.jpg 613w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/05/Property-Award-Pic1-768x511.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p class="wp-caption-text">वाणिज्य और उद्योग मंत्री, सुरेश प्रभु से पुरस्कार लेते हुए एसआरआई-बी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, डॉ. आलोकनाथ डे</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत सरकार का वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क्स के क्षेत्र के बेहतरीन इनोवेटर्स, संगठनों और कंपनियों को हर साल राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार देता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी को यह अवॉर्ड भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, डॉ. आलोकनाथ डे ने कहा, ‘सैमसंग में हम भारत सरकार से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह अवॉर्ड पेटेंट और इनोवेशन के क्षेत्र को अपग्रेड करने के लिए चल रहे हमारे प्रयासों की पुष्टि करता है। सैमसंग का दृष्टिकोण दुनिया को प्रेरित करने और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट्स और डिज़ाइन के माध्यम से ऐसा भविष्य तैयार करने का है जो लोगों के जीवन को समृद्ध बना सके।’</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिछले कुछ सालों से एसआरआई-बी अपने इनोवेशन की क्वॉलिटी को बेहतर बनाने और अपने इंजीनियर्स में पेटेंट माइंडसेट डालने के क्षेत्र में काम कर रहा है ताकि वह पेटेंट पॉवरहाउस बन सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पहला काम एसआरआई-बी के इंजीनियर्स के माइंडसेट में इनोवेशन और पेटेंट्स को बढ़ावा देने का था। एक विशेष टीम को स्थापित किया गया जिसने बेसिक इनवेंशन क्रिएशन ट्रेनिंग और एडवांस्ड इनवेन्टिव स्टेप ट्रेनिंग को आयोजित किया ताकि इंजीनियर्स समझ पाएं कि इनोवेशन क्या है और कैसे करनी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके बाद टॉप क्वॉलिटी इनवेंशन क्रिएशन की ट्रेनिंग पर काम किया गया, जिससे एसआरआई-बी के पेटेंट्स की क्वॉलिटी में सुधार आया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इंजीनियर्स को अपने विचारों को मज़बूत करने का तरीका समझाने के लिए, फेस-टू-फेस काउंसलिंग कराई गई और पेटेंट इंजीनियर्स को अलग-अलग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में अलग टीम्स के साथ जोड़ा गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी में पेटेंट दाखिल करने के लिए एक इंटर्नल पोर्टल बनाया गया, जो सभी पेटेंट दाखिल करने की जानकारी और एक इंजीनियर की जरूरतों के लिए वन-स्टॉप शॉप बन गया, जिससे पेटेंट दाखिल करने की प्रक्रिया और भी आसान हो गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत में सैमसंग के 5 आर एंड डी केंद्र हैं — 2 बेंगलुरु में और एक नोएडा, दिल्ली और पुणे में। बेंगलुरु का आर एंड डी सेंटर (SRI-B) कोरिया के बाहर सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का सबसे बड़ा आर एंड डी सेंटर है। भारतीय आर एंड डी केंद्र कंपनी के &#8216;मेक फॉर इंडिया&#8217; इनीशियेटिव के तहत भारत के विशिष्ट प्रोडक्ट्स और सर्विस के साथ-साथ ग्लोबल प्रोडक्ट डेवेलपमेंट के लिए भी काफी योगदान देता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी में शुरु किए गए इनोवेशन के कल्चर के साथ भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सॉल्यूशन बनाने पर फोकस करने वाले सैमसंग &#8216;मेक फॉर इंडिया&#8217; इनीशियेटिव के ज़रिए सैमसंग डिवाइस के लिए कई दिलचस्प फीचर्स को विकसित किया गया है। उदाहरण है सोशल कैमरा मोड, जिसे सैमसंग गैलेक्सी J7 मैक्स स्मार्टफोन में लॉन्च किया गया था। सोशल कैमरा मोड उपयोगकर्ताओं को तुरंत एडिट करने और उनके कैमरा ऐप से सीधा सोशल मीडिया साइट्स पर तस्वीरें और वीडियो साझा करने की अनुमति देता है। इस सुविधा का पेटेंट एसआरआई-बी में विकसित किया गया था और बाद में व्यावसायिक रूप से डिवाइस में पेश किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसआरआई-बी ने पहले, साल 2015 में राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार जीता था और साल 2015 और 2018 में ज़िनव &#8216;ग्रेट प्लेस टू इनोवेट’ अवॉर्ड जीता था।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग आरएंडडी कर्मचारी को राष्‍ट्रपति ने प्रतिष्ठित इनोवेशन अवॉर्ड से किया सम्मानित</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-rd-employee-wins-prestigious-innovation-award-from-the-president-of-india?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Wed, 04 Apr 2018 13:02:34 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Gandhian Young Technological Innovation Awards]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Bombay]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Ram Nath Kovind]]></category>
