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		<title>Solve for Tomorrow 2026 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Solve for Tomorrow 2026 &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title>सैमसंग उत्तर प्रदेश के कैंपस में &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग&#8217; लेकर आया है, जो युवा इनोवेटर्स को प्रोडक्ट बनाने से पहले समस्याओं को हल करने की चुनौती देता है</title>
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				<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 09:30:09 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Design Thinking]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; ज़्यादातर स्टूडेंट इनोवेशन किसी समाधान (solution) से शुरू होते हैं। बहुत कम ही किसी समस्या से शुरू होते हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों में, छात्र अक्सर महीनों]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9956 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Cover-SFT-GREATER-NOIDA.jpg" alt="" width="1000" height="564" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Cover-SFT-GREATER-NOIDA.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Cover-SFT-GREATER-NOIDA-728x410.jpg 728w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Cover-SFT-GREATER-NOIDA-998x563.jpg 998w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Cover-SFT-GREATER-NOIDA-768x433.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ज़्यादातर स्टूडेंट इनोवेशन किसी समाधान (solution) से शुरू होते हैं। बहुत कम ही किसी समस्या से शुरू होते हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों में, छात्र अक्सर महीनों तक बेहतरीन प्रोटोटाइप बनाने में बिता देते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि जिस समस्या को वे हल करने निकले थे, वह या तो है ही नहीं, या बहुत कम लोगों को प्रभावित करती है, या असल दुनिया में उसकी कोई अहमियत नहीं है। यह एक ऐसी कमी है जिसने चुपचाप अनगिनत अच्छे आइडिया की क्षमता को सीमित कर दिया है। Samsung Solve for Tomorrow इसे बदलने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपने खास देशव्यापी इनोवेशन प्रोग्राम के तहत, Samsung India ने IIT Delhi के साथ मिलकर हाल ही में ग्रेटर नोएडा के GNIOT ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस में &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप&#8217; आयोजित की। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश से उभरते हुए इनोवेटर्स को एक साथ लाया गया ताकि वे एंटरप्रेन्योरशिप का एक बहुत ज़रूरी सबक सीख सकें: समाधान बनाने से पहले समस्या को समझना ज़रूरी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह वर्कशॉप &#8216;Samsung Solve for Tomorrow 2026&#8217; का हिस्सा थी। यह एक राष्ट्रीय प्रोग्राम है जो 14 से 22 साल के युवा भारतीयों को टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ये समाधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण की स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए होते हैं। कोडिंग, इंजीनियरिंग या प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, इस सेशन में प्रतिभागियों को अपनी धारणाओं पर सवाल उठाने, यूज़र्स से जुड़ने, आइडिया को परखने और यह समझने के लिए प्रेरित किया गया कि जिन समस्याओं को वे हल करना चाहते थे, वे असल में क्लासरूम के बाहर मौजूद हैं या नहीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कई छात्रों के लिए, यह अनुभव उनके नज़रिए में बदलाव लाने वाला था। GNIOT के तीसरे साल के छात्र कबीर सिंह ने कहा, &#8220;हम अक्सर मान लेते हैं कि कोई आइडिया इसलिए अच्छा है क्योंकि वह सुनने में नया और अनोखा लगता है।&#8221; &#8220;इस वर्कशॉप ने हमें यह समझने में मदद की कि आइडिया जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी उसका लागू होना (implementation), उसकी व्यावहारिकता (feasibility) और यूज़र की ज़रूरतें भी हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दूसरे साल के छात्र रवि कुशवाहा ने इस वर्कशॉप को इनोवेशन के बारे में बिल्कुल नए सिरे से सोचने की प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा, &#8220;इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि असल दुनिया की चुनौतियों की पहचान कैसे करें और किसी समस्या को हल करने की कोशिश करने से पहले यह कैसे परखें कि वह समस्या सच में मौजूद है या नहीं।