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		<title>SRI-N &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सैमसंग भारत में पेटेंट संस्कृति का कर रहा है नेतृत्‍व]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-leading-the-patent-culture-in-india</link>
				<pubDate>Fri, 19 Jul 2019 15:16:54 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[ब्रांड]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Patents]]></category>
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		<category><![CDATA[एसआरआई-दिल्ली]]></category>
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		<category><![CDATA[एसआरआई-बी]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग पेटेंट]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत में कौन सी कंपनी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या में पेटेंट फाइल करती है? कंपना का नाम है सैमसंग। पीपल, इनोवेशन और चेंज के अपने मुख्य दर्शनशास्त्र को ध्यान में रखते हुए, सैमसंग रचनात्मकता और अनुसंधान के लिए समग्र प्रशिक्षण प्रदान करते हुए कर्मचारियों को कुछ हट कर सोचने के लिए प्रोत्साहित […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में कौन सी कंपनी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे अधिक संख्या में पेटेंट फाइल करती है?</p>
<p>कंपना का नाम है सैमसंग।</p>
<p>पीपल, इनोवेशन और चेंज के अपने मुख्य दर्शनशास्त्र को ध्यान में रखते हुए, सैमसंग रचनात्मकता और अनुसंधान के लिए समग्र प्रशिक्षण प्रदान करते हुए कर्मचारियों को कुछ हट कर सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है। इनोवेट करने के इस ज्ञान से और फिर उस इनोवेशन को पेटेंट करने से कई अत्‍याधुनिक टेक्‍नोलॉजी और असाधारण फीचर्स ने जन्म लिया है।</p>
<p>अकेले भारत में तीन आरएंडडी केंद्र (दिल्ली, नोएडा और बेंगलुरु में) और दुनिया भर में कई अन्य रिसर्च सेंटर्स के साथ, सैमसंग ने वैश्विक स्तर पर आरएंडडी में करीब 15 बिलियन अमेरीकी डॉलर का निवेश किया है। आईआईटी जैसे भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्‍थानों से प्रतिभाशाली छात्रों को हर साल भर्ती किया जाता है, जो ट्रेनिंग के लिए कोरिया जाते हैं। इंजीनियर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्‍वेज प्रोसेसिंग, <span>ऑग्‍मेंटेड रिएलिटी</span>, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और 5G सहित कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं।</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-4074" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/07/SRI-6-e1563523129974.jpg" alt="" width="1795" height="1080" /></p>
<p>सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट-बैंगलोर दक्षिण कोरिया के बाहर सैमसंग का सबसे बड़ा आरएंडडी केंद्र है और अकेले इस सेंटर ने 2011-2012 के बाद से 2900 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं, जो साल भर में 250-300 पेटेंट के करीब है। यहां वार्षिक नॉलेज शेयरिंग वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है जिसमें पूरी दुनिया के आरएंडडी सेंटर्स भाग लेते हैं। वहीं एसआरआई- नोएडा में करीब 2500 इंजीनियरों को पेटेंट फाइलिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। इनोवेशन के लिए एक संस्कृति तैयार करने के लिए आइडिएशन वर्कशॉप, थीम पर कॉन्‍टेस्‍ट और इंटलेक्च्वल प्रॉपर्टी पर क्विज़ आयोजित किए जाते हैं। एसआरआई- दिल्‍ली पर न केवल पेटेंट तैयार करने की ज़िम्मेदारी है, <span>बल्कि कंपनी के कर्मचारियों को इनोवेटिव टेक्नोलॉजी की ऊंचाईयां छूने के लिए प्रोत्‍साहित करने के लिए कंपनी स्‍तर पर पेटेंट एक्टिविटीज़ भी आयोजित करने का भी ज़िम्मा है। ऐसा करने के लिए व्‍यक्तिगत गाइडेंस सेशन</span>, <span>पेटेंट क्‍लब्स</span>, <span>इन-हाउस मैगज़ीनों का आयो‍जन किया जाता है। इसके अलावा</span>, नए, मध्य-स्तर और वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए अलग-अलग छोटे और दीर्घकालिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सैमसंग इंडिया में पेटेंट प्राप्‍त करने वाली कई टीमें कई पुरस्‍कार जीत चुकी हैं, <span>जिससे इस क्षेत्र में उनके काम को पहचान मिलती है। </span></p>
