<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><?xml-stylesheet title="XSL_formatting" type="text/xsl" href="https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss.xsl"?><rss version="2.0"
     xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
     xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
     xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
     xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
     xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
     xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	 xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"
	>
	<channel>
		<title>Samsung Solve for Tomorrow 2026 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
		<atom:link href="https://news.samsung.com/bharat/tag/samsung-solve-for-tomorrow-2026/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
		<link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        <image>
            <url>https://img.global.news.samsung.com/image/newlogo/logo_samsung-newsroom.png</url>
            <title>Samsung Solve for Tomorrow 2026 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
            <link>https://news.samsung.com/bharat</link>
        </image>
        <currentYear>2026</currentYear>
        <cssFile>https://news.samsung.com/bharat/wp-content/plugins/btr_rss/btr_rss_xsl.css</cssFile>
		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
		<lastBuildDate>Thu, 29 Oct 2026 13:10:09 +0000</lastBuildDate>
		<language>en-US</language>
		<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
		<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
					<item>
				<title><![CDATA[‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ में चार टीमों ने ₹2 करोड़ जीते]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-2026</link>
				<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 11:28:54 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/16112213/728X410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Atal Innovation Mission]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Impact Award]]></category>
		<category><![CDATA[FITT]]></category>
		<category><![CDATA[IIT]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[MeitY Startup Hub]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Winners]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3UpCH85</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के विजेताओं की घोषणा की। इस साल इसमें 28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 648 शहरों से प्रविष्टियां (entries) प्राप्त हुईं। नई दिल्ली में आयोजित ग्रैंड फिनाले में, चार टीमों ने सैमसंग से कुल 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट जीती, ताकि वे अपने […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="550" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/16112208/SFT-Grand-Finale-Winners-1000x550.jpg" alt="" class="wp-image-10883" /><figcaption class="wp-element-caption">(बाएं से दाएं) सैमसंग SWA के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी; सैमसंग SWA के कॉर्पोरेट VP SP चन; MeitY के संयुक्त सचिव सुशील पाल; सैमसंग SWA के अध्यक्ष और CEO JB पार्क; UN रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर; और सैमसंग SWA के CFO जेसन म्युंग, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के विजेताओं के साथ</figcaption></figure>



<p>सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के विजेताओं की घोषणा की। इस साल इसमें 28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 648 शहरों से प्रविष्टियां (entries) प्राप्त हुईं। नई दिल्ली में आयोजित ग्रैंड फिनाले में, चार टीमों ने सैमसंग से कुल 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट जीती, ताकि वे अपने टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों को आगे बढ़ा सकें।</p>



<p>विजेता टीमों — उत्तर प्रदेश के रायबरेली से ‘क्वांटहंट’ (QuantHunt), छत्तीसगढ़ के रायपुर से ‘मॉर्फिज्म’ (morphism), नई दिल्ली से ‘इनोबोटिक्स’ (InnoBotix) और तेलंगाना के हैदराबाद से ‘सोमाट्रेस’ (Somatrace) — को IIT दिल्ली के FITT में मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा। इससे वे अपने प्रोटोटाइप को बाजार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकेंगी, जिनमें भविष्य के स्टार्टअप बनने की क्षमता है।</p>



<p>भारत में इस साल के फाइनलिस्ट का चयन छह महीने की एक प्रक्रिया के जरिए किया गया। इसमें 135 शहरों में 184 ‘डिजाइन थिंकिंग’ वर्कशॉप, गहन बूटकैंप, प्रोटोटाइप विकास और पिच मूल्यांकन शामिल थे। इन टीमों ने चार विषयों पर अपने समाधान पेश किए: ‘AI लिविंग फॉर इंडिया’, ‘स्वास्थ्य और शिक्षा’, ‘खेल और तकनीक’, तथा ‘पर्यावरण स्थिरता’।</p>



<p>भारत में अपने पांचवें संस्करण में पहुंचा ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’, एक वैश्विक कार्यक्रम का हिस्सा है। 2022 से अब तक लगभग 80,000 छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया है। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित का उपयोग करके अपने समुदायों की चुनौतियों की पहचान की और उनके समाधान विकसित किए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चार विजेता समाधान:</h2>



