skip to content

यूपी गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 लॉन्च किया; राज्य में 5,000 युवाओं को AI की ट्रेनिंग मिलेगी

05-10-2026

रोज़गार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए, सैमसंग 2026 में पूरे भारत में 20,000 युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगा; इस राष्ट्रीय लक्ष्य का 25% हिस्सा उत्तर प्रदेश से होगा

लखनऊ में एक अलग कार्यक्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी की मौजूदगी में SIC रोलआउट की शुरुआत हुई

यह प्रोग्राम आगरा की डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन, डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. आशु रानी, ​​सीनियर एकेडेमिशियन और लगभग 900 स्टूडेंट्स की मौजूदगी में लॉन्च किया गया

उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राज्य में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) 2026’ लॉन्च किया है। इसके तहत 5,000 युवाओं को इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस प्रोग्राम को आगरा की डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में लॉन्च किया गया। इस मौके पर सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन, डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. आशु रानी, ​​सीनियर एकेडेमिशियन और लगभग 900 छात्र मौजूद थे।

इससे पहले, 29 सितंबर को लखनऊ में भी इस प्रोग्राम की शुरुआत हुई थी। उस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, सीनियर एकेडेमिशियन और 400 छात्र शामिल हुए थे।

इसमें हिस्सा लेने वालों को AI और जेनरेटिव AI की व्यवस्थित ट्रेनिंग मिलेगी। साथ ही, उन्हें हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स, एक्सपर्ट मेंटरशिप और सॉफ्ट-स्किल्स डेवलपमेंट की सुविधा भी मिलेगी। उन्हें AI कैपस्टोन प्रोजेक्ट ट्यूटोरियल के ज़रिए भी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें वे ‘डिजाइन थिंकिंग’ की बारीकियां सीखेंगे। इस प्रोग्राम का मकसद युवाओं की रोज़गार पाने की क्षमता को बढ़ाना और उन्हें उभरती टेक्नोलॉजी से जुड़े करियर के लिए तैयार करना है।

सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन ने कहा, “टैलेंट हर जगह है, लेकिन मौका हर किसी तक पहुँचना चाहिए। सैमसंग इनोवेशन कैंपस टेक्निकल लर्निंग, प्रैक्टिकल अनुभव और मेंटरशिप को एक साथ लाता है ताकि युवा AI क्षमताएं विकसित कर सकें और टेक्नोलॉजी-आधारित करियर के लिए तैयार हो सकें। सैमसंग भारत में अपने 30 साल पूरे कर रहा है और देश के युवाओं को सशक्त बनाना हमारी प्रतिबद्धता का मुख्य हिस्सा है।”

उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अर्थव्यवस्थाओं, उद्योगों और समाजों के भविष्य को आकार देगा। उत्तर प्रदेश के हर हिस्से के युवाओं में इस बदलाव में हिस्सा लेने के लिए ज़रूरी स्किल्स और आत्मविश्वास होना चाहिए। सैमसंग इनोवेशन कैंपस हमारे युवाओं को भारत की प्रगति में योगदान देने वाले निर्माता और इनोवेटर बनने में मदद करेगा।” उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा, “उत्तर प्रदेश एक ऐसा उच्च-शिक्षा इकोसिस्टम बना रहा है जो सीखने की प्रक्रिया को इंडस्ट्री की उभरती ज़रूरतों से जोड़ता है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस छात्रों को AI का प्रैक्टिकल अनुभव देगा और उन्हें करियर के नए अवसरों के लिए तैयार करने में मदद करेगा।”

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा, “शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो युवाओं को तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरी क्षमताएं दे सके। इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी AI ट्रेनिंग तक पहुँच बढ़ाकर, सैमसंग इनोवेशन कैंपस पूरे उत्तर प्रदेश में छात्रों की करियर के लिए तैयारी को मज़बूत करेगा।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही इस कार्यक्रम का स्वागत करते हुए कहा था, “युवाओं का कौशल विकास उत्तर प्रदेश सरकार की एक मुख्य प्राथमिकता है। हम सैमसंग की इस पहल का स्वागत करते हैं जो हमारे छात्रों को रोज़गार-उन्मुख भविष्य की तकनीक (फ्यूचर-टेक) से जुड़े कौशल सिखाएगी। सैमसंग कई वर्षों से उत्तर प्रदेश का एक मज़बूत पार्टनर रहा है, और यह कार्यक्रम हमारे संबंधों को और मज़बूत करेगा।”

राष्ट्रीय लक्ष्य का 25% हिस्सा उत्तर प्रदेश का है

सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश में पहले ही 8,000 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी है। राज्य का 2026 का 5,000 प्रतिभागियों का लक्ष्य, 10 राज्यों में 20,000 युवाओं को AI में ट्रेनिंग देने की सैमसंग की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का एक-चौथाई हिस्सा है।

भारत में अपने चौथे वर्ष में, SIC 18-25 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए सैमसंग का वैश्विक शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम है। 2025 में, इसने पूरे भारत में 20,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों को भविष्य की तकनीक (फ्यूचर-टेक) से जुड़े कौशल में ट्रेनिंग दी, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 48% रही।

SIC 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

अपने वैश्विक CSR विज़न, “टुगेदर फॉर टुमॉरो! इनेबलिंग पीपल” (आने वाले कल के लिए साथ मिलकर! लोगों को सक्षम बनाना) से प्रेरित होकर, सैमसंग अपनी नागरिकता पहलों को स्मार्ट शिक्षा और युवाओं के कौशल विकास पर केंद्रित करता है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ (जो युवाओं के इनोवेशन को बढ़ावा देता है) और ‘सैमसंग दोस्त’ (जो सेल्स और टेक्निकल-सर्विस भूमिकाओं के लिए इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी स्किल्स विकसित करता है) के काम को आगे बढ़ाता है।

top