		<category><![CDATA[Trivikram Annamalai]]></category>
		<category><![CDATA[गांधीयन यंग टेक्‍नोलॉजिकल इनोवेशन अवार्ड]]></category>
		<category><![CDATA[त्रिविक्रम अन्नामलाई]]></category>
		<category><![CDATA[राम नाथ कोविंद]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
                <guid isPermaLink="false">http://bit.ly/2GPhsom</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट-बेंगलुरु के यूज़र एक्सपीरियंस टीम के सदस्य त्रिविक्रम अन्‍नामलाई को प्रतिष्ठित गांधीयन यंग टेक्‍नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड 2018 से]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>सैमसंग आरएंडडी इंस्&#x200d;टीट्यूट-बेंगलुरु के यूज़र एक्सपीरियंस टीम के सदस्य त्रिविक्रम अन्&#x200d;नामलाई को प्रतिष्ठित गांधीयन यंग टेक्&#x200d;नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड 2018 से नवाज़ा गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कोरिया के बाहर कंपनी के सबसे बड़े आरएंडडी सेंटर के सदस्य और आईआईटी बॉम्&#x200d;बे के पूर्व छात्र अन्&#x200d;नामलाई को राष्&#x200d;ट्रपति भवन में हाल ही में आयोजित हुए फेस्&#x200d;टिवल ऑफ इनोवेशंस (एफओआईएन) में भारत के माननीय राष्&#x200d;ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद ने सम्मानित किया। अन्नामलाई को ये अवॉर्ड उनकी रचना ‘लो कॉस्ट वेन डिटेक्टर’ के लिए दिया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-1880" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award3.jpg" alt="" width="975" height="733" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award3.jpg 975w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award3-543x408.jpg 543w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award3-768x577.jpg 768w" sizes="(max-width: 975px) 100vw, 975px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह डिवाइस, जिसे अन्&#x200d;नामलाई ने आईआईटी बॉम्&#x200d;बे में पढ़ाई के दौरान तैयार किया था, चिकित्&#x200d;सा पेशेवरों को जल्&#x200d;दी से सही नस का पता लगाने और सफल तरीके से नस से रक्त निकालने में मदद करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गांधीयन यंग टेक्&#x200d;नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड उन छात्र इनोवेटर्स को दिया जाता है जो इंजीनियरिंग, साइंस, टेक्&#x200d;नोलॉजी और डिजाइन के क्षेत्र में किफायती सॉल्यूशन्स पेश करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जब अन्नामलाई आईआईटी बॉम्&#x200d;बे में थे, तब उन्हें रियल टाइम समस्&#x200d;याओं का पता लगाने के लिए एक ब्&#x200d;लड बैंक भेजा गया था, जिसके लिए उन्होंने सॉल्यूशन पेश किया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्&#x200d;होंने कहा कि, “मैंने देखा कि कुछ वॉलंटियर्स जो रक्&#x200d;त दान करना चाहते थे वे ऐसा नहीं कर पाए क्&#x200d;योंकि नर्स रक्&#x200d;त निकालने के लिए सही नस खोजने में असमर्थ रहीं। यह वॉलंटियर जो समाज सेवा करना चाहता था और ब्&#x200d;लड बैंक, जो अपने बैंक में और ज़्यादा रक्&#x200d;त जमा कर सकता था, दोनों के लिए नुकसानदायक था।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-1879" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award-2.jpg" alt="" width="1000" height="531" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award-2.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/04/Trivikram-Award-2-768x408.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस समस्&#x200d;या के समाधान के रूप में उनके द्वारा डिज़ाइन किया गया डिवाइस एनआईआर स्&#x200d;पेक्&#x200d;ट्रोस्&#x200d;कॉपी पर काम करता है, जहां इंफ्रारेड वेव्स को नसों में ऑक्&#x200d;सीजन युक्&#x200d;त और डी-ऑक्&#x200d;सीजन युक्&#x200d;त रक्&#x200d;त द्वारा अलग-अलग तरीके से सोखा जाता है। ऐसे में एक नस दूसरी नस से गहरे रंग में दिखती है, जिससे चिकित्&#x200d;सा पेशेवरों को नसों को खोजने में मदद मिलती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह डिवाइस आज बाजार में उपलब्ध अन्&#x200d;य सॉल्यूशन्स की तुलना में किफायती, सुरक्षित और उपयोग में आसान है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग आरएंडडी इंस्&#x200d;टीट्यूट-बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दीपेश शाह ने कहा, “एसआरआई-बी में हम यह मानते हैं कि युवाओं द्वारा पेश की गई टेक्&#x200d;नोलॉजिकल