<p>‘AI लिविंग फॉर इंडिया’: क्वांटहंट (QuantHunt) – रायबरेली, उत्तर प्रदेश: यह एक AI-आधारित साइबर सुरक्षा समाधान है, जिसे एन्क्रिप्शन की कमजोरियों का पता लगाने और संगठनों को उनके डिजिटल सिस्टम को क्वांटम-कंप्यूटिंग से जुड़े उभरते खतरों के लिए तैयार करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>‘स्वास्थ्य और शिक्षा’: मॉर्फिज्म (morphism) – रायपुर, छत्तीसगढ़: यह एक AI सिस्टम है, जिसे ऑटिस्टिक (autistic) व्यक्तियों की मदद के लिए बनाया गया है। यह चेहरे के सूक्ष्म हाव-भाव और अन्य व्यवहार संबंधी संकेतों का विश्लेषण करके उन्हें भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।</p>



<p>‘पर्यावरण स्थिरता’: इनोबोटिक्स (InnoBotix) – नई दिल्ली: ‘सेंटिनेल’ (Sentinel) नाम का यह सोलर-पावर्ड AI डिवाइस, कैमरों, रडार और सिस्मिक डेटा का उपयोग करता है। यह इंसानी बस्तियों के पास आने वाले जंगली जानवरों का पता लगाता है और समय रहते चेतावनी देता है।</p>



<p>‘खेल और तकनीक’: सोमाट्रेस (Somatrace) – हैदराबाद, तेलंगाना: यह एक पहनने योग्य (wearable) IoT ट्रेनिंग टूल है, जो ट्रेनिंग के दौरान रीढ़ की हड्डी के कोण (spinal angles) और लोड को मापता है। इससे सटीक कौशल वाले खेलों (precision-sports) के एथलीटों और कोचों को चोट लगने के जोखिम को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। टॉप 20 टीमों को ग्रांट के रूप में ₹20 लाख मिले, और हर सदस्य को सैमसंग गैलेक्सी का फ्लैगशिप स्मार्टफोन दिया गया। ग्रैंड फिनाले में टीमों को दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवार्ड’ (हर एक के लिए ₹1 लाख) और एक ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवार्ड’ (₹50,000) से भी सम्मानित किया गया।</p>



<p>इस साल की एंट्रीज़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पहनने योग्य IoT (वेयरेबल IoT) और सस्टेनेबल डिज़ाइन का इस्तेमाल करके लोगों की ज़रूरतों पर केंद्रित समाधान पेश किए गए। 50% से ज़्यादा आइडिया टियर 2 और टियर 3 शहरों से आए, जो यह दिखाते हैं कि इनोवेशन सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के हर कोने से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए बेहतरीन समाधान निकल सकते हैं।</p>



<p>फाइनलिस्ट टीमों को अपने हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने के लिए सैमसंग, स्टार्टअप फाउंडर्स और IIT दिल्ली के FITT के विशेषज्ञों से मेंटरशिप मिली।</p>



<p><strong>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, मिस्टर जेबी पार्क ने कहा, </strong>“भारत में इनोवेशन की अगली लहर इस बात पर निर्भर करेगी कि हम तकनीक को लोगों की ज़रूरतों से कितनी अच्छी तरह जोड़ते हैं। साथ ही, युवाओं को ऐसे मौके देते हैं जिससे वे अपने आस-पास की समस्याओं को पहचानें और उनके लिए ऐसे समाधान तैयार करें जिन्हें टेस्ट किया जा सके। इस सफर को जारी रखने से देश की इनोवेशन क्षमता मज़बूत होती है और यह राष्ट्र-निर्माण का एक अहम हिस्सा है। इस साल के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के फाइनलिस्ट्स ने अपनी कम्युनिटी की चुनौतियों को समझने के लिए जिज्ञासा, सहानुभूति और एक उद्देश्य के साथ काम किया है। उन्होंने वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया है। भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, हमें उनके इस सफर का समर्थन करने पर गर्व है। चार विजेता टीमें एक ऐसे आत्मविश्वासी और रचनात्मक भारत को दर्शाती हैं, जो अपनी सूझबूझ से बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">अगले चरण के लिए साझेदारियां</h2>



<p>सैमसंग ने भारत में संयुक्त राष्ट्र (United Nations), FITT (IIT दिल्ली), स्टार्टअप इंडिया (DPIIT), MeitY स्टार्टअप हब, अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के ‘मंथन’ (Manthan) के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं।</p>



