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		<title>Winners &#8211; Samsung Newsroom भारत</title>
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		<description>What's New on Samsung Newsroom</description>
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				<title><![CDATA[‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ में चार टीमों ने ₹2 करोड़ जीते]]></title>
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				<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 11:28:54 +0000</pubDate>
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				<dc:creator><![CDATA[Malay anil]]></dc:creator>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img width="1000" height="550" src="https://img.global.news.samsung.com/bharat/wp-content/uploads/2026/10/16112208/SFT-Grand-Finale-Winners-1000x550.jpg" alt="" class="wp-image-10883" /><figcaption class="wp-element-caption">(बाएं से दाएं) सैमसंग SWA के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी; सैमसंग SWA के कॉर्पोरेट VP SP चन; MeitY के संयुक्त सचिव सुशील पाल; सैमसंग SWA के अध्यक्ष और CEO JB पार्क; UN रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर; और सैमसंग SWA के CFO जेसन म्युंग, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के विजेताओं के साथ</figcaption></figure>



<p>सैमसंग इंडिया ने आज ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के विजेताओं की घोषणा की। इस साल इसमें 28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 648 शहरों से प्रविष्टियां (entries) प्राप्त हुईं। नई दिल्ली में आयोजित ग्रैंड फिनाले में, चार टीमों ने सैमसंग से कुल 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट जीती, ताकि वे अपने टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों को आगे बढ़ा सकें।</p>



<p>विजेता टीमों — उत्तर प्रदेश के रायबरेली से ‘क्वांटहंट’ (QuantHunt), छत्तीसगढ़ के रायपुर से ‘मॉर्फिज्म’ (morphism), नई दिल्ली से ‘इनोबोटिक्स’ (InnoBotix) और तेलंगाना के हैदराबाद से ‘सोमाट्रेस’ (Somatrace) — को IIT दिल्ली के FITT में मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा। इससे वे अपने प्रोटोटाइप को बाजार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकेंगी, जिनमें भविष्य के स्टार्टअप बनने की क्षमता है।</p>



<p>भारत में इस साल के फाइनलिस्ट का चयन छह महीने की एक प्रक्रिया के जरिए किया गया। इसमें 135 शहरों में 184 ‘डिजाइन थिंकिंग’ वर्कशॉप, गहन बूटकैंप, प्रोटोटाइप विकास और पिच मूल्यांकन शामिल थे। इन टीमों ने चार विषयों पर अपने समाधान पेश किए: ‘AI लिविंग फॉर इंडिया’, ‘स्वास्थ्य और शिक्षा’, ‘खेल और तकनीक’, तथा ‘पर्यावरण स्थिरता’।</p>



<p>भारत में अपने पांचवें संस्करण में पहुंचा ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’, एक वैश्विक कार्यक्रम का हिस्सा है। 2022 से अब तक लगभग 80,000 छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया है। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित का उपयोग करके अपने समुदायों की चुनौतियों की पहचान की और उनके समाधान विकसित किए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चार विजेता समाधान:</h2>



<p>‘AI लिविंग फॉर इंडिया’: क्वांटहंट (QuantHunt) – रायबरेली, उत्तर प्रदेश: यह एक AI-आधारित साइबर सुरक्षा समाधान है, जिसे एन्क्रिप्शन की कमजोरियों का पता लगाने और संगठनों को उनके डिजिटल सिस्टम को क्वांटम-कंप्यूटिंग से जुड़े उभरते खतरों के लिए तैयार करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।</p>



<p>‘स्वास्थ्य और शिक्षा’: मॉर्फिज्म (morphism) – रायपुर, छत्तीसगढ़: यह एक AI सिस्टम है, जिसे ऑटिस्टिक (autistic) व्यक्तियों की मदद के लिए बनाया गया है। यह चेहरे के सूक्ष्म हाव-भाव और अन्य व्यवहार संबंधी संकेतों का विश्लेषण करके उन्हें भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।</p>



<p>‘पर्यावरण स्थिरता’: इनोबोटिक्स (InnoBotix) – नई दिल्ली: ‘सेंटिनेल’ (Sentinel) नाम का यह सोलर-पावर्ड AI डिवाइस, कैमरों, रडार और सिस्मिक डेटा का उपयोग करता है। यह इंसानी बस्तियों के पास आने वाले जंगली जानवरों का पता लगाता है और समय रहते चेतावनी देता है।</p>