&#8221; यह वर्कशॉप भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम में हो रहे बड़े बदलाव को दिखाती है। जैसे-जैसे देश पारंपरिक स्टार्टअप हब से आगे बढ़कर एंटरप्रेन्योर्स और समस्या-समाधान करने वालों की एक नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश कर रहा है, प्रोग्राम्स में अब टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन, क्रिटिकल थिंकिंग और ज़मीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान करने पर भी ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>Samsung Solve for Tomorrow एक ऐसे ही प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर उभरा है, जो युवा इनोवेटर्स को सिर्फ़ कॉन्सेप्ट से आगे बढ़कर ऐसे समाधान विकसित करने में मदद कर रहा है जिनका समाज पर मापने योग्य असर हो। 2026 का एडिशन इस प्रोग्राम का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है, जिसमें देश भर के 100 शहरों में &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप&#8217; आयोजित की जाएंगी। इसमें हिस्सा लेने वालों को ट्रेनिंग, मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग में मदद और इंडस्ट्री से जुड़ी सलाह मिलेगी, ताकि वे शुरुआती स्टेज के आइडिया को काम के इनोवेशन में बदल सकें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रोग्राम के आखिर में, टॉप चार जीतने वाली टीमों को IIT दिल्ली में 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा, जिससे वे अपने सॉल्यूशन को और बेहतर बना सकेंगी और बड़े पैमाने पर लागू कर पाएँगीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जैसे-जैसे भारत की इनोवेशन से जुड़ी महत्वाकांक्षाएँ बढ़ रही हैं, &#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो&#8217; जैसी पहल यह पक्का करने में मदद कर रही हैं कि आने वाली पीढ़ी के इनोवेटर सिर्फ़ टेक्नोलॉजी बनाने पर ही नहीं, बल्कि उन समस्याओं को हल करने पर भी ध्यान दें जो सबसे ज़्यादा ज़रूरी हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026&#8217; के लिए एप्लीकेशन 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>Samsung Solve for Tomorrow ने डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए हिमाचल प्रदेश के छात्रों में इनोवेशन को बढ़ावा दिया</title>
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				<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:13:46 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[SOlan]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में, इनोवेशन अक्सर ऐसी चुनौतियों से शुरू होता है जो शायद ही कभी सुर्खियों में आती हैं। कुछ समुदायों के लिए, यह हेल्थकेयर तक]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9953 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/HP.jpg" alt="" width="1483" height="826" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/HP.jpg 1483w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/HP-1000x557.jpg 1000w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/HP-768x428.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/HP-1024x570.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1483px) 100vw, 1483px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में, इनोवेशन अक्सर ऐसी चुनौतियों से शुरू होता है जो शायद ही कभी सुर्खियों में आती हैं। कुछ समुदायों के लिए, यह हेल्थकेयर तक पहुँच का मुद्दा है। दूसरों के लिए, यह दिव्यांग लोगों के लिए सहायक तकनीकों की कमी, सीमित शैक्षिक संसाधन या मुश्किल इलाकों के कारण रोज़मर्रा की बाधाएँ हो सकती हैं। तेज़ी से, ये स्थानीय चुनौतियाँ युवा इनोवेटर्स की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शूलिनी यूनिवर्सिटी में Samsung Solve for Tomorrow के तहत आयोजित डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में, पूरे हिमाचल प्रदेश से 300 से ज़्यादा छात्र यह सीखने के लिए इकट्ठा हुए कि कैसे सिर्फ़ टेक्नोलॉजी बनाने के बजाय समुदाय की वास्तविक ज़रूरतों को समझकर इनोवेशन किया जा सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह वर्कशॉप Samsung Solve for Tomorrow 2026 का हिस्सा है, जो Samsung India का प्रमुख इनोवेशन प्रोग्राम है। यह प्रोग्राम 14-22 साल के युवाओं को AI, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरण स्थिरता, और खेल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों का समाधान करने वाले टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सेशन