जहाँ लोग बनाते हैं पहचान: सैमसंग इंडिया के 30 सालों का सफ़र

20-01-2026
Share open/close

 

भारत में सैमसंग की 30 वर्षों की यात्रा केवल उत्पादों, संयंत्रों या पेटेंट्स की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिन्होंने देश के साथ कदम से कदम मिलाकर इस संगठन को गढ़ा है।

 

फैक्ट्री फ़्लोर से लेकर आरएंडडी लैब्स, सेल्स नेटवर्क, डिज़ाइन स्टूडियो और कॉर्पोरेट टीमों तक—सैमसंग इंडिया की प्रगति एक ऐसे कार्यसंस्कृति से प्रेरित रही है जहाँ कर्मचारियों को भरोसा मिलता है, चुनौतियाँ दी जाती हैं और गर्व के साथ योगदान करने का अवसर मिलता है। तीन दशकों में, सैमसंग ने खुद को ऐसे कार्यस्थल के रूप में स्थापित किया है जहाँ अवसर, सीख और उद्देश्य एक साथ आगे बढ़ते हैं—और जहाँ प्रतिभा बड़े स्तर पर प्रभाव पैदा कर सकती है।

 

विश्वास और ज़िम्मेदारी की संस्कृति

सैमसंग इंडिया में करियर केवल पदों से नहीं, बल्कि क्षमता और जिज्ञासा से आकार लेते हैं। यहाँ कर्मचारियों को शुरुआत से ही जिम्मेदारी दी जाती है, टीमों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया जाता है और वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित किया जाता है।

 

“सैमसंग ने मुझे हमेशा ऐसी ज़िम्मेदारियाँ दीं, जिनसे मुझे सशक्त महसूस हुआ,” शीतल शर्मा, जनरल मैनेजर, आरएंडडी प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्लानिंग, एसआरआई दिल्ली ने कहा।

 

“इस भरोसे ने मुझे मेरी भूमिका से आगे सोचने के लिए प्रेरित किया—एक इंजीनियर से नवोन्मेषक बनने तक। पिछले 22 वर्षों में, मैंने सैमसंग के साथ एम्बेडेड सिस्टम्स से लेकर एआई-संचालित टीवी तक का सफर तय किया है।”

 

यही विश्वास कई कर्मचारियों के लिए एक भूमिका को दीर्घकालिक यात्रा में बदल देता है—जो विभिन्न व्यवसायों, भौगोलिक क्षेत्रों और नेतृत्व की भूमिकाओं तक पहुँचती है।

 

भारत से दुनिया के लिए नवाचार

आज सैमसंग इंडिया, कोरिया के बाहर सैमसंग के सबसे बड़े आरएंडडी इकोसिस्टम्स में से एक का घर है, जिसे विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग और डिज़ाइन क्षमताओं का समर्थन प्राप्त है। “गैलेक्सी एआई के लिए व्यक्तिगत और स्मार्ट अनुभव तैयार करना मेरे लिए बेहद समृद्ध अनुभव रहा है,” तरुण गोपालकृष्णन, जनरल मैनेजर, आरएंडडी प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्लानिंग, एसआरआई बेंगलुरु ने कहा।

 

“हमारा उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के अनुसार अनुभवों को और बेहतर बनाना है। जब दुनिया भर में करोड़ों लोग इन फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं, तो वह गर्व और प्रेरणा का पल होता है।”

 

यह भावना बेंगलुरु स्थित सैमसंग की डिज़ाइन टीमों में भी समान रूप से दिखाई देती है।

 

“आज यह जानकर बेहद संतोष मिलता है कि भारत में बनाए गए समाधान दुनिया भर के उपकरणों को शक्ति दे रहे हैं,” विशाल भूषण झा, सीनियर चीफ डिज़ाइनर, इंटरैक्शन डिज़ाइन, एसआरआई बेंगलुरु ने कहा। “जब उपभोक्ता हमारे काम से जुड़ते हैं और उसे महसूस करते हैं, तो वह अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है।”