इनोवेशन, जो प्रासंगिक जरूरतों को पूरा करें और बड़े पैमाने पर प्रभाव पैदा करें, भविष्&#x200d;य को परिभाषित करेंगी। त्रिविक्रम और उनका प्रोजेक्&#x200d;ट हमारे इसी विश्&#x200d;वास का उत्&#x200d;कृष्&#x200d;ट नमूना है और हमें इस बात पर गर्व है कि वह एसआरआई-बी का हिस्&#x200d;सा हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राष्&#x200d;ट्रपति भवन में होना अन्&#x200d;नामलाई के लिए एक शानदार अनुभव था। अपने समाधान को वहां मौजूद लोगों के सामने पेश करने के लिए उन्&#x200d;हें एक स्&#x200d;टॉल लगाने की भी अनुमति दी गई थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्&#x200d;होंने कहा कि, “जब राष्&#x200d;ट्रपति हमारे स्&#x200d;टॉल पर आए और हमारे प्रोडक्ट की विशेषताओं के बारे में जाना, तो उन्होंने तुरंत अपने फिजीशियन को बुलाया और उनसे अनुरोध किया कि राष्&#x200d;ट्रपति भवन में बने अस्&#x200d;पताल के लिए यह प्रोडक्ट खरीदा जाए।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अन्&#x200d;नामलाई 2018 के लिए गांधीयन यंग टेक्&#x200d;नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड के लिए चुने गए 23 विजेताओं में शामिल हैं। अवॉर्ड के साथ भारत सरकार ने उनके प्रोडक्ट को और बेहतर और अधिक बिक्री योग्य बनाने के लिए 15 लाख रुपए का रिसर्च ग्रांट भी दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>‘लो कॉस्ट वेन डिटेक्टर’ को इससे पहले महाराष्&#x200d;ट्र के मुख्&#x200d;यमंत्री से यंग इनोवेटर अवॉर्ड मिल चुका है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>बच्चों के बीच पहुंचा सैमसंग इंडिया, कर्नाटक में 30,000 छात्रों को बांटी स्टेशनरी</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-india-donate-notebooks-and-pens-to-30000-students-in-karnataka?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Mon, 21 Aug 2017 17:14:51 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Notebook Donation Drive]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[एसआरआई-बी]]></category>
		<category><![CDATA[कर्नाटक सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया सीएसआर]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग नोटबुक डोनेशन]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग सिटिज़नशिप इनीशियेटिव]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; &#160; सैमसंग इंडिया ने कर्नाटक सरकार के सहयोग के साथ बेंगलुरु, कोलार और मुल्बगल जिले के 450 सरकारी स्कूलों में नोटबुक और पेन डोनेट करने के अभियान की]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_580" style="width: 2173px" class="wp-caption alignnone"><img class="wp-image-580 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Harry-Hejoon-Kang-in-Kambodi-Govt-school.jpg" alt="" width="2163" height="1441" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Harry-Hejoon-Kang-in-Kambodi-Govt-school.jpg 2163w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Harry-Hejoon-Kang-in-Kambodi-Govt-school-300x200.jpg 300w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Harry-Hejoon-Kang-in-Kambodi-Govt-school-768x512.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Harry-Hejoon-Kang-in-Kambodi-Govt-school-1024x682.jpg 1024w" sizes="(max-width: 2163px) 100vw, 2163px" /><p class="wp-caption-text">छात्रों के साथ सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु के वॉलंटियर्स</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इंडिया ने कर्नाटक सरकार के सहयोग के साथ बेंगलुरु, कोलार और मुल्बगल जिले के 450 सरकारी स्कूलों में नोटबुक और पेन डोनेट करने के अभियान की शुरुआत की है।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग <strong>R&amp;D</strong> इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु के करीब 120 वॉलंटियर्स की टीम ने इन सरकारी स्कूलों में जाकर 30,000 से ज़्यादा छात्रों को दो दिन में 1 लाख 60 हज़ार नोटबुक और 38 हज़ार 500 पेन बांटे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-581" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/IMG_20170817_154113.jpg" alt="" width="4608" height="3456" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/IMG_20170817_154113.jpg 4608w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/IMG_20170817_154113-300x225.jpg 300w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/IMG_20170817_154113-768x576.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/IMG_20170817_154113-1024x768.jpg 1024w" sizes="(max-width: 4608px) 100vw, 4608px" /></p>