के दौरान, छात्रों को Samsung के ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन थिंकिंग फ्रेमवर्क से परिचित कराया गया। यह फ्रेमवर्क प्रतिभागियों को यूज़र्स की ज़रूरतों को समझने, समस्याओं के मूल कारणों की पहचान करने, विचार उत्पन्न करने, प्रोटोटाइप बनाने और समाधानों का परीक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह तरीका उन छात्रों को बहुत पसंद आया जिन्होंने अपने समुदायों को प्रभावित करने वाली चुनौतियों का समाधान करने के अवसर देखे। तीसरे वर्ष के छात्र रंदेश गुप्ता ने कहा कि वर्कशॉप ने उन्हें दिव्यांग लोगों द्वारा सामना की जाने वाली एक्सेसिबिलिटी की समस्याओं के बारे में गहराई से सोचने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, &#8220;इससे मुझे एहसास हुआ कि कई चुनौतियाँ तब तक अदृश्य रहती हैं जब तक हम उन लोगों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ते नहीं हैं जो उनका सामना कर रहे हैं। वर्कशॉप ने मुझे यह सोचने में मदद की कि टेक्नोलॉजी का उपयोग ऐसे समाधान बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है जो वास्तव में लोगों के जीवन को बेहतर बनाएँ।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दूसरे वर्ष के BCA छात्र महेश ने कहा कि सेशन ने विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए एक व्यवस्थित रास्ता प्रदान किया। उन्होंने कहा, &#8220;Samsung छात्रों को यह समझने में मदद कर रहा है कि वास्तविक समस्याओं की पहचान कैसे की जाए और उनके लिए लक्षित समाधान कैसे बनाए जाएँ। यह फ्रेमवर्क हमें इनोवेशन के लिए एक स्पष्ट दिशा देता है।&#8221; सोलन की 12वीं कक्षा की छात्रा महक के लिए, इस वर्कशॉप ने एक बहुत ज़रूरी बात और पक्की कर दी। उन्होंने कहा, &#8220;मैंने सीखा कि कोई भी सार्थक बदलाव हमेशा किसी बड़े आइडिया से शुरू नहीं होता। कभी-कभी यह किसी ऐसी छोटी समस्या को हल करने से शुरू होता है जो हमारे आस-पास के लोगों पर असर डालती है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह वर्कशॉप सैमसंग की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे भारत में छात्रों तक सीधे &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग&#8217; और एंटरप्रेन्योरशिप की शिक्षा पहुँचाकर ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। 2026 एडिशन के तहत, सैमसंग देश भर के 100 शहरों में वर्कशॉप आयोजित कर रहा है। इससे युवा इनोवेटर्स को स्थानीय चुनौतियों की पहचान करने और राष्ट्रीय महत्व वाले समाधान विकसित करने के मौके मिल रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पहल से देश भर के हज़ारों छात्र जुड़ चुके हैं। यह भविष्य के ऐसे इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स और बदलाव लाने वालों (changemakers) की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने में मदद कर रही है, जो अपने समुदायों की चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस प्रोग्राम के आखिर में, जीतने वाली टॉप चार टीमों को FITT, IIT दिल्ली में 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें अपने आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए मेंटरशिप, ट्रेनिंग और प्रोटोटाइपिंग में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जैसे-जैसे इनोवेशन बड़े शहरों से आगे बढ़ रहा है, &#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो&#8217; जैसे प्रोग्राम यह दिखा रहे हैं कि भारत के कुछ सबसे असरदार आइडिया स्टार्टअप हब से नहीं, बल्कि उन छात्रों से आ सकते हैं जो रोज़ाना आने वाली चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8216;सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026&#8217; के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title>सैमसंग इरोड में &#8216;डिज़ाइन थिंकिंग&#8217; लेकर आया है, जिससे छात्रों को अपने आइडिया को असल दुनिया के समाधानों में बदलने में मदद मिल रही है</title>
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				<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:08:37 +0000</pubDate>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व]]></category>
