skip to content

सैमसंग का ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ बोकारो में ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ लाया; छात्रों को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया

26-06-2026

सैमसंग इंडिया अपना खास ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप’ बोकारो लेकर आया, जहाँ चिन्मय विद्यालय के 450 छात्रों ने रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए ‘ह्यूमन-सेंटर्ड डिज़ाइन’ (लोगों की ज़रूरतों पर आधारित डिज़ाइन) का इस्तेमाल करना सीखा। उन्होंने एक्सेसिबिलिटी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित आइडिया विकसित किए।

सैमसंग के देशव्यापी 100-शहरों वाले आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित इस वर्कशॉप में छात्रों को ‘एम्पैथी’ (सहानुभूति) से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया—यानी समाधान डिज़ाइन करने से पहले उस समस्या से प्रभावित लोगों को समझना। प्रतिभागियों ने जाना कि कैसे ऑब्ज़र्वेशन, रिसर्च और डिज़ाइन थिंकिंग के ज़रिए स्थानीय चुनौतियों को बड़े स्तर पर लागू होने वाले इनोवेशन में बदला जा सकता है।

एक आइडिया 10वीं कक्षा के छात्र आदित्य नारायण सिंह का था, जिन्होंने दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित रूप से चलने-फिरने में मदद करने के लिए एक पहनने योग्य (वियरेबल) डिवाइस का कॉन्सेप्ट तैयार किया। बोकारो की भीड़-भाड़ वाली सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आने वाली दिक्कतों से प्रेरित होकर, इस कॉन्सेप्ट में सेंसर का इस्तेमाल किया गया है जो रुकावटों का पता लगाते हैं और ऑडियो प्रॉम्प्ट या वाइब्रेशन के ज़रिए यूज़र को अलर्ट करते हैं।

एक और छात्र टीम ने ‘CivicBin’ का प्रस्ताव रखा, जो AI-पावर्ड प्लेटफ़ॉर्म है। यह नागरिकों को खराब सड़कों और पानी के रिसाव जैसी नागरिक समस्याओं की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। इमेज रिकग्निशन और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करके, यह प्लेटफ़ॉर्म शिकायतों को अपने-आप संबंधित नागरिक विभाग तक पहुँचाता है और उनके समाधान पर रियल-टाइम अपडेट भी देता है।

‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ 14-22 साल के युवाओं के लिए कंपनी का खास इनोवेशन और एजुकेशन प्रोग्राम है। पूरे भारत में आयोजित किए जा रहे डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप के ज़रिए, सैमसंग छात्रों को इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स से लैस कर रहा है। साथ ही, उन्हें चार थीम—’AI फॉर ए बेटर टुमॉरो’ (बेहतर कल के लिए AI), ‘हेल्थ एंड एजुकेशन’ (स्वास्थ्य और शिक्षा), ‘एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’ (पर्यावरण की स्थिरता) और ‘स्पोर्ट-टेक’ (खेल-तकनीक)—के तहत समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

भारत में सैमसंग के 30 साल पूरे होने के मौके पर, इस प्रोग्राम का विस्तार पूरे देश में किया जा रहा है ताकि ज़मीनी स्तर पर इनोवेशन को मज़बूत किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर क्षेत्र के युवाओं को असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए ज़रूरी टूल्स और सोच मिल सके।

‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026’ के लिए आवेदन 3 जुलाई 2026 तक खुले हैं। टॉप चार विजेता टीमों को FITT, IIT दिल्ली के ज़रिए 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, प्रोटोटाइपिंग में मदद और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम तक पहुँच भी मिलेगी।

top