<p>ये साझेदारियां युवा इनोवेटर्स को भारत के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम में व्यापक समर्थन से जोड़ती हैं। इन सहयोगों के ज़रिए, सैमसंग समस्या-समाधान और उद्यमिता (entrepreneurship) की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, जिससे युवा इनोवेटर्स अपने आइडिया को बाज़ार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकें।</p>



<p>ग्रैंड फिनाले में टॉप 20 टीमों के लिए एक ‘इन्वेस्टर मीट’ (निवेशकों के साथ बैठक) का भी आयोजन किया गया। इस बातचीत ने युवा इनोवेटर्स को स्टार्टअप और इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम से जुड़ने और अपने इनोवेशन को अगले स्तर तक ले जाने के रास्ते तलाशने का मौका दिया।</p>



<p>पुरस्कार समारोह में शामिल विशिष्ट अतिथियों में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील पाल, भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर और IIT दिल्ली के FITT के प्रबंध निदेशक निखिल अग्रवाल शामिल थे।</p>



<p>“जब इनोवेशन समावेशिता, सहानुभूति और लोगों की ज़रूरतों की स्पष्ट समझ से प्रेरित होता है, तो यह सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) को आगे बढ़ाता है। भारत के युवा इनोवेटर 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को हासिल करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। </p>



<p><strong>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, स्टीफन प्रीसनर ने कहा, </strong>“यह पहल युवाओं को ऐसे समाधान तैयार करने का अवसर देती है, जो एक अधिक समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए इन मूल्यों को आधार बनाते हैं। मैं विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई देता हूँ, और युवाओं को हमारे साझा भविष्य को आकार देने वाली चुनौतियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सैमसंग की सराहना करता हूँ।”</p>



<p><strong>भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, प्रो. उमेश वी. वाघमारे ने कहा,</strong> “विज्ञान और प्रौद्योगिकी तब सबसे अधिक मूल्यवान साबित होते हैं, जब वे लोगों के जीवन की चुनौतियों का समाधान करते हैं। इस वर्ष के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के फाइनलिस्टों ने स्वास्थ्य सेवा और स्थिरता से लेकर खेल तक, कई तरह के मुद्दों पर इसी दृष्टिकोण को अपनाया है। उन्होंने अपने विचारों को आकार देने के लिए जिज्ञासा और समस्या-समाधान (problem-solving) कौशल का उपयोग किया है। ऐसे प्लेटफॉर्म जो युवाओं को किसी चुनौती की पहचान करने से लेकर समाधान तैयार करने और उसका परीक्षण करने तक का सफर तय करने में मदद करते हैं, वे पूरे देश में नवाचार (innovation) की संस्कृति को बढ़ावा देकर हमारे इकोसिस्टम को मजबूत बनाते हैं।”</p>



<p><strong>MeitY स्टार्टअप हब के CEO, डॉ. पी.एस. मदनगोपाल ने कहा, </strong>“नवाचार के लिए केवल एक अच्छा विचार होना ही काफी नहीं है; इसके लिए उपयोगकर्ता की गहरी समझ और समाधान का परीक्षण करने, उसे बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर लागू करने के अनुशासन की आवश्यकता होती है। इस वर्ष के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के फाइनलिस्टों ने तकनीकी कौशल और एक स्पष्ट उद्देश्य, दोनों का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब अगला कदम यह है कि विजेता टीमों को प्रोटोटाइप से आगे बढ़कर ऐसे समाधान तैयार करने में मदद की जाए, जिनका मापने योग्य प्रभाव (measurable impact) हो। मैं उन्हें बधाई देता हूँ और यह देखने के लिए उत्सुक हूँ कि वे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान देने के लिए ‘इनक्यूबेशन सपोर्ट’ का उपयोग कैसे करते हैं।”</p>



<p>ग्रैंड फिनाले की जूरी में सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहन राव गोली; सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्टर KY रू; सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर डेमियन ह्यून; और सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर युरान किम शामिल थे। बाहरी जूरी सदस्यों में नीति आयोग के AIM (अटल इनोवेशन मिशन) के निदेशक हिमांशु जोशी; IIT दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवासन वेंकटरमन; भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की निदेशक डॉ. सपना पोटी; और MeitY के वैज्ञानिक सौरभ रंजन शामिल थे।</p>