<p>‘खेल और तकनीक’: सोमाट्रेस (Somatrace) – हैदराबाद, तेलंगाना: यह एक पहनने योग्य (wearable) IoT ट्रेनिंग टूल है, जो ट्रेनिंग के दौरान रीढ़ की हड्डी के कोण (spinal angles) और लोड को मापता है। इससे सटीक कौशल वाले खेलों (precision-sports) के एथलीटों और कोचों को चोट लगने के जोखिम को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। टॉप 20 टीमों को ग्रांट के रूप में ₹20 लाख मिले, और हर सदस्य को सैमसंग गैलेक्सी का फ्लैगशिप स्मार्टफोन दिया गया। ग्रैंड फिनाले में टीमों को दो ‘कम्युनिटी चॉइस अवार्ड’ (हर एक के लिए ₹1 लाख) और एक ‘डिजिटल इम्पैक्ट अवार्ड’ (₹50,000) से भी सम्मानित किया गया।</p>



<p>इस साल की एंट्रीज़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पहनने योग्य IoT (वेयरेबल IoT) और सस्टेनेबल डिज़ाइन का इस्तेमाल करके लोगों की ज़रूरतों पर केंद्रित समाधान पेश किए गए। 50% से ज़्यादा आइडिया टियर 2 और टियर 3 शहरों से आए, जो यह दिखाते हैं कि इनोवेशन सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के हर कोने से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए बेहतरीन समाधान निकल सकते हैं।</p>



<p>फाइनलिस्ट टीमों को अपने हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर प्रोटोटाइप को बेहतर बनाने के लिए सैमसंग, स्टार्टअप फाउंडर्स और IIT दिल्ली के FITT के विशेषज्ञों से मेंटरशिप मिली।</p>



<p><strong>सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और CEO, मिस्टर जेबी पार्क ने कहा, </strong>“भारत में इनोवेशन की अगली लहर इस बात पर निर्भर करेगी कि हम तकनीक को लोगों की ज़रूरतों से कितनी अच्छी तरह जोड़ते हैं। साथ ही, युवाओं को ऐसे मौके देते हैं जिससे वे अपने आस-पास की समस्याओं को पहचानें और उनके लिए ऐसे समाधान तैयार करें जिन्हें टेस्ट किया जा सके। इस सफर को जारी रखने से देश की इनोवेशन क्षमता मज़बूत होती है और यह राष्ट्र-निर्माण का एक अहम हिस्सा है। इस साल के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के फाइनलिस्ट्स ने अपनी कम्युनिटी की चुनौतियों को समझने के लिए जिज्ञासा, सहानुभूति और एक उद्देश्य के साथ काम किया है। उन्होंने वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया है। भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, हमें उनके इस सफर का समर्थन करने पर गर्व है। चार विजेता टीमें एक ऐसे आत्मविश्वासी और रचनात्मक भारत को दर्शाती हैं, जो अपनी सूझबूझ से बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है।”</p>



<h2 class="wp-block-heading">अगले चरण के लिए साझेदारियां</h2>



<p>सैमसंग ने भारत में संयुक्त राष्ट्र (United Nations), FITT (IIT दिल्ली), स्टार्टअप इंडिया (DPIIT), MeitY स्टार्टअप हब, अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के ‘मंथन’ (Manthan) के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं।</p>



<p>ये साझेदारियां युवा इनोवेटर्स को भारत के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम में व्यापक समर्थन से जोड़ती हैं। इन सहयोगों के ज़रिए, सैमसंग समस्या-समाधान और उद्यमिता (entrepreneurship) की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, जिससे युवा इनोवेटर्स अपने आइडिया को बाज़ार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकें।</p>



<p>ग्रैंड फिनाले में टॉप 20 टीमों के लिए एक ‘इन्वेस्टर मीट’ (निवेशकों के साथ बैठक) का भी आयोजन किया गया। इस बातचीत ने युवा इनोवेटर्स को स्टार्टअप और इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम से जुड़ने और अपने इनोवेशन को अगले स्तर तक ले जाने के रास्ते तलाशने का मौका दिया।</p>



