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		<title>UNDP &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[Generation17 के युवा लीडर्स से मिलिए: सौम्या डबरीवाल की कहानी]]></title>
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				<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 10:31:52 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[मोबाइल फोन]]></category>
		<category><![CDATA[Generation17]]></category>
		<category><![CDATA[Global Goals]]></category>
		<category><![CDATA[UNDP]]></category>
		<category><![CDATA[Young Leaders]]></category>
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									<description><![CDATA[सौम्या डाबरीवाल ‘जेनरेशन17’ की सदस्य हैं। यह सैमसंग और यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की एक पार्टनरशिप है, जो ‘ग्लोबल गोल्स’ (वैश्विक लक्ष्यों) में योगदान देने वाले युवाओं को सशक्त बनाती है। 2020 से, इस पहल ने दुनिया भर के युवा लीडर्स को सैमसंग गैलेक्सी टेक्नोलॉजी, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के मौके दिए हैं, ताकि वे […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[
<p>सौम्या डाबरीवाल ‘जेनरेशन17’ की सदस्य हैं। यह सैमसंग और यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की एक पार्टनरशिप है, जो ‘ग्लोबल गोल्स’ (वैश्विक लक्ष्यों) में योगदान देने वाले युवाओं को सशक्त बनाती है।</p>



<p>2020 से, इस पहल ने दुनिया भर के युवा लीडर्स को सैमसंग गैलेक्सी टेक्नोलॉजी, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के मौके दिए हैं, ताकि वे अपनी कहानियों और समाधानों को और लोगों तक पहुँचा सकें।</p>



<p>जब सौम्या डाबरीवाल 21 साल की थीं और भारत और घाना के गांवों में मैथ टीचर के तौर पर वॉलंटियरिंग कर रही थीं, तब उन्होंने एक ऐसी बात देखी जिसे वे समझ नहीं पा रही थीं। लड़कों की तुलना में लड़कियाँ क्लास से ज़्यादा गैर-हाज़िर रहती थीं — यहाँ तक कि एक ही घर के भाई-बहनों में भी ऐसा होता था; भाई तो स्कूल आता था, लेकिन बहन घर पर ही रहती थी।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe title="Meet the Generation17 Young Leaders: The Story of Soumya Dabriwal | Samsung" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/UAgKjWnCm84?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
</div></figure>



<p>जब सौम्या ने पूछा, तो किसी ने इसका कारण नहीं बताया। उन्हें असलियत तब पता चली जब स्टूडेंट्स ने उन्हें गर्मी में पानी न पीने की सलाह दी, क्योंकि स्कूल में टॉयलेट नहीं थे। जल्द ही यह बात साफ़ हो गई: बुनियादी सुविधाओं के बिना, लड़कियों के पास पीरियड्स के दौरान स्कूल न जाने के अलावा कोई चारा नहीं था।</p>



<p>उन्होंने इस पर रिसर्च शुरू की और पाया कि दुनिया भर में लड़कियों के पास स्कूल में बने रहने और अपने सपने पूरे करने के लिए ज़रूरी हेल्थ एजुकेशन, सपोर्ट और रिसोर्स की कमी थी। सौम्या कहती हैं, “मैं बहुत परेशान और निराश थी। यह बात गलत लगती थी कि बायोलॉजी की वजह से लड़कियां अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं।” “किसी और के कदम उठाने का इंतज़ार करने के बजाय, मैंने इस समस्या को हल करने की ठान ली।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">टेक्नोलॉजी पर आधारित, महिलाओं के नेतृत्व में</h2>



<p>2017 में, उन्होंने ‘प्रोजेक्ट बाला’ (जिसका हिंदी में मतलब है ‘छोटी लड़की’) की शुरुआत की। यह एक सोशल एंटरप्राइज़ है जो नए और अनोखे तरीकों से पीरियड्स के दौरान साफ़-सफ़ाई और रिप्रोडक्टिव हेल्थ (प्रजनन स्वास्थ्य) तक पहुँच की समस्या को हल करता है। इसका मकसद अच्छी शिक्षा (गोल 4), अच्छी सेहत और भलाई (गोल 3), जेंडर इक्वालिटी या लैंगिक समानता (गोल 5), और अच्छे काम और आर्थिक विकास (गोल 8) के लिए UN के ग्लोबल लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02143826/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main1.jpg" alt="Community workshops are at the heart of Baala's approach, combining education with open conversations that help break long-standing taboos." class="wp-image-177002" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ बाला (Baala) के काम करने के तरीके में कम्युनिटी वर्कशॉप अहम हैं। इनमें शिक्षा के साथ-साथ खुलकर बातचीत भी की जाती है, जिससे लंबे समय से चली आ रही वर्जनाओं को तोड़ने में मदद मिलती है।</figcaption></figure></div>