<p>अपने वैश्विक CSR विज़न, “टुगेदर फॉर टुमॉरो!” (Together for Tomorrow!) के माध्यम से “लोगों को सशक्त बनाने” (Enabling People) के उद्देश्य से, सैमसंग ज्ञान, कौशल और संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने का काम करता है। भारत में, इसके नागरिक कार्यक्रम “भारत के लिए नवाचार को बढ़ावा देने” (Powering Innovation for India) के सिद्धांत से प्रेरित हैं, जो युवाओं को अपने समुदायों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने में मदद करते हैं।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ‘सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ ने भारत के 135 शहरों में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ पहुँचाकर अपने पाँचवें साल का जश्न मनाया।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0</link>
				<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 16:14:30 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/21160438/Students-at-the-Samsung-Solve-For-Tomorrow-2026-Design-Thinking-Workshop-at-Furkating-Senior-Secondary-SchoolAssam_Newsrrom-2-1-710x410.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung CSR initiative]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3RsnzW2</guid>
									<description><![CDATA[अपने मुख्य CSR प्रोग्राम ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के तहत, Samsung इंडिया ने देश भर के 135 शहरों में अपनी ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की हैं, जिससे युवाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्रासरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है। ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) एक देशव्यापी इनोवेशन और […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img width="1000" height="593" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/07/21160334/Students-at-the-Samsung-Solve-For-Tomorrow-2026-Design-Thinking-Workshop-at-Furkating-Senior-Secondary-SchoolAssam_Newsrrom-2.jpg" alt="" class="wp-image-10189" /><figcaption class="wp-element-caption">असम के फुरकाटिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सैमसंग ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में शामिल छात्र।</figcaption></figure>



<p>अपने मुख्य CSR प्रोग्राम ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के पांचवें एडिशन के तहत, Samsung इंडिया ने देश भर के 135 शहरों में अपनी ‘डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की हैं, जिससे युवाओं के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्रासरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है।</p>



<p>‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) एक देशव्यापी इनोवेशन और एजुकेशन कॉम्पिटिशन है। यह 14 से 22 साल के युवाओं को अपने समुदायों की अहम चुनौतियों की पहचान करने और डिज़ाइन थिंकिंग, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन के ज़रिए टैकनोलजी-बेस्ड समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है। समय के साथ, यह प्रोग्राम भारत की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स और सोशल चेंजमेकर्स के लिए एक लॉन्चपैड बन गया है।<br><br>इस साल, Samsung ने 184 ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित कीं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा तक के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के हज़ारों छात्र शामिल हुए। इन वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन थिंकिंग’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन सोच) से परिचित कराया गया, ताकि वे टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे समाधान बनाने से पहले असल दुनिया की समस्याओं को समझ सकें, जिनका समाज पर सार्थक प्रभाव पड़े।</p>



<p>डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स के पूरे होने के बाद, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। इस चरण में, प्रतिभागियों द्वारा जमा किए गए आइडियाज़ के आधार पर टॉप 100 टीमों को चुना जाएगा, जो आगे चलकर मेंटरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस और और ज़्यादा मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुज़रेंगी।</p>



<p><em>“हर बड़ी कामयाबी की शुरुआत सुनने, देखने और सही सवाल पूछने से होती है। ‘</em>Samsung<em>‘</em><em>सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के ज़रिए, हम पूरे भारत के युवाओं में ऐसी सोच विकसित करने में मदद कर रहे हैं, जिसमें वे टैकनोलजी के साथ ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ का इस्तेमाल करके अपने समुदायों की अहम चुनौतियों का समाधान कर सकें। इस प्रोग्राम के पांचवें साल में, देश के हर कोने से नए और अनोखे आइडिया सामने आते देखना बहुत प्रेरणादायक है। हमारा मानना है कि अगली पीढ़ी के उद्यमी और प्रौद्योगिकी के नेता देश के किसी भी कोने से उभर सकते हैं। </em>Samsung <em>को इस बात पर गर्व है कि वह उनके आइडिया को असल दुनिया में बदलाव लाने वाले समाधानों में बदलने में उनकी मदद कर रहा है,” </em>Samsung <em>साउथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, एसपी चुन ने कहा।</em><em></em></p>



<p>छात्रों के विचारों में जो विविधता दिखी, वह खुद भारत की विविधता को दर्शाती थी। डिज़ाइन थिंकिंग की व्यवस्थित एक्सरसाइज़ के ज़रिए, छात्रों ने प्रोग्राम की चार थीम — भारत के लिए AI लिविंग, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण की स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी — के अनुसार चीज़ों को देखना, दूसरों की भावनाओं को समझना, चुनौतियों को परिभाषित करना, नए विचार सोचना और समाधानों के प्रोटोटाइप बनाना सीखा।</p>



