सैमसंग आरएंडडी कर्मचारी को राष्ट्रपति ने प्रतिष्ठित इनोवेशन अवॉर्ड से किया सम्मानित
04-04-2018
सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट-बेंगलुरु के यूज़र एक्सपीरियंस टीम के सदस्य त्रिविक्रम अन्नामलाई को प्रतिष्ठित गांधीयन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड 2018 से नवाज़ा गया है।
कोरिया के बाहर कंपनी के सबसे बड़े आरएंडडी सेंटर के सदस्य और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र अन्नामलाई को राष्ट्रपति भवन में हाल ही में आयोजित हुए फेस्टिवल ऑफ इनोवेशंस (एफओआईएन) में भारत के माननीय राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद ने सम्मानित किया। अन्नामलाई को ये अवॉर्ड उनकी रचना ‘लो कॉस्ट वेन डिटेक्टर’ के लिए दिया गया है।

यह डिवाइस, जिसे अन्नामलाई ने आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान तैयार किया था, चिकित्सा पेशेवरों को जल्दी से सही नस का पता लगाने और सफल तरीके से नस से रक्त निकालने में मदद करता है।
गांधीयन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड उन छात्र इनोवेटर्स को दिया जाता है जो इंजीनियरिंग, साइंस, टेक्नोलॉजी और डिजाइन के क्षेत्र में किफायती सॉल्यूशन्स पेश करते हैं।
जब अन्नामलाई आईआईटी बॉम्बे में थे, तब उन्हें रियल टाइम समस्याओं का पता लगाने के लिए एक ब्लड बैंक भेजा गया था, जिसके लिए उन्होंने सॉल्यूशन पेश किया था।
उन्होंने कहा कि, “मैंने देखा कि कुछ वॉलंटियर्स जो रक्त दान करना चाहते थे वे ऐसा नहीं कर पाए क्योंकि नर्स रक्त निकालने के लिए सही नस खोजने में असमर्थ रहीं। यह वॉलंटियर जो समाज सेवा करना चाहता था और ब्लड बैंक, जो अपने बैंक में और ज़्यादा रक्त जमा कर सकता था, दोनों के लिए नुकसानदायक था।”

इस समस्या के समाधान के रूप में उनके द्वारा डिज़ाइन किया गया डिवाइस एनआईआर स्पेक्ट्रोस्कॉपी पर काम करता है, जहां इंफ्रारेड वेव्स को नसों में ऑक्सीजन युक्त और डी-ऑक्सीजन युक्त रक्त द्वारा अलग-अलग तरीके से सोखा जाता है। ऐसे में एक नस दूसरी नस से गहरे रंग में दिखती है, जिससे चिकित्सा पेशेवरों को नसों को खोजने में मदद मिलती है।
यह डिवाइस आज बाजार में उपलब्ध अन्य सॉल्यूशन्स की तुलना में किफायती, सुरक्षित और उपयोग में आसान है।
सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट-बेंगलुरु के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दीपेश शाह ने कहा, “एसआरआई-बी में हम यह मानते हैं कि युवाओं द्वारा पेश की गई टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन, जो प्रासंगिक जरूरतों को पूरा करें और बड़े पैमाने पर प्रभाव पैदा करें, भविष्य को परिभाषित करेंगी। त्रिविक्रम और उनका प्रोजेक्ट हमारे इसी विश्वास का उत्कृष्ट नमूना है और हमें इस बात पर गर्व है कि वह एसआरआई-बी का हिस्सा हैं।”
राष्ट्रपति भवन में होना अन्नामलाई के लिए एक शानदार अनुभव था। अपने समाधान को वहां मौजूद लोगों के सामने पेश करने के लिए उन्हें एक स्टॉल लगाने की भी अनुमति दी गई थी।
उन्होंने कहा कि, “जब राष्ट्रपति हमारे स्टॉल पर आए और हमारे प्रोडक्ट की विशेषताओं के बारे में जाना, तो उन्होंने तुरंत अपने फिजीशियन को बुलाया और उनसे अनुरोध किया कि राष्ट्रपति भवन में बने अस्पताल के लिए यह प्रोडक्ट खरीदा जाए।”
अन्नामलाई 2018 के लिए गांधीयन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन अवॉर्ड के लिए चुने गए 23 विजेताओं में शामिल हैं। अवॉर्ड के साथ भारत सरकार ने उनके प्रोडक्ट को और बेहतर और अधिक बिक्री योग्य बनाने के लिए 15 लाख रुपए का रिसर्च ग्रांट भी दिया है।
‘लो कॉस्ट वेन डिटेक्टर’ को इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से यंग इनोवेटर अवॉर्ड मिल चुका है।