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		<title>Solve for Tomorrow 2025 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Solve for Tomorrow 2025 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title>बड़े पैमाने पर प्रभाव का सृजन: वर्ष 2025 में सैमसंग के नागरिकता कार्यक्रमों ने कैसे जीवन बदले</title>
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				<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 11:53:46 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
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		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
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									<description><![CDATA[जैसे-जैसे वर्ष 2025 अपने समापन की ओर बढ़ता है, सैमसंग इंडिया उस वर्ष पर विचार करता है जिसमें उद्देश्य-आधारित नवाचार और सामाजिक प्रभाव एक-दूसरे के साथ कदम से]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>जैसे-जैसे वर्ष 2025 अपने समापन की ओर बढ़ता है, सैमसंग इंडिया उस वर्ष पर विचार करता है जिसमें उद्देश्य-आधारित नवाचार और सामाजिक प्रभाव एक-दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>तकनीक और उत्पादों से आगे बढ़ते हुए, सैमसंग के नागरिकता कार्यक्रमों ने लोगों को केंद्र में रखा—युवा नवप्रवर्तकों को सशक्त बनाया, भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान किए, संस्थानों को मजबूत किया और समाज में योगदान की संस्कृति को बढ़ावा दिया। कक्षाओं, समुदायों, परिसरों और नवाचार केंद्रों में, इन पहलों ने इस वर्ष हजारों लोगों के जीवन को छुआ और एक लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को सुदृढ़ किया: तकनीक तब सबसे अधिक मूल्य पैदा करती है जब वह लोगों को आगे बढ़ने, सपने देखने और परिवर्तन का नेतृत्व करने में सक्षम बनाती है। पिछले 30 वर्षों में सैमसंग इंडिया के नागरिकता कार्यक्रमों से 15 लाख लोगों के जीवन को लाभ मिला है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो: वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए युवा दिमागों को सशक्त बनाना</h3>
<p>वर्ष 2025 में, सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो एक बार फिर ऐसा मंच बनकर उभरा जहाँ युवा भारतीयों ने जिज्ञासा को समाधान में बदला। देशभर के विद्यार्थियों ने अपने समुदायों से जुड़ी चुनौतियों—जैसे सततता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशन—की पहचान की और उनके लिए तकनीक-आधारित समाधान विकसित किए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह कार्यक्रम केवल विचार प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मार्गदर्शन, अभिकल्पना-आधारित सोच के ढाँचे और नवाचार पारितंत्र से जुड़ाव भी शामिल रहा। कई प्रतिभागियों के लिए, सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो बड़े स्तर पर समस्या-समाधान से उनका पहला वास्तविक परिचय बना—जिससे आत्मविश्वास, सहयोग और उद्देश्य की भावना विकसित हुई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/10/SFT-Finale-e1761752566852.jpg" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वर्ष 2025 की शीर्ष चार विजेता टीमों—परसेविया (बेंगलुरु), नेक्स्टप्ले एआई (औरंगाबाद), पैरास्पीक (गुरुग्राम) और पृथ्वी रक्षक (पलामू)—को एक करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई। ये टीमें अब आईआईटी दिल्ली के फिट्ट प्रयोगशालाओं में मार्गदर्शन के साथ अपने प्रारूपों को वास्तविक और विस्तार योग्य समाधानों में विकसित करेंगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जूरी पैनल में सैमसंग नेतृत्व के साथ-साथ शिक्षा जगत, सरकार और उद्योग के विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने चार विषयगत क्षेत्रों में अंतिम चरण के समाधानों का मूल्यांकन किया—सुरक्षित, स्मार्ट और समावेशी भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता; भारत में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण का भविष्य; तकनीक के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता; और खेल व तकनीक के ज़रिये सामाजिक परिवर्तन।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस वर्ष सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो में देशभर से हजारों प्रतिभागियों ने ऐसे साहसिक, मानव-केंद्रित विचार प्रस्तुत किए जो नवाचार और उद्देश्य का सुंदर संगम थे। पहली बार, अंतिम चरण में पहुँची टीमों को फिट्ट की उन्नत अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं तक प्रत्यक्ष पहुँच भी मिली, जिससे उन्होंने महा-अंतिम से पहले अपने विचारों को और निखारा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>सैमसंग इनोवेशन कैंपस: डिजिटल भारत के लिए भविष्य-तैयार कौशल निर्माण</h3>
<p>जैसे-जैसे उद्योग तेजी से उभरती तकनीकों को अपना रहे हैं, वर्ष 2025 में सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने भारत के युवाओं को कार्य-जगत के भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, कोडिंग और बड़े आँकड़ों जैसे क्षेत्रों में संरचित शिक्षा प्रदान की—जहाँ सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ा गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2024/11/cover-SICImage.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत सरकार की कौशल भारत और डिजिटल भारत पहलों के अनुरूप, सैमसंग इनोवेशन कैंपस युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, बड़े आँकड़े तथा कोडिंग और प्रोग्रामिंग में आवश्यक कौशल से लैस करता है। सैमसंग का यह प्रमुख सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम अब 10 राज्यों में फैल चुका है और वर्ष 2025 में देशभर में 20,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखता है—जो पिछले वर्ष की तुलना में छह गुना विस्तार है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/11/SIC-Gorakhpur-.jpg" alt="" width="1000" height="608" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर, इस पहल में 44 प्रतिशत महिला भागीदारी दर्ज की गई, जो समावेशी और समान कौशल विकास के प्रति सैमसंग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश में, इस वर्ष 5,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो राष्ट्रीय लक्ष्य का लगभग 25 प्रतिशत है—और राज्य को डिजिटल सशक्तिकरण तथा रोजगार-तैयार प्रतिभा के निर्माण में अग्रणी बनाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस के माध्यम से, सैमसंग ने भारत को वैश्विक डिजिटल प्रतिभा केंद्र बनाने की दिशा में अपना समर्थन जारी रखा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>सैमसंग दोस्त: सबके लिए पहुँच सुनिश्चित करना</h3>