<div id="attachment_4075" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img aria-describedby="caption-attachment-4075" class="wp-image-4075 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/07/Property-Award-Pic.jpg" alt="" width="1000" height="666" /><p id="caption-attachment-4075" class="wp-caption-text">एसआरआई-बी की पेटेंट टीम को मिला नेशनल आईपी अवॉर्ड 2018</p></div>
<p>मेक इन इंडिया पहल के तहत, <span>इंजीरियरों ने कई डिवाइस में भारत केंद्रित फीचर्स विकसित किए हैं। उदाहरण के लिए</span>, <span>वॉशिंग मशीन में एक्टिव वॉश फीचर जो शर्ट के कॉलर और बाहों में बेहतर सफाई सुनिश्चित करता है। साथ ही माइक्रोवेव में तंदूर टेक्‍नोलॉजी पेश की गई, जिससे करारी रोटी और नान तैयार किए जा सकते हैं। यह सभी तकनीकें भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई हैं। इन विशेषताओं के साथ</span>, सैमसंग इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड पहल की ओर भी बढ़ रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग के संग बच्चों ने छेड़ी प्लास्टिक के खिलाफ जंग]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/children-vow-to-save-the-planet-with-samsung</link>
				<pubDate>Wed, 29 May 2019 17:26:58 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/Kids-Feature-704x334.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Plastic Waste Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Citizenship Initiative]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Research Institute Noida]]></category>
		<category><![CDATA[SRI-N]]></category>
		<category><![CDATA[प्लास्टिक वेस्ट कैम्पेन]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग इंडिया]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग सिटिज़नशिप इनीशियेटिव]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग में यह एक निरंतर प्रयास रहा है कि समुदाय के बीच पर्यावरण के बारे में जागरुकता पैदा की जाए। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि हम उन्हें कम उम्र से ही पढ़ाएं और सही सिखाएं। और ऐसा ही कुछ सैमसंग अपने लेटेस्ट इनीशियेटिव के साथ हासिल करने का लक्ष्य रखता है। प्लास्टिक वेस्ट पर लोगों […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><span>सैमसंग में यह एक निरंतर प्रयास रहा है कि समुदाय के बीच पर्यावरण के बारे में जागरुकता पैदा की जाए। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि हम उन्हें कम उम्र से ही पढ़ाएं और सही सिखाएं। और ऐसा ही कुछ सैमसंग अपने लेटेस्ट इनीशियेटिव के साथ हासिल करने का लक्ष्य रखता है।</span></p>
<p>प्लास्टिक वेस्ट पर लोगों को जागरूक करने के लिए, नोएडा के<span> सैमसंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (SRI-N)  के कर्मचारी वॉलंटियर्स ने एक सरकारी विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय हज़रतपुर वाजिदपुर, नोएडा का दौरा किया।</span></p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-3751" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190520-WA0043.jpg" alt="" width="1278" height="770" /></p>
<p><span>बच्चे भविष्य हैं और उन्हें शिक्षित करना बेहद ही महत्वपूर्ण है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, इस इनीशियेटिव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण के बारे में शिक्षित करना और जागरुकता पैदा करना था। एक इंटरैक्टिव सत्र में, बच्चों पर्यावरण प्रदूषण के कारणों और समाधान पर चर्चा करने के लिए आगे आए। उत्साह से भरे बच्चों के इस झुंड ने अपने माता-पिता को रीसाइक्लिंग, प्रदूषण और विशेष रूप से प्लास्टिक वेस्ट पर शिक्षित करने के लिए विचार भी सामने रखे। </span></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3747" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/20190520_101319.jpg" alt="" width="4032" height="2268" /></p>
<p><span>प्लास्टिक और इसके अपरिवर्तनीय नुकसान के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए, छात्रों को एक छोटा सा वीडियो दिखाया गया, जिसमें प्राकृतिक परिस्थितिकी तंत्र पर प्लास्टिक के नुकसान और उसके प्रभाव पर रोशनी डाली गई।</span></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3754" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190523-WA0029.jpg" alt="" width="1280" height="960" /></p>
