‘मेक फॉर इंडिया’ से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’: सैमसंग नोएडा फैक्टरी की टाइमलाइन
10-07-2018
सैमसंग द्वारा 2007 से भारत में मोबाइल फोन का निर्माण किया जा रहा है। और पहले दिन से ही कंपनी ने नोएडा फैक्ट्री में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) को पॉप्युलेट करना शुरु कर दिया था। मोबाइल निर्माण में सफलता की उड़ान भरने के बाद सैमसंग ने 2015 में ‘मेक फॉर इंडिया’ इनीशियेटिव की घोषणा की। इस इनीशियेटिव के तहत, सैमसंग ने अपने प्रोडक्ट्स में ‘मेक फॉर इंडिया’ इनोवेशन लाना शुरू किया। यह इनोवेशन भारतीय उपभोक्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर किए गए। सैमसंग का ‘मेक फॉर इंडिया’ इनीशियेटिव बेहद ही सफल रहा है, जिससे कंपनी को पिछले कुछ सालों में भारत का ‘सबसे विश्वसनीय’ ब्रैंड बनने में मदद मिली है।
जून 2017 में सैमसंग ने नोएडा प्लांट की क्षमता को दोगुना करने के लिए 4915 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। और ठीक एक साल बाद कंपनी ने नोएडा में अपनी नई मोबाइल फोन निर्माण इकाई – दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्टरी – का उद्घाटन किया। सैमसंग इंडिया ने अपने ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ इनीशियेटिव को भी लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य भारत में बनाए गए मोबाइल हैंडसेट को विदेशी बाज़ारों में निर्यात करना है।
इस नई फैक्टरी के साथ, सैमसंग नोएडा में अपनी मोबाइल फोन निर्माण की वर्तमान क्षमता को सालाना 6.8 करोड़ फोन युनिट से 12 करोड़ युनिट तक बढ़ाकर दोगुना करने का काम करेगा, जिसका विस्तार चरणबद्ध तरीके से 2020 तक पूरा होगा।
आज, सैमसंग अकेला ऐसा ब्रैंड है जो पूरी तरह से मेड इन इंडिया है।
