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		<title>TSSC &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[सैमसंग ने भारत में AI टैलेंट पाइपलाइन बनाने में मदद के लिए ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ का 2026 एडिशन लॉन्च किया]]></title>
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				<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 17:46:41 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Innovation Campus]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है। 2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ […]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1024" height="842" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/08/06174259/Main-1-1-1024x842.jpg" alt="" class="wp-image-10324" /></figure>



<p>सैमसंग इंडिया ने अपने खास CSR प्रोग्राम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (SIC) के 2026 एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी स्किल्स सिखाने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>2026 एडिशन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया’ (ESSCI) और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल’ (TSSC) के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। इन साझेदारियों के ज़रिए, सैमसंग का लक्ष्य 10 राज्यों में 20,000 युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना है, ताकि इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी AI शिक्षा तक पहुँच बढ़ाई जा सके और भारत के भविष्य के AI टैलेंट पाइपलाइन को मज़बूत किया जा सके।</p>



<p>AI दुनिया के काम करने के तरीके को बदल रहा है — हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर शिक्षा और रोज़मर्रा की सेवाओं तक। जैसे-जैसे भारत अपने AI लक्ष्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है, एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करना ज़रूरी होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग AI की ताकत का इस्तेमाल कर सकें और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकें।</p>



<p>भारत में अपने चौथे साल में, SIC 18-25 साल के युवाओं को प्रैक्टिकल AI ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, मेंटरशिप और असल दुनिया के एप्लीकेशन का अनुभव देगा। इससे वे दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में से एक में करियर के लिए तैयार हो सकेंगे।</p>



<p>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, JB पार्क ने कहा, “AI हमारे समय के सबसे बड़े मौकों में से एक है, और भारत अपने युवा टैलेंट की ताकत से इस बदलाव का नेतृत्व करने की खास स्थिति में है। इस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए सही स्किल्स विकसित करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और हर इच्छुक सीखने वाले के लिए AI शिक्षा को ज़्यादा सुलभ बनाने में लगातार निवेश की ज़रूरत होगी, चाहे वे कहीं से भी आए हों। सैमसंग में, हमारा मानना ​​है कि टेक्नोलॉजी तब सबसे ज़्यादा असर डालती है जब वह लोगों को सशक्त बनाती है। SIC के ज़रिए, हम AI टैलेंट की अगली पीढ़ी में निवेश कर रहे हैं, और युवा भारतीयों को वह ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने में मदद कर रहे हैं जो भारत की इनोवेशन यात्रा में योगदान देने के लिए ज़रूरी है। भारत में अपने 30 साल पूरे करने के मौके पर, हम देश के ग्लोबल AI लीडर बनने के विज़न का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ऐसे टैलेंट को निखार रहे हैं जो देश के भविष्य को आकार देगा।”</p>



<p>चूँकि सैमसंग भारत में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, SIC का नया एडिशन टेक्नोलॉजी टैलेंट को विकसित करने और AI और इनोवेशन के ग्लोबल हब के रूप में भारत के उभरने में मदद करने के लिए कंपनी की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है। टेक्निकल लर्निंग के अलावा, यह प्रोग्राम प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग और सहयोग की भावना को विकसित करने के लिए बनाया गया है, जिससे प्रतिभागी प्रैक्टिकल AI समाधान बना सकें और साथ ही अपने करियर के लिए तैयार हो सकें। 2022 में भारत में शुरू हुए SIC ने देश भर में 26,500 से ज़्यादा युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी है। 2025 में इस प्रोग्राम में महिलाओं की भागीदारी 48% रही, जिससे अलग-अलग बैकग्राउंड से आने वाले और सीखने के इच्छुक लोगों के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की शिक्षा ज़्यादा आसान हो गई।</p>