 

समावेशन, जो हर दिन महसूस होता है

बीते वर्षों में, सैमसंग इंडिया ने एक ऐसा कार्यस्थल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है जहाँ विविध पृष्ठभूमि के लोग आगे बढ़ सकें—खासकर मैन्युफैक्चरिंग, आरएंडडी और नेतृत्व भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को मज़बूती मिली है।

 

“सैमसंग में समावेशन सिर्फ़ नीति नहीं है, बल्कि रोज़मर्रा के कामकाज में दिखाई देता है,” कुसुम रावत, असिस्टेंट मैनेजर, एम्प्लॉयी रिलेशंस, सैमसंग नोएडा प्लांट ने कहा।

 

“यहाँ का माहौल लगातार कर्मचारियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।”

 

कार्यस्थल से आगे का उद्देश्य

सैमसंग की ‘पीपल फर्स्ट’ संस्कृति संगठन से आगे बढ़कर समाज तक पहुँचती है।

 

‘Together for Tomorrow – Enabling People’ के तहत, सैमसंग ने शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन के माध्यम से देशभर में 15 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।

 

“सैमसंग का हिस्सा होना किसी बड़े उद्देश्य से जुड़ने जैसा है,” कमल शर्मा, डायरेक्टर, एचएमई, सैमसंग इंडिया ने कहा।

 

“चाहे वह कार्यस्थल हो या समाज—हर प्रयास प्रगति को सक्षम बनाने से जुड़ा है। नैनम कियोस्क जैसी पहल ने हमें सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा में योगदान देने का अवसर दिया।”

 

एक ऐसा कार्यस्थल जो अपने लोगों के साथ बढ़ता है

जैसे-जैसे सैमसंग इंडिया अपने अगले दशक की ओर बढ़ रहा है, फोकस भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व, कौशल विकास और ऐसे वातावरण के निर्माण पर है जहाँ सहयोग, विश्वास और कल्याण को प्राथमिकता दी जाए।

“तीस साल बाद भी सैमसंग भविष्य के लिए लगातार निर्माण करता हुआ महसूस होता है,” विकास गुप्ता, चीफ मैनेजर, ट्रेज़री, सैमसंग इंडिया ने कहा।

 

“यहाँ लोग वास्तव में मायने रखते हैं। विविध पृष्ठभूमि से आए लोग मिलकर उत्कृष्टता की ओर बढ़ते हैं—यह एक परिवार जैसा लगता है।”

 

लोगों से बनी पहचान

“सैमसंग ने मुझे सीखने, ज़िम्मेदारी लेने और कंपनी के साथ-साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया,” पंकज मिश्रा, चीफ टेक्निकल ऑफिसर एवं वाइस प्रेसिडेंट, सॉफ्टवेयर आरएंडडी, एसआरआई दिल्ली ने कहा।

 

1995 में भारत में कदम रखने से लेकर आज देश के सबसे भरोसेमंद टेक्नोलॉजी ब्रांड्स में शामिल होने तक, सैमसंग की यात्रा उन लोगों से जुड़ी रही है जिन्होंने इसे आकार दिया—इंजीनियर, टेक्नीशियन, क्रिएटर्स, इनोवेटर्स और लीडर्स।

 

और जब सैमसंग भारत में अपने 30 वर्ष पूरे कर रहा है, एक बात स्पष्ट है— उसकी सबसे बड़ी ताक़त हमेशा लोग रहे हैं—और रहेंगे।

 

कॉरपोरेट > लोग एवं कल्चर

ग्राहक सेवा से संबंधित शिकायतों के लिए, samsung.com/in/support पर जाएं।
मीडिया से जुड़ी जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें corpcommindia@samsung.com

सैमसंग के बारे में ताज़ा ख़बरें देखें

अधिक जानकारी के लिए यहां पढें
Top