<p><strong> </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग R&amp;D इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु के एमडी दिपेश शाह ने कहा,<strong> ‘</strong>मार्केट लीडर होने के नाते, सैमसंग अर्थपूर्ण इनोवेशन और क्वालिटी प्रोडक्ट्स के ज़रिए उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को पूरा करता है और साथ ही लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समाज की ज़रूरतों में योगदान देने के लिए वचनबद्ध भी है।&#8217;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-584" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/varadenahalli-e1503310650784.jpg" alt="" width="3588" height="2897" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/varadenahalli-e1503310650784.jpg 3588w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/varadenahalli-e1503310650784-300x242.jpg 300w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/varadenahalli-e1503310650784-768x620.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/varadenahalli-e1503310650784-1024x827.jpg 1024w" sizes="(max-width: 3588px) 100vw, 3588px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, &#8216;नोटबुक डोनेशन अभियान इस दिशा में एक छोटा सा कदम है, जिसके ज़रिए हम कर्नाटक के 30,000 से ज़्यादा छात्रों तक पहुंच पाएं हैं।&#8217;</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>इससे पहले इस साल की शुरुआत में, सैमसंग ने कर्नाटक के करीब 500 स्कूलों के बच्चों को स्टेशनरी आइटम्स जैसे डिक्शनरी, एग्ज़ाम पैड्स, जियोमेट्री बॉक्स और स्टेशनरी दी थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-583" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Seepura-e1503310814271.jpg" alt="" width="3598" height="2661" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Seepura-e1503310814271.jpg 3598w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Seepura-e1503310814271-300x222.jpg 300w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Seepura-e1503310814271-768x568.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/08/Seepura-e1503310814271-1024x757.jpg 1024w" sizes="(max-width: 3598px) 100vw, 3598px" /></p>
<p><strong> </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण कदम था सैमसंग का कर्नाटक सरकार के साथ राज्य की पब्लिक हेल्थकेयर सुविधाओं का कुशल तरीके से संचालन करने में मदद करने का समझौता। समझौते के मुताबिक, सैमसंग रिसर्च एंड डेवेलपमेंट इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु (एसआरआई-बी) ने कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य विभाग को 1000 से ज़्यादा सैमसंग टैब आईरिस डिवाइस प्रदान किए थे। आधार और केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए यूआईडीएआई द्वारा अनुमोदित होने वाला पहला कमर्शियल टैबलेट, सैमसंग टैब आईरिस राज्य के पब्लिक हेल्थ सेंटर्स (पीएचसी) को अपने डेटाबेस को डिजिटल रूप में तैयार करने लिए सक्षम बना रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग ने 1995 में भारत में अपने सफर की शुरुआत की थी और इन दो दशकों में यह देश की सबसे बड़ी कंस्यूमर प्रोडक्ट कंपनी बन गई है, जिसके भारत में 2 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं, 5 R&amp;D सेंटर, 1 डिज़ाइन सेंटर और 1.5 लाख रिटेल आउटलेट्स हैं। आज देशभर के 70,000 लोग सैमसंग इंडिया में काम कर रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><strong><span style="color: #000080;">सैमसंग इंडिया सीएसआर इनीशियेटिव</span></strong></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग में हमारा लक्ष्य इनोवेशन के ज़रिए समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाना और अलग-अलग इनीशियेटिव के माध्यम से लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>सैमसंग स्मार्ट क्लास, भारत में कंपनी का फ्लैगशिप सिटिज़न प्रोग्राम है जो खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं से वंचित छात्रों को डिजिटल शिक्षा प्रदान करने का काम करता है। इस प्रयास का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी भारत के बीच का डिजिटल अंतर खत्म करना और हर पृष्ठभूमि के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। साल 2013 से अब तक भारत के 470 से ज़्यादा नवोदय विद्यालयों में सैमसंग स्मार्ट क्लास स्थापित की जा चुकी हैं जिनसे ढाई लाख छात्रों को फायदा मिला है। इसके साथ ही 8000 से ज़्यादा शिक्षकों को इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल करने का प्रशिक्षिण प्रदान किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कंपनी ने प्रतिभाशाली जनशक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार और बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और दिल्ली के आईटीआई के साथ साझेदारी कर सैमसंग टेक्नीकल स्कूलों की स्थापना भी की है। 