<p>पुरस्कार समारोह में शामिल विशिष्ट अतिथियों में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील पाल, भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर और IIT दिल्ली के FITT के प्रबंध निदेशक निखिल अग्रवाल शामिल थे।</p>



<p>“जब इनोवेशन समावेशिता, सहानुभूति और लोगों की ज़रूरतों की स्पष्ट समझ से प्रेरित होता है, तो यह सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) को आगे बढ़ाता है। भारत के युवा इनोवेटर 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को हासिल करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। </p>



<p><strong>सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, स्टीफन प्रीसनर ने कहा, </strong>“यह पहल युवाओं को ऐसे समाधान तैयार करने का अवसर देती है, जो एक अधिक समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए इन मूल्यों को आधार बनाते हैं। मैं विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई देता हूँ, और युवाओं को हमारे साझा भविष्य को आकार देने वाली चुनौतियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सैमसंग की सराहना करता हूँ।”</p>



<p><strong>भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, प्रो. उमेश वी. वाघमारे ने कहा,</strong> “विज्ञान और प्रौद्योगिकी तब सबसे अधिक मूल्यवान साबित होते हैं, जब वे लोगों के जीवन की चुनौतियों का समाधान करते हैं। इस वर्ष के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के फाइनलिस्टों ने स्वास्थ्य सेवा और स्थिरता से लेकर खेल तक, कई तरह के मुद्दों पर इसी दृष्टिकोण को अपनाया है। उन्होंने अपने विचारों को आकार देने के लिए जिज्ञासा और समस्या-समाधान (problem-solving) कौशल का उपयोग किया है। ऐसे प्लेटफॉर्म जो युवाओं को किसी चुनौती की पहचान करने से लेकर समाधान तैयार करने और उसका परीक्षण करने तक का सफर तय करने में मदद करते हैं, वे पूरे देश में नवाचार (innovation) की संस्कृति को बढ़ावा देकर हमारे इकोसिस्टम को मजबूत बनाते हैं।”</p>



<p><strong>MeitY स्टार्टअप हब के CEO, डॉ. पी.एस. मदनगोपाल ने कहा, </strong>“नवाचार के लिए केवल एक अच्छा विचार होना ही काफी नहीं है; इसके लिए उपयोगकर्ता की गहरी समझ और समाधान का परीक्षण करने, उसे बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर लागू करने के अनुशासन की आवश्यकता होती है। इस वर्ष के ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ के फाइनलिस्टों ने तकनीकी कौशल और एक स्पष्ट उद्देश्य, दोनों का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब अगला कदम यह है कि विजेता टीमों को प्रोटोटाइप से आगे बढ़कर ऐसे समाधान तैयार करने में मदद की जाए, जिनका मापने योग्य प्रभाव (measurable impact) हो। मैं उन्हें बधाई देता हूँ और यह देखने के लिए उत्सुक हूँ कि वे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान देने के लिए ‘इनक्यूबेशन सपोर्ट’ का उपयोग कैसे करते हैं।”</p>



<p>ग्रैंड फिनाले की जूरी में सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहन राव गोली; सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-नोएडा के मैनेजिंग डायरेक्टर KY रू; सैमसंग R&D इंस्टीट्यूट इंडिया-दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर डेमियन ह्यून; और सैमसंग डिज़ाइन दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर युरान किम शामिल थे। बाहरी जूरी सदस्यों में नीति आयोग के AIM (अटल इनोवेशन मिशन) के निदेशक हिमांशु जोशी; IIT दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवासन वेंकटरमन; भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की निदेशक डॉ. सपना पोटी; और MeitY के वैज्ञानिक सौरभ रंजन शामिल थे।</p>



<p>अपने वैश्विक CSR विज़न, “टुगेदर फॉर टुमॉरो!” (Together for Tomorrow!) के माध्यम से “लोगों को सशक्त बनाने” (Enabling People) के उद्देश्य से, सैमसंग ज्ञान, कौशल और संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने का काम करता है। भारत में, इसके नागरिक कार्यक्रम “भारत के लिए नवाचार को बढ़ावा देने” (Powering Innovation for India) के सिद्धांत से प्रेरित हैं, जो युवाओं को अपने समुदायों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने में मदद करते हैं।</p>
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