<p>सौम्या ने ऐसी वर्कशॉप्स शुरू कीं जिनमें लड़कियां अपने शरीर और सेहत के बारे में सीखती थीं। लेकिन सिर्फ़ शिक्षा ही काफ़ी नहीं थी। किफ़ायती और लंबे समय तक चलने वाले फ़ेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स न मिल पाने के कारण लड़कियां अब भी स्कूल नहीं जा पाती थीं। जब बाज़ार में उनकी ज़रूरतों को पूरा करने वाला कोई प्रोडक्ट नहीं मिला, तो सौम्या ने घर पर मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल करके एक प्रोटोटाइप बनाया। इस तरह एक साधारण से विचार को एक ऐसे समाधान में बदल दिया जो आज लाखों लड़कियों तक पहुँच रहा है।</p>



<p>इसके बाद, उन्होंने और उनकी बढ़ती टीम ने स्थानीय महिलाओं को हेल्थ एजुकेशन और फ़ेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स पहुँचाने की ट्रेनिंग देना शुरू किया। ‘बाला बॉसेस’ (Baala Bosses) के नाम से जानी जाने वाली ये महिलाएँ पैसे भी कमाती हैं—अक्सर अपनी ज़िंदगी में पहली बार—और साथ ही अपने परिवार की मदद करने के साथ-साथ कम्युनिटी लीडर के तौर पर अपना आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।</p>



<p>बाला (Baala) के विकास में टेक्नोलॉजी ने अहम भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया इस संस्था को दुनिया भर की महिलाओं और लड़कियों से जोड़ता है, जबकि ऑनलाइन ट्रेनिंग की वजह से बाला बॉसेस कहीं भी रहकर सीख सकती हैं और जानकारी साझा कर सकती हैं। डिजिटल फ़ील्ड डेटा टीम को अपने असर को मापने और अपने प्रोग्राम्स को लगातार बेहतर बनाने में मदद करता है। सौम्या कहती हैं, “टेक्नोलॉजी ने हमें बड़े स्तर पर काम करने और उन लोगों तक पहुँचने में सचमुच मदद की है, जिन तक हम शायद कभी नहीं पहुँच पाते।”</p>



<p>पिछले आठ सालों में, बाला ने 4,500 से ज़्यादा बाला बॉसेस को ट्रेनिंग दी है, 18 लाख महिलाओं और लड़कियों तक पहुँची है, महिलाओं की सेहत से जुड़ी झिझक या शर्म को दूर करने के लिए 10,000 से ज़्यादा पुरुषों को शामिल किया है, और ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों के साथ 260 से ज़्यादा साझेदारियों के ज़रिए 51 लाख दोबारा इस्तेमाल होने वाले पीरियड प्रोडक्ट्स बांटे हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02144054/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main2.jpg" alt="Soumya and the Baala team meet at their Delhi office to review insights from the field and plan future initiatives." class="wp-image-177003" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ सौम्या और बाला टीम क्षेत्र से प्राप्त जानकारी की समीक्षा करने और भविष्य की पहल की योजना बनाने के लिए अपने दिल्ली कार्यालय में मिलते हैं।</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">महिलाओं की सेहत के लिए एक आंदोलन खड़ा करना</h2>



<p>‘बाला’ (Baala) को खड़ा करना आसान नहीं था। सौम्या को हर स्तर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा—लोगों को यह यकीन दिलाने से लेकर कि एक युवा महिला फाउंडर को गंभीरता से लिया जाए, और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक वर्जनाओं (taboos) का सामना करने तक। इन अनुभवों ने उनके इस विश्वास को और पक्का किया कि स्थायी बदलाव समुदायों के भीतर से ही आना चाहिए।</p>



<p>आज, ‘बाला बॉसेस’ (Baala Bosses) अपने-अपने इलाकों में परिवारों को जागरूक करके, दूसरों के लिए मौके बनाकर और अगली पीढ़ी को प्रेरित करके बदलाव ला रही हैं। सौम्या कहती हैं, “जो महिलाएं कभी अपना चेहरा ढंककर रखती थीं, वे अब खुलेआम अपने बाल लहराते हुए चलती हैं और इस विषय पर खुलकर बात करती हैं।” “कुछ महिलाएं कम्युनिटी लीडर बनती हैं। कुछ एंटरप्रेन्योर बनती हैं। कुछ हेल्थ मोबिलाइज़र बनती हैं। तो कुछ टीचर बनती हैं।”</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img src="https://img.global.news.samsung.com/global/wp-content/uploads/2026/09/02144417/Samsung-Mobile-Generation17-Global-Goals-Soumya-Dabriwal_Main3.jpg" alt="Participants gather for a photo following one of Baala's community workshops in northern India." class="wp-image-177004" /><figcaption class="wp-element-caption">▲ उत्तरी भारत में बाला (Baala) के कम्युनिटी वर्कशॉप में से एक के बाद प्रतिभागी फ़ोटो के लिए इकट्ठा हुए।</figcaption></figure></div>