<p>SIC, भारत के इनोवेशन और स्किलिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने के सैमसंग के बड़े कमिटमेंट का हिस्सा है। ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (जो युवा इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को आगे बढ़ाता है) और ‘सैमसंग DOST’ (जो सेल्स और टेक्निकल सर्विस रोल के लिए इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट तैयार करता है) जैसे प्रोग्राम के साथ-साथ, सैमसंग ऐसे स्किल्स, क्षमताएं और इनोवेशन वाली सोच विकसित करने में निवेश करना जारी रखे हुए है जो भारत के AI-आधारित भविष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।</p>
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				<title><![CDATA[कैसे सैमसंग DOST बना गुजरात के युवाओं का सच्चा साथी]]></title>
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				<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 12:07:27 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[ESSCI]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Dost]]></category>
		<category><![CDATA[Skills Training]]></category>
		<category><![CDATA[TSSC]]></category>
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									<description><![CDATA[गुजरात की रौनक भरी गलियों और दूर-दराज़ कस्बों में इन दिनों आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बदलते सपनों की कहानी लिखी जा रही है। यह कहानी मोबाइल रिटेल स्टोर्स, ट्रेनिंग क्लासरूम और उन घरों में जन्म ले रही है जहाँ कभी सपनों को किनारे रख दिया जाता था। इस बदलाव के केंद्र में है सैमसंग DOST—एक ऐसी […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><div id="attachment_9002" style="width: 1010px" class="wp-caption aligncenter"><img aria-describedby="caption-attachment-9002" class="wp-image-9002 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2025/09/dost.jpg" alt="" width="1000" height="564" /><p id="caption-attachment-9002" class="wp-caption-text">अशोक, फैजान और प्रियांशु (L-R)</p></div></p>
<p>गुजरात की रौनक भरी गलियों और दूर-दराज़ कस्बों में इन दिनों आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बदलते सपनों की कहानी लिखी जा रही है। यह कहानी मोबाइल रिटेल स्टोर्स, ट्रेनिंग क्लासरूम और उन घरों में जन्म ले रही है जहाँ कभी सपनों को किनारे रख दिया जाता था। इस बदलाव के केंद्र में है सैमसंग DOST—एक ऐसी पहल जिसने युवाओं को रोज़गार के लिए तैयार करने और उनके भीतर छिपी संभावनाओं को उजागर करने का संकल्प लिया है।</p>
<p>सैमसंग DOST युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल की दुनिया में काम करने का हुनर सिखाता है। इसमें ग्राहक से संवाद करना, प्रोडक्ट समझाना, इन्वेंटरी संभालना और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहना जैसी कई अहम बातें शामिल हैं। पर असल मायने में यह कार्यक्रम युवाओं को केवल कौशल ही नहीं देता, बल्कि आत्मविश्वास और गरिमा से जीने का हौसला भी देता है।</p>
<p>सूरत की ही मिसाल लें, जो हीरे और कपड़े के लिए मशहूर है। अब यह शहर हुनरमंद रिटेल प्रोफेशनल्स भी तैयार कर रहा है। यहाँ अशोक, फैज़ान और प्रियांशु जैसे युवा पहले संकोच में रहते थे। अशोक शांत स्वभाव का था, लेकिन ग्राहकों से बात करने में हिचकता था। फैज़ान, जो स्कूल से अभी-अभी निकला था, काम तो करना चाहता था पर बातचीत आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास नहीं था। प्रियांशु में मेहनत की कोई कमी नहीं थी, पर वह नहीं जानता था कि अपनी ऊर्जा को सही दिशा में कैसे लगाए। इसी तरह, मंडवी के रामज़ान अली की कहानी भी अलग थी। घर की सारी ज़िम्मेदारी उसके कंधों पर थी, लेकिन आगे बढ़ने के लिए उसके पास ज़रूरी साधन और कौशल नहीं थे।</p>
<p>यहीं पर सैमसंग DOST उनके जीवन का मोड़ साबित हुआ। 120 घंटे का यह प्रशिक्षण सिर्फ़ रिटेल स्किल्स सिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा सफ़र बन गया जिसने उनकी पहचान बदल दी। इन युवाओं ने सीखा कि ग्राहकों को केवल खरीदार न समझें, बल्कि उन्हें एक रिश्ते की तरह देखें। उन्होंने सुना, समझा, और साफ़-साफ़ बोलना सीखा। समस्याओं का समाधान ढूँढना सीखा। और सबसे बढ़कर, उन्होंने यह जाना कि उनकी सोच मायने रखती है और उनकी मौजूदगी किसी भी माहौल में पेशेवराना ढंग से महसूस की जा सकती है।</p>
<p>आज अशोक जय भैरूनाथ मोबाइल में काम करता है और परिवार का सहारा है। फैज़ान सैमसंग एक्सपीरियंस स्टोर में ग्राहकों को सहज महसूस कराता है। प्रियांशु राजस्थान मोबाइल्स में न केवल बेहतर काम कर रहा है बल्कि नए कर्मचारियों की मदद भी करता है। और मंडवी का रामज़ान, जो कभी चुपचाप रहने वाला लड़का था, आज ज़मज़म मोबाइल्स में सबसे भरोसेमंद प्रोफेशनल बन चुका है। उसकी कामयाबी देखकर उसके पिता, आज गर्व से कहते हैं कि मेहनत और अवसर साथ आएं तो ज़िंदगी सचमुच बदल जाती है।</p>
<p>ये कहानियाँ हमें बताती हैं कि भारत के युवाओं में न तो सपनों की कमी है और न ही मेहनत की। उन्हें बस एक मंच और थोड़े भरोसे की ज़रूरत है। सैमसंग DOST जैसे कार्यक्रम उन्हें वही मंच और भरोसा देते हैं। यह पहल केवल रोज़गार और शिक्षा का सहारा नहीं है, बल्कि युवाओं को यह एहसास कराती है कि वे भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।</p>
<p>जब युवाओं को सही साधन और भरोसा मिलता है, तो वे केवल नौकरियाँ नहीं करते, बल्कि बदलाव की बागडोर अपने हाथ में लेते हैं और भविष्य की दिशा तय करते हैं। यही असली ताक़त है सैमसंग DOST की—एक ऐसा साथी जो सचमुच युवाओं का सच्चा दोस्त बन गया है।</p>
<p>दूरसंचार क्षेत्र कौशल परिषद (TSSC) और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद (ESSCI), राष्ट्रीय कौशल परिषदें हैं जो युवाओं को दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में नौकरियों के लिए तैयार करने पर केंद्रित हैं। ये ज़रूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करती हैं और पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को प्रमाणित करती हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को आज के बाज़ार के लिए सही कौशल के साथ नौकरी के लिए तैयार करना है।</p>
<p>प्रशिक्षण भागीदारों के रूप में, TSSC और ESSCI इस कार्यक्रम के तहत कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों के मार्गदर्शन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये पाठ्यक्रम तैयार करते हैं, विशेषज्ञ प्रशिक्षक प्रदान करते हैं, और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक शिक्षा के साथ-साथ मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी प्राप्त हों। इस सहायता के माध्यम से, ये युवाओं को दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में बेहतर नौकरियों और करियर के अवसरों को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास और कौशल विकसित करने में मदद करते हैं।</p>
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