सैमसंग का ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ जम्मू-कश्मीर में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लाया है और युवाओं को स्थानीय चुनौतियों के लिए AI-आधारित समाधान बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है
22-06-2026
गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज बारामूला और आर्मी पब्लिक स्कूल रत्नुचक के 452 छात्रों ने सैमसंग की 'डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप' के ज़रिए AI, डिजिटल एक्सेसिबिलिटी, शिक्षा और सिविक इनोवेशन के बारे में जाना
'सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026' के लिए आवेदन 3 जुलाई तक खुले रहेंगे
टॉप चार विजेता टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा
सैमसंग इंडिया ने अपना खास इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम, ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो 2026’, जम्मू-कश्मीर में शुरू किया। इसमें ‘डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ के ज़रिए 452 स्टूडेंट्स को शामिल किया गया। इन वर्कशॉप में यह पता लगाया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लोगों पर केंद्रित इनोवेशन का इस्तेमाल करके उनके समुदायों की असल चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
इन डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में हिस्सा लेने वालों को सैमसंग के ‘ह्यूमन-सेंटर्ड इनोवेशन फ्रेमवर्क’ (लोगों पर केंद्रित इनोवेशन का तरीका) से परिचित कराया गया। उन्हें रोज़मर्रा की चुनौतियों की पहचान करने, यूज़र की ज़रूरतों को समझने और सार्थक सामाजिक असर वाले टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रैक्टिकल टूल्स दिए गए।
जम्मू के आर्मी पब्लिक स्कूल, रत्नूचक और बारामूला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में आयोजित इन वर्कशॉप ने स्टूडेंट्स को डिजिटल एक्सेसिबिलिटी, कम्युनिटी डेवलपमेंट, एजुकेशन और बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन के मौकों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
ये वर्कशॉप सैमसंग की उस देशव्यापी कोशिश का हिस्सा हैं, जिसका मकसद बड़े शहरों से आगे बढ़कर इनोवेशन के मौकों का विस्तार करना है। ‘सॉल्व फॉर टुमारो 2026’ के तहत, सैमसंग पूरे भारत के 100 शहरों में डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित कर रहा है। इससे अलग-अलग बैकग्राउंड वाले युवा इनोवेटर्स को भविष्य के लिए तैयार रहने वाले प्रॉब्लम-सॉल्विंग और एंटरप्रेन्योरियल स्किल्स विकसित करने में मदद मिल रही है।
इनमें बारामूला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज सोपोर के ज़मीन अनायत लोन भी शामिल थे। उन्होंने एक मोबाइल एप्लीकेशन का कॉन्सेप्ट तैयार किया, जिसे SOS अलर्ट और लाइव-लोकेशन शेयरिंग फीचर्स के ज़रिए एक्सेसिबिलिटी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ज़मीन ने कहा, “वर्कशॉप ने मुझे सिखाया कि इनोवेशन की शुरुआत लोगों और उनके अनुभवों को समझने से होती है। इसने मुझे यह सोचने के लिए प्रोत्साहित किया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऐसे सार्थक समाधान कैसे बनाए जा सकते हैं, जिनका समुदायों पर सकारात्मक असर पड़े।”
वर्कशॉप ने हिस्सा लेने वालों को यह देखने के लिए भी प्रेरित किया कि टेक्नोलॉजी कैसे पब्लिक सर्विसेज़ को मज़बूत कर सकती है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। आर्मी पब्लिक स्कूल, रत्नूचक के गगनदीप सिंह ने ज़्यादा कुशल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (कचरा प्रबंधन प्रणाली) को सपोर्ट करने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित तरीकों पर विचार किया। वहीं, नौवीं कक्षा की स्टूडेंट गरिमा यादव ने इस बात पर गौर किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म कैसे स्टूडेंट्स को करियर अवेयरनेस और स्किल-डेवलपमेंट के मौकों तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं।
वर्कशॉप से निकले आइडियाज़ ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं की बढ़ती इनोवेशन क्षमता को दिखाया। हिस्सा लेने वालों ने दिखाया कि कैसे डिज़ाइन थिंकिंग रोज़मर्रा के ऑब्ज़र्वेशन को ऐसे स्केलेबल समाधानों में बदल सकती है, जो स्थानीय ज़रूरतों को पूरा करते हुए व्यापक सामाजिक प्रभाव डालते हैं।
‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ 14-22 साल के युवाओं के लिए सैमसंग इंडिया का खास इनोवेशन कॉम्पिटिशन है। यह प्रोग्राम हिस्सा लेने वालों को चार थीम के तहत समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है — बेहतर कल के लिए AI, हेल्थ और एजुकेशन, एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी और स्पोर्ट-टेक। भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, कंपनी देश की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को आगे बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इसके तहत पूरे भारत के छात्रों तक इनोवेशन, मेंटरशिप और एंटरप्रेन्योरशिप के मौके पहुंचाए जा रहे हैं।
इस प्रोग्राम के आखिर में, टॉप चार जीतने वाली टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, ट्रेनिंग, प्रोटोटाइपिंग में मदद और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुंच भी मिलेगी।
‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के लिए आवेदन 3 जुलाई, 2026 तक खुले हैं।
आवेदन करने के लिए, samsung.com/in/solvefortomorrow पर जाएं।