<p>वर्ष 2025 में, सैमसंग इंडिया ने अपने प्रमुख सैमसंग डिजिटल और ऑफ़लाइन कौशल प्रशिक्षण बिक्री कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की घोषणा की, जिसके अंतर्गत वंचित समुदायों से आने वाले 9,400 युवाओं को अग्रिम पंक्ति की खुदरा भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल कुशल, भविष्य-तैयार कार्यबल के निर्माण और समावेशी आर्थिक विकास के भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के प्रति सैमसंग की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/11/cover-dost.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वर्ष 2021 में शुरू होने के बाद से, दोस्त बिक्री कार्यक्रम ने भारत के तेज़ी से बढ़ते संगठित खुदरा क्षेत्र के लिए एक मजबूत प्रतिभा आधार तैयार किया है। इस वर्ष शुरू हुए दोस्त बिक्री संस्करण 4.0 के साथ, सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद और दूरसंचार क्षेत्र कौशल परिषद के सहयोग से अपने कौशल मिशन को और मजबूत किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दोस्त बिक्री संस्करण 4.0, कौशल अंतर को पाटने और भारत के युवाओं को देश के डिजिटल और आर्थिक परिवर्तन में आत्मविश्वास के साथ भाग लेने में सक्षम बनाने की दिशा में सैमसंग की प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>नानुम: सैमसंग की जन-केंद्रित संस्कृति को दर्शाने वाली स्वयंसेवा</h3>
<p>सैमसंग के नागरिकता प्रयासों के केंद्र में नानुम है—उसका वैश्विक स्वयंसेवी मंच। वर्ष 2025 में, भारत भर में सैमसंग के कर्मचारियों ने शिक्षा, सामुदायिक विकास और सामाजिक उद्देश्यों के समर्थन में सक्रिय रूप से अपना समय और कौशल दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छात्रों का मार्गदर्शन करने से लेकर सामुदायिक पहलों में भागीदारी तक, नानुम ने इस विश्वास को जीवंत किया कि नागरिकता एक साझा जिम्मेदारी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img class="aligncenter" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/11/20251113_101204-e1763030985298.jpg" alt="" width="1000" height="563" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नानुम कियोस्क पहल के माध्यम से, सैमसंग के कर्मचारी केवल धन का योगदान नहीं कर रहे—वे भविष्य गढ़ रहे हैं। स्कूल लौटने वाला हर बच्चा संभावनाओं की एक कहानी है, जो साझा करुणा और उद्देश्य से साकार होती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि जब लोग एक-दूसरे की परवाह के लिए एकजुट होते हैं, तो असाधारण परिवर्तन संभव होते हैं। और इन बच्चों के लिए, यह यात्रा तो बस शुरुआत है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>उद्देश्यपूर्ण प्रगति से परिभाषित एक वर्ष</h3>
<p>वर्ष 2025 में, सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो, सैमसंग इनोवेशन कैंपस, सैमसंग दोस्त और नानुम—इन सभी ने मिलकर सैमसंग इंडिया के लिए सार्थक प्रभाव का एक वर्ष गढ़ा। प्रत्येक कार्यक्रम ने प्रगति के एक अलग पहलू—नवाचार, कौशल, पहुँच और समुदाय—को संबोधित किया, फिर भी सभी एक साझा उद्देश्य से जुड़े रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आगे की ओर देखते हुए, सैमसंग के नागरिकता कार्यक्रम भारत की आवश्यकताओं के साथ विकसित होते रहेंगे, ताकि तकनीक सशक्तिकरण, अवसर और समावेशी विकास की शक्ति बनी रहे। क्योंकि जब नवाचार उद्देश्य द्वारा संचालित होता है, तो उसका प्रभाव एक वर्ष से कहीं आगे तक बना रहता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>गुरुग्राम के स्‍टूडेंट ने बोलने-सुनने में परेशानी झेल रहे लोगों के लिए एआई-पावर्ड स्‍पीच डिवाइस बनाई</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%a8?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Fri, 21 Nov 2025 11:32:01 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; हमारे देश में रैंक, कटऑफ और एंट्रेंस एग्जाम का ऐसा क्रेज है कि किशोरावस्था आईआईटी में दाखिले की दौड़ जैसी लगती है। लेकिन कभी-कभी कोई ऐसा स्‍टूडेंट सामने]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9208 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Team-Paraspeak.jpg" alt="" width="1000" height="563" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Team-Paraspeak.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Team-Paraspeak-728x410.jpg 728w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Team-Paraspeak-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हमारे देश में रैंक, <span>कटऑफ और एंट्रेंस एग्जाम का ऐसा क्रेज है कि किशोरावस्था आईआईटी में दाखिले की दौड़ जैसी लगती है। लेकिन कभी-कभी कोई ऐसा स्&#x200d;टूडेंट सामने आता है जो इस आम सोच से हटकर कुछ अलग करने की हिम्मत दिखाता है। </span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गुरुग्राम के शिव नादर स्कूल में 11<span>वीं कक्षा में पढ़ने वाले </span>16 <span>वर्षीय प्रणेत खेतान ने इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। नंबरों की दौड़ में पड़ने के बजाय उन्होंने इंसानियत के लिए बातचीत का रास्ता चुना।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रणेत सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 <span>की चार विजेता टीमों में से एक थे। उन्&#x200d;होंने </span>&#8216;<span>पैरास्पीक</span>&#8216; <span>नाम का आसान डिवाइस बनाया। ये डिवाइस यूजर की आवाज रिकॉर्ड करता है</span>, <span>उसे क्लाउड पर एआई को भेजता है</span>, <span>और फिर हिंदी में साफ-सुथरी</span>, <span>अच्छी भाषा में अनुवाद करके प्&#x200d;ले करता है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ कंपनी का एक प्रमुख शिक्षा कार्यक्रम है, <span>जो युवाओं को असली जीवन की समस्याओं को पहचानकर टेक्नोलॉजी से उसका हल खोजने के लिए प्रेरित करता है। इस साल पूरे देश में आयोजित इस प्रतियोगिता में चार थीम रखी गई थीं—एआई के ज़रिये एक सुरक्षित</span>, <span>स्मार्ट और समावेशी भारत</span>; <span>स्वास्थ्य</span>, <span>स्वच्छता और वेलनेस का भविष्य</span>; <span>तकनीक के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता</span>; <span>और खेल व तकनीक के ज़रिये सामाजिक बदलाव। प्रतियोगिता की जीतने वाली चार टीमों को आईआईटी दिल्ली में </span>1 <span>करोड़ रुपये की इंक्यूबेशन सहायता दी गई।