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		<title>Startups &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[अगला बड़ा आइडिया भारत में कहीं से भी आ सकता है: स्टार्टअप फाउंडर्स]]></title>
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				<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 16:07:30 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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									<description><![CDATA[अगली बड़ी कामयाबी शायद किसी ऐसी समस्या से शुरू हो सकती है जिसे कोई युवा रोज़ देखता हो: जैसे पीने का असुरक्षित पानी, पराली जलाना, बातचीत में रुकावटें या स्थानीय सेवाओं में कमी। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के फाइनलिस्ट को मेंटर करने वाले 16 स्टार्टअप फाउंडर्स का कहना है कि युवा इनोवेटर्स तेज़ी से […]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/09160349/collage-of-mentors-1000x563.jpg" alt="" class="wp-image-10846" /><figcaption class="wp-element-caption">[बाएं से दाएं] रॉबिन सिंह, संस्थापक, क्लूइक्स; समृद्धि भारद्वाज, संस्थापक, पीसी; दिशांत मिश्रा, संस्थापक, जल संसाधन और अंकित गर्ग, संस्थापक, ईमू मसाला</figcaption></figure>



<p>अगली बड़ी कामयाबी शायद किसी ऐसी समस्या से शुरू हो सकती है जिसे कोई युवा रोज़ देखता हो: जैसे पीने का असुरक्षित पानी, पराली जलाना, बातचीत में रुकावटें या स्थानीय सेवाओं में कमी।</p>



<p>‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के फाइनलिस्ट को मेंटर करने वाले 16 स्टार्टअप फाउंडर्स का कहना है कि युवा इनोवेटर्स तेज़ी से अपने अनुभव और उन लोगों की समझ का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनकी वे मदद करना चाहते हैं। इनमें अंकित गर्ग, रॉबिन सिंह, समृद्धि भारद्वाज और दिशांत मिश्रा शामिल हैं। उनका मानना ​​है कि टेक्नोलॉजी और जानकारी तक बेहतर पहुँच से भारत के छोटे शहरों और समुदायों से नए आइडिया सामने आ रहे हैं।</p>



<p>IIT दिल्ली-इन्क्यूबेटेड ‘वॉटर रिसोर्सेज़’ के फाउंडर दिशांत मिश्रा ने कहा, “वे सच में ऐसी समस्या को हल करना चाहते हैं जिससे कहीं न कहीं किसी को परेशानी हो रही हो। भले ही मार्केट छोटा दिखे, ये युवा इनोवेटर कोशिश कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं और उन समस्याओं को हल कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मार्केट बनाना दूसरा कदम होगा, और वे दूसरे कदम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शायद यही वह नया बदलाव है जो मैंने इस साल के ग्रुप में देखा है।”</p>



<p>वॉटर-क्वालिटी इंटेलिजेंस स्टार्टअप ‘Cluix’ के फाउंडर रॉबिन सिंह ने देखा है कि कैसे कोई आइडिया प्रोग्राम के बाद भी आगे बढ़ सकता है। बिहार के ग्रामीण इलाके की एक टीम, जिसे उन्होंने मेंटर किया था, ने पानी में आर्सेनिक की समस्या को दूर करने के लिए एक फिल्ट्रेशन सिस्टम बनाया, चैलेंज जीता और अपने प्रोडक्ट को कमर्शियलाइज़ भी किया।</p>



<p>सिंह ने कहा, “वे बिहार के ग्रामीण इलाके से आए थे और असल में वे देख सकते थे कि इस क्षेत्र में कोई समाधान उपलब्ध नहीं था। बहुत कम उम्र में, जब वे सिर्फ़ स्टूडेंट थे, उन्होंने एक फिल्ट्रेशन सिस्टम बनाया। उस फिल्ट्रेशन सिस्टम ने चैलेंज जीता, और अब वे प्रोडक्ट को कमर्शियलाइज़ करने की दिशा में आगे बढ़ गए हैं।”</p>



<p>इस साल, सिंह ‘SignBridge AI’ को मेंटर कर रहे हैं, जो एक ऐसी टीम है जो दिव्यांग लोगों को ज़्यादा आज़ादी से बातचीत करने में मदद करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इससे समाज में समावेशिता बढ़ती है, और हमें ऐसे समाधानों की ज़रूरत है।”</p>



<p>महिलाओं की सेहत के क्षेत्र में काम करने वाली फाउंडर समृद्धि भारद्वाज ने कहा कि टेक्नोलॉजी तक पहुँच ने भूगोल और अवसर के बीच के रिश्ते को बदल दिया है। “पूरे भारत में, टियर 2 और टियर 3 शहरों के छात्रों के पास भी अब ऐसी टेक्नोलॉजी और अनुभव (एक्सपोज़र) है जो उनके कई साथियों और सीनियर के पास नहीं था। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि जगह या लोकेशन अब कोई रुकावट है। भारत के किसी भी हिस्से से कोई भी नया और अनोखा समाधान (इनोवेटिव सॉल्यूशन) आ सकता है।”</p>



<p>क्लीन-लेबल फ़ूड ब्रांड ‘ईमू मसाले’ (EemuMasale) के फ़ाउंडर अंकित गर्ग के लिए, स्थानीय समस्याओं का महत्व उन समुदायों से कहीं आगे तक हो सकता है जहाँ वे सबसे पहले सामने आती हैं। उन्होंने कहा, “पराली जलाना कोई स्थानीय मुद्दा नहीं है। यह एक राष्ट्रीय चुनौती है जिसे हल करने के लिए वे काम कर रहे हैं। उन्होंने शायद एक ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया है जो प्रोटीन के वैकल्पिक विकल्प देकर भारत में पोषण की समस्या को भी हल कर सकता है।”</p>



<p>सिंह के अनुसार, इस साल के ग्रुप में आधे आइडिया टियर 2 और टियर 3 शहरों से आए थे। उन्होंने कहा, “टियर 2 शहरों में लोगों को जो आइडिया मिल रहे हैं, वे कभी-कभी टियर 1 शहरों में दिखने वाले आइडिया से भी बेहतर होते हैं। लोगों का अनुभव और जानकारी (एक्सपोज़र) बढ़ी है, और ऐसे आइडिया को लागू करने का तरीका भी बेहतर हुआ है।”</p>



<p>फ़ाउंडर मेंटरशिप को युवा इनोवेटर्स की मदद करने के एक तरीके के तौर पर देखते हैं, ताकि वे किसी समस्या की पहचान करने से लेकर समाधान विकसित करने और उसे टेस्ट करने तक का सफ़र तय कर सकें। ‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) फ़ाइनलिस्ट को स्टार्टअप फ़ाउंडर, एकेडेमिया और इंडस्ट्री के लोगों के साथ लाता है, और उन्हें अपने आइडिया को विकसित करने के लिए मार्गदर्शन और अवसर देता है।</p>



<p>‘सैमसंग सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो’ युवाओं के लिए सैमसंग का ग्लोबल इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम है। 2026 का एडिशन भारत में इसके पांचवें साल का प्रतीक है।</p>
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