<h2 class="wp-block-heading">महिलाओं की सेहत, अधिकारों और मौकों को बढ़ावा देना</h2>



<p>30 साल की सौम्या का सपना है कि वह ‘बाला’ (Baala) के असर को और बढ़ाती रहें। उन्हें उम्मीद है कि 2030 तक वे प्रोडक्ट में नए बदलाव, बेहतर शिक्षा और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों के ज़रिए दुनिया भर की 1 करोड़ महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच पाएँगी।</p>



<p>इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए, उनकी टीम ने ‘बाला एक्शन लैब’ शुरू किया। यह एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जो दुनिया भर में महिलाओं की सेहत को बेहतर बनाने के लिए यूनिवर्सिटीज़ के साथ मिलकर काम करता है। यह पहल महिलाओं की सेहत से जुड़ी बेहतर पॉलिसी और निवेश के लिए एकेडमिक रिसर्च और असल दुनिया के सबूतों को एक साथ लाती है।</p>



<p>सौम्या का कहना है कि कामयाबी का असली पैमाना वह दिन होगा जब ‘बाला’ की ज़रूरत ही न रहे — यानी जब महिलाओं और लड़कियों के पास खुद आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी जानकारी, मौके और सपोर्ट हो।</p>



<p>तब तक, वह लगातार अपना काम करती रहती हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
																				</item>
					<item>
				<title><![CDATA[सैमसंग और यूएनडीपी ने भारत के लिए ग्‍लोबल गोल्‍स ऐप को किया अपडेट, अब आप अपने गैलेक्‍सी डिवाइस से सीधे कर सकते हैं सामाजिक कार्यों में योगदान]]></title>
				<link>https://news.samsung.com/bharat/samsung-global-goals-app-to-support-undp-sustainability-goals-in-india</link>
				<pubDate>Wed, 13 Oct 2021 12:35:41 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
						<category><![CDATA[प्रेस रिलीज़]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल इम्पैक्ट]]></category>
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		<category><![CDATA[Samsung Global Goals]]></category>
		<category><![CDATA[Samsung Global Goals App]]></category>
		<category><![CDATA[UNDP]]></category>
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									<description><![CDATA[सैमसंग इंडिया और संयुक्‍त राष्‍ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने एक अपडेटेड सैमसंग ग्‍लोबल गोल्‍स (एसजीजी) ऐप पेश करने की घोषणा की है जो भारतीय गैलेक्‍सी स्‍मार्टफोन यूजर्स को भारत की विशिष्‍ट परियोजनाओं, जो उनके लिए अधिक मायने रखती हैं, के लिए दान करने में सशक्‍त बनाएगा। सभी परियोजनाएं उन कारणों से जुड़ी हुई हैं जो […]]]></description>
																<content:encoded><![CDATA[<p><img class="aligncenter wp-image-7030 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2021/10/Alia-Bhatt.jpg" alt="" width="1080" height="720" /></p>
<p>सैमसंग इंडिया और संयुक्‍त राष्‍ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने एक अपडेटेड सैमसंग ग्‍लोबल गोल्‍स (एसजीजी) ऐप पेश करने की घोषणा की है जो भारतीय गैलेक्‍सी स्‍मार्टफोन यूजर्स को भारत की विशिष्‍ट परियोजनाओं, <span>जो उनके लिए अधिक मायने रखती हैं</span>, <span>के लिए दान करने में सशक्‍त बनाएगा। सभी परियोजनाएं उन कारणों से जुड़ी हुई हैं जो संयुक्‍त राष्‍ट्र सतत विकास लक्ष्‍यों (एसडीजी) या वैश्विक लक्ष्‍यों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। वैश्विक लक्ष्‍य दुनियाभर की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान करते हैं</span>, <span>जिनमें शामिल हैं असमानता</span>, <span>जलवायु और पर्यावरणीय गिरावट और शिक्षा से जुड़े मामले। </span></p>