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रणेत का अगला लक्ष्य पैरास्पीक को और बड़े पैमाने पर विकसित करना है—इसके नतीजों की सटीकता बढ़ाना, <span>सहायक-तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर इसे देशभर के अस्पतालों और घरों तक पहुँचाना। वह इसकी भाषाई पहुँच भी बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वे अन्य भारतीय भाषाओं के लिए ऐसे डेटाबेस तैयार करेंगे</span>, <span>जो आज भी ज्यादातर वैश्विक एआई सिस्टम में नज़रअंदाज़ किए जाते हैं।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रणेत बताते हैं, “<span>यह आइडिया एक बहुत ही साधारण से सवाल से शुरू हुआ—जब कोई व्यक्ति बोलने में मुश्किल झेल रहा हो तो हिंदी भाषण को समझने वाला कोई उपकरण क्यों नहीं है</span>?” <span>स्कूल की आईटी लैब में उठाया गया यह मासूम-सा सवाल ही आगे चलकर उस नवाचार की नींव बना</span>, <span>जिसने उन्हें सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो </span>2025 <span>के राष्ट्रीय विजेताओं में जगह दिलाई।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसकी शुरुआत मई 2024 <span>में हुई</span>, <span>जब प्रणेत ने नई दिल्ली के पास एक पैरालिसिस केयर सेंटर का दौरा किया। वहाँ उन्होंने ऐसे मरीज़ों से मुलाकात की</span>, <span>जो अपनी बात साफ़ तरीके से कह पाने के लिए रोज़ संघर्ष कर रहे थे — स्ट्रोक सर्वाइवर्स</span>, <span>सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे लोग और पार्किंसन रोग से प्रभावित मरीज। अगले एक साल तक प्रणेत ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन (</span>ASR) <span>सिस्टम की दुनिया में पूरी तरह डूब गए। जब उन्हें पता चला कि न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण बिगड़ चुकी हिंदी बोलचाल (डिसआर्थ्रिक स्पीच) का कोई बड़ा डेटाबेस मौजूद ही नहीं है</span>, <span>तो उन्होंने खुद ही ऐसा डेटाबेस तैयार करने की ठान ली।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया, “<span>धीरे-धीरे यह मेरा खुद का तैयार किया हुआ डेटासेट बन गया। मैंने एआई मॉडल को इस तरह ट्रेन किया कि वह लड़खड़ाई हुई हिंदी बोलचाल को रीयल-टाइम में पहचान सके और उसे साफ़</span>, <span>समझ में आने वाले वाक्यों में दोबारा गढ़ सके। पहली बार जब मैंने इसे चलते हुए सुना</span>, <span>तो एहसास हुआ—यह तो जैसे किसी इंसान को उसकी खोई हुई आवाज़ वापस दिला रहा हो।”</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ऐसी उम्र में जब उसके ज़्यादातर दोस्&#x200d;त कोचिंग की किताबों और एग्ज़ाम प्रेशर में उलझे रहते हैं, <span>प्रणेत कुछ बिल्कुल अलग बना रहा है—वो पुल जो खामोश लोगों को फिर से दुनिया से जोड़ सके। उसका बनाया पैरास्पीक एक छोटी-सी</span>, <span>माचिस की डिब्बी जितनी आईओटी-इनेबल्&#x200d;ड डिवाइस है</span>, <span>लेकिन काम असाधारण करती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) से चलने वाली यह डिवाइस स्ट्रोक</span>, <span>लकवा</span>, <span>सेरेब्रल पाल्सी</span>, <span>पार्किंसन रोग</span>, <span>मस्तिष्क की चोट या उम्र से जुड़ी बदलाव जैसी स्थितियों से उत्पन्न होने वाली बोलने और आवाज की विकृतियों वाले मरीजों की मदद के लिए डिज़ाइन की गई है।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सिर्फ एक रिकॉर्डर लेकर प्रणेत अस्पतालों और पुनर्वास केंद्रों में गया, <span>जहाँ उसने 28 मरीज़ों से बातचीत की और घंटों के वॉयस सैंपल जुटाए। उसके शब्दों में</span>, <span>हर रिकॉर्डिंग सिर्फ डेटा नहीं थी—वह गरिमा</span>, <span>धैर्य और इंसानी संघर्ष को समझने का एक सबक भी थी।</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025: 40 सेमीफाइनलिस्ट टीमों की घोषणा</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-2025-40?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Thu, 14 Aug 2025 16:47:19 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Competition]]></category>
		<category><![CDATA[Corporate Citizenship]]></category>
		<category><![CDATA[CSR]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Top 40 Solvers]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/4fGl6yW</guid>
									<description><![CDATA[&#160; देश के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग इंडिया ने अपने युवा-केन्द्रित देशव्यापी इनोवेशन कॉन्टेस्ट ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के चौथे संस्करण]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-8910 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/08/Top-40-KV.jpg" alt="" width="1000" height="585" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/08/Top-40-KV.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/08/Top-40-KV-962x563.jpg 962w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/08/Top-40-KV-768x449.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>देश के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग इंडिया ने अपने युवा-केन्द्रित देशव्यापी इनोवेशन कॉन्टेस्ट ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के चौथे संस्करण के लिए 40 सेमीफाइनलिस्ट टीमों की राष्ट्रीय सूची घोषित की है। ये टीमें अब प्रतियोगिता के अगले चरण में जाएंगी, जहां उन्हें अपने आइडिया को समाज पर असर डालने वाले समाधान में बदलने के लिए मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट और इनोवेशन प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>टॉप 40 टीमों को कुल 8 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि प्रत्येक टीम मेंबर को एक सैमसंग लैपटॉप प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस साल के सेमीफाइनलिस्ट्स भारत की अद्भुत भौगोलिक विविधता को दर्शाते हैं। इनमें देश के 15 राज्यों के प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें असम के कछार, उत्तर प्रदेश के बागपत, तेलंगाना के महबूबनगर, छत्तीसगढ़ के दुर्ग और ओडिशा के सुंदरगढ़ जैसे दूरदराज़ के इलाके भी शामिल हैं। यह प्रोग्राम लगातार देशभर के युवा चेंजमेकर्स को सामने लाने का कार्य कर रहा है, ताकि वे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ताकत से वास्तविक समस्याओं का समाधान खोज सकें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>‘</strong><strong>सॉल्व फॉर टुमॉरो </strong><strong>2025’</strong> के लिए प्रविष्टियां चार प्रमुख विषयों पर आमंत्रित की गई थीं—</p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>एआई के ज़रिए एक सुरक्षित, स्मार्ट और समावेशी भारत</li>