22 सैमसंग टेक्नीकल स्कूलों के छात्रों को सैमसंग निर्माण केंद्रों और प्राधिकृत सेवा केंद्रों के संपर्क में आने से काफी फायदा मिल रहा है। सैमसंग टेक्नीकल स्कूल के ज़रिए अब तक 2000 से ज़्यादा युवाओं को रोज़गार के अवसरों के लिए टेक्नीकल ट्रेनिंग दी जा चुकी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कंपनी के सिटिज़नशिप इनीशियेटिव में एक अहम इनीशियेटिव सैमसंग स्मार्ट हेल्थकेयर प्रोग्राम भी है, जिसे लाखों नागरिकों खासतौर से आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों को सरकार की सर्वश्रेष्ठ हेल्थकेयर सुविधाएं प्रदान करने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस प्रोग्राम के तहत, सैमसंग चेन्नई, मुंबई, बेंगलुरु, गुरुग्राम और दिल्ली के चयनित सरकारी अस्पतालों में इनोवेटिव हेल्थकेयर इक्विपमेंट जैसे अल्ट्रासाउंड, डिजिटल रेडियोलॉजी और एक्सेसरीज़ देकर, मरीज़ों तक किफायती हेल्थकेयर सुविधाओं पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग R&#038;D इंडिया के पहले कर्मचारी से मिलिए, 22 साल पहले शुरु किया था सफर&#8230;अब हैं एमडी</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/meet-dipesh-shah-samsung-rds-1st-employee-in-india-now-an-md?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Mon, 05 Jun 2017 16:44:52 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Dipesh Shah]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung India]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[SRI Bangalore]]></category>
		<category><![CDATA[दिपेश शाह]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया]]></category>
                <guid isPermaLink="false">http://bit.ly/2uMDt04</guid>
									<description><![CDATA[&#160; मिलिए सैमसंग R&#38;D इंस्टिट्यूट-बेंगलुरु (एसआरआई-बी) के प्रबंध निदेशक दिपेश शाह से जिन्होंने 2 दशक पहले सैमसंग आर एंड डी इंडिया के पहले कर्मचारी बनकर]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_302" style="width: 1930px" class="wp-caption alignnone"><img class="size-full wp-image-302" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/07/Dipesh-2-2.jpg" alt="" width="1920" height="1080" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/07/Dipesh-2-2.jpg 1920w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/07/Dipesh-2-2-300x169.jpg 300w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/07/Dipesh-2-2-768x432.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2017/07/Dipesh-2-2-1024x576.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1920px) 100vw, 1920px" /><p class="wp-caption-text">श्री दिपेश शाह, सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट-बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>मिलिए सैमसंग R&amp;D इंस्टिट्यूट-बेंगलुरु (एसआरआई-बी) के प्रबंध निदेशक दिपेश शाह से जिन्होंने 2 दशक पहले सैमसंग आर एंड डी इंडिया के पहले कर्मचारी बनकर सैमसंग इंडिया के सुनहरे इतिहास में अपना नाम दर्ज किया था। इन सालों में सैमसंग, भारत का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड के रूप में उभर कर सामने आया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इंडिया में आज लगभग 70,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इंडिया में सैमसंग के दो प्लांट्स, 5 R&amp;D केंद्र और एक डिज़ाइन केंद्र है। एसआरआई-बी सैमसंग की कोरिया के बाहर सबसे बड़ी R&amp;D सुविधा है। इस R&amp;D सेंटर में कई क्षत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान किए जाते हैं और यह केंद्र भारत के आईटी क्षेत्र में सबसे ज़्यादा पेटेंट दाखिल करने का रिकॉर्ड दर्ज कर चुका है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वीडियो में सुनिए दिपेश शाह का सैमसंग इंडिया के साथ का अब तक का सफर&#8230;</p>
<p>&nbsp;</p>
<div class="youtube_wrap"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/vfxGuLeZqx0 " width="300" height="150" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></div>
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