<p>छात्रों ने AI-आधारित सिविक  गवर्नेस प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट फ़ूड क्वालिटी स्कैनर, दिव्यांग लोगों के लिए सहायक तकनीकें, ग्रामीण समुदायों के लिए पोर्टेबल सोलर-पावर्ड रेफ्रिजरेशन, नदियों के पानी की क्वालिटी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने वाले सिस्टम और ऐसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का प्रस्ताव दिया, जिनसे स्पोर्ट्स कोचिंग और उपकरण ज़्यादा आसानी से मिल सकें।<br><br>हैदराबाद में, इंजीनियरिंग की छात्रा ए. शरण्या राव ने बहुत छोटे प्रदूषकों से होने वाले छिपे हुए खतरों को देखने के बाद, नदी के पानी की क्वालिटी पर नज़र रखने वाले एक रियल-टाइम सिस्टम का कॉन्सेप्ट तैयार किया। उन्होंने कहा, “हमारी नदियों में असली खतरा वह प्लास्टिक नहीं है जो हमें दिखाई देता है; बल्कि वे बहुत छोटे प्रदूषक हैं जो तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि नुकसान हो नहीं जाता।”</p>



<p>अहमदाबाद में, नौवीं कक्षा की छात्रा सान्वी नायर ने ग्रामीण इलाकों में खाना और पानी स्टोर करने की चुनौतियों से निपटने के लिए सोलर-पावर्ड पोर्टेबल रेफ्रिजरेटर डिज़ाइन किया। उन्होंने कहा, “गाँवों में मज़दूरों और किसानों को अक्सर अनाज, पानी और खाना स्टोर करने में मुश्किल होती है।”</p>



<p>गुरुग्राम में स्पोर्ट्स और टेक वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले छात्रों ने स्पोर्ट्स के सामान और डिजिटल कोचिंग तक पहुँच बेहतर बनाने के सस्ते तरीकों पर भी चर्चा की और दिखाया कि कैसे टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स को ज़्यादा समावेशी बना सकती है।</p>



<p>भारत में Samsung के 30 साल पूरे होने के मौके पर, ‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो’ का लगातार विस्तार भारत के युवाओं में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता को बढ़ावा देने के प्रति कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>