<p><span> वॉलंटियर्स ने पर्यावरण के संबंध में मानव जाति के अतीत, वर्तमान और भविष्य को दिखाने के लिए एक स्किट भी तैयार किया। इसके ज़रिए विलुप्त हो जाने की गंभीर वास्तविकता को दर्शाया गया, अगर प्लास्टिक के इस्तेमाल से पड़ने वाले प्रभाव को रोकने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए जाते। इसके अलावा पर्यावरण को थीम रखते हुए- ‘पर्यावरण बचाओ’ के साथ एक पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। </span></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3749" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190520-WA0029.jpg" alt="" width="1032" height="774" /></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3753" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190523-WA0024.jpg" alt="" width="1245" height="711" /></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3750" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190520-WA0033.jpg" alt="" width="774" height="1032" /></p>
<p><span>प्रतियोगिता के विजेताओं को बेहद ही खूबसूरत पौधों देकर सम्मानित किया गया। टीम ने ईको-फ्रेंडली बैग और फूड पैकेट भी बांटे, जिन्हें खरीदारी के लिए फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है और इस तरह, इस ग्रह पर प्लास्टिक को खत्म करने के लिए पहला कदम उठाया गया। </span></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3748" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/First-prize.jpg" alt="" width="838" height="551" /></p>
<p><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-3752" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/05/IMG-20190520-WA0060.jpg" alt="" width="1032" height="581" /></p>
<p><span>सैमसंग का मानना ​​है कि कम उम्र से जनरेशन ज़ी (Gen Z) को संवेदनशील बनाने से हमारे पर्यावरण को बचाने में मदद मिल सकती है। आखिरकार, जागरुकता किसी समस्या को हल करने का पहला कदम है। तो इस पर्यावरण दिवस पर, दुनिया को एक साथ मिलकर बदलते हैं, ताकि आपके आस-पास मौजूद लोग भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर हो सकें। </span></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[SRI-N के कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए सैमसंग इंडिया ने की बिट्स पिलानी के साथ पार्टनरशिप]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-india-partners-with-bits-pilani-to-upskill-employees-at-samsung-rd-institute-in-noida</link>
				<pubDate>Mon, 19 Mar 2018 15:19:39 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/03/Pilani-Feature-e1521452914896-704x334.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[BITS Pilani]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung R&D Institute –Noida]]></category>
		<category><![CDATA[SRI-N]]></category>
		<category><![CDATA[बिट्स पिलानी]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट]]></category>
		<category><![CDATA[सैमसंग नोएडा]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट-नोएडा (एसआरआई-नोएडा) के कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए आज प्रीमियम इंजीनियरिंग इंस्‍टीट्यूट बिट्स पिलानी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए हैं। ये प्रोग्राम पूरी तरह से सैमसंग द्वारा स्पॉन्सर किया जाएगा और इसका उद्देश्‍य कर्मचारियों को थ्‍योरी और प्रेक्टिस के बीच तालमेल बनाने का अवसर देना और […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>सैमसंग इंडिया ने सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट-नोएडा (एसआरआई-नोएडा) के कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए आज प्रीमियम इंजीनियरिंग इंस्‍टीट्यूट बिट्स पिलानी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए हैं।</p>