<li>भारत में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण का भविष्य</li>
<li>स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी के ज़रिए सामाजिक बदलाव और बेहतर शिक्षा</li>
<li>टेक्नोलॉजी के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p>शॉर्टलिस्ट किए गए आइडिया भारतीय समाज की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं—एआई आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, जैव विविधता संरक्षण, स्वच्छ जल तक पहुंच, फूड व ई-वेस्ट मैनेजमेंट के लिए स्मार्ट समाधान, वंचित समुदायों के छात्रों के लिए गेमिफाइड लर्निंग, पर्सनलाइज्ड कोचिंग ऐप्स, ऑटिज़्म से जूझ रहे बच्चों के लिए खेल आधारित हस्तक्षेप, शुरुआती फेफड़े के कैंसर की पहचान, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े डिजिटल टूल्स और तकनीकी शोध को आसान बनाने के लिए इंटेलिजेंट डेटा स्क्रैपिंग जैसे इनोवेशन इसमें शामिल हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>एस.पी. चुन</strong>, कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया ने कहा, “सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 की टॉप 40 सेमीफाइनलिस्ट टीमों की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। इन युवाओं में कई टियर-2, टियर-3 शहरों और दूरदराज़ इलाकों से हैं, जो टेक्नोलॉजी की मदद से समाज से जुड़ी असली समस्याओं का हल ढूंढ रहे हैं। इनके आइडिया यह साबित करते हैं कि भारत के युवाओं में बड़े बदलाव लाने की जबरदस्त क्षमता है। जैसे-जैसे वे अगले चरण की ओर बढ़ते हैं, हम उन्हें मेंटरशिप, संसाधन और एक मजबूत मंच देना जारी रखेंगे, ताकि उनके आइडिया एक स्मार्ट और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>FITT–IIT दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर <strong>डॉ. निखिल अग्रवाल</strong> ने कहा, “हम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं। इस साल हमने विशेष रूप से क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर ध्यान दिया है, जो शॉर्टलिस्ट किए गए विचारों की विविधता और गहराई में साफ झलकता है। इन युवा इनोवेटर्स में भारत के भविष्य के स्टार्टअप ईकोसिस्टम को आकार देने की जबरदस्त क्षमता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>सेमीफाइनलिस्ट्स के लिए आगे का सफर</h3>
<p>सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 की टॉप 40 टीमों को एक विशेष इनोवेशन बूटकैंप में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस चरण में प्रतिभागी सीखेंगे कि अपने आइडिया को एक व्यवहारिक प्रोटोटाइप में कैसे बदला जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बूटकैंप के दौरान प्रतिभागियों को सैमसंग आर एण्&#x200d;ड डी और साउथवेस्ट एशिया ऑपरेशंस के विशेषज्ञों और लीडर्स से मिलने और संवाद करने का अवसर मिलेगा। वे आईआईटी दिल्ली में इंडस्ट्री और सरकारी विशेषज्ञों द्वारा संचालित क्यूरेटेड ट्रेनिंग सेशंस में हिस्सा लेंगे, जो उन्हें इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की गहराई से समझ प्रदान करेंगे। आईआईटी दिल्ली के मेंटर्स और पिछले सीज़न के सॉल्व फॉर टुमॉरो एलुमनाई की मदद से उन्हें <strong>स्ट्रक्चर्ड प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट</strong> भी मिलेगा, जिससे सीखने की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे। बूटकैंप के बाद नेशनल पिच इवेंट आयोजित होगा, जहां सैमसंग की चयनित जूरी टॉप 20 टीमों को चुनेगी, जो प्रतियोगिता के अगले चरण में जाएंगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>पुरस्कार और सहयोग</h3>
<ul>
<li>टॉप 40 टीमें – प्रत्येक टीम को 8 लाख रुपए और हर सदस्य को एक सैमसंग लैपटॉप</li>
<li>टॉप 20 टीमें – प्रत्येक टीम को 20 लाख रुपए और हर सदस्य को नवीनतम सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप स्मार्टफोन</li>
<li>ग्रैंड फिनाले में 4 विजेता टीमें – IIT दिल्ली से 1 करोड़ रुपए की इनक्यूबेशन ग्रांट</li>
<li>विशेष पुरस्कार – गुडविल अवॉर्ड, यंग इनोवेटर अवॉर्ड और सोशल मीडिया चैंपियन अवॉर्ड, जिनके तहत कुल 5 लाख रुपए की इनामी राशि</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<h3>युवा सशक्तिकरण के लिए वैश्विक दृष्टि</h3>
<p>2010 में अमेरिका से शुरू हुआ सॉल्व फॉर टुमॉरो आज 68 से अधिक देशों में सक्रिय है और अब तक दुनिया भर में 30 लाख से ज़्यादा युवाओं को जोड़ चुका है। यह पहल सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के ग्लोबल CSR विज़न – “Together for Tomorrow! Enabling People” – से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, कौशल और अवसर प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य के ज़िम्मेदार और सक्षम लीडर्स बन सकें।</p>
<p><strong> </strong></p>
<p>सैमसंग के ग्&#x200d;लोबल सीएसआर प्रोग्राम्&#x200d;स के बारे में अधिक जानकारी के लिये हमारी वेबसाइट देखें  [<a href="https://csr.samsung.com/en/">CSR वेबपेज</a>].</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के लिए अंतिम आह्वान: आपका विचार अगला बड़ा समाधान हो सकता है</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%95-2?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 14:53:10 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Application]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; नई दिल्ली के दिल से लेकर कोल्हापुर की गलियों तक, शहरों और कक्षाओं में हजारों छात्र एक दृढ़ विश्वास के साथ आगे आए हैं &#8211; &#8220;मैं कल के लिए समाधान]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-8748 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT.jpg" alt="" width="1000" height="564" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-728x410.jpg 728w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-998x563.jpg 998w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-768x433.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नई दिल्ली के दिल से लेकर कोल्हापुर की गलियों तक, शहरों और कक्षाओं में हजारों छात्र एक दृढ़ विश्वास के साथ आगे आए हैं &#8211; &#8220;मैं कल के लिए समाधान कर सकता हूँ।