<p>‘Samsung सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें FITT-IIT दिल्ली से मेंटरशिप, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और इनक्यूबेशन सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे वे अपने बेहतरीन आइडियाज़ को असल दुनिया में असरदार इनोवेशन में बदल सकेंगी।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग राजस्थान में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लेकर आया है, जिससे छात्र AI-आधारित अगली पीढ़ी के समाधान बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a5%9b%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:24:18 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Raj-F.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/43KZL2f</guid>
									<description><![CDATA[राजस्थान के एक उभरते हुए मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल हब के तौर पर सामने आने के साथ ही, राज्य के युवा इनोवेटर्स अपने आस-पास की रोज़मर्रा की चुनौतियों को हल करने के लिए टेक्नोलॉजी को एक टूल के तौर पर देख रहे हैं। इनोवेशन की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए, सैमसंग इंडिया ने अलवर में […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>राजस्थान के एक उभरते हुए मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल हब के तौर पर सामने आने के साथ ही, राज्य के युवा इनोवेटर्स अपने आस-पास की रोज़मर्रा की चुनौतियों को हल करने के लिए टेक्नोलॉजी को एक टूल के तौर पर देख रहे हैं।</p>
<p>इनोवेशन की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए, सैमसंग इंडिया ने अलवर में अपने प्रमुख ‘सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ प्रोग्राम के तहत एक ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ आयोजित की। इसमें भिवाड़ी के MSME टेक्नोलॉजी कॉलेज के 255 छात्रों ने यह पता लगाया कि असल दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी और ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।</p>
<p>इस वर्कशॉप ने छात्रों को सैमसंग के ‘डिज़ाइन थिंकिंग फ्रेमवर्क’ से परिचित कराया, जिससे उन्हें स्थानीय चुनौतियों की पहचान करने, यूज़र की ज़रूरतों को समझने और अपनी ऑब्ज़र्वेशन को बड़े पैमाने पर लागू होने वाले, टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों में बदलने में मदद मिली।</p>
<p>ऐसा ही एक आइडिया वीरू कुमार वर्मा का था, जिन्होंने भिवाड़ी जैसे तेज़ी से बढ़ते शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम और खराब पार्किंग मैनेजमेंट की बढ़ती चुनौती पर गौर किया। वर्कशॉप के ज़रिए, उन्होंने एक स्मार्ट पार्किंग प्लेटफ़ॉर्म का कॉन्सेप्ट तैयार किया, जो खाली पार्किंग जगहों के बारे में रियल-टाइम जानकारी दे सके और ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद कर सके।</p>
<p>वर्मा ने कहा, “इस वर्कशॉप ने मुझे समस्या के लक्षणों से आगे बढ़कर उसकी असल वजहों को समझने में मदद की। जब मैंने यूज़र के नज़रिए से सोचना शुरू किया, तो ऐसे समाधानों की कल्पना करना आसान हो गया जो असल बदलाव ला सकें।”</p>
<p>एक और प्रतिभागी, हेमंत कुशवाहा ने स्किल-डेवलपमेंट के मौकों और छात्रों की जागरूकता के बीच के अंतर पर ध्यान दिया। उनके आइडिया में यह पता लगाया गया कि कैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म युवाओं को उनके इलाके में उपलब्ध ट्रेनिंग प्रोग्राम, करियर के मौकों और स्किल-बिल्डिंग रिसोर्स के बारे में जानकारी पाने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p>वर्कशॉप से ​​निकले समाधानों में राजस्थान में मौजूद इनोवेशन के मौकों की विविधता दिखाई दी। स्मार्ट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबिलिटी समाधानों से लेकर शिक्षा और वर्कफोर्स की तैयारी तक, प्रतिभागियों ने दिखाया कि कैसे स्थानीय चुनौतियाँ असरदार इनोवेशन के लिए शुरुआती बिंदु बन सकती हैं।</p>
<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ 14-22 साल के युवाओं के लिए सैमसंग इंडिया का प्रमुख इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम है। यह प्रोग्राम प्रतिभागियों को चार थीम के तहत समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है — बेहतर कल के लिए AI, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण की स्थिरता, और स्पोर्ट-टेक।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, कंपनी पूरे भारत के 100 शहरों में ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ के ज़रिए ‘सॉल्व फॉर टुमारो’ के दायरे को काफी बढ़ा रही है। इससे अलग-अलग बैकग्राउंड वाले युवा इनोवेटर्स को भविष्य के लिए तैयार समस्या-समाधान, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े स्किल विकसित करने के मौके मिल रहे हैं। Samsung Solve for Tomorrow 2026 के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले हैं। टॉप चार विजेता टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग में मदद, ट्रेनिंग और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुँच भी मिलेगी।</p>
