सरकार, नवाचार जगत के दिग्गजों और संयुक्त राष्ट्र ने युवा प्रतिभाओं को निखारने के Samsung Solve for Tomorrow के प्रयासों की सराहना की
27-10-2026
MeitY के संयुक्त सचिव सुशील पाल ने कहा कि CSR पहलों के माध्यम से समाज के लिए Samsung का योगदान सराहनीय है।
FITT-IIT दिल्ली के MD निखिल अग्रवाल ने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनने का आग्रह किया।
भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने वाले विचारों का आह्वान किया।

भारत सरकार, संयुक्त राष्ट्र और नवाचार जगत के अग्रणी विशेषज्ञों ने युवा नवोन्मेषकों को प्रोत्साहित करने, देशभर में नवाचार के अवसरों का विस्तार करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के प्रभावी समाधान विकसित करने पर Samsung की CSR पहल के फोकस की सराहना की। Samsung Solve for Tomorrow के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को ऐसे समाधानों में बदलने का अवसर मिल रहा है, जिनका समाज पर सार्थक प्रभाव पड़ सकता है।
नई दिल्ली में आयोजित Samsung Solve for Tomorrow 2026 के ग्रैंड फिनाले में Samsung के नेतृत्व, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, कार्यक्रम के मेंटर्स और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के संयुक्त सचिव सुशील पाल ने कहा कि नवाचार का वास्तविक मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वह लोगों के जीवन को कितना बेहतर बनाता है। उन्होंने Samsung की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने ऐसा मंच तैयार किया है, जो युवाओं को बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देता है और उन्हें अपने उत्पाद विकसित करने तथा स्टार्टअप शुरू करने का अवसर प्रदान करता है।

पाल ने कहा, “यह देखकर बहुत खुशी होती है कि Samsung अपनी CSR पहलों के माध्यम से समाज के लिए इतना कुछ कर रहा है। मैं Samsung का आभार व्यक्त करता हूं कि उसने ऐसा मंच बनाया है, जो युवा प्रतिभाओं को सपने देखने का आत्मविश्वास देता है और उन्हें अपने उत्पाद तथा स्टार्टअप विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।”
Samsung के प्रमुख CSR कार्यक्रम Samsung Solve for Tomorrow के पांचवें संस्करण में विद्यार्थियों से 34,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 36 फाइनलिस्ट ग्रैंड फिनाले तक पहुंचे। यह कार्यक्रम युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) का उपयोग करके अपने समुदायों की समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके तहत प्रतिभागियों को ऐसे समाधानों को विकसित करने और बेहतर बनाने में सहायता दी जाती है, जो सकारात्मक और सार्थक बदलाव ला सकें।
पाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उदय ने नवाचार की प्रकृति को बदल दिया है। प्रौद्योगिकी अब लोगों के सीखने, काम करने, विनिर्माण और सेवाओं तक पहुंचने के तरीकों को तेजी से प्रभावित कर रही है। उन्होंने युवा नवोन्मेषकों से आग्रह किया कि वे केवल उन्नत तकनीक विकसित करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज की वास्तविक और जरूरी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा, “नवाचार का वास्तविक पैमाना इस बात में नहीं है कि उसका एल्गोरिदम कितना जटिल है। असली पैमाना यह है कि वह एक आम व्यक्ति के जीवन में कितना बदलाव ला सकता है।”
उन्होंने किसानों के लिए पानी और बिजली की बचत, वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने, दूरदराज के गांवों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और खेलों में वैज्ञानिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
पाल ने उद्योग जगत से बदलती कार्य संस्कृति और रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप लोगों को तैयार करने में सहयोग देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि AI जहां कुछ कार्यों को स्वचालित कर रहा है, वहीं कई अन्य कार्यों को अधिक प्रभावी भी बना रहा है। ऐसे में नई तकनीकों के विकास के साथ-साथ लोगों को भविष्य की बदलती भूमिकाओं के लिए तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
युवा इनोवेटर्स को वैश्विक चुनौतियों से जोड़ना
भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के व्यापक प्रयासों में युवाओं के विचारों को शामिल करने में Samsung Solve for Tomorrow की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की दिशा में वैश्विक प्रगति अब भी धीमी और असमान है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
प्रीस्नर ने कहा, “Samsung Solve for Tomorrow इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और निजी क्षेत्र किस तरह मिलकर युवाओं को केंद्र में रखकर काम कर सकते हैं, उनकी आवाज को प्रभावी बना सकते हैं और उनके संभावनाशील विचारों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग प्रदान कर सकते हैं।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निजी क्षेत्र की भूमिका कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कंपनियां अपने व्यावसायिक उद्देश्यों को पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक समावेशन के साथ जोड़कर तथा नवोन्मेषी समाधानों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर भी योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि संभावनाशील विचारों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सरकारों, विश्वविद्यालयों, व्यवसायों और संयुक्त राष्ट्र—सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रीस्नर ने फाइनलिस्ट को उन समुदायों से जुड़े रहने के लिए भी प्रोत्साहित किया, जिनकी समस्याओं का समाधान वे करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अपने विचारों को लगातार परखना और उनमें सुधार करना जरूरी है, ताकि वे वास्तविक जीवन में सार्थक प्रभाव पैदा कर सकें।
महानगरों से आगे नवाचार का विस्तार और रोजगार सृजन को बढ़ावा
IIT दिल्ली में फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) के प्रबंध निदेशक डॉ. निखिल अग्रवाल ने अधिक से अधिक युवाओं तक नवाचार के अवसर पहुंचाने में Samsung की CSR पहलों के योगदान को रेखांकित किया।
अग्रवाल ने कहा, “Samsung Solve for Tomorrow की प्रतिबद्धता इस बात से दिखाई देती है कि कार्यक्रम ने टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा विभिन्न राज्यों तक पहुंच बनाकर नवाचार को गति दी है। इस वर्ष SFT को पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने आवेदन प्राप्त हुए, जो इस पहल की बढ़ती पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।”
कार्यक्रम के तहत 130 से अधिक शहरों में 180 से ज्यादा सत्र आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से विविध भौगोलिक क्षेत्रों और अलग-अलग पृष्ठभूमियों से आने वाले विद्यार्थियों को जोड़ा गया। अग्रवाल के अनुसार, प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या दर्शाती है कि प्रमुख महानगरों से आगे बढ़कर नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति मिल रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों के नवाचार को उद्यमिता में बदलने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे उद्यम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो दूसरों के लिए भी अवसर पैदा कर सकें।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा, “आपको रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनना चाहिए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से भविष्य के उद्यमी निकलेंगे, जो रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली कंपनियां स्थापित करेंगे।
2026 के ग्रैंड फिनाले में चार विजेता टीमों का चयन किया गया। इन टीमों को Samsung की ओर से कुल ₹2 करोड़ की इनक्यूबेशन ग्रांट के साथ FITT-IIT दिल्ली में मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। SFT के माध्यम से उभरते युवा नवोन्मेषकों को अपने विचारों को आगे विकसित करने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग मिलता है।
वक्ताओं के विचार इस बात को रेखांकित करते हैं कि Samsung Solve for Tomorrow जैसे मंच युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार, उद्योग जगत, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अकादमिक जगत को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने, तकनीक आधारित समाधान विकसित करने और उद्यमिता की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रोत्साहित करके यह कार्यक्रम ऐसे नवाचारों को साकार करने का प्रयास करता है, जो बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकें।