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		<title>Tamil Nadu &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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            <title>Tamil Nadu &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सिरकाली से थेनी तक: Samsung DOST के साथ तमिलनाडु के युवा अपने पहले कदम से बड़े सपनों की ओर बढ़ रहे हैं]]></title>
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				<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 16:54:58 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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									<description><![CDATA[सिरकाली के बेनाडिक्ट एंट्रूस ने डिप्लोमा पूरा किया है। अब वह अपनी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे बचा रहे हैं और भविष्य में सेफ्टी इंजीनियर बनने के अपने सपने की ओर बढ़ रहे हैं। थेनी के मरीश्वरन पी. के लिए नौकरी का पहला अनुभव अपने परिवार का सहारा बनने का जरिया है। वहीं, डिंडीगुल […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="563" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/13165257/file_00000000c22481fa91b9d0d3ae6a0d7a-1791890267640000000-1000x563.png" alt="" class="wp-image-10855" /><figcaption class="wp-element-caption">Samsung DOST Sales: युवाओं को रिटेल क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करने की Samsung की इस प्रमुख पहल के जरिए उन्हें सीखने, काम करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है</figcaption></figure>



<p>सिरकाली के बेनाडिक्ट एंट्रूस ने डिप्लोमा पूरा किया है। अब वह अपनी आगे की पढ़ाई के लिए पैसे बचा रहे हैं और भविष्य में सेफ्टी इंजीनियर बनने के अपने सपने की ओर बढ़ रहे हैं। थेनी के मरीश्वरन पी. के लिए नौकरी का पहला अनुभव अपने परिवार का सहारा बनने का जरिया है। वहीं, डिंडीगुल के कवियारासन बी. अपने भविष्य के कारोबार की तैयारी में जुटे हैं और काम करते हुए व्यापार की बारीकियां सीख रहे हैं।</p>



<p>इन युवाओं के सपने अलग-अलग हैं, लेकिन उनकी मंजिल की ओर बढ़ने का एक रास्ता साझा है—Samsung DOST Sales। युवाओं को रिटेल क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करने की Samsung की इस प्रमुख पहल के जरिए उन्हें सीखने, काम करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है।</p>



<p>Samsung DOST का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में डिजिटल माध्यमों से सीखने के साथ-साथ वास्तविक रिटेल स्टोर में काम करने का अनुभव भी मिलता है। यहां युवा ग्राहकों से बातचीत करना, उनकी जरूरतों को समझना, उत्पादों की जानकारी देना और कामकाज की बारीकियां सीखते हैं। ये ऐसे हुनर हैं, जो उन्हें नौकरी में आगे बढ़ने के साथ-साथ जीवन में अपने बड़े सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास भी देते हैं।</p>



<p>11 अक्टूबर तक तमिलनाडु में Samsung DOST के तहत 450 से अधिक युवाओं को काम से जोड़ा जा चुका था। वर्ष 2026 में इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में 13,000 युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक देशभर में कुल 9,349 युवाओं को काम से जोड़ा जा चुका है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बेनाडिक्ट एंट्रूस: पढ़ाई से करियर तक का सफर</h2>



<p>सिरकाली के बेनाडिक्ट के लिए Samsung DOST उनके मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा और सेफ्टी इंजीनियर बनने के लंबे सफर के बीच एक अहम कड़ी बन रहा है। काम के साथ उन्हें पेशेवर दुनिया को करीब से समझने का मौका मिल रहा है। साथ ही, मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें परिवार की मदद करने और आगे की पढ़ाई के लिए बचत करने में सहारा देती है।</p>



<p>“DOST मुझे पढ़ाई से आगे बढ़कर पेशेवर दुनिया को समझने में मदद कर रहा है। यहां जो अनुभव मिल रहा है, वह मेरे लिए बहुत कीमती है। साथ ही, मिलने वाली आर्थिक सहायता से मैं अपने परिवार की मदद कर पा रहा हूं और अपने भविष्य के सपनों की दिशा में भी आगे बढ़ रहा हूं,” बेनाडिक्ट एंट्रूस ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कवियारासन बी: नौकरी से सीखकर अपना कारोबार शुरू करने का सपना</h2>



<p>डिंडीगुल के कवियारासन का सपना सब्जियों, फलों और मेवों के निर्यात का अपना कारोबार शुरू करना है। वह जानते हैं कि कारोबार खड़ा करने के लिए केवल एक अच्छा विचार ही काफी नहीं होता, बल्कि ग्राहकों को समझना और व्यापार की बारीकियां सीखना भी जरूरी है। Samsung DOST के जरिए वह इन्हीं बातों को करीब से समझ रहे हैं, ताकि आज का अनुभव कल उनके अपने कारोबार की नींव बन सके।</p>



<p>“मेरा सपना सब्जियों, फलों और मेवों के निर्यात का अपना कारोबार शुरू करना है। Samsung DOST के जरिए मैं सीख रहा हूं कि कारोबार कैसे चलता है और ग्राहकों की जरूरतों को कैसे समझा जाता है। मैं पहले रिटेल क्षेत्र में अनुभव हासिल करना चाहता हूं, ताकि आज सीखी गई बात</p>



<p><br>ताकि आज सीखी गई बातें भविष्य में अपना कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में मेरे काम आएं,” कवियारासन बी. ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मरीश्वरन पी: परिवार की खुशियों में अपना भविष्य तलाशते एक युवा</h2>



<p>थेनी के मरीश्वरन के लिए यह अवसर सिर्फ पहली नौकरी पाने तक सीमित नहीं है। उनके लिए इसका मतलब है अपने पिता का सहारा बनना, अपनी बहन का भविष्य सुरक्षित करने में मदद करना और अपने परिवार को बेहतर जीवन देना। उनके लिए काम का हर दिन अपने इन सपनों के थोड़ा और करीब पहुंचने का एक नया कदम है।</p>



<p>“Samsung DOST के साथ उठाया गया हर कदम मुझे अपने सपने के करीब ले जाता है। मैं अपने पिता का सहारा बनना चाहता हूं, अपनी बहन का भविष्य सुरक्षित करना चाहता हूं और अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी देना चाहता हूं,” मरीश्वरन पी. ने कहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">यास्मिन एस: झिझक से आत्मविश्वास तक का सफर</h2>



<p>इंटरनेशनल बिजनेस में बी.कॉम. की पढ़ाई पूरी करने के बाद यास्मिन एस. Samsung DOST से जुड़ीं। शुरुआत में उन्हें ग्राहकों से बात करने में झिझक होती थी। लेकिन रोजाना ग्राहकों से बातचीत करने और उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक उत्पादों की जानकारी देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इस अनुभव के दौरान वह Samsung के 10 से अधिक मोबाइल फोन की बिक्री पूरी करने में भी योगदान दे चुकी हैं।</p>



<p>“जब मैंने यह सफर शुरू किया था, तब लोगों से बात करने में मुझे झिझक होती थी। आज मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। हर ग्राहक से बातचीत और हर बिक्री मुझे आगे बढ़ने, कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है,” यास्मिन एस. ने कहा।</p>



<p>तमिलनाडु के इन युवाओं की कहानियां बताती हैं कि सही अवसर, व्यावहारिक प्रशिक्षण और समय पर मिलने वाला सहयोग किसी युवा के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। किसी के लिए यह आगे की पढ़ाई का रास्ता है, किसी के लिए परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का सहारा, तो किसी के लिए अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी।</p>



<p>हर बड़े सपने की शुरुआत अक्सर एक छोटे कदम से होती है। Samsung DOST के जरिए ये युवा अपनी पहली नौकरी को सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। आज वे काम के साथ सीख रहे हैं, जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और अपने सपनों को आकार दे रहे हैं, ताकि आने वाले कल में वे न सिर्फ अपने लिए, बल्कि अपने परिवार के लिए भी नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकें।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[पार्किंसंस से लेकर गड्ढों तक: तमिलनाडु के 9 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं को हल करने के लिए AI का सहारा लिया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%a2%e0%a5%8b</link>
				<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 13:13:19 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Parkinson's]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[Top 20]]></category>
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									<description><![CDATA[क्या तीन मिनट का WhatsApp वीडियो काम करने वालों को उनके काम में रुकावट डाले बिना सीखने में मदद कर सकता है? क्या कोई स्मार्टफ़ोन आने-जाने वालों को गड्ढों और पानी से भरी सड़कों के बारे में पहले ही चेतावनी दे सकता है? क्या AI-पावर्ड पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) पार्किंसंस से पीड़ित लोगों को सक्रिय […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img width="1000" height="566" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/06130848/image-1.png" alt="" class="wp-image-10810" /></figure>



<p>क्या तीन मिनट का WhatsApp वीडियो काम करने वालों को उनके काम में रुकावट डाले बिना सीखने में मदद कर सकता है? क्या कोई स्मार्टफ़ोन आने-जाने वालों को गड्ढों और पानी से भरी सड़कों के बारे में पहले ही चेतावनी दे सकता है? क्या AI-पावर्ड पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) पार्किंसंस से पीड़ित लोगों को सक्रिय और स्वतंत्र रहने में मदद कर सकता है?</p>



<p>तमिलनाडु की तीन टीमें—4 Percentage, JARVISS और Rogue—इन संभावनाओं को हकीकत में बदलने की कोशिश कर रही हैं। उनके आइडिया उन्हें Samsung Solve for Tomorrow 2026 के टॉप 20 में ले आए हैं।</p>



<p>MicroLearning AI, SafePath AI और NeuroStride के ज़रिए, चेन्नई और कोयंबटूर के नौ युवा इनोवेटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंसर और पहनने योग्य तकनीक का इस्तेमाल करके वर्कप्लेस पर सीखने, सड़क सुरक्षा और हेल्थकेयर से जुड़ी रोज़मर्रा की समस्याओं को हल कर रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शॉपफ़्लोर पर सीखना—सिर्फ़ तीन मिनट में</h2>



<p>कोयंबटूर की टीम ‘4 Percentage’ के साजिथ जे, मिथरन बी और कविन ननधा एम के के लिए चुनौती साफ़ थी: पारंपरिक ट्रेनिंग प्रोग्राम को फ़ैक्टरी और फ्रंटलाइन वर्करों के शेड्यूल में फिट करना मुश्किल हो सकता है।</p>



<p>उनका समाधान, MicroLearning AI, जटिल जानकारी को छोटे, दो-से-तीन मिनट के लर्निंग वीडियो में बदल देता है, जिन्हें WhatsApp के ज़रिए वर्करों की अपनी भाषा में भेजा जा सकता है। इस प्लेटफ़ॉर्म को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि वर्कप्लेस पर सीखना आसान हो जाए, इसे समझा और पूरा किया जा सके, और कर्मचारियों को लंबे समय तक अपने काम से दूर न जाना पड़े।</p>



<p>AI को WhatsApp की जानी-पहचानी सुविधा और क्षेत्रीय भाषा के कंटेंट के साथ मिलाकर, टीम को उम्मीद है कि वे अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ के वर्करों के लिए ट्रेनिंग को ज़्यादा प्रैक्टिकल बना पाएँगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आने-जाने वालों को सड़क के खतरों के बारे में पहले ही पता लगाने में मदद करना</h2>



<p>चेन्नई की टीम JARVISS, जिसमें संजय कुमार, जीबी अश्विन भगत और वरुण प्रसथ के शामिल हैं, SafePath AI विकसित कर रही है ताकि आने-जाने वालों को गड्ढों, पानी से भरी सड़कों और अन्य खतरों से सुरक्षित रूप से निपटने में मदद मिल सके।</p>



<p>यह प्लेटफ़ॉर्म सड़क के खतरों का पता लगाने, उनकी गंभीरता का आकलन करने और सुरक्षित रास्तों का सुझाव देने के लिए स्मार्टफ़ोन और IoT सेंसर डेटा का इस्तेमाल करता है। इसे संबंधित अधिकारियों को अलर्ट करने के लिए भी डिज़ाइन किया जा रहा है, जिससे असुरक्षित सड़क स्थितियों की तेज़ी से पहचान और समाधान की संभावना बनती है।</p>



<p>आने-जाने वालों से गड्ढे या पानी से भरे रास्ते का सामना करने के बाद प्रतिक्रिया करने के लिए कहने के बजाय, JARVISS उन्हें वहाँ पहुँचने से पहले ही उपयोगी जानकारी देना चाहता है—इस तरह रोज़मर्रा के स्मार्टफ़ोन को सुरक्षित आवाजाही के टूल में बदल रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"> पार्किंसंस से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए AI का इस्तेमाल</h2>



<p>चेन्नई की टीम ‘Rogue’ के लिए चुनौती बहुत मानवीय है: पार्किंसंस से जूझ रहे लोगों को अनचाहे कंपन (tremors) को संभालने में मदद करना, ताकि वे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़्यादा आज़ादी से काम कर सकें।<br><br>टीम के सदस्य मनोज कुमार कासिनाथन, जेना आर और क्रिसविन विलियम डी ‘NeuroStride’ बना रहे हैं। यह AI-पावर्ड पहनने योग्य डिवाइस (wearable) है जिसे पार्किंसंस के कारण होने वाले अनचाहे कंपन और जान-बूझकर की जाने वाली मांसपेशियों की हरकत के बीच फ़र्क करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह डिवाइस ज़्यादा नियंत्रित हरकत में मदद करने के लिए टारगेटेड इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन देने की कोशिश करता है।</p>



<p>टीम का बड़ा मकसद एक ऐसा आसान और नॉन-इनवेसिव (बिना सर्जरी वाला) समाधान बनाना है जो पार्किंसंस से जूझ रहे लोगों को ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ रोज़मर्रा के काम करने में मदद कर सके।</p>



<p>तमिलनाडु की ये तीन टीमें ‘Samsung Solve for Tomorrow’ के पांचवें एडिशन के तहत पूरे भारत से चुने गए 20 फ़ाइनलिस्ट में शामिल हैं। इस साल के टॉप 20 प्रतिभागियों में से आधे से ज़्यादा टियर 2 और टियर 3 शहरों से हैं, जो दिखाता है कि युवाओं के नेतृत्व वाला इनोवेशन भारत के पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से आगे बढ़ रहा है।</p>



<p>फ़ाइनलिस्ट को सैमसंग के एक्सपर्ट्स और IIT दिल्ली के ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफ़र’ (FITT) से लगातार मेंटरशिप मिलेगी। यह मदद उन्हें अपने प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने, अपने समाधानों को वेरिफ़ाई करने और प्रोडक्ट डेवलपमेंट, स्केलेबिलिटी, बिज़नेस स्ट्रैटेजी और मार्केट की तैयारी के बारे में अपनी समझ को मज़बूत करने में मदद करेगी।</p>



<p>टॉप 20 में शामिल हर टीम को प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए 1 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि हर प्रतिभागी को सैमसंग गैलेक्सी Z फ़्लिप स्मार्टफ़ोन मिलेगा। चार विजेता टीमों—हर प्रोग्राम थीम से एक—को FITT-IIT दिल्ली के ज़रिए सैमसंग से कुल मिलाकर 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा।</p>



<p>‘4 Percentage’, ‘JARVISS’ और ‘Rogue’ के लिए, नेशनल स्टेज तक पहुँचना उन समाधानों को बड़े स्तर पर ले जाने का मौका है जो घर-परिवार से जुड़ी समस्याओं से निकले हैं और जिनका असर बहुत बड़ा हो सकता है। उनका सफ़र दिखाता है कि क्रांतिकारी इनोवेशन WhatsApp वीडियो, मुश्किल सफ़र या किसी साधारण हरकत को पूरा करने के रोज़मर्रा के संघर्ष जैसी जानी-पहचानी चीज़ों से भी शुरू हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इरोड में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लेकर आया है, जिससे छात्रों को अपने आइडिया को असल दुनिया के समाधानों में बदलने में मदद मिल रही है]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%a5</link>
				<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:08:37 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Erode]]></category>
		<category><![CDATA[Solve for Tomorrow 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने इस सप्ताह इरोड में अपना प्रमुख नवाचार कार्यक्रम, सॉल्व फॉर टुमॉरो लाया, जिसमें कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज (केईसी) में 230 से अधिक छात्रों को डिजाइन सोच कौशल से लैस किया गया, जिसका उद्देश्य विचारों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान में बदलना है। कार्यशाला सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 का हिस्सा है, […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-9946 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/06/Erode-Students-Picture-e1781757682419.jpg" alt="" width="2500" height="1565" /></p>
<p>सैमसंग इंडिया ने इस सप्ताह इरोड में अपना प्रमुख नवाचार कार्यक्रम, सॉल्व फॉर टुमॉरो लाया, जिसमें कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज (केईसी) में 230 से अधिक छात्रों को डिजाइन सोच कौशल से लैस किया गया, जिसका उद्देश्य विचारों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान में बदलना है।</p>
<p>कार्यशाला सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 का हिस्सा है, जो सैमसंग इंडिया का राष्ट्रव्यापी नवाचार कार्यक्रम है जो 14-22 वर्ष की आयु के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और खेल और प्रौद्योगिकी में चुनौतियों का समाधान करते हुए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<p>पारंपरिक नवाचार कार्यक्रमों के विपरीत, जो मुख्य रूप से उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित करते हैं, डिजाइन थिंकिंग कार्यशाला ने छात्रों को पहले उन लोगों और समुदायों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनकी वे सेवा करना चाहते हैं, वास्तविक चुनौतियों की पहचान करें और यह सत्यापित करें कि प्रस्तावित समाधान वास्तविक जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं।</p>
<p>कई प्रतिभागियों के लिए, कार्यशाला ने नवाचार और उद्यमिता पर एक नया दृष्टिकोण पेश किया।</p>
<p>केईसी में प्रथम वर्ष की इंजीनियरिंग छात्रा रागमृतिका ने कहा, “नवाचार सिर्फ एक विचार के बारे में सोचने के बारे में नहीं है। यह एक वास्तविक व्यक्ति की समस्या को समझने और यह पहचानने से शुरू होता है कि किस प्रकार का समाधान वास्तव में उनकी मदद करेगा।”</p>
<p>मोहम्मद आतिफ, जिन्होंने पिछले सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो सत्र में भाग लिया था, ने कहा कि कार्यशाला ने उन्हें संभावित समाधानों का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद की और उद्यमिता में उनकी रुचि को मजबूत किया। उन्होंने कहा, “इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि कौन सा समाधान किसी समाधान को वास्तव में प्रासंगिक और प्रभावशाली बनाता है। सत्र में भाग लेने के बाद, मैं अपनी उद्यमिता यात्रा शुरू करने के लिए और अधिक प्रेरित महसूस करता हूं।”</p>
<p>इरोड कार्यशाला जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और भारत के भविष्य के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के सैमसंग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। पिछले चार संस्करणों में, तमिलनाडु के 5,000 से अधिक छात्रों ने सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो पहल में भाग लिया है, जबकि यह कार्यक्रम पूरे दक्षिणी भारत में 8,000 से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है।</p>
<p>इस साल, सैमसंग देश भर के 100 शहरों में डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित कर रहा है, जो युवा इनोवेटर्स को वैश्विक स्तर पर उद्यमियों और स्टार्टअप्स द्वारा उपयोग की जाने वाली समस्या-समाधान रूपरेखाओं, मेंटरशिप के अवसरों और नवाचार पद्धतियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम का समापन शीर्ष चार विजेता टीमों को एफआईटीटी, आईआईटी दिल्ली में 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन अनुदान प्राप्त करने के साथ होगा, जो उन्हें अपने नवाचारों को और विकसित करने और स्केल करने में सक्षम करेगा। प्रतियोगिता में आगे बढ़ने पर प्रतिभागियों को परामर्श, प्रशिक्षण और प्रोटोटाइप समर्थन भी प्राप्त होगा।</p>
<p>नवाचार और डिजाइन सोच को सीधे कक्षाओं और परिसरों में लाकर, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो युवा भारतीयों को विचारों से आगे बढ़ने और वास्तविक सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम समाधान बनाने के लिए सशक्त बनाना जारी रखता है।</p>
<p>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026 के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[क्लासरूम से करियर तक: Samsung Innovation Campus ने तमिलनाडु में 5,000 युवाओं को AI-आधारित भविष्य के लिए सर्टिफ़ाई किया]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%95-samsung-innovation-campus-%e0%a4%a8</link>
				<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:06:58 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9780 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-1.jpg" alt="" width="1600" height="977" /></p>
<p>Samsung, जो भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है, ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु में 5,000 छात्रों को उसके प्रमुख ‘Samsung Innovation Campus’ (SIC) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। यह कदम भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और राज्य के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।</p>
<p>SIC छात्रों को ज़्यादा मांग वाले क्षेत्रों — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (2,200), कोडिंग और प्रोग्रामिंग (1,700), बिग डेटा (600) और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (500) — में इंडस्ट्री से जुड़े, भविष्य की तकनीक वाले कौशल से लैस करता है। इससे वे शिक्षा से रोज़गार की ओर ज़्यादा प्रभावी ढंग से आगे बढ़ पाते हैं। इसके अलावा, यह रोज़गार पाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए ‘सॉफ्ट स्किल्स’ पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ समस्या-समाधान, संचार और कार्यस्थल की तैयारी से जुड़े मॉड्यूल भी शामिल होते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9781 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/SIC-2-e1775799411326.jpg" alt="" width="1000" height="593" /></p>
<p>इस प्रोग्राम के तहत पूरे भारत में प्रशिक्षित किए गए 20,000 युवाओं में से लगभग एक-चौथाई तमिलनाडु से हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि तमिलनाडु तकनीक, विनिर्माण और कुशल प्रतिभा के विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कितना महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि तमिलनाडु में इस प्रोग्राम में भाग लेने वालों में से 71% महिलाएं हैं। यह तकनीकी शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने में सक्षम बनाने की दिशा में हुई ज़बरदस्त प्रगति को दर्शाता है।</p>
<p>यह प्रशिक्षण और प्रमाणन राज्य के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया गया था। इनमें मद्रास विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, क्वीन मैरी कॉलेज (चेन्नई), मोहम्मद सथक एजे कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (चेन्नई) और KPR इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (कोयंबटूर) शामिल हैं।</p>
<p>Samsung दक्षिण-पश्चिम एशिया में CSR और कॉर्पोरेट संचार के प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा, “भारत की विकास गाथा को उसके युवा और कुशल वर्कफोर्स द्वारा आकार दिया जा रहा है, और इस बदलाव में तमिलनाडु एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जैसे-जैसे तकनीक उद्योगों को नया रूप दे रही है, भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। बड़े पैमाने पर डिजिटल कौशल विकसित करना — और साथ ही समावेशिता सुनिश्चित करना — भारत की विकास गति को बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी होगा। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के अवसर पर, ‘Samsung Innovation Campus’ के माध्यम से युवाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप क्षमताएं विकसित करने में सक्षम बना रहा है।”</p>
<p>यह प्रोग्राम लगातार अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है, और देश भर में 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित और प्रमाणित कर चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर, SIC में महिलाओं की भागीदारी लगभग 48% रही है। यह एक समावेशी और न्यायसंगत तकनीकी इकोसिस्टम बनाने के प्रति Samsung की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रोग्राम ESSCI और TSSC के सहयोग से, मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के ज़रिए लागू किया जाता है।</p>
<p>SIC, Samsung Solve for Tomorrow और Samsung DOST जैसी पहलों के साथ मिलकर, भारत के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद कर रहा है—जिससे युवा इनोवेटर्स को टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीखने, कुछ बनाने और भविष्य को आकार देने की शक्ति मिल रही है। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के मौके पर, Samsung शिक्षा और डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने के अपने वादे को लगातार मज़बूत कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[Samsung ने श्रीपेरुम्बुदूर और कांचीपुरम में ज़मीनी स्तर पर कौशल विकास का विस्तार किया; 200 महिलाओं को आजीविका सहायता मिलेगी।]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be</link>
				<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:51:26 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Samantha Gupta]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Bal Raksha Bharat]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Chennai Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में अपनी कम्युनिटी एंगेजमेंट को मज़बूत करते हुए, Samsung India ने आज श्रीपेरुम्बुदूर इलाके में महिलाओं के लिए एक नई स्किल डेवलपमेंट पहल की घोषणा की। इसका मकसद रोज़ी-रोटी के मौकों को बढ़ाना और स्थानीय आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। Samsung ने कांचीपुरम ज़िले के संथावल्लूर और सिरुमंगडु गांवों […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9754 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/04/Tailoring-Training-Programme-MoU-Signing.jpg" alt="" width="1000" height="646" /></p>
<p>तमिलनाडु के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में अपनी कम्युनिटी एंगेजमेंट को मज़बूत करते हुए, Samsung India ने आज श्रीपेरुम्बुदूर इलाके में महिलाओं के लिए एक नई स्किल डेवलपमेंट पहल की घोषणा की। इसका मकसद रोज़ी-रोटी के मौकों को बढ़ाना और स्थानीय आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।</p>
<p>Samsung ने कांचीपुरम ज़िले के संथावल्लूर और सिरुमंगडु गांवों की 200 महिलाओं के लिए एक व्यवस्थित वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के लिए बाल रक्षा भारत (Save the Children, India) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>यह 12 हफ़्ते का प्रोग्राम, जो अप्रैल और सितंबर 2026 के बीच होना है, प्रोफेशनल टेलरिंग में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देगा, जिसके बाद सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन भी मिलेगा। प्रोग्राम पूरा होने पर, इसमें हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सिलाई मशीनें भी मिलेंगी, जिससे वे कमाई के मौके और छोटे-मोटे बिज़नेस शुरू कर सकेंगी।</p>
<p>Samsung चेन्नई प्लांट के प्रेसिडेंट, SH Yoon ने कहा, “तमिलनाडु हमेशा से ही इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और स्किल डेवलपमेंट में सबसे आगे रहा है। Samsung में, हमें इस सोच में योगदान देने पर गर्व है। हम श्रीपेरुम्बुदूर इलाके की महिलाओं को ऐसे स्किल सिखा रहे हैं, जिनसे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपना बिज़नेस शुरू कर सकें। हमारा मकसद ज़मीनी स्तर पर लंबे समय तक चलने वाला और टिकाऊ असर डालना है, जो राज्य के सभी लोगों के लिए आर्थिक विकास के बड़े लक्ष्यों के मुताबिक हो।”</p>
<p>यह प्रोग्राम भारत में Samsung की बड़ी CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) प्रतिबद्धता का हिस्सा है। यह उन इलाकों में सभी लोगों के विकास पर Samsung के लगातार फोकस को दिखाता है, जहाँ वह काम करता है। श्रीपेरुम्बुदूर, जो तमिलनाडु के सबसे तेज़ी से बढ़ते इंडस्ट्रियल हब में से एक है, पिछले कुछ सालों में काफी बदल गया है। इस तरह की पहल का मकसद यह पक्का करना है कि स्थानीय लोगों को भी इस विकास का फायदा मिले।</p>
<p>ज़मीनी स्तर पर स्किल डेवलपमेंट और महिलाओं को सशक्त बनाने में निवेश करके, Samsung तमिलनाडु के सभी लोगों के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के बड़े सपने में योगदान दे रहा है। साथ ही, यह अपने मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के आस-पास रहने वाले लोगों के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को भी मज़बूत कर रहा है। भारत में अपने 30 साल पूरे होने के मौके पर, Samsung शिक्षा और डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मज़बूत कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[आवागमन से लेकर आत्मविश्वास तक: कैसे महिलाएं सैमसंग के चेन्नई प्लांट को मज़बूत बना रही हैं]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%86%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5</link>
				<pubDate>Wed, 04 Feb 2026 16:31:18 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/02/feature-chn.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[लोग एवं कल्चर]]></category>
		<category><![CDATA[Kancheepuram]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Chennai Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[Workplace]]></category>
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									<description><![CDATA[हर दिन सूरज उगने से पहले, कांचीपुरम ज़िले के गांवों और कस्बों में बसें निकलती हैं, जो सैकड़ों महिलाओं को तमिलनाडु के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक – सैमसंग इंडिया के चेन्नई प्लांट तक ले जाती हैं। शॉप फ्लोर पर, असेंबली लाइनों और टेस्टिंग यूनिट्स के बीच, ये महिलाएं सिर्फ़ डिवाइस बनाने […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-30721 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/01/Logo-PII.jpg" alt="" width="1462" height="348" /></p>
<p>हर दिन सूरज उगने से पहले, कांचीपुरम ज़िले के गांवों और कस्बों में बसें निकलती हैं, जो सैकड़ों महिलाओं को तमिलनाडु के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक – सैमसंग इंडिया के चेन्नई प्लांट तक ले जाती हैं।</p>
<p>शॉप फ्लोर पर, असेंबली लाइनों और टेस्टिंग यूनिट्स के बीच, ये महिलाएं सिर्फ़ डिवाइस बनाने से कहीं ज़्यादा कर रही हैं। वे भविष्य बना रही हैं।</p>
<p>इस साल भारत में सैमसंग की मौजूदगी के तीन दशक पूरे हो गए हैं – यह सफ़र अक्सर प्रोडक्ट्स, इनोवेशन और एक्सपोर्ट के रूप में मापा जाता है। लेकिन इसके चेन्नई प्लांट में एक और मील का पत्थर दिख रहा है: फ़ैक्ट्री फ्लोर को आकार देने वाली और तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग कैसी दिखती है, इसे फिर से परिभाषित करने वाली महिलाओं की बढ़ती संख्या।</p>
<p>कर्मचारी संबंध टीम का हिस्सा काव्या के लिए, यह प्लांट विकास की जगह है। साइकोलॉजी की बैकग्राउंड वाली काव्या कर्मचारियों की भलाई की पहलों पर करीब से काम करती हैं।</p>
<p>वह कहती हैं, “यहां, मैंने सीखा है और आगे बढ़ी हूं। सहकर्मी दोस्त बन जाते हैं। काम करने की जगह परिवार जैसी लगती है।”</p>
<p><div style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" src="https://img.global.news.samsung.com/in/wp-content/uploads/2026/02/cover-chennai.jpg" alt="" width="1000" height="564" /><p class="wp-caption-text">[बाएं से दाएं] सैमसंग चेन्नई प्लांट की संगीता और रेखा ने वहां एक दशक से ज़्यादा समय बिताया है।</p></div></p>
<p>संगीता, जिन्होंने प्लांट में लगभग एक दशक बिताया है, उनके लिए टर्निंग पॉइंट ट्रांसपोर्टेशन था। लंबे सफ़र का मतलब तनाव और सुरक्षा की चिंताएं होती थीं। कंपनी द्वारा व्यवस्थित डोर-टू-डोर बसों ने इसे बदल दिया।</p>
<p>वह कहती हैं, “इसने मुझे आत्मविश्वास दिया। जब यात्रा सुरक्षित होती है, तो आप अपने काम पर ध्यान दे सकते हैं।”</p>
<p>तमिलनाडु के औद्योगिक गलियारों में, सुरक्षित यात्रा चुपचाप मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं में आने वाली महिलाओं के लिए एक मुख्य मददगार बन गई है।</p>
<p>फिर विज़ुअल डिस्प्ले लाइन की रेखा हैं, जो पिछले 18 सालों से चेन्नई में सैमसंग प्लांट में काम कर रही हैं। उनकी प्रेरणा सीधी है: उनकी मां।</p>
<p>वह कहती हैं, “मैं उन्हें वह सब कुछ देना चाहती हूं जिसकी उन्होंने कभी इच्छा की थी।”</p>
<p>दो दशकों की स्थिर नौकरी ने उन्हें गरिमा के साथ अपने परिवार का समर्थन करने की अनुमति दी है – यह भावना इस क्षेत्र के कई पहली पीढ़ी के औद्योगिक श्रमिकों द्वारा दोहराई जाती है।</p>
<p>जैसे-जैसे तमिलनाडु एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, फ़ैक्ट्री फ्लोर की छवि बदल रही है। श्रीपेरंबुदूर में, महिलाएं प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल और ऑपरेशंस में हर जगह मौजूद हैं – न केवल आउटपुट में, बल्कि समुदायों में भी योगदान दे रही हैं।</p>
<p>भारत में अपने सफ़र के तीन दशक बाद, चेन्नई में कंपनी की प्रगति न केवल पैमाने में, बल्कि स्वतंत्रता, सुरक्षा और आत्मविश्वास की कहानियों में भी झलकती है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने तमिलनाडु में सैमसंग इनोवेशन कैंपस लॉन्च करने के लिए मद्रास यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप की]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%88</link>
				<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:56:18 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/01/SIC-Feature-728x409.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[big data]]></category>
		<category><![CDATA[Coding & Programming]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[University of Madras]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/49dlZNN</guid>
									<description><![CDATA[सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड ने तमिलनाडु में अपना फ्लैगशिप टेक एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) लॉन्च करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के साथ एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है – जो राज्य के युवाओं में भविष्य के लिए तैयार स्किल्स बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><div id="attachment_9364" style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-9364" class="wp-image-9364 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/01/SIC-Main.jpg" alt="" width="1000" height="562" /><p id="caption-attachment-9364" class="wp-caption-text">[बाएं से दाएं] डॉ. पीएस मंजुला, डीन, स्टूडेंट्स अफेयर्स, मद्रास यूनिवर्सिटी, शिव कक्कड़, डायरेक्टर, मैपिंग स्किल्स टेक्नोलॉजी, डॉ. एस आर्मस्ट्रांग, सदस्य, वीसी कन्वेनर कमेटी, मद्रास यूनिवर्सिटी</p></div></p>
<p>सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड ने तमिलनाडु में अपना फ्लैगशिप टेक एजुकेशन प्रोग्राम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) लॉन्च करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के साथ एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है – जो राज्य के युवाओं में भविष्य के लिए तैयार स्किल्स बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।</p>
<p>इस लॉन्च इवेंट में यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हुए, जिनमें डॉ. पी. एस. मंजुला, डीन, स्टूडेंट्स अफेयर्स; डॉ. रीता जॉन, रजिस्ट्रार; और डॉ. एस. आर्मस्ट्रांग, सदस्य, वाइस-चांसलर संयोजक समिति शामिल थे।</p>
<p>राज्य और राष्ट्रीय स्किलिंग प्राथमिकताओं के अनुरूप, सैमसंग इनोवेशन कैंपस युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में ज़रूरी स्किल्स से लैस करता है। यह प्रोग्राम अब 10 राज्यों में फैला हुआ है, जिसका लक्ष्य 2025 में देश भर में 20,000 छात्रों को अपस्किल करना है – जो पिछले साल की तुलना में छह गुना ज़्यादा है।</p>
<p>तमिलनाडु में, इस साल 5,000 छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी, जो राष्ट्रीय लक्ष्य का लगभग 25% है – यह राज्य को डिजिटल सशक्तिकरण और नौकरी के लिए तैयार टैलेंट को बढ़ावा देने में सबसे आगे रखता है। पहले चरण में, यह प्रोग्राम भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक – यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास के 500 छात्रों को ट्रेनिंग देगा, जिसके बाद इसके संबद्ध कॉलेजों के 1,500 छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी।</p>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत में 2022 में लॉन्च किया गया था और 2024 तक 6,500 छात्रों को ट्रेनिंग दी थी, और 2025 तक कुल 26,500 छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। यह अब वंचित और अर्ध-शहरी समुदायों पर विशेष ध्यान देते हुए अपने दायरे का विस्तार कर रहा है। सैमसंग ने मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (ESSCI) के साथ साझेदारी की है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर, सैमसंग इनोवेशन कैंपस में 44% महिलाओं की भागीदारी हासिल हुई है – जो समावेशी और समान स्किलिंग पर सैमसंग के फोकस को दर्शाता है। तकनीकी शिक्षा के अलावा, प्रतिभागियों को रोज़गार क्षमता और कार्यस्थल की तैयारी को मजबूत करने के लिए सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सहायता मिलती है। अपने सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो और सैमसंग दोस्त इनिशिएटिव के साथ, सैमसंग इनोवेशन कैंपस टेक्नोलॉजी को सभी के लिए सुलभ बनाने, टैलेंट पूल बनाने और भारत के युवाओं को कनेक्टेड, इनोवेशन-ड्रिवन भविष्य के लिए तैयार करने के प्रति सैमसंग की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दिखाता है।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग ने तमिलनाडु में शुरू किया ‘डिजिअरिवु’, डिजिटल और स्‍टेम (STEM) शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a5%81</link>
				<pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:20:05 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/feature-chennai.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Chennai]]></category>
		<category><![CDATA[DigiArivu]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Anbil Mahesh Poyyamozhi]]></category>
		<category><![CDATA[STEM]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के प्रमुख कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UN GCNI) के सहयोग से तमिलनाडु में डिजिटल और स्‍टेम (STEM) -यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स, शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘डिजिअरिवु – एम्पॉवरिंग स्टूडेंट्स थ्रू टेक’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कांचीपुरम और रणिपेट […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-9197 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/11/Chennai-Final.jpg" alt="" width="3560" height="2072" /></p>
<p>भारत के प्रमुख कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (UN GCNI) के सहयोग से तमिलनाडु में डिजिटल और स्‍टेम (STEM) -यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स, शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘डिजिअरिवु – एम्पॉवरिंग स्टूडेंट्स थ्रू टेक’ कार्यक्रम की शुरुआत की है।</p>
<p>कार्यक्रम के प्रथम चरण में कांचीपुरम और रणिपेट ज़िलों के 10 सरकारी स्कूलों के 3,000 से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। इस पहल के अंतर्गत सैमसंग स्कूलों की आधारभूत संरचना को उन्नत करेगा, डिजिटल तथा स्‍टेम-आधारित सीखने का माहौल विकसित करेगा, शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देगा। ‘डिजिअरिवु’ का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 ज़िलों में शिक्षा के संपूर्ण इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है।</p>
<p>यह कार्यक्रम राज्य में वास्तविक ज़मीनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके लिए यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया द्वारा सरकारी स्कूलों पर किए गए अध्ययन, सैमसंग के श्रीपेरंबुदूर विनिर्माण संयंत्र के कर्मचारियों के सुझाव और स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया को आधार बनाया गया है, ताकि हस्तक्षेप सीधे तौर पर छात्रों और स्कूलों की प्राथमिक आवश्यकताओं को संबोधित कर सके।</p>
<p>कार्यक्रम का फोकस स्कूलों के सीखने के वातावरण को बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BaLA) अवधारणा के माध्यम से उन्नत करने और छात्रों को डिजिटल लर्निंग उपकरण उपलब्ध कराने पर है। इसके अंतर्गत स्‍टेम विषयों पर गतिविधि-आधारित शिक्षण, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र, तथा विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता शामिल है।</p>
<p>सैमसंग खेल-किट प्रदान करेगा और स्कूलों में तमिल, अंग्रेज़ी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों वाली लाइब्रेरियां स्थापित करेगा। इसके साथ ही, कक्षा 12 के छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन सत्र, शिक्षा विशेषज्ञों के व्याख्यान और स्वास्थ्य जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>स्कूलों में समुदाय के साथ मिलकर महत्वपूर्ण दिनों और विशेष आयोजनों को मनाना भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिससे छात्रों में सामाजिक सहभागिता की भावना और मजबूत होगी।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ कोट्टूरपुरम स्थित अन्ना सेंचुरी लाइब्रेरी में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तमिलनाडु सरकार के माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री थिरू (श्री) डॉ. अन्बिल महेश पोय्यामोझी तथा कांचीपुरम और रणिपेट ज़िलों के जिला कलेक्टर उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने राज्य सरकार की स्‍टेम शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।</p>
<p><strong>सैमसंग चेन्नई प्लांट के प्रबंध निदेशक एस.एच. यून</strong> ने कहा, “सैमसंग का मानना है कि तकनीक तभी वास्तव में प्रभावी बनती है, जब वह युवाओं के लिए अधिक पहुंच, अधिक अवसर और अधिक आत्मविश्वास का मार्ग तैयार करे। ‘डिजिअरिवु’ के माध्यम से हम तमिलनाडु के विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा डिजिटल-सक्षम शिक्षण वातावरण बना रहे हैं, जो उन्हें भविष्य-उन्मुख कौशल विकसित करने, उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने और भारत की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल अर्थव्यवस्था में सार्थक भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा।</p>
<p>हमारा उद्देश्य केवल तकनीक उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को सशक्त बनाना, समुदायों को मजबूत बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा—अपनी किसी भी पृष्ठभूमि के बावजूद—गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सके। ‘डिजिअरिवु’ हमारे ‘पावरिंग डिजिटल इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाने और भारत के भविष्य के टैलेंट को तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”</p>
<p><strong>रत्नेश झा</strong><strong>, </strong><strong>कार्यकारी निदेशक</strong><strong>, </strong><strong>यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (</strong><strong>UN GCNI)</strong> ने कहा, “‘डिजिअरिवु’ इस बात की उत्कृष्ट मिसाल है कि जब उद्योग और समाज किसी साझा उद्देश्य के साथ एकजुट होते हैं, तो कितना प्रभावी और स्थायी बदलाव संभव होता है। UN GCNI में हमें सैमसंग के साथ मिलकर तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए स्‍टेम शिक्षा और डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर गर्व है। यह पहल वास्तव में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की भावना को आगे बढ़ाती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के डिजिटल भविष्य में कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।”</p>
<p>‘डिजिअरिवु’ के अतिरिक्त, सैमसंग तमिलनाडु में युवाओं के कौशल विकास को अपने सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) कार्यक्रम के माध्यम से भी लगातार मजबूत कर रहा है। इस वर्ष एसआईसी के अंतर्गत राज्यभर में 5,000 से अधिक छात्रों को भविष्य की मांग वाले तकनीकी क्षेत्रों—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग—में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p>यह कार्यक्रम अग्रणी प्रशिक्षण एवं स्किलिंग संस्थानों के सहयोग से लागू किया जा रहा है, ताकि तमिलनाडु के छात्र उद्योग-प्रासंगिक तकनीकी कौशल हासिल कर सकें और अपनी रोज़गार क्षमता को और अधिक बढ़ा सकें। इसके माध्यम से सैमसंग राज्य के युवाओं को तेजी से विकसित हो रही फ्यूचर-टेक अर्थव्यवस्था में करियर बनाने के लिए तैयार कर रहा है, जिससे वे बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें।</p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2025 में छह गुना विस्तार करेगा, 20 हजार भारतीय स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में मिलेगा प्रशिक्षण]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b8-2025-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82</link>
				<pubDate>Mon, 08 Sep 2025 13:55:40 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/09/SIC-Feature.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[big data]]></category>
		<category><![CDATA[Electronics Sector Skills Council of India]]></category>
		<category><![CDATA[Internet of Things]]></category>
		<category><![CDATA[National Skill Development Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[Telecom Sector Skill Council]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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									<description><![CDATA[भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग, ने आज अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) के विस्तार की घोषणा की। यह विस्‍तार भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने और सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया विजन को सपोर्ट करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-8974 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/09/SIC-Cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p>भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग, ने आज अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) के विस्तार की घोषणा की। यह विस्‍तार भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने और सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया विजन को सपोर्ट करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।</p>
<p>इस स्किलिंग कार्यक्रम का विस्तार इस साल 10 राज्यों में होगा, 2024 में इसमें चार राज्‍य शामिल थे। यह 2025 में 20,000 स्‍टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), बिग डेटा, और कोडिंग व प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करेगा, पिछले साल के 3,500 स्‍टूडेंट्स की तुलना में इसमें छह गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ, स्‍टूडेंट्स को वर्कप्‍लेस की तैयारी बढ़ाने के लिए सॉफ्ट स्किल्स में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, और योग्य उम्मीदवारों को संबंधित उद्योगों में प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाएगी।</p>
<p><strong>जेबी पार्क</strong><strong>, </strong><strong>प्रेसिडेंट और सीईओ</strong><strong>, </strong><strong>सैमसंग साउथवेस्ट एशिया</strong> ने कहा, “सैमसंग को भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार होने पर गर्व है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत सरकार के स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशन के साथ मिलकर काम करता है, ताकि तकनीक के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर खोले जा सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम भारत के युवाओं को भविष्य के लिए जरूरी कौशल सिखा रहे हैं, ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में सफल हो सकें और देश की तरक्की में योगदान दे सकें। हम खासकर उन छात्रों के लिए स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ाना चाहते हैं, जो कमजोर समुदायों से आते हैं, और सरकार के डिजिटल भारत के सपने को पूरा करने में मदद करना चाहते हैं।”</p>
<h3><strong>स्केल और समावेशन पर रणनीतिक ध्यान</strong></h3>
<p>सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई-ESSCI) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 10,000 स्‍टूडेंट्स को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा सके। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी-TSSC) के साथ एक दूसरा समझौता ज्ञापन तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में 10 <span>हजार</span> अन्य स्‍टूडेंट्स तक कार्यक्रम का विस्तार करेगा।</p>
<p>इस साल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु पर विशेष जोर होगा, जहां प्रत्येक राज्य के 5,000 छात्रों को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचकर भविष्य के तकनीकी कौशल को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि भारत के डिजिटल परिवर्तन में वंचित समुदाय पीछे न छूटें।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी), दोनों राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी-NSDC) द्वारा अनुमोदित संस्थाएं, अपने मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों और केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को लागू करेंगी। भारत में 2022 में लॉन्च होने के बाद से, सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने 6,500 स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षित किया है।</p>
<h3><strong>सैमसंग इनोवेशन कैंपस: भारत में सीएसआर का एक प्रमुख स्तंभ</strong></h3>
<p>सैमसंग इनोवेशन कैंपस, <span>सैमसंग की सीएसआर रणनीति का एक हिस्सा है</span>, <span>जिसमें सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। ये कार्यक्रम युवाओं को इनोवेशन करने और सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करते हैं। ये पहलें शिक्षा को बेहतर बनाने</span>, <span>रचनात्मकता को बढ़ाने और भारत की अगली पीढ़ी को तकनीक-संचालित भविष्य में सफल होने के लिए तैयार करने के लिए बनाई गई हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग इंडिया कोविड-19 से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड, उत्‍तर प्रदेश व तमिलनाडू को देगा 20 करोड़ रुपए की सहायता]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-19-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%a1</link>
				<pubDate>Tue, 14 Apr 2020 15:06:34 +0000</pubDate>
								<media:content url="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2019/12/Samsung-LOGO-FI-704x334.jpg" medium="image" />
				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[कॉरपोरेट]]></category>
		<category><![CDATA[Covid-19]]></category>
		<category><![CDATA[PM cares Fund]]></category>
		<category><![CDATA[Samsuing]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradresh]]></category>
                <guid isPermaLink="false">https://bit.ly/2K5NnRz</guid>
									<description><![CDATA[पिछले कुछ हफ्तों से, सैमसंग इंडिया की टीम कोविड-19 के खिलाफ जंग के लिए एक विस्‍तृत और सार्थक रणनीति बनाने के लिए विभिन्‍न सरकारों, स्‍थानीय निकायों और स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पेशेवरों के साथ मिलकर काम कर रही है। हमनें महामारी के खिलाफ अभियान में आवश्‍यक चिकित्‍सा उपकरणों के साथ अस्‍पताओं को बेहतर बनाने के जरिये नोएडा […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p>पिछले कुछ हफ्तों से, सैमसंग इंडिया की टीम कोविड-19 के खिलाफ जंग के लिए एक विस्‍तृत और सार्थक रणनीति बनाने के लिए विभिन्‍न सरकारों, स्‍थानीय निकायों और स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पेशेवरों के साथ मिलकर काम कर रही है। हमनें महामारी के खिलाफ अभियान में आवश्‍यक चिकित्‍सा उपकरणों के साथ अस्‍पताओं को बेहतर बनाने के जरिये नोएडा में स्‍थानीय प्रशासन और समुदाय का समर्थन करने की घोषणा की है।</p>
<p>कोविड-19 के खिलाफ जंग में सहयोग करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत सैमसंग ने आज भारत में केंद्र व राज्‍य सरकारों को 20 करोड़ रुपए की मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है। सैमसंग महामारी की चुनौती में देश की मदद करने के लिए पीएम केयर्स फंड में 15 करोड़ रुपए और उत्‍तर प्रदेश व तमिलनाडू राज्‍य सरकारों को 5 करोड़ रुपए का सहायता देगी।</p>
<p>इसके अलावा, संपूर्ण भारत में सैमसंग के कर्मचारी भी अपना व्‍यक्तिगत योगदान दे रहे हैं। कंपनी अपने कर्मचारियों के बराबर राशि का योगदान करेगी और कुल राशि को आने वाले हफ्तों में पीएम केयर्स फंड में दान किया जाएगा।</p>
<p>ये सभी नए उपाय नोएडा में स्‍थानीय प्रशासन और समुदाय को सैमसंग के समर्थन के अलावा हैं, जहां कंपनी ने महामारी से लड़ने में आवश्‍यक चिकित्‍सा उपकरण अस्‍पतालों को उपलब्‍ध करवाए हैं। अभी तक सैमसंग ने अस्‍पतालों को हजारों सुरक्षात्‍मक मास्‍क और व्‍यक्तिगत सुरक्षात्‍मक उपकरण (पीपीई) किट उपलब्‍ध करवाई हैं। पीपीई किट एक महत्‍वपूर्ण सुरक्षात्‍मक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल उपकरण है और प्रत्‍येक किट में सर्जन गाउन, फेस मास्‍क, दस्‍ताने, आंखों पर पहने जाने वाला सुरक्षात्‍मक चश्‍मा, हुड कैप और शू कवर शामिल होता है।</p>
<p>हम बड़ी संख्‍या में इंफ्रारेड थर्मोमीटर और पब्लिक एड्रेस सिस्‍टम उपलब्‍ध कराने के जरिये अस्‍पतालों और अन्‍य सुविधाओं में अधिकारियों का समर्थन भी कर रहे हैं। इसके साथ ही, एयर प्‍यूरीफायर्स, जो चिकित्‍सा सुविधाओं में वायु की गुणवत्‍ता को बेहतर बनाने के लिए महत्‍वपूर्ण हैं, उन को भी उपलब्‍ध कराया जा रहा है।</p>
<p>पिछले कुछ हफ्तों में<strong>,</strong> सैमसंग अपने सैमसंग स्‍मार्ट हेल्‍थकेयर सिटीजनशिप प्रोग्राम के हिस्‍से के रूप में सरकारी अस्‍पतालों में डिजिटल एक्‍स-रे और डिजिटल अल्‍ट्रासाउंड मशीन की आपूर्ति करने में तेजी लाया है। प्रोग्राम के हिस्‍से के रूप में<strong>,</strong> सैमसंग टे‍क्‍नीशियंस को प्रशिक्षण भी देता है कि कैसे इन मशीनों का इस्‍तेमाल करना है। उपकरणों की हाल ही में आपूर्ति नोएडा के एक अस्‍पताल में की गई है<strong>,</strong> जो इस क्षेत्र के लिए कोविड-19 इलाज के लिए नामित किया गया है। सैमसंग डिजिटल एक्‍स-रे और डिजिटल अल्‍ट्रासाउंड मशीन जल्‍द ही बीमारी का पता लगाने में मदद करेंगी।</p>
<p>नोएडा में<strong>,</strong> सैमसंग प्रतिदिन स्‍थानीय समाज के जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्‍ध कराने के लिए स्‍थानीय प्रशासन और स्‍थानीय पुलिस की भी मदद कर रही है।</p>
<p>सैमंसग में<strong>,</strong> हमारी प्रतिबद्धता इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़ा रहने की है। इस मुश्किल घड़ी में देश की मदद करने के लिए लोगों को सक्षम बनाने के अपने प्रयासों के तहत<strong>,</strong> पीएम केयर्स फंड में आसानी से दान देने की सुविधा प्रदान करने के लिए हमनें अपने सैमसंग पे प्‍लेटफॉर्म को अपडेट किया है। उपभोक्‍ता सैमसंग पे पर पीएम केयर्स फंड ऑप्‍शन पर क्लिक करने के जरिये पीएम केयर्स फंड में सीधे अपना योगदान दे सकते हैं।</p>
<p>भले ही हमारे सर्विस सेंटर और कस्‍टमर कॉल सेंटर पर परिचालन बंद कर दिया गया है<strong>,</strong> फि‍र भी अपने उपभोक्‍ताओं की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता अभी भी बरकरार है। हमें पूरी उम्‍मीद है कि हमारी सर्विस वैन जल्‍द ही भारत के दूर-दराज के इलाकों और आपके घर के दरवाजे पर पहुंचने के लिए दोबारा परिचालन में लौट आएंगी। तब तक<strong>,</strong> हम उपभोक्‍ताओं से अनुरोध करते हैं वे किसी भी उत्‍पाद से जुड़े सवालों के लिए हमसे हमारी ऑनलाइन लाइव चैट फीचर <a href="https://bit.ly/2wPfyRl" target="_blank" rel="noopener">https://bit.ly/2wPfyRl</a> के साथ जुड़े रहें या हमें (<a href="https://www.samsung.com/in/support/email/">https://www.samsung.com/in/support/email/</a>) पर ईमेल करें। उपभोक्‍ता अपने रिपेयर को <a href="https://www.samsung.com/in/support/your-service/track-repair/">https://www.samsung.com/in/support/your-service/track-repair/</a> पर ट्रैक कर सकते हैं।</p>
<p>सैमसंग इस लड़ाई में आगे रहकर बिना थके काम करने वाले सभी पेशेवरों को सलाम करता है।</p>
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