<div id="attachment_1834" style="width: 1166px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1834" class="wp-image-1834 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2018/03/Bits-Mou.jpg" alt="" width="1156" height="1136" /><p id="caption-attachment-1834" class="wp-caption-text">एमओयू साइन करने के बाद सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्‍टर डा. सेओनघून ओह और बिट्स पिलानी के ऑफ कैम्‍पस प्रोग्राम और इंडस्‍ट्री एंगेजमेंट के डायरेक्‍टर, प्रोफेसर जी सुंदर</p></div>
<p>ये प्रोग्राम पूरी तरह से सैमसंग द्वारा स्पॉन्सर किया जाएगा और इसका उद्देश्‍य कर्मचारियों को थ्‍योरी और प्रेक्टिस के बीच तालमेल बनाने का अवसर देना और उनकी शैक्षणिक योग्‍यता को बढ़ाने का है।</p>
<p>इस इनीशियेटिव के तहत, एसआरआई-नोएडा के कर्मचारी अपने कौशल को और बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर सिस्‍टम्‍स में एम.टेम कर सकते हैं। पाठ्यक्रम में 3 सेमेस्‍टर थ्‍योरी वर्क के और एक सेमेस्‍टर थीसिस का है। कार्यक्रम के पाठ्यक्रम को एसआरआई-नोएडा के फोकस वाले विषयों रिसर्च और स्किल-डेवेलपमेंट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिनमें मशीन लर्निंग, क्‍लाउड कम्‍प्‍यूटिंग, डाटा माइनिंग, डाटा स्‍ट्रक्‍चर और एल्‍गोरिदम डिज़ाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं।</p>
<p>ये कोर्स कर्मचारियों को तकनीकी ज्ञान को मज़बूत करने में मदद करेगा और साथ ही उन्‍हें अपने करियर को आगे ले जाने के अवसर भी उपलब्‍ध कराएगा।</p>
<p>सैमसंग आरएंडडी इंस्‍टीट्यूट इंडिया-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्‍टर डा. सेओनघून ओह ने कहा, “जैसे-जैसे तकनीक विकसित हो रही है, उसकी तरह कौशल भी विकसित होना चाहिए, खासतौर से सैमसंग जैसी कंपनी के लिए जिसका उद्देश्य अगले स्‍तर के इनोवेशन लाने पर केंद्रित है। यह एमओयू तेज़ी से विकसित होते मोबाइल और कंस्यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सेक्टर्स की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए भविष्य के लिए स्किल सेट तैयार करने के हमारे दृष्टिकोण की तरह है। उपभोक्ता के बदलते व्यवहार और तकनीकी प्रगति की गहरी समझ के साथ, सैमसंग इंडिया सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ उद्देश्य का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की साझेदारियों के जरिये, हमारा लक्ष्‍य अपने कर्मचारियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और कौशल विकास उपलब्‍ध कराना है और जिससे हमारे ‘मेक फॉर इंडिया’ इनीशियेटिव को भी तेज़ी मिल सके।”</p>
<p>एसआरआई-नोएडा से हर साल 35 कर्मचारियों के एक बैच को इस 2 वर्षीय एम. टेक कार्यक्रम के लिए स्पॉन्सर किया जाएगा। कोर्स की सभी क्लासिस एसआरआई-नोएडा के कैम्पस में ही ली जाएंगी।</p>
<p>बिट्स पिलानी के ऑफ कैम्‍पस प्रोग्राम और इंडस्‍ट्री एंगेजमेंट के डायरेक्‍टर, प्रोफेसर जी सुंदर ने कहा, “एसआरआई-नोएडा के कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने और विश्‍व स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी टैलेंट पूल विकसित करने के इस समझौते से हम काफी उत्‍साहित हैं। बिट्स पिलानी का वर्क इंटिग्रेटेड लर्निंग प्रोग्राम (डब्‍ल्‍यूआईएलपी) को कार्यस्‍थल की जरूरतों के साथ शैक्षणिक सामग्री को एकीकृत कर तैयार किया गया है, और इसे उसी स्‍तर के साथ आयोजित किया जाता है जैसा कि इसे हमारे परिसर में किया जाता है।”</p>
<p>एसआरआई-नोएडा के पास एम.टेक और पीएचडी के लिए साल 2011 से ही दिल्ली टेक्‍नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) के साथ एक मौजूदा समझौता ज्ञापन भी है।</p>
<p>एसआरआई-नोएडा की स्‍थापना 2007 में मोबाइल सॉफ्टवेयर डेवेलपमेंट और परीक्षण के प्राथमिक फोकस के साथ की गई थी। यह दक्षिण-पूर्व एशिया के बाज़ारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थानीय और एडवांस्ड सॉल्यूशन्स विकसित करने में सक्रिय रूप से शामिल है और साथ ही मध्य पूर्व एशिया, उत्तरी अमेरिका (अमरीका और कनाडा), यूरोप और सीआईएस क्षेत्रों के लिए भी मॉडल विकसित करता है। सेंटर के पास मल्‍टीमीडिया, एप्‍लीकेशंस, फ्रेमवर्क, सिस्‍टम और कम्‍यूनिकेशन प्रोटोकॉल जैसे अनुसंधान एवं विकास के प्रमुख क्षेत्रों में व्‍यापक और गहन अनुभव है।</p>
<p>आरएंडडी सेंटर ने भारत के लिए कई इनोवेशन विकसित किए हैं जैसे एस-बाइक मोड, अल्‍ट्रा डाटा सेविंग मोड, सोशल कैमरा, एस सिक्‍योर और एस पावर प्‍लानिंग। इनमें से बहुत सारे इन्‍नोवेशंस ने वैश्विक बाजारों में भी अच्‍छा प्रदर्शन किया है।</p>
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