सैमसंग इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिक्स मरम्मत में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए MSME मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए
06-11-2026
सैमसंग 3 महीने तक 'ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग' की सुविधा देगा, जिसमें हर महीने 12,000 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा
यह ट्रेनिंग देश भर के 15 MSME टेक्नोलॉजी सेंटरों के ज़रिए दी जाएगी, जिससे रोज़गार के अवसर पैदा होंगे
सैमसंग की CSR पहल, 'DOST सर्विस', 1600 प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रॉनिक्स की मरम्मत, रखरखाव और इंस्टॉलेशन के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल ट्रेनिंग) प्रदान करेगी

सैमसंग इंडिया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने तीन साल के एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत पहले साल में 1,600 लोगों को इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर, मेंटेनेंस और सर्विसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पूरे देश में स्थित 15 MSME टेक्नोलॉजी सेंटरों के माध्यम से दिया जाएगा।
यह समझौता ज्ञापन नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में MSME के विकास आयुक्त (Development Commissioner) कार्यालय में हस्ताक्षरित किया गया। इस दौरान MSME के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश; सैमसंग SWA के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी; सैमसंग SWA के एक्सटर्नल कम्युनिकेशंस और CSR विभाग के जुनहो जियोंग; सैमसंग SWA के कस्टमर सर्विस (फील्ड क्वालिटी मैनेजमेंट) विभाग के ह्युन्की मिन; और सैमसंग तथा मंत्रालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सैमसंग की ‘दोस्त सर्विस’ (Dost Service) पहल के तहत, कंपनी भाग लेने वाले केंद्रों में क्लासरूम और प्रयोगशालाओं (लैब) के लिए सहयोग देगी, साथ ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए जरूरी उत्पाद और उपकरण उपलब्ध कराएगी। यह प्रशिक्षण मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच, टेलीविजन, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन और प्रोफेशनल डिस्प्ले उत्पादों के लिए दिया जाएगा।
सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा, “भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विकास के साथ-साथ कुशल सर्विस तकनीशियनों की भी जरूरत है। जैसे-जैसे उत्पाद अधिक आधुनिक होते जा रहे हैं, तकनीशियनों को उनकी इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और रिपेयरिंग के लिए व्यावहारिक और समय-समय पर अपडेट होने वाले कौशल की आवश्यकता होती है। उद्योग जगत, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को प्रासंगिक पाठ्यक्रम, उपकरण और कार्यस्थल के अनुभव (workplace exposure) के जरिए मदद कर सकता है। इस साझेदारी के माध्यम से, हम प्रशिक्षण को सर्विस की जरूरतों से जोड़ रहे हैं और अधिक लोगों को इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने में मदद कर रहे हैं।”
कौशल प्रशिक्षण (Skills Training)
सैमसंग इंडिया की CSR पहल ‘सैमसंग दोस्त सर्विस’ (Samsung DOST Service) की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसके तहत सरकारी MSME टेक्नोलॉजी सेंटरों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर, मेंटेनेंस और इंस्टॉलेशन का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
वर्ष 2015 से 2023 के बीच, 12 MSME टेक्नोलॉजी सेंटरों में 5,391 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया। इसी तरह, ITI कार्यक्रम के तहत 16 राज्यों के 22 सरकारी संस्थानों में 10,612 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण और करियर के रास्ते
इस पाठ्यक्रम में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच, टेलीविजन, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और प्रोफेशनल डिस्प्ले उत्पादों की मरम्मत, रखरखाव और इंस्टॉलेशन शामिल है।
इस समझौते के तहत कक्षाओं और प्रयोगशालाओं को सहयोग दिया जाएगा, और व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) के लिए सैमसंग के उत्पाद और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सैमसंग अपने ‘गुरु शिक्षा’ (प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण) कार्यक्रम के माध्यम से, भाग लेने वाले केंद्रों में प्रशिक्षकों की तकनीकी क्षमताओं को भी मजबूत करेगा।
महिलाओं और विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) प्रशिक्षुओं को छात्रवृत्तियां दी जाएंगी, और बैच में टॉप करने वालों को मेरिट के आधार पर इनाम दिए जाएंगे। सैमसंग अपने सर्विस नेटवर्क के जरिए प्रशिक्षुओं को ‘ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग’ (काम के दौरान प्रशिक्षण) की सुविधा देगा। इसमें 3 महीने तक हर महीने 12,000 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षुओं को कार्यस्थल का अनुभव मिलेगा और वे इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विसिंग के क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।
पूरे भारत में विस्तार की योजना
इस विस्तार योजना में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई स्थान, साथ ही अन्य क्षेत्रों के कुछ क्लस्टर भी शामिल हैं।