		<category><![CDATA[Erode]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[&#160; सैमसंग इंडिया ने इस सप्ताह इरोड में अपना प्रमुख नवाचार कार्यक्रम, सॉल्व फॉर टुमॉरो लाया, जिसमें कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज (केईसी) में 230 से अधिक छात्रों]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9946 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture.jpg" alt="" width="2500" height="1565" srcset="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture.jpg 2500w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture-899x563.jpg 899w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture-768x481.jpg 768w, https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture-1024x641.jpg 1024w" sizes="(max-width: 2500px) 100vw, 2500px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग इंडिया ने इस सप्ताह इरोड में अपना प्रमुख नवाचार कार्यक्रम, सॉल्व फॉर टुमॉरो लाया, जिसमें कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज (केईसी) में 230 से अधिक छात्रों को डिजाइन सोच कौशल से लैस किया गया, जिसका उद्देश्य विचारों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान में बदलना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यशाला सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 का हिस्सा है, जो सैमसंग इंडिया का राष्ट्रव्यापी नवाचार कार्यक्रम है जो 14-22 वर्ष की आयु के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और खेल और प्रौद्योगिकी में चुनौतियों का समाधान करते हुए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पारंपरिक नवाचार कार्यक्रमों के विपरीत, जो मुख्य रूप से उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित करते हैं, डिजाइन थिंकिंग कार्यशाला ने छात्रों को पहले उन लोगों और समुदायों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनकी वे सेवा करना चाहते हैं, वास्तविक चुनौतियों की पहचान करें और यह सत्यापित करें कि प्रस्तावित समाधान वास्तविक जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कई प्रतिभागियों के लिए, कार्यशाला ने नवाचार और उद्यमिता पर एक नया दृष्टिकोण पेश किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>केईसी में प्रथम वर्ष की इंजीनियरिंग छात्रा रागमृतिका ने कहा, &#8220;नवाचार सिर्फ एक विचार के बारे में सोचने के बारे में नहीं है। यह एक वास्तविक व्यक्ति की समस्या को समझने और यह पहचानने से शुरू होता है कि किस प्रकार का समाधान वास्तव में उनकी मदद करेगा।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मोहम्मद आतिफ, जिन्होंने पिछले सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो सत्र में भाग लिया था, ने कहा कि कार्यशाला ने उन्हें संभावित समाधानों का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद की और उद्यमिता में उनकी रुचि को मजबूत किया। उन्होंने कहा, &#8220;इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि कौन सा समाधान किसी समाधान को वास्तव में प्रासंगिक और प्रभावशाली बनाता है। सत्र में भाग लेने के बाद, मैं अपनी उद्यमिता यात्रा शुरू करने के लिए और अधिक प्रेरित महसूस करता हूं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इरोड कार्यशाला जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के सैमसंग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। पिछले चार संस्करणों में, तमिलनाडु के 5,000 से अधिक छात्रों ने सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो पहल में भाग लिया है, जबकि यह कार्यक्रम पूरे दक्षिणी भारत में 8,000 से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस साल, सैमसंग देश भर के 100 शहरों में डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित कर रहा है, जो युवा इनोवेटर्स को वैश्विक स्तर पर उद्यमियों और स्टार्टअप्स द्वारा उपयोग की जाने वाली समस्या-समाधान रूपरेखाओं, मेंटरशिप के अवसरों और नवाचार पद्धतियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम का समापन शीर्ष चार विजेता टीमों को एफआईटीटी, आईआईटी दिल्ली में 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन अनुदान प्राप्त करने के साथ होगा, जो उन्हें अपने नवाचारों को और विकसित करने और स्केल करने में सक्षम करेगा। प्रतियोगिता में आगे बढ़ने पर प्रतिभागियों को परामर्श, प्रशिक्षण और प्रोटोटाइप समर्थन भी प्राप्त होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नवाचार और डिजाइन सोच को सीधे कक्षाओं और परिसरों में लाकर, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो युवा भारतीयों को विचारों से आगे बढ़ने और वास्तविक सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम समाधान बनाने के लिए सशक्त बनाना जारी रखता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
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