<p>आवेदन करने के लिए <a href="https://www.samsung.com/in/solvefortomorrow/?cid=in_pd_search_google_sft_hot_corp-sft-may--Q2-2026_banner_sft_1ur-465838l&utm_source=google&utm_medium=paid&utm_campaign=809435294079-23860055478-196894570019-kwd-468848374521&utm_term=&gad_source=1&gad_campaignid=23860055478&gclid=CjwKCAjwuuPRBhAnEiwA2Ji8eu58Ou9R7f2T-TC-S7sJIhMEN49_vldZLbPrxj0Ao_XNERrVi60rFBoCSzYQAvD_BwE">samsung.com/in/solvefortomorrow</a> पर जाएँ।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ने ‘Samsung Solve for Tomorrow’ का पाँचवाँ संस्करण लॉन्च किया, विजेता टीमों के लिए ग्रांट दोगुनी करके 2 करोड़ रुपये की]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%a8%e0%a5%87-samsung-solve-for-tomorrow-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%9a%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95</link>
				<pubDate>Fri, 08 May 2026 10:29:53 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/05/SFT-FEATURE-728x409.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow 2026]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4delwMa</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के पांचवें एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम भारत के युवा इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी से चलने वाले सॉल्यूशन बनाने में मदद करने के लिए बनाया गया है। भारत में सैमसंग […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><div id="attachment_9895" style="width: 3010px" class="wp-caption aligncenter"><img aria-describedby="caption-attachment-9895" class="wp-image-9895 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/05/SFT-Copyy.jpg" alt="" width="3000" height="1687" /><p id="caption-attachment-9895" class="wp-caption-text">(बाएँ से दाएँ) जूनहो जियोंग, एक्सटर्नल कम्युनिकेशंस और CSR, Samsung Southwest Asia; शुभम मुखर्जी, हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और कॉर्पोरेट सिटिज़नशिप, Samsung Southwest Asia; प्रो. रंगन बनर्जी, डायरेक्टर, IIT Delhi; JB Park, प्रेसिडेंट और CEO, Samsung Southwest Asia; डॉ. सपना पोती, डायरेक्टर, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय; तरुण चतुर्वेदी, COO, FITT, IIT Delhi</p></div></p>
<p>सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के पांचवें एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम भारत के युवा इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी से चलने वाले सॉल्यूशन बनाने में मदद करने के लिए बनाया गया है।</p>
<p>भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने पर, कंपनी इस प्रोग्राम के पैमाने और मकसद को काफी बढ़ा रही है, जिससे भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम और #DigitalIndia के विज़न के लिए उसका लंबे समय का कमिटमेंट और मज़बूत होगा।</p>
<p>इस मकसद के मुताबिक, 2026 एडिशन में टॉप चार जीतने वाली टीमों को INR 2 करोड़ के इनक्यूबेशन ग्रांट दिए जाएंगे, जिससे वे IIT दिल्ली में इनक्यूबेशन सपोर्ट के ज़रिए अपने आइडिया को और डेवलप और बढ़ा सकेंगी। इसके अलावा, टॉप 20 टीमों को INR 20 लाख मिलेंगे, जबकि टॉप 40 टीमों को INR 8 लाख के साथ सैमसंग डिवाइस और मेंटरशिप सपोर्ट दिया जाएगा।</p>
<p>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO जेबी पार्क ने कहा, “हमें गर्व है कि हम पिछले 30 सालों में देश की डिजिटल और इनोवेशन यात्रा में एक भरोसेमंद पार्टनर रहे हैं, और युवाओं की लीडरशिप में इनोवेशन के बढ़ते कल्चर में योगदान दे रहे हैं। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो युवा इनोवेटर्स को आगे बढ़ाने और असल दुनिया की चुनौतियों का सामना करने वाले उभरते स्टार्टअप्स की एक पाइपलाइन को सक्षम करने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। 2026 एडिशन के साथ, हम इनोवेशन को भारत में और गहराई तक ले जा रहे हैं—स्कूलों तक अपनी पहुंच को दोगुना से भी ज़्यादा कर रहे हैं और युवा चेंजमेकर्स के लिए पहुंच बढ़ा रहे हैं। अपने पांचवें साल में, यह प्रोग्राम भारत की इनोवेशन यात्रा के लिए हमारे लगातार कमिटमेंट को दिखाता है, साथ ही #DigitalIndia के विज़न के साथ डिज़ाइन थिंकिंग, स्किलिंग, इंडस्ट्री एक्सपोजर और स्टार्ट-अप सपोर्ट के ज़रिए इकोसिस्टम को मजबूत करता है।”</p>
<h3>इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को मज़बूत बनाना</h3>