&#8221; अब, जब सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो रोड शो का अंतिम चरण समाप्त होने वाला है, तो भारत के युवा परिवर्तनकर्ताओं के लिए अपने विचारों को कार्रवाई में बदलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>30 जून सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के लिए आवेदन करने का अंतिम दिन है &#8211; 14-22 वर्ष के बच्चों के लिए एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता जिसने पहले ही पूरे देश में एक आंदोलन को प्रज्वलित कर दिया है। 29 अप्रैल, 2025 को लॉन्च किया गया यह कार्यक्रम पूरे भारत में छात्रों को डिज़ाइन थिंकिंग टूल, सैमसंग और आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, निवेशक संपर्क, प्रोटोटाइपिंग सहायता और 1 करोड़ रुपये जीतने का मौका देकर सशक्त बनाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लेकिन पुरस्कार से कहीं अधिक, जो वास्तव में इस कार्यक्रम को परिभाषित करता है वह है उद्देश्य।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिछले हफ्तों में, ओपन हाउस और रोड शो ने असाधारण दृष्टि वाले छात्रों को एक साथ लाया है। दिल्ली-एनसीआर में छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य ऐप और प्रदूषण के लिए एआई-संचालित समाधान का सपना देखा। गुजरात और महाराष्ट्र में, टिकाऊ पैकेजिंग, विरासत पुनरुद्धार और समावेशी शिक्षा के विचारों को मंच मिला। हर शहर में एक संदेश स्पष्ट था &#8211; युवा भारत वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए वास्तविक दुनिया के समाधान बनाने के लिए तैयार है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अब, आपकी बारी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अगर आपने कभी दुनिया में किसी टूटी हुई चीज़ को देखा है और सोचा है, “कोई इसे ठीक क्यों नहीं कर रहा है?” — तो शायद इसका जवाब यह है: क्योंकि आप ही हैं जो इसे ठीक करने के लिए बने हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चाहे आप किसानों को बेहतर सिंचाई में मदद करना चाहते हों, किशोरों के लिए ऑनलाइन सुरक्षित जगह बनाना चाहते हों, या अपने शहर को ज़्यादा सुलभ बनाना चाहते हों — आपका आइडिया यहीं है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गाजियाबाद की छात्रा इशिता ने बताया, “यह पहली बार था जब किसी ने मुझसे पूछा कि मैं कौन सी समस्या हल करना चाहती हूँ। इससे सब कुछ बदल गया।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुणे के छात्र आकाश ने कहा, “मैंने ‘सही समय’ का इंतज़ार करना बंद कर दिया और निर्माण करना शुरू कर दिया। सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो ने मुझे विश्वास दिलाया कि मेरा आइडिया मायने रखता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उनकी कहानियाँ तो बस शुरुआत हैं। आपकी कहानी अगली हो सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो का मतलब सिर्फ़ जीनियस कोडर या तकनीकी विशेषज्ञ बनना नहीं है — यह सहानुभूति, जिज्ञासा और कोशिश करने की हिम्मत के बारे में है। यह उन छात्रों के लिए है जो एक स्वच्छ शहर, सुरक्षित सड़कें, स्वस्थ समुदाय और एक ऐसे भविष्य का सपना देखते हैं जहाँ कोई भी आवाज़ अनसुनी न रह जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>और अगर आप इसे पढ़ रहे हैं, तो शायद यह आपके लिए है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>30 जून, 2025 से पहले आवेदन करें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपने विचार को प्रभाव में बदलने का यह आपका आखिरी मौका है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आइए भविष्य का निर्माण करें &#8211; एक समय में एक साहसिक विचार के साथ।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के साथ युवा भारत बना बदलाव का अग्रदूत</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%95?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Mon, 19 May 2025 11:08:47 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Solve for Tomorrow]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Young India]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/43hWJSf</guid>
									<description><![CDATA[&#160; भारत के युवाओं के बीच एक सशक्त परिवर्तन आकार ले रहा है। सैमसंग का &#8220;सॉल्व फॉर टुमॉरो&#8221; सीज़न 4 जैसे ही पूरे जोश में शुरू हुआ, देशभर के]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_8748" style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img class="wp-image-8748 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT.jpg" alt="" width="1000" height="564" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-728x410.jpg 728w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-998x563.jpg 998w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/05/Cover-SFT-768x433.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p class="wp-caption-text">कल के लिए समाधान 2025: युवा मस्तिष्कों को समस्याओं को अवसर के रूप में तथा नवाचार को जीवन जीने का तरीका समझने के लिए प्रेरित करना</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारत के युवाओं के बीच एक सशक्त परिवर्तन आकार ले रहा है। सैमसंग का &#8220;सॉल्व फॉर टुमॉरो&#8221; सीज़न 4 जैसे ही पूरे जोश में शुरू हुआ, देशभर के विद्यालयों और महाविद्यालयों में नवाचार की लहर दौड़ गई है। यह अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं रही — यह एक आंदोलन बन चुका है, जो युवाओं को न केवल सपने देखने की, बल्कि उन्हें साकार करने का मंच भी दे रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत के बाद, सैमसंग ने देशभर में डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशालाएँ और ओपन हाउस सत्र आरंभ किए हैं। दिल्ली, गुड़गांव, जयपुर, पटियाला, लुधियाना, पानीपत और अन्य शहरों में अब तक २० से अधिक सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें विद्यालयों के ३७०० और महाविद्यालयों के ४८०० से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग का लक्ष्य है कि यह पहल देश के हर कोने तक पहुँचे — चाहे वह पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियाँ हों या कश्मीर की वादियाँ। पिछले वर्ष यह कार्यक्रम नगालैंड और कश्मीर तक पहुँचा था, और इस वर्ष यह और भी व्यापक रूप ले रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3>समस्याओं को अवसर में बदलने की सोच</h3>