<p>अपडेटेड एसजीजी ऐप के साथ<strong>, </strong>भारत में गैलेक्‍सी यूजर्स अब यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग कर परियोजनाओं के लिए दान कर सकेंगे। इन परियोजनाओं में युवा महिलाओं को शिक्षित करना<strong>, </strong>स्‍कूली बच्‍चों को खाना खिलाना<strong>, </strong>बाल अधिकारों की रक्षा करना<strong>, </strong>गरीबी के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करना और कोविड-19 से प्रभावित पीडि़त परिवारों के नुकसान को कम करने में मदद करना शामिल है। वैश्विक लक्ष्‍यों का समर्थन करने वाली ऐप पर सूचीबद्ध परियोजनाएं हैं<strong>, </strong>गरीबी उन्‍मूलन (लक्ष्‍य 1)<strong>, </strong>शून्‍य भुखमरी (लक्ष्‍य 2)<strong>, </strong>अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य और कल्‍याण (लक्ष्‍य 3)<strong>, </strong>गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा (लक्ष्‍य 4)<strong>, </strong>स्‍वच्‍छ जल और स्‍वच्‍छता (लक्ष्‍य 6)<strong>, </strong>सतत शहर और समुदाय (लक्ष्‍य 11) और जिम्‍मेदार उपभोग और उत्‍पादन (लक्ष्‍य 12)।</p>
<p>गैलेक्‍सी यूजर्स शीघ्र ही भारत में यूएनडीपी परियोजनाओं<strong>, </strong>जैसे वार्लीफोक पेंटिंग्‍स पर काम करने वाली महिला कारीगरों का समर्थन करना<strong>, </strong>सफाई साथियों की मदद करना जो फ्रंटलाइन सेनीटेशन कार्यकर्ता हैं<strong>, </strong>हिमालय में हिम तेंदुओं का संरक्षण<strong>, </strong>जो दुनिया की सबसे दुर्लभ बिल्लियों में से एक है<strong>, </strong>और कोविड-19 महामारी से प्रभावित लोगों के जीवन और आजीविका के लिए मदद करना<strong>, </strong>में भी योगदान करने में सक्षम होंगे। वैश्विक लक्ष्‍यों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए<strong>, </strong>सैमसंग की गैलेक्‍सी जेड सीरीज के फोल्‍डेबल स्‍मार्टफोंस का इस्‍तेमाल करने वाली अभिनेत्री आलिया भट्ट सैमसंग इंडिया के साथ मिलकर काम करेंगी और एसजीजी ऐप के माध्‍यम से भारत से संबंधिक कार्यों में योगदान देने के लिए फोल्‍डेबल डिवाइस का उपयोग करेंगी।</p>
<p>सैमसंग की यह सतत पहल वैश्विक लक्ष्‍यों की प्राप्ति के लिए लोगों को एक साथ लाने में मदद करेगी। सैमसंग गैलेक्‍सी यूजर्स को छोटे व्‍यक्तिगत कदम उठाने के जरिये एक प्रभाव पैदा करने के लिए प्रोत्‍साहित कर रहा है<strong>, </strong>जो एक सार्थक सामूहिक बदलाव को आगे बढ़ाता है और एक बेहतर सामाजिक भलाई का लक्ष्‍य हासिल करता है। यह नई पीढ़ी और युवाओं के एक बड़े समूह को सशक्‍त बनाता है<strong>, </strong>जिनके लिए समाज को वापस देना जीवन जीने का एक तरीका है और इसका लक्ष्‍य उन्‍हें एसडीजी की वकालत करने के लिए तैयार करना है।</p>
<p><img class="aligncenter wp-image-7031 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2021/10/alia-cover.jpg" alt="" width="1000" height="564" /></p>
<p><strong>आलिया भट्ट </strong>ने कहा<strong>, </strong><strong><em>“</em></strong><em>वैश्विक लक्ष्‍यों में योगदान करने के लिए लोगों को आसान पहुंच उपलब्‍ध कराने में मदद करने और टेक्‍नोलॉजी की मदद से एक बदलाव लाने में सक्षम बनाने के लिए सैमसंग के साथ काम करने पर मुझे गर्व है। सैमसंग के साथ यह भागीदारी मदद करने का एक सामूहिक प्रयास है। मुझे पूरा भरोसा है कि साथ मिलकर हम सैमसंग ग्‍लोबल गोल्‍स ऐप के माध्‍यम से भारत संबंधि‍त परियोजनाओं को दान दिए जाने वाले धन को जुटाने के लिए अपने संसाधनों और बड़े पैमाने पर किए जा रहे प्रयासों का भरपूर फायदा उठाएंगे।</em><strong><em>”</em></strong></p>