<p>इस साल के प्रोग्राम में 14-22 साल के स्टूडेंट्स को चार थीम — AI लिविंग फॉर इंडिया, हेल्थ एंड एजुकेशन, एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी, और स्पोर्ट एंड टेक — पर आइडिया सबमिट करने के लिए बुलाया गया है। यह थीम एक स्मार्ट, ज़्यादा इनक्लूसिव और फ्यूचर-रेडी इंडिया बनाने में टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका को दिखाती है।</p>
<p>छह महीने का यह प्रोग्राम हज़ारों पार्टिसिपेंट्स को हैंड्स-ऑन प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट, इन्वेस्टर कनेक्ट, एक्सपर्ट मेंटरशिप, इमर्सिव वर्कशॉप और आइडिया को स्केलेबल सॉल्यूशन में बदलने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई बड़ी ट्रेनिंग देगा।</p>
<h3>इंडस्ट्री, एकेडेमिया और सरकार एक साथ आए</h3>
<p>भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर, प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा, “भारत को युवा इनोवेटर्स की एक नई पीढ़ी बना रही है जो दुनिया के लिए भी सॉल्यूशन दे रहे हैं। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के ज़रिए, हम शुरुआती स्टेज के आइडिया को ऐसे वायबल सॉल्यूशन में बदलते हुए देखते हैं जिनमें स्केल करने की क्षमता हो। ऐसी पहल भविष्य के एंटरप्रेन्योर्स और इनोवेटर्स की पाइपलाइन को मज़बूत करती हैं।” IIT दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि युवा स्टूडेंट्स लोकल, रीजनल और ग्लोबल प्रॉब्लम के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशन ढूंढ सकते हैं। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के साथ हमारा लगातार कोलेबोरेशन स्टूडेंट्स को डीप-टेक मेंटरशिप, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट पाने में मदद करता है। यह इनिशिएटिव दिखाता है कि कैसे एकेडेमिया और इंडस्ट्री मिलकर ऐसे इनोवेशन को तेज़ कर सकते हैं जो नेशनल प्रायोरिटी और ग्लोबल चैलेंज दोनों को सॉल्व करते हैं।”</p>
<p>भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के ऑफिस की डायरेक्टर डॉ. सपना पोटी ने कहा, “नॉलेज-ड्रिवन और इनोवेशन-लेड इकॉनमी की ओर भारत का सफर इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने युवाओं में साइंटिफिक टेम्पर और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल को कितने असरदार तरीके से बढ़ावा देते हैं। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को नेशनल प्रायोरिटी के साथ जुड़ी असल दुनिया की चुनौतियों को सॉल्व करने के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।”</p>
<h3>प्रोग्राम का सफ़र: आइडिया से असर तक</h3>
<p>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 के लिए एप्लीकेशन 7 मई से 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे। इस फेज़ के दौरान, सैमसंग देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में 100 डिज़ाइन-थिंकिंग वर्कशॉप करेगा ताकि पार्टिसिपेंट्स को बेसिक प्रॉब्लम-सॉल्विंग और आइडिया बनाने की स्किल्स सिखाई जा सकें।</p>
<p>एप्लीकेशन फेज़ के बाद, हर थीम से 25 टॉप 100 टीमों को एक्सपर्ट की ऑनलाइन ट्रेनिंग और मेंटरशिप के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। एक वीडियो पिच राउंड के बाद, 40 टीमें अगले स्टेज में जाएंगी, जिसमें हर थीम से 10 टीमें चुनी जाएंगी।</p>
<h3>वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन इकोसिस्टम का अनुभव</h3>
<p>सेमी-फाइनलिस्ट सैमसंग लीडर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ इंटेंसिव मेंटरिंग सेशन में हिस्सा लेंगे, साथ ही बेंगलुरु, नोएडा और दिल्ली में सैमसंग के R&D सेंटर्स और हेड ऑफिस के क्यूरेटेड विज़िट भी करेंगे, जिससे उन्हें वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन इकोसिस्टम का सीधा अनुभव मिलेगा।</p>
<p>पार्टिसिपेंट्स एक इमर्सिव प्रोटोटाइपिंग प्रोग्राम और रेजिडेंशियल बूटकैंप से भी गुज़रेंगे, जिसे आइडिया को बेहतर बनाने और टीमों को कॉम्पिटिशन के आखिरी स्टेज के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>
<p>टॉप 20 टीमें — हर थीम से पांच — ग्रैंड फिनाले में आगे बढ़ेंगी और इन्वेस्टर मीट, पिच प्रेजेंटेशन और सैमसंग एक्सपर्ट्स के साथ मेंटरिंग सेशन में हिस्सा लेंगी।</p>
<h3>अवार्ड्स, ग्रांट्स और इनक्यूबेशन सपोर्ट</h3>
<p>टॉप 100 टीमें: अचीवमेंट के सर्टिफिकेट<br />
टॉप 40 टीमें: INR 8 लाख<br />
टॉप 20 टीमें: INR 20 लाख और हर सदस्य के लिए Samsung Galaxy Z Flip स्मार्टफ़ोन<br />
विशेष पुरस्कार: Digital Impact Award और Community Choice Award, जिनका कुल Prize Pool INR 2.5 लाख है<br />
टॉप 4 विजेता टीमें: IIT Delhi में INR 2 करोड़ के Incubation Grants</p>
<h3>
युवा बदलाव लाने वालों के लिए एक Global Platform</h3>
<p>सबसे पहले 2010 में US में लॉन्च हुआ, Samsung Solve for Tomorrow अब 68 देशों में चल रहा है और इसने 30 लाख से ज़्यादा युवाओं को जोड़ा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
			</channel>
</rss>