<p>हर कार्यशाला में युवा छात्र-छात्राएँ अपनी जिज्ञासाओं, सपनों और समस्याओं के साथ सामने आ रहे हैं। ओ. पी. जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय में आयोजित एक डिज़ाइन थिंकिंग ओपन हाउस में विद्यार्थियों ने समाज की वास्तविक समस्याओं को गहराई से समझा और उनके समाधान की दिशा में विचार प्रस्तुत किए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा, &#8220;‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ छात्रों को वह सोच और दृष्टिकोण देता है जो पारंपरिक कक्षाओं में अक्सर नहीं मिलते — यथार्थ समस्याओं को पहचानना और उनके व्यावहारिक, नवाचारी समाधान खोजना।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छात्रों ने साझा किया कि इन सत्रों ने उन्हें सहानुभूति, सहयोग और समाधान-निर्माण की नई दृष्टि दी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8220;इस कार्यशाला ने मेरी एक धुंधली सी सोच को स्पष्ट और क्रियान्वयन योग्य समाधान में बदला,&#8221; आदित्य नरेश ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8220;मैंने सीखा कि किसी समस्या को सुलझाते समय टीम में काम करना और अलग-अलग दृष्टिकोणों को सुनना कितना ज़रूरी है,&#8221; रिद्धिमा शर्मा ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8220;अब मैं अपने विचारों को पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर सकती हूँ,&#8221; सिद्धार्थ पांडेय ने कहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div style="width: 1510px" class="wp-caption alignnone"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/05/ITL-Dwarka2-e1747389133628.jpeg" alt="" width="1500" height="1000" /><p class="wp-caption-text">एक स्कूल में डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप के दौरान काम करते युवा दिमाग</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<h3>विद्यालयों में भी जोश से भरे नवप्रवर्तक</h3>
<p>दिल्ली के आईटीएल पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुरभि ने कहा, &#8220;सैमसंग और आईआईटी-दिल्ली द्वारा आयोजित डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशाला बेहद प्रेरणादायक रही। पहले बैच के कई विद्यार्थियों ने मुझसे आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन माँगा है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मदर्स मैरी विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं की छात्राएँ अद्भुत विचार लेकर सामने आईं।</p>
<p>आन्या एक ऐसा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ऐप बनाना चाहती है, जो पर्यावरण के अनुकूल घरों की डिज़ाइन में मदद करे।</p>
<p>कृतिका एक सस्ता किंडल जैसी डिवाइस बनाना चाहती है जिसमें सभी पाठ्यपुस्तकें डिजिटल रूप से समाहित हों ताकि काग़ज़ की खपत कम हो।</p>
<p>कृति ऐसे स्वास्थ्यवर्धक मासिक धर्म उत्पाद विकसित करना चाहती हैं, जो प्लास्टिक के बिना हों और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसे गंभीर रोगों से सुरक्षा दें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>महाविद्यालयों में नवाचार और सामाजिक चेतना का संगम कॉलेजों में भी नवाचार की भावना प्रबल है।</p>
<p>हैदराबाद विश्वविद्यालय की आर. दीपिका ने कहा, &#8220;जब प्रशिक्षक ने कहा कि ‘दुनिया में समस्याएँ बहुत हैं पर समाधानकर्ता कम,’ तो मुझे भी लगा कि मैं उन गिने-चुने समाधानकर्ताओं में होना चाहती हूँ।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बी.ए. के छात्र सावन केसरी ने कहा,  &#8220;यह कार्यशाला मेरे लिए एक मार्गदर्शक सिद्ध हुई — मैंने सीखा कि एक स्टार्टअप का विचार कैसे आकार लेता है। मैं ग्रामीण भारत में दूरचिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाना चाहता हूँ।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुक्ता, जो स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन की छात्रा हैं, ने कहा, &#8220;एक छोटी सी सोच भी दुनिया को बदल सकती है। इस कार्यशाला ने मुझे युवा उद्यमिता की भावना से भर दिया।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिज़नेस स्टडीज़ की प्राचार्या पूनम वर्मा ने बताया: &#8220;हमारे छात्रों के पास करीब 4० स्टार्टअप विचार हैं, जिनमें से 3० को बाहरी स्रोतों से वित्तीय सहायता मिल चुकी है। ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ जैसे कार्यक्रम उन्हें अपने विचारों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<div style="width: 1510px" class="wp-caption alignnone"><img src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2025/05/Rohini1-e1747389155930.jpeg" alt="" width="1500" height="1000" /><p class="wp-caption-text">नौ शहरों में पहले से ही रोड शो चल रहे हैं, और छात्रों में उत्साह साफ़ देखा जा सकता है क्योंकि वे सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 के लिए आवेदन करने के लिए कतार में खड़े हैं</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<h3>यही है भारत का नवाचार आंदोलन</h3>
<p>छात्रों के विचार न केवल स्पष्ट और सशक्त हैं, बल्कि समाज की वास्तविक ज़रूरतों से भी जुड़े हुए हैं —</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आदित्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चाहते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिद्धिमा अपने कस्बे में प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए टिकाऊ विकल्प तैयार कर रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रेरणा सरकारी विद्यालयों के दृष्टिहीन छात्रों के लिए किफ़ायती सहायक उपकरण बनाना चाहती हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सिद्धार्थ एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जो किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता जानने में मदद करे और उनकी उपज बढ़ाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन जैसे विचारों और ऊर्जा से भरे युवाओं के साथ, ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ वास्तव में भारत के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहा है। आवेदन प्रक्रिया जारी है और देश के कोने-कोने से युवा इसमें भाग ले रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं — यह युवा भारत का नवाचार अभियान है।</p>
<p>अब बारी है समाधान की।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>जेन ज़ी इनोवेशन को मिला मंच: सैमसंग इंडिया ने लॉन्च किया ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो 2025’, एक करोड़ रुपए से ऊपर का अनुदान</title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82?utm_source=rss&amp;utm_medium=direct</link>