<p><strong>पार्था<span> घोष</span>, <span>वाइस प्रेसिडेंट एंड हेड</span>, <span>कॉरपोरेट सिटिजनशिप</span>, <span>सैमसंग इंडिया</span>, </strong>ने कहा, <em>“</em><em>सैमसंग में</em><em>, </em><em>हम दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों का समाधान करने के लिए टेक्‍नोलॉजी की ताकत का उपयोग करने पर विश्‍वास करते हैं। अपडेटेड सैमसंग ग्‍लोबल गोल्‍स ऐप भारत में गैलेक्‍सी स्‍मार्टफोन यूजर्स</em><em>, </em><em>जेन जी और मिलेनिअल यूजर्स सहित</em><em>, </em><em>को वैश्विक लक्ष्‍यों के बारे में जानने और जो उनके लिए सबसे महत्‍वपूर्ण हैं उन कार्यों को भारत में समर्थन करने के लिए एक आसान माध्‍यम उपलब्‍ध कराएगा। ऐप हमारे दृष्टिकोण </em><em>#PoweringDigitalIndia</em> <em>को आगे बढ़ाएगा</em><strong><em>, </em></strong><em>जिसका लक्ष्‍य युवा भारत की अगली पीढ़ी को सशक्‍त बनाना है।</em><strong><em>”</em></strong></p>
<p><strong>यूएनडीपी इंडिया के रेजिडेंट रिप्रजेंटेटिव शोको नोडा</strong> ने कहा <em>“</em><em>यूएनडीपी और सैमसंग के बीच यह साझेदारी सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल को हासिल करने के लिए भारत के अधिक से अधिक लोगों को व्यक्तिगत रूप से काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। सामूहिक प्रभाव लाने में इस तरह के तकनीकी इनोवेशन बेहद जरूरी हैं। ये इनोवेशन भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और अधिक सुरक्षित धरती छोड़ कर जाने में हमारी मदद करेंगे।</em><em>”</em></p>
<p>सैमसंग ग्लोबल गोल्स ऐप, <span>एक एजुकेशन और दान-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है। यह यूजर्स को वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने और उन्हें समर्थन करने के लिए कई तरीके प्रदान करता है। यूएनडीपी के लिए कमाई करने के लिए यूजर्स छोटे विज्ञापनों के साथ जुड़ सकते हैं और फोन चार्ज करते समय विज्ञापन-आय बढ़ाने के लिए वॉलपेपर का उपयोग कर सकते हैं। इन छोटे प्रयासों को अधिक असरदार बनाने में मदद करने के लिए</span>, <span>सैमसंग इन-ऐप विज्ञापनों के माध्यम से सभी आय का मिलान<br />
करता है।</span></p>
<p>17 <span>वैश्विक लक्ष्यों को वर्ष </span>2015 <span>में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा निर्धारित किया गया था। दुनिया की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए विश्व के प्रमुख नेताओं ने इस पर सहमति व्यक्त की थी। ये </span>17 <span>परस्पर जुड़े लक्ष्यों का एक समूह है जो </span>2030 <span>तक सभी के लिए एक बेहतर भविष्य प्राप्त करने की एक रूपरेखा प्रदान करता है।</span></p>
<p>सैमसंग ग्लोबल गोल्स ऐप, <span>जो </span>2019 <span>में सैमसंग और यूएनडीपी के बीच साझेदारी के रूप में अस्तित्व में आया। यह वैश्विक लक्ष्यों को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद करने के आसान तरीके प्रदान करता है। ऐप लोगों को प्रत्यक्ष रूप से दान करने या सिर्फ किसी विज्ञापन को एंगेज़ करने जैसी आसान चीज़ के माध्यम से परिवर्तन लाने में मदद करता है।</span></p>
<p>सैमसंग ग्लोबल गोल्स ऐप वर्तमान में दुनिया भर में 170 <span>मिलियन डिवाइस में इंस्टॉल किया जा चुका है। इसके साथ ही यह दुनिया का सबसे बड़ा चैरिटी ऐप बन गया है। अब तक</span>, <span>ऐप ने वैश्विक लक्ष्यों के लिए </span>15 लाख अमरीकी डॉलर जुटाने में मदद की है।</p>
<p>सैमसंग ग्लोबल गोल्स ऐप डाउनलोड करें : <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.samsung.sree&hl=en_IN&gl=US">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.samsung.sree&hl=en_IN&gl=US</a></p>
<p><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-6407 size-full" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2021/05/PDI-New.jpg" alt="" width="1251" height="433" /></p>
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