				<pubDate>Wed, 30 Apr 2025 14:59:45 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2025]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/3EGrWXa</guid>
									<description><![CDATA[&#160; भारत के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने अपनी प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर) पहल ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के चौथे संस्करण की]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_8685" style="width: 5333px" class="wp-caption aligncenter"><img class="wp-image-8685 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/04/Launch-of-Solve-for-Tomorrow-2025-e1746005311516.jpg" alt="" width="5323" height="4848" /><p class="wp-caption-text">(बाएं से दाएं) शुभम मुखर्जी, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया में सीएसआर और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के प्रमुख; अभिषेक सिंह, अतिरिक्त सचिव, मीटीई; जेबी पार्क, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के अध्यक्ष और सीईओ; शोम्बी शार्प, भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट समन्वयक; प्रोफेसर रंगन बनर्जी, निदेशक, आईआईटी दिल्ली; डॉ सपना पोती, वरिष्ठ निदेशक, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय</p></div>
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<p><span>भारत के अग्रणी कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने अपनी प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर</span>) <span>पहल ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के चौथे संस्करण की शुरुआत कर दी है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर के युवाओं को प्रौद्योगिकी के ज़रिए सामाजिक चुनौतियों का हल खोजने के लिए प्रेरित करना है।</span></p>
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<p>14 <span>से </span>22 <span>वर्ष के छात्रों के लिए खुली इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि </span>30 <span>जून </span>2025 <span>रखी गई है। चुनी गई टॉप चार टीमों को उनके नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी दिल्ली में इंक्यूबेशन सपोर्ट के साथ कुल एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा</span>, <span>टॉप </span>40 <span>टीमों को </span>8 <span>लाख और टॉप </span>20 <span>टीमों को </span>20 <span>लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रतिभागियों को </span>82,000 <span>घंटे का विशेष प्रशिक्षण और मेंटरशिप भी दी जाएगी।</span></p>
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<p>इस साल के प्रतिभागियों को चार महत्&#x200d;वपूर्ण थीमों पर समाधान बनाने के लिये प्रोत्&#x200d;साहित किया जा रहा है: अधिक सुरक्षित, <span>स्&#x200d;मार्ट एवं समावेशी भारत के लिये एआई</span>; <span>भारत में स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य</span>, <span>आरोग्&#x200d;य तथा तंदुरुस्&#x200d;ती का भविष्&#x200d;य</span>; <span>शिक्षा और बेहतर भविष्&#x200d;य के लिये खेलों तथा तकनीकी के माध्&#x200d;यम से सामाजिक बदलाव</span>; <span>और टेक्&#x200d;नोलॉजी के जरिये पर्यावरण की स्थिरता।</span></p>
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<p><strong>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ जेबी पार्क </strong>ने कहा, “‘<span>सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के ज़रिए हम भारत के हर कोने के युवा इनोवेटर्स को बड़े सपने देखने</span>, <span>असल ज़िंदगी की चुनौतियों से निपटने और तकनीक के ज़रिए एक स्मार्ट और समावेशी भविष्य गढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस साल की प्रतियोगिता और भी बड़ी और व्यापक होगी। हम ज़्यादा शहरों में पहुंच रहे हैं</span>, <span>ज़्यादा स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को जोड़ रहे हैं और उन्हें डिज़ाइन थिंकिंग के सिद्धांतों पर आधारित नवाचार का अवसर दे रहे हैं। यह पहल भारत सरकार की अग्रणी </span>#DigitalIndia <span>योजना के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है</span>, <span>जो युवाओं को भविष्य का निर्माणकर्ता बनने के लिए सशक्त करती है।</span>”</p>
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<p><strong>आईआईटी दिल्&#x200d;ली के निदेशक प्रो. रंगन बेनर्जी </strong>ने कहा, “<span>आईआईटी दिल्&#x200d;ली को युवाओं के बीच नवाचार</span>, <span>उद्यमिता और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने में गर्व महसूस होता है। सैमसंग ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के साथ हमारी साझेदारी के ज़रिए हम युवा प्रतिभाओं को मेंटरशिप</span>, <span>शोध के लिए अत्याधुनिक संसाधन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं</span>, <span>ताकि वे अपने विचारों को ऐसे उत्पादों में बदल सकें जो समाज पर सकारात्मक असर डालें। हमें इस पहल का हिस्सा बनकर खुशी है</span>, <span>जो सामाजिक रूप से जागरूक नवाचार को बढ़ावा देती है और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अहम योगदान करती है।</span>”</p>
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<p><strong>भारत में संयुक्&#x200d;त राष्&#x200d;ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर शोम्&#x200d;बी शार्प </strong>ने कहा, “<span>भारत के युवा इनोवेटर्स </span>2030 <span>तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और </span>2047 <span>तक ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में सबसे बड़ी ताकत हैं। दुनिया में सबसे अधिक युवा प्रतिभाओं के साथ</span>, <span>भारत उन विचारों के ज़रिए नेतृत्व करने की विशेष स्थिति में है जो न सिर्फ स्थानीय समस्याओं का समाधान देते हैं</span>, <span>बल्कि वैश्विक बदलाव की प्रेरणा भी बनते हैं।  सैमसंग की ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ जैसी पहलें युवाओं को तकनीक की मदद से अपने विचारों को वैश्विक भलाई के लिए व्यावहारिक समाधानों में बदलने का मंच देती हैं। संयुक्त राष्ट्र भारत में ऐसे सार्वजनिक-निजी सहयोगों को समर्थन देने पर गर्व महसूस करता है</span>, <span>जो युवाओं की नेतृत्व क्षमता</span>, <span>नवाचार और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देते हैं—इस विश्वास के साथ कि विकास की इस यात्रा में कोई पीछे न रह जाए।</span>”</p>
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<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (</strong><strong>MeitY) <span>के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह </span></strong>ने कहा, “<span>आज की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान युवाओं के हाथ में है। ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो </span>2025’ <span>जैसी पहलें युवाओं को तकनीक के ज़रिए अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का अवसर देती हैं। हम ऐसे नवाचारों को देखने को लेकर उत्साहित हैं</span>, <span>जो युवाओं के नेतृत्व में विकसित होकर समाज में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।</span>”</p>
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<p>सैमसंग इंडिया की प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर) पहल ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के चौथे संस्करण का लक्ष्य है देशभर के हजारों युवाओं को जोड़ना और उन्हें डिज़ाइन थिंकिंग, प्रत्यक्ष प्रोटोटाइपिंग, बाजार में प्रवेश की रणनीतियों तथा व्यवसाय नियोजन जैसे विषयों में 82,000 घंटे से अधिक का व्यापक प्रशिक्षण देना। कार्यक्रम के अंतिम चरण में चयनित फाइनलिस्ट टीमों को सैमसंग, आईआईटी दिल्ली और इंडस्ट्री विशेषज्ञों की ओर से विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे अपने विचारों को व्यावहारिक रूप दे सकें।</p>
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<p>‘सॉल्व फॉर टूमॉरो 2025’ का उद्घाटन मंगलवार को आईआईटी दिल्ली परिसर में सभी सहयोगी संस्थाओं की उपस्थिति में हुआ। इस मौके पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की वरिष्ठ निदेशक डॉ. सपना पोती, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक ‘सी’ शार्दुल राव, और एमईआईटीवाय स्टार्टअप हब के सीईओ पी. एस. मदनगोपाल मौजूद थे।</p>
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<h3><strong>आइडिया से असर तक: प्रतियोगिता के चरण</strong></h3>
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<p>सॉल्व फॉर टूमॉरो 2025 के लिए आवेदन विंडो 29 अप्रैल से 30 जून 2025 तक खुली रहेगी। इस दौरान सैमसंग देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में डिज़ाइन थिंकिंग पर आधारित वर्कशॉप्स आयोजित करेगा, ताकि प्रतिभागियों को समस्या-समाधान और नवाचार से जुड़े जरूरी कौशल सिखाए जा सकें।</p>
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<p>प्रारंभिक आवेदन चरण के बाद, चारों थीम से कुल 100 शीर्ष टीमों का चयन किया जाएगा-प्रत्येक थीम से 25 टीमें। इसके बाद प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, और एक वीडियो पिच राउंड आयोजित होगा, जिसके बाद हर थीम से 10-10, कुल 40 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।</p>
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<p>इन टॉप 40 टीमों में से प्रत्येक थीम की 10 सेमी-फाइनलिस्ट टीमें सैमसंग के इंडस्ट्री विशेषज्ञों और विषय विशेषज्ञों से गहन मेंटरशिप प्राप्त करेंगी। साथ ही, ये टीमें सैमसंग की अत्याधुनिक सुविधाओं-बेंगलुरु, नोएडा और दिल्ली स्थित R&amp;D इंस्टीट्यूट्स और सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली-का शैक्षणिक दौरा भी करेंगी, जहां उन्हें विश्वस्तरीय नवाचार ईकोसिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।</p>
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<p>इस चरण का समापन दिल्ली की हाई-टेक लैब्स में ‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ के पूर्व प्रतिभागियों के सहयोग से एक व्यावहारिक प्रोटोटाइपिंग कार्यक्रम के रूप में होगा। इसके अलावा, विचारों को और निखारने और फाइनल पिच की तैयारी के लिए एक रेसिडेंशियल बूटकैम्प भी आयोजित किया जाएगा।</p>
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<p>इसके बाद टॉप 20 टीमों का चयन होगा-हर थीम से 5 टीमें ग्रैंड फिनाले में प्रवेश करेंगी। इन टीमों को सैमसंग के विशेषज्ञों से विशेष वन-ऑन-वन मेंटरिंग मिलेगी। प्रतियोगिता के अंतिम तीन दिनों में ये टीमें प्रोटोटाइपिंग डे, पिच प्रेजेंटेशन, इन्वेस्टर मीट और अवार्ड सेरेमनी में हिस्सा लेंगी।</p>
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<h3><strong>प्रतिभागियों को क्या मिलेगा</strong></h3>
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<p>टॉप 100 टीमों को उपलब्धि प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। टॉप 40 टीमों के प्रत्येक सदस्य को 8 लाख रूपए की राशि और सैमसंग का नवीनतम लैपटॉप मिलेगा। टॉप 20 टीमों को 20 लाख रूपए की राशि के साथ-साथ सैमसंग Z Flip स्मार्टफोन भी मिलेंगे। इसके अलावा, गुडविल अवार्ड, यंग इनोवेटर अवार्ड और सोशल मीडिया चैंपियन जैसे विशेष सम्मान भी दिए जाएंगे, जिनकी कुल पुरस्कार राशि 4.5 लाख रूपए  है।</p>
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<h3><strong>विजेता टीमों के लिए विशेष अवसर</strong></h3>
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<p>चार विजेता टीमों को मिलाकर 1 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा, ताकि उनके नवाचार प्रोजेक्ट्स का आईआईटी दिल्ली में इंक्यूबेशन किया जा सके। यह सहयोग उनके आइडियाज को असलियत में बदलने के लिए जरूरी संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।</p>
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<p>‘सॉल्व फॉर टूमॉरो’ को पहली बार 2010 में अमेरिका में लॉन्च किया गया था। यह कार्यक्रम अब दुनिया के 68 देशों में सक्रिय है और अब तक 30 लाख से अधिक युवा इसमें हिस्सा ले चुके हैं।</p>
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<p>सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का वैश्विक सीएसआर दृष्टिकोण है — ‘टुगेदर फॉर टूमॉरो! इनैबलिंग पीपल’, जिसका उद्देश्य है दुनिया भर के युवाओं को शिक्षा प्रदान करना और उन्हें भविष्य के नेता बनने के लिए सशक्त करना। सैमसंग की सीएसआर पहलों की अधिक जानकारी के लिए आप <a href="https://csr.samsung.com/en-in/localMain.do">CSR वेबसाइट</a>  : <a href="https://csr.samsung.com/en-in/localMain.do">https://csr.samsung.com/en-in/localMain.do</a